जीवनसाथी -3 भाग -28

जीवनसाथी -3 भाग -28

जीवनसाथी by aparna

“देखो… ये तो राजा अजातशत्रु है न !”

शौर्य ने उड़ती सी नजर डाल कर हामी भर दी.. -“हम्म शायद ! लेकिन क्यों ?”
“हाय मेरा चाईल्डहुड क्रश हैं ये..।”

शौर्य ने उसी वक्त कॉफी का सिप लिया था वो उसके गले में कहीं अटक सा गया और उसे खांसी आने लगी…

शौर्य ने आंखे फाडे कली को देखा, वो मुस्कुराते हुए उसे ही देख रही थीं..

“और कोई नहीं मिला तुम्हे ?”  शौर्य के सवाल पर वो चहकने लगी..

“जलो मत, बराबरी करो…. !”

“ओये.. मैं इनसे क्यों जलूँगा ?”

“क्यूंकि ये दुनिया के सबसे हैंडसम, स्मार्ट, इंटेलिजेंट, वायवेशियस,सुपर कूल हस्ती हैं… राजाओ के बारे में कितनी ख़राब बातें भी सुनने को आती है, लेकिन इनकी पाक साफ छवि तो ऐसी है कि मुझे लगता है कोर्ट में गवाही देने के पहले राजा साहब के नाम की कसम भी खायी जा सकती है..।”

“पागल हो क्या ? कोर्ट रूम में दुनिया भर के सबसे ज्यादा झूठ बोले जाते हैं….।”

शौर्य का यूँ टोकना सुन कली आश्चर्य से उसे देखने लगी..

“क्या बात है, कहीं तुम भी तो राजा साहब के फैन नहीं हो… एक मिनट….

कली ने शौर्य को ध्यान से देखा और फिर अख़बार पर की तस्वीर देखने लगी..

“मिस्टर ड्राइवर…. वैसे तुम्हारा चेहरा राजा साहब से काफी मिलता जुलता है, लेकिन चेहरा मिलने से क्या होता है, किस्मत तो नहीं मिलती न..।
कहाँ वो राजा भोज और कहाँ तुम ड्राइवर प्रिंस..।
लेकिन कोई बात नहीं, गरीबी कोई ख़राब चीज़ नहीं है.. अरे यही बहुत बड़ी बात है कि तुम अपने पैरो पर खड़े हो..।
खुद कमा रहे हो..।
जानती हूँ, जानती हूँ, तुम अब अपनी गरीबी वाली कहानी सुनाओगे…
   मैंने बहुत से हिंदी फिल्मों में देखा है। वैसा ही कुछ तुम्हारे साथ भी होगा। एक बूढ़ी मां, बीमार बाप और शादी के लिए तैयार बहन, है ना? और इन सब के साथ कमाने वाले अकेले तुम..।
जानती हूं समझती भी हूं तुम्हारी तकलीफ..पर ये याद रखना, कोशिश करने वालो की कभी हार नहीं होती..

कली लगातार बोलती चली जा रही थीं..

“ओह्ह वेट… वेट ! तुम कितनी ज्यादा फिल्मी हो यार..?”

“हम्म हूँ तो, लेकिन तुम्हारी कहानी सहीं बताई न मैंने.. लेकिन यह अच्छी बात है कि हालातों से समझौता करके तुम आज की युवा पीढ़ी की तरह ड्रग और किसी नशे के शिकार नहीं हुए..
बल्कि ज्यादा पढ़े लिखे ना होने के बावजूद तुमने बहुत छोटी उम्र में ही अपने पैरों पर खड़े होने का रास्ता चुना है। वैसे ये इतना बुरा भी नहीं है प्रिंस..।”

शौर्य को एकबारगी लगा कि वह कली को टोक दे,और सब सच बता दे, लेकिन फिर उसे अंदर ही अंदर कली की बेवकूफाना बातों पर हंसी भी आ रही थी…
वो चुपचाप सर झुका कर मुस्कुराने लगा। ..

” वैसे भी, सुनो!
    राजा साहब कितने भी हैंडसम स्मार्ट हों तुम भी दिखने में कम से कम उनसे उन्नीस नहीं हो। बल्कि अभी उनका फोटो देखकर तुम्हें देख रही हूं तो ऐसा लग रहा है, अगर उनके जैसे महंगे कपड़े तुम्हें भी पहना दिया जाए, उनके जैसे बालों को सेट कर दिया जाए तो तुम भी बहुत हद तक उन्हीं के जैसे दिखोगे।
हां कपड़े बदल देने से और मेकअप कर देने से किस्मत नहीं बदलती। लेकिन कोई बात नहीं, जब मैं राजा साहब से मिलूंगी ना तब उन्हें तुम्हारी तस्वीर जरुर दिखाऊंगी।
      और कहूंगी कि मुझे दिल्ली में एक गरीब लड़का मिला था जो बिल्कुल हूबहू आप की तरह दिखता था। और तब देखना राजा साहब मुझसे कहेंगे..” अरे कली उसे हमसे भी मिलवाओ। और तब मैं तुम्हें उनसे मिलवा पाऊंगी। और उनसे मिल कर तुम अच्छे से बात करके अपने लिए एक अच्छी सी नौकरी महल में लगवा लेना। एक बार तुम राज महलों में घुस गए ना, फिर तो चांदी ही चांदी है। खूब पैसा काटोगे वहाँ.. ?”

“तुम्हे कैसे पता ? कभी किसी महल में नौकरी की है क्या..?”

“अरे पागल बच्चा ! मैं खुद महलों की रानी हूँ, बताया ना मेरे डैडा ने मुझे बिल्कुल परियों की तरह पाला है..!”

कली की अजूबा बातें सुनकर शौर्य की हंसी नहीं थम रही थी कि उसी वक्त उसके कंधे पर किसी ने हाथ रख दिया। शौर्य ने मुड़कर देखा सामने मीरा खड़ी थी..

“ओह्ह तो प्रिंस साहब यहाँ बिज़ी हैं ?”

कली को देख मीरा के होंठ व्यंग से टेढ़े हो गए.. कली सवालिया नजरो से उसे देख रही थी..

मीरा ने एक कुर्सी खींची और वहीँ बैठ गयी..
शौर्य ने एक गहरी सी साँस खींची और अपनी कॉफी उठा कर पीने लगा..

“हद होती है यार.. बिलकुल ही मैनरलेस हो.. ये नहीं कि मुझे भी कुछ खाने पीने को पूछ लो.. सुबह से भटक रही हूँ.. अब तो बहुत थकान हो गयी.. “

मीरा के चेहरे पर पुता ढाई किलो का मेकअप उसके कुछ देर पहले ही ब्यूटी पार्लर से निकल कर साक्षात् यही प्रकट होने की चुगली कर रहा था….

“क्या लोगी तुम ?”

शौर्य ने वही पड़ा मेन्यू कार्ड उसके सामने कर दिया.. और मीरा फटाफट खाने की चीज़ो के नाम देखने लगी….
उसने लॉबस्टर की कोई डिश ऑर्डर कर दी..

कली शौर्य की तरफ देखते हुए अपनी कॉफी पी रही थीं.. शौर्य ने जैसे ही उसकी तरफ देखा, कली ने इशारे से मीरा कौन है पूछ लिया और शौर्य ने कोई नहीं का इशारा कर दिया..
मीरा की नज़रों से उन दोनों की आंख मिचौली छुपी नहीं रह पायी और अपना ऑर्डर देने के बाद वो कली की तरफ घूम गयी….

“वैसे तुम्हारी तारीफ ?”   मीरा ने कुछ ज्यादा ही शायराना अंदाज़ में पूछ लिया..

“अब ये मैं खुद क्या करूँ, मुझसे मिलने वाला हर इंसान मेरी तारीफ करने पर मजबूर हो जाता है.. !”

कली का जवाब सुन मीरा की भौंह चढ़ गयी, और शौर्य होंठो ही होंठो में अपनी हंसी दबाने की कोशिश करने लगा…

मीरा ने एक नजर शौर्य पर डाली और वापस कली को देख कर अपना परिचय देने लगी..

“खैर मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता.. बाय द वे मैं मीरा हूँ.. सामने बैठे इस नकचढ़े प्रिंस की एक इकलौती गर्लफ्रेंड.. !”

मीरा ने शौर्य के नाम की जगह उसका पद बोला,जिसे कली शौर्य का नाम समझती थी..
मीरा की बात सुन कली हल्का सा मुस्कुरा कर रह गयी, लेकिन जाने क्यों उसे दिल के कहीं भीतर पर ये बात जाकर चुभ सी गयी..
वो खुद नहीं समझ पायी कि उसे ये बात सुन कर बुरा क्यों लगने लगा..

वेटर मीरा का ऑर्डर लेकर चला आया..
बड़ा सा लॉबस्टर देख कली को अजीब तो लगा लेकिन किसी के खाने की वस्तु है, ये सोच उसने नाक भौंह नहीं चढ़ाई…

उसने शौर्य को देखा, शौर्य का ध्यान कहीं और ही था…
वो लोग जिस रोड साइड कैफे में बैठे थे वहाँ से रास्ते के दूसरी तरफ कुछ दो तीन गरीब बच्चे नजर आ रहे थे.. उन लोगो के पास कहीं से मिली हुई एक पुरानी टूटी फूटी सी गिटार थीं, जिसे बजाने की कोशिश करते हुए वो लोग कोई गीत गा रहे थे। और एक छोटी बच्ची आते जाते लोगो को रोक रोक कर कुछ देने की मांग कर रही थीं..

हालाँकि उन लोगो का टुटा फूटा गाना किसी का ध्यान आकर्षित नहीं कर रहा था, और लोग उन्हें बस यूँ ही झिड़क कर चले जा रहे थे.. ..

शौर्य अपनी जगह पर खड़ा हुआ और उसने अपनी जेब में हाथ डाल दिया..
लेकिन उसकी जेब खाली थी.. उसके हाथ में उसके बिना काम के कार्ड्स आ गए.. उसने उन्हें वापस जेब में रखा और कली और मीरा की तरफ देखने लगा…

मीरा ने चेहरे पर बिना कोई भाव लाये उसे देखा और अपने पर्स को समेट कर अपनी तरफ खीँच लिया..
कली ने शौर्य की तरफ देखा और वो भी खड़ी हो गयी..

कली को लगा शौर्य को पैसों की ज़रूरत है, वो अपना पर्स खोलने ही वाली थी कि’ मैं बस अभी आया’ बोल कर शौर्य रास्ते को पार करता उन बच्चो के पास पहुँच गया..

शौर्य के पीछे ही कली भी चली गयी..
मीरा को लगा था शौर्य उससे पैसे मांगने वाला है, लेकिन वो भूल गयी थीं कि शौर्य के पास इस वक्त भले ही पैसे न हो लेकिन अपने सारे पैसे खो देने के बाद भी उसने अपना व्यक्तित्व और स्वाभिमान नहीं खोया था।
   इसके बावजूद भी शौर्य किसी के सामने हाथ फैलाने वालों में से नहीं था।
वह तो मीरा और कली को बस इसलिए देख रहा था कि उन्हें बताकर वह रास्ते के दूसरी तरफ जा सके। शौर्य के पीछे ही कली भी आगे बढ़ गई। मीरा अकेली बैठी खाती रही..
हालांकि एकबारगी मीरा के दिमाग में यह उलझन भी आई थी,कि अब अपने खाने का बिल उसे खुद पे करना पड़ेगा। और साथ ही शौर्य और कली का भी।
लेकिन उन दोनों के एक-एक कॉफी के कप को देखकर उस भयानक कंजूस लालची और स्वार्थी लड़की ने अपने आपको मना लिया कि एक कप कॉफी के पैसे तो वह दे ही सकती है।

उसकी नजर उन दोनों पर ही थी। शौर्य रास्ता पार करके उन बच्चों के पास पहुंचा और उनसे बातचीत करने लगा। उन बच्चों ने शौर्य को बताया कि उन्हें भीख मांगना अच्छा नहीं लगता, यह गिटार उन्हें कहीं कबाड़ी की दुकान पर पड़ी मिल गई थी। और इसीलिए वह इसे उठाकर ले आए। अब इसके तारों को उल्टा सीधा बांधकर वह लोग बजाकर गाकर कुछ पैसे कमाने की कोशिश इसलिए कर रहे हैं जिससे आज वो अपने पिता के लिए कोई तोहफा और केक लेकर जा सके.. आज उनके पिता का जन्मदिन है !
  वैसे वो सभी रोज़ स्कूल जाते और पढाई करते है, लेकिन आज उन सब के लिए बहुत बड़ा दिन है..
पिता का जन्मदिन सुन कर शौर्य हल्के से मुस्कुरा उठा..
   शौर्य ने उन लोगों से उस गिटार को ले लिया और उल्टे सीधे बंधे तारों को खोलकर उसे सही करने लगा.. रास्ते के उस पार एक बाउंड्री वॉल बनी थी जो एक जगह से थोड़ी सी टूटी फूटी थी।
उसी पर बैठकर शौर्य ने गिटार के 1-1 तार को सही तरीके से कस दिया। उसे सही करने के बाद शौर्य ने अपनी उंगलियां गिटार पर चलाई और गिटार भी एक मधुर सी धुन छेड़ने के लिए तैयार हो गयी।

कली हाथ बांधे मुस्कुराती हुई शौर्य को देख रही थी। गिटार सही करने के बाद शौर्य ने धीरे-धीरे उसे बजाना शुरू किया और इसके साथ ही वह गुनगुनाने लगा…

शौर्य : सुन्दर सुन्दर वो हसीना बड़ी
         सुन्दर सुन्दर, मैं तो खोने लगा
         उसके नशे में बिन पिए बहका…

कली को शौर्य का गाना बड़ा पसंद आ रहा था, उसने भी शौर्य का साथ देते हुए गाना शुरू कर दिया..

कली :मौसम मौसम था, सुहाना बड़ा
         मौसम मौसम, मैंने देखा उसे
        हुआ मैं पागल बस पलभर में…

शौर्य ने कली को देखा और आगे गाने लगा..

शौर्य :आके बसी है वो मेरे मन में

कली :उसकी कमी है, अब जीवन में..

शौर्य :वो दूर है मेरी नज़रों से, क्यों उसे मैं चाहूँ…

वहीँ से गुज़रते कॉलेज के कुछ लड़के लड़कियां भी वही रुक गए और शौर्य और कली के साथ ताल मिलाते गाने लगे..

सच कह रहा है दीवाना दिल…

एक एक करते लोगों की भीड़ जमा होने लगी और उस छोटी सी बच्ची ने अपनी पास रखी पुरानी सी टोपी उठा कर सब के पास जाकर फैलाना शुरू कर दिया..
लोग गाने में खोये उस टोपी में पैसे भी डालते चले गए….

और गाना ख़त्म होते ही जैसे एक तिलस्म टूटा और लोग तारीफ करते आगे बढ़ गए..
कॉलेज के लड़के लड़कियां भी शौर्य और कली से हाथ मिला कर वहाँ से चले गए..

शौर्य ने बच्चो की तरफ देखा.. -“ठीक ठाक पैसे जमा हो गए न ?”..

बच्चों ने ख़ुशी से सारे पैसे उन्हें दिखाए और उन रुपयों को गिनने लगे..

“आज तो स्पेशल दिन था इसलिए ठीक है, पर आगे से स्कूल छोड़ कर ये सब नहीं करना.. !”

शौर्य के ऐसा कहने पर वो सब हामी भर कर शौर्य की तरफ उम्मीद से देखने लगे.. -” क्या चाहिए ?” शौर्य ने पूछा.

” भैया!  हम लोग आपसे एक बार हाथ मिलाना चाहते हैं..!”

शौर्य ने मुस्कुरा कर अपना हाथ उन बच्चों की तरफ बढ़ा दिया और एक-एक कर सबसे बड़े प्यार से हाथ मिलाने लगा। उन बच्चों ने शौर्य से हाथ मिलाए और उनके चेहरे खुशी से चमकने लगे।
वह सभी बच्चे अपनी गिटार टोपी और पैसा संभाले वहां से आगे निकल गए..

“क्या बात है, जलवे है मिस्टर ड्राइवर के… आज तो तुम हीरो बन गए.. !”

कली ने चहकते हुए कहा और शौर्य मुस्कुरा उठा। उसी समय रास्ते के दूसरी तरफ कैफे में बैठी मीरा ने उन दोनों को वापस आने का इशारा कर दिया..

” पक्का वेटर बिल रखकर गया होगा, इसीलिए बुला रही है।”

शौर्य ने धीरे से होठों होठों में बुदबुदाया और रास्ता पार कर दूसरी तरफ निकल गया।
कली भी उसके पीछे-पीछे कैफे की तरफ बढ़ गई।

इधर वह बच्चे आगे बढ़ते जा रहे थे। उनमें से एक बच्चे ने दूसरे से पूछा।

” तुमने उन भैया से हाथ क्यों मिलाया ?”

और दूसरा मुस्कुरा कर उसे रास्ते पर खड़ी एक उंची से बिल्डिंग के ऊपर लगे बड़े से हार्डिंग की तरफ इशारा कर दिया,जिसमें राजा अजातशत्रु सिंह का पोस्टर लगा हुआ था।

उसे दिखा कर वह बच्चा बोलने लगा।

” यही तो थे, जो अभी हमारे लिए गाना गा रहे थे।”

सारे बच्चे उस होर्डिंग को देखकर आश्चर्य से किलक उठे।
सब ने मुड़कर एक बार और शौर्य को देखा और हंसते मुस्कुराते एक दूसरे के साथ आगे बढ़ गये…

क्रमशः

aparna…
          

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Abhishek Kishor
Abhishek Kishor
2 years ago

लड़का राजा का बेटा है दिल करोड़ों का, स्वभाव सौम्य है और स्वर सुरीला है, जो है मतवाला मद नैनों वाला वह प्रिंस है। दोनों की केमेस्ट्री पढ़कर अच्छा लग रहा है, मीरा अब सच में नकचढ़ी लग रही है, एक और बेहतरीन पार्ट दीदी…👍💐🙏

Manu verma
Manu verma
2 years ago

लाजबाब भाग 👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻♥️♥️♥️♥️♥️♥️💐💐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐💐💐💐