पोंचो -7

पोंचो -7

   वो घर पहुंची….
पता नहीं कैसे लेकिन दरवाज़े के बाहर से ही उसे कुछ अनहोनी महसूस हो गयी..
उसने बेल बजायी, दरवाज़ा नहीं खुला ! अपने पास रखी दूसरी चाबी से इसने धीमे से दरवाज़ा खोला और अंदर चली गयी..
वो सोफे पर चुपचाप बैठा था, पोंचो को गोद में लिए.. यूँ लग रहा था पोंचो गहरी सुकून भरी नींद में हैं..।

उसने कहीं सुना था मौत चेहरे और शरीर को विकृत कर देती है, लेकिन यहाँ ऐसा कुछ नहीं था !
पोंचो बिलकुल किसी नवजात छौने सा मासूम नजर आ रहा था..
वो धीमे कदमो से आगे बढ़ी, उसके कंधे पर उसने हाथ रख दिया..

“क्या हुआ ??
सुनो.. क्या हुआ ?” उसने उसे झकझोर दिया.. वो जैसे किसी स्वप्न संसार से वापस लौटा..

“इसकी तबियत कल रात फिर बहुत बिगड़ गयी थी !”

“लेकिन अभी तो पोंचो सो रहा है !”
ये सुन कर उसने अपनी गोद में मौजूद पोंचो को देखा..।
उसके सीने से लगे होने के कारण उसकी उठती गिरती सांसो से पोंचो के शरीर में भी हलचल दिख रही थी..
उसके देह की तपिश पोंचो को ठंडा नहीं पड़ने दे रही थी..।
उसने ध्यान से देखा, पोंचो के मुहं से झाग सा कुछ बाहर आने लगा था..

“इसे डॉक्टर के पास ले जाना होगा !”.वो तुरंत खड़ा हो गया..
दो दिन से वो सोया नहीं था, वो भी थकी हुई लम्बा सफर तय कर के आई थी, लेकिन फ़िलहाल पोंचो सबसे महत्वपूर्ण था..।

ये समझे बिना कि वो उन दोनों को छोड़ कर जा चुका है, वो डॉक्टर की तरफ भागे..
अस्पताल में डॉक्टर ने पोंचो को जांचा परखा और उसकी मृत्यु घोषित कर दी..।

उन दोनों के सबर का बाँध ढह गया !!

  दोनों के आंसू बहने लगे, जिस बात से डर रहे थे, वही हो चुका था..।
पोंचो चला गया था, अपनी ढेर सारी मीठी यादें उन दोनों के जीवन में हमेशा के लिए घोल कर !
  डॉक्टर ने क्रिमेशन के पहले उन दोनों को वहाँ समय बिताने की इजाजत दे दी..।

दोनों भूखे प्यासे थके हारे वही बैठे रहे, वो दोनों पोंचो के साथ अपने आखिरी पल छोड़ना नहीं चाहते थे..
वक्त बीतता गया और डॉक्टर के टोकने पर उन दोनों को वहाँ से जाने के लिए उठना पड़ा..
पोंचो को क्रिमेशन के लिए छोड़ कर वो दोनों वहाँ से निकल गए ! उनके कुछ दोस्तों के फ़ोन आने लगे थे.. धीरे धीरे उनके सर्कल में ये बात पता चलने लगी थी..
किसी एक दोस्त ने फ़ोन करके उन्हें एक पता बताया और वहाँ पहुँचने कहा..।

शहर से बाहर की तरफ का ये हिस्सा, स्ट्रीट डॉग्स और कैट्स के रहने की जगह थी। जहाँ अक्सर वो दोनों भी खाने का सामान दूध के पैकेट्स लेकर आया करते थे..
आज भी उनके दग्ध हृदय पर पानी के छींटे यही मिल सकते थे, सोच कर वो दोनों वहाँ चले आये..
पहले जब भी वो दोनों वहाँ आये थे, ढेर सारा सामान लेकर आये थे, इसलिए सभी कैट्स उनके इर्द गिर्द चक्कर लगाने लगते थे।
   लेकिन आज बिना खाने के क्या कोई उनके पास आएगा भी?  वो दोनों यही सोच कर वहाँ प्रवेश कर गए..

लेकिन उनके आश्चर्य की सीमा न रही, जब एक एक कर कैट्स उनके पास आने लगे और उनके पैरो के इर्द गिर्द लिपट कर उन्हें सांत्वना सी देने लगे..।
उसने कहीं सुना था कि बिल्लियां भूत भविष्य सब भांप लेती हैं, तो क्या इन बिल्लिओं ने पोंचो के चले जाने को भांप लिया था ?
   वो सभी उन दोनों के गिर्द घेरा बनाये उनके साथ खेलने की कोशिश कर रहे थे..।

मैडम ने झुक कर एक छोटे से कैट को गोद में उठा लिया और वो उसके गालों से अपने गालों को रगड़ने लगा…
वो लोग उनके बीच बैठ गए और एक एक कर वो कैट्स उनके पास आकर उनके साथ खेलने लगीं। यूँ लगा जैसे सब उनके दुःख को दूर करने की कोशिश में लगी हुई हैं.. सब उन्हें संत्वना दे रही है..।

वो सब कूद कूद कर उसके ऊपर तो छलाँग लगा कर खेल रही थी लेकिन मैडम के पेट पर कोई नहीं कूद रहा था, सब बड़े धीमे से ध्यान रखते हुए मैडम के साथ खेल रहे थे..
लगभग डेढ़ दो घंटे का समय बिताने के बाद वो दोनों वहाँ से वापसी के लिए तैयार हो गए.. दोनों का मन कुछ हल्का होने लगा था..।
उनके दोस्त भी उन्हें फ़ोन कर कंसोल कर रहे थे.. डॉक्टर की बात भी याद आ रही थी..
खैर दोनों ने खुद को सम्भालना ही था।

वो दोनों वहाँ से उठ गए, लेकिन उठते ही उसका सर घूम गया। ऐसा लगा जैसे सामने की हर चीज गोल गोल घूम रही है। आँखों के आगे अंधकार सा छाने लगा। लेकिन ये अवस्था सर्फ बीस तीस सेकंड्स की थी.. उसने खुद को संभाल लिया लेकिन वो घबरा गया..

“चलो तुरंत डॉक्टर के पास ! तुम्हारी तबियत ठीक नहीं है, बहुत थक भी गयी हो !”
उसने मुस्कुरा कर न में सर हिला दिया..
लेकिन वो घबराने लगा..

“तुम्हे डॉक्टर के पास चलना ही होगा, मैं कोई रिस्क नहीं लेना चाहता !”

“रिस्क वाली कोई बात ही नहीं !” उसने आंखे उठा कर उसकी तरफ देखा  

“मैं डॉक्टर से मिल चुकी हूँ !”

वो आगे बढ़ी और उसके सीने से लग गयी..

‘”पोंचो ने जाने से पहले ही अपने आने का इंतज़ाम कर लिया.. वो वापस आने वाला है !”

“क्या ? मैं समझा नहीं !”

“तुम पप्पा बनने वाले हो !”  उसके सीने में उसने मुहं छिपा लिया, उसकी आँखों से मोटी मोटी आंसुओं की लड़ी बह निकली..

वहाँ मौजूद कैट्स उनकी ख़ुशी में शामिल उनके इर्द गिर्द घूमने लगे, यूँ लगा दूर कहीं अंबर की छाँव में बैठा पोंचो अपने निराले अंदाज़ में मुस्कुरा रहा था !

a small tribute to beloved Poncho ❤️




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Jyoti
Jyoti
1 year ago

Very nyc part👌👌

ज्योति अग्रवाल
ज्योति अग्रवाल
1 year ago

इस जन्ममें पोंचो उनकीऔलाद के रूप।में वापस आने वालाहै

Anamika
Anamika
1 year ago

Amazing, mind blowing story 🙏

Shalini
Shalini
1 year ago

🥰🥰🥰🥰🥰😍😍😍😍

Jyoti yadav
Jyoti yadav
1 year ago

Aapki koi bhi story Bina aakhe bhigoye poori kar le ho hi nahi sakta .nice story 🥰

Aruna
Aruna
1 year ago

👌👌👌👌👌👌👏👏👏👏👏👏👏

Geeta Prasad
Geeta Prasad
1 year ago

Heart touching story…last me rula diya mam apne…poncho waps aaega,fr se apne mummy papa ki hod me…OSM👌👌

Chandrika Boghara
Chandrika Boghara
1 year ago

Bahetrin ❤

Rashmi Hasija
Rashmi Hasija
1 year ago

Mam rula Diya aapne to…

Veena
Veena
1 year ago

Very emotional and heart touching story