
जीवनसाथी -3 भाग -118
शौर्य ने मैनेजर के कान में कुछ कहा और मैनेजर कुछ देर में ही केक लेकर उस कमरे में चला आया..
ऑफिस के उस फ्लोर में मौजूद कर्मचारियों को भी बुला लिया गया..
सब एक दूसरे की तरफ देख रहे थे कि आखिर क्या माजरा है?
कि तभी शौर्य ने सबको सम्बोधित कर बोलना शुरू किया..
“मुझे आप सबको बताते हुए बड़ी ख़ुशी हो रही है कि आज हमारे बीच एक वो इंसान भी मौजूद है, जिसका आज के दिन जन्म हुआ था..।
और आज हम उसका जन्मदिन मनाने जा रहे हैँ !”
वहाँ मौजूद एम्पलॉईस के साथ साथ मैनेजर और भदौरिया दोनों आश्चर्य में डूब गए..
“क्या हो गया है इस सनकी को ?!” भदौरिया ने धीरे से अपने पीए के कान में कहा..
और पीए ने कंधे उचका दिए..
उसके ठीक बगल में मैनेजर रॉय खड़ा था, उसने पीए की तरफ देखा और उसने भी कंधे उचका दिए..।
लेकिन इस सब के बीच एक कोई ऐसा भी वहाँ मौजूद था, जिसके दिल में शौर्य कि बात सुन कर जलतरंग बजने लगे थे.. जिसके चेहरे पर हलकी सी मुस्कान की रेखा चली आयी थी !
शौर्य ने अपने पीछे खड़े विक्रम का हाथ पकड़ा और खींच कर केक के सामने खड़ा कर दिया..
“चलो केक काटो विक्रम !”
विक्रम के चेहरे पर अजीब से भाव चले आये, आज ये क्या हो गया है इस प्रिंस को ?
वैसे अभी वो साल भर से ही शौर्य के साथ जुड़ा था, और उसका पहला ही जन्मदिन पड़ा था, पर उसे आश्चर्य इस बात का था कि शौर्य को उसका जन्मदिन याद था..
उसने भावुकता के साथ शौर्य की तरफ देखा
“आपको याद था प्रिंस ?”..
“नो, बिलकुल याद नहीं था, कल किसी बात पर तुमने अपना आई कार्ड दिखाया था, बस कल ही तुम्हारी बर्थडेट पर नजर पड़ गयी थी..।
फिर आज मुझे सुबह से केक खाने का मन हो रहा था, तो सोचा बिल किस पर फाड़ा जाये।
बस तभी याद आया कि तुमसे केक की ट्रीट ली जा सकती है !”
विक्रम हल्का सा मुस्कुरा उठा..
“लेकिन केक का पेमेंट तो आप ही ने किया था योर हाइनेस !”
शौर्य ने अपनी बड़ी बड़ी आंखे नचाते हुए भोला सा मुहं बनाया और विक्रम को देखने लगा..
“हाँ फिर ? बहुत रुपया है मेरे पास, मिलेनियर हूँ मैं, अब क्या केक का पेमेंट तुमसे लूंगा ?
बकवास आदमी.. केक काटो.. भूख लगी है !” वो चीख पड़ा
विक्रम अपनी हंसी दबाते हुए केक काटने लगा..
पहला पीस उठा कर उसने शौर्य की तरफ बढ़ा दिया लेकिन शौर्य ने वो टुकड़ा विक्रम को ही खिला दिया…
उसके बाद उसने केक का एक बड़ा टुकड़ा उठा कर भदौरिया की तरफ बढ़ा दिया..
भदौरिया ने मना करना चाहा, लेकिन शौर्य किसकी सुन रहा था जो भदौरया की सुनता..
“इतना बड़ा टुकड़ा.. नहीं, हम नहीं खाएंगे !”
“क्यों, मधुमेह है क्या आपको ?”
“क्या, कौन सा मेह ?” भदौरिया आँखे फाडे शौर्य को देखने लगा..
“मधुमेह यानि डायबिटीस.. है क्या आपको ?”
“नहीं.. बिलकुल नहीं !”
“फिर क्यों चिंतित हैँ, खा लीजिये, वैसे भी आपके खून में शक़्कर नहीं हो सकती, क्यूंकि जहाँ ज़हर होता वहाँ की सारी मधुरता खत्म हो जाती है !”
आखिरी पंक्तियाँ शौर्य ने जरा धीमे से बोली, भदौरिया भौंह चढ़ाये उसे घूरने लगा..
“अब ज़रा काम का काम भी कर ले !”
“ऑफकोर्स.. आइये !”
बड़ी मुस्तैदी से शौर्य पलट कर केबिन में चला गया, उसके पीछे ही भदौरिया और उसका पीए भी चला आया..
मैनेजर ने केक फटाफट ऑफिस की ही एक महिला कर्मचारी को पकड़ाया और बाँटने बोल कर खुद भी अंदर चला गया
विक्रम भी अंदर आ गया..
अब तक मीटिंग शुरू नहीं हुई थी…
“बताइये भदौरिया जी.. क्या चाहते हैँ आप हमसे ?”
” शौर्य यू आर अ यंग बॉय, सो तुम्हे ज्यादा रेस्टलेस हुए बिना.. “
“एक्सक्यूज़ मी… आप मुझे मेरी एज याद दिलाने की जगह सीधे पॉइंट पर आइये ! मुझे घुमा फिर कर बातें न करनी आती है, और न समझ में आती हैँ !”
“देखो मैं साफ शब्दों में बोलता हूँ .. हमारी पिछली मीटिंग में तुमने मेरे प्रोडक्ट्स में बारे में सरे आम जो कह दिया था, उसके बाद मेरे प्रोडक्ट की इंटरनेशनल मार्केटिंग में भारी गिरावट आ गयी है..।
उस मीटिंग के बाद मिडिया ने भी तुम्हारा साथ दिया और मेरे प्रोडक्ट्स की कमियों का प्रचार किया, जिसके कारण मेरे प्रोडक्ट्स का मार्किट ढप हो गया !
और ये मेरी कम्पनी के लिए बिलकुल अच्छा नहीं है !”
“तो आप चाहते क्या है ?”
“बस इतना ही कि, तुम मेरे साथ हाथ मिला लो.. !”
“उससे क्या फायदा होगा ?”
“मेरे प्रोडक्ट की मार्केटिंग बढ़ेगी, लोगो को लगेगा कि पहले बिना जाँच पड़ताल के तुमने मेरे प्रोडक्ट के बारे में अपनी राय बना ली थी, और अब प्रोडक्ट को समझने के बाद तुम मेरे प्रोडक्ट को सपोर्ट कर रहे हो !”
“मैंने मेरे फायदे की बात पूछी है..?
बुन्देलाज़ के तुम से जुड़ने से तुम्हारा तो फायदा ही फायदा है.. वो मुझे मत गिनाओ !”
भदौरिया पल भर के लिए झेंप गया..
“तुम्हारा फायदा ये है कि तुम जिस चीज़ पर ऊँगली रख दोगे भदौरिया पाताल से भी ढूंढ़ लाएगा !”
भदौरिया ने भाव भरी आँखों से शौर्य को देखा
.
“सोच लो, कहीं कोई ऐसी चीज न मांग लूँ, जिसे देने में तुम्हारी जान के लाले पड़ जाये !”
“मैं तैयार हूँ… तुम हाथ तो मिलाओ मिस्टर प्रिंस.. तुम्हे हीरो से तोल दूंगा..!”
“कौन से हीरे ?”
“पूरे 24 कैरेट !” भदौरिया की आंखे चमक उठी..
” कांगो बोत्स्वाना और कलिनन के हीरे दे पाओगे ?”
भदौरिआ की एक भौंह ऊपर उठ गयी उसने टेढ़ी सी मुस्कान के साथ शौर्य को देखा..
“पसंद ज़रा ज्यादा ही ऊँची नहीं है, जनाब की ?”
“बेशक है, लेकिन आप इंसान को भी देखिये हुज़ूर !”
“हम्म.. चलो वादा रहा, दिए कांगो बोत्स्वाना के हीरे.. और कलिनन खान तो पूरी ही तुम्हारे नाम कर दूंगा.. बोलो मंजूर है… !”
“इतने सब के बाद नामंजूर कहने वाला नामाकूल, बेवकूफ ही होगा… ! लेकिन मुझे सिर्फ बातों की जलेबी मत खिला देना..
पहले मुझे प्रूफ चाहिए, कि तुम वाकई इतना करोगे..? वैसे मैं ये तो जानता हूँ कि हीरे की पूरी खान मेरे नाम करने वाली तुम्हारी औकात नहीं है !”
शौर्य की ये बात सुनते ही मैनेजर, विक्रम और पीए घबरा कर भदौरिया की तरफ देखने लगे।
भदौरिया के चेहरे की रेखाएं भी बदलने लगी, लेकिन उसने अपने गुस्से पर काबू कर लिया..
“न न मिस्टर भदौरिया आप नाराजगी न दिखाए..मैं साफ और सीधे शब्दों में बात करता हूँ।
अच्छा सुनिए, आपको एक कहानी सुनाता हूँ !”
वो सभी लोग उसके चेहरे की तरफ देखने लगे..
और उसने एक गहरी सी साँस खींच कर कहना शुरू किया…
“हाँ तो मैं कह रहा था, मैं सीधी सपाट बातें करता हूँ, शायद इसलिए आप सब को बुरी लग रही हैँ…।
अभी दस पन्द्रह दिन पहले ही एक मेजर एक्सीडेंट का शिकार होकर लौटा हूँ.. उस एक्सीडेंट में मुझे बहुत सी चोटें आयी। दो चार दिन तक तो शायद होश ही नहीं आया था मुझे.. लेकिन जब आया तो पूरी तरह आ गया..।
मुझे समझ में आ गया कि जिस शरीर पर हम इतना इतराते हैँ, उसका तो कोई अस्तित्व ही नहीं।
ऊपर वाला जब चाहे उसे तहस नहस कर सकता है.. और आप कुछ नहीं कर सकते..।
वक्त के सामने हम सब सिर्फ कठपुतलियां है…बिना हाथ पैर की..
बस उसके बाद से मुझे समझ में आ गया कि जीना है तो हर एक पल का मजा लेना है..।
एक बात और बताऊँ, मुझे कभी ये पसंद नहीं आया कि मैं एक रॉयल फॅमिली का हिस्सा हूँ। अगर कोई मुझसे पूछे कि मैं अपने जीवन में क्या बदलना चाहता हूँ, तो मेरा जवाब होता कि मैं रॉयल फैमिली बदलना चाहूंगा। माता पिता भाई बहन यही चाहिए, लेकिन एक आम परिवार हो..।
ये रॉयल ब्लड, ये उनके खाने उठने बैठने के तौर तरीके, उनके घूमने फिरने के प्रोटोकॉल इन सब से मुझे चिढ थी..।
लेकिन मौत के करीब तक जाकर वापस लौटने के बाद लगा, जो मिला है वो सबसे अच्छा है..।
अब मैं खुश हूँ कि मैं एक प्रिंस हूँ…।
आखिर कितने ब्च्चे ऐसी किस्मत लेकर पैदा होते होंगे.. बोलो.. ?”
उसने पलट कर विक्रम की तरफ देखा
“ठीक बोल रहा हूँ न ?”
“जी प्रिंस.. आप सही कह रहे हैँ !”
शौर्य वापस भदौरिया की तरफ देखने लगा..
“अब बताओ.. कि असली डील क्या है ?”
भदौरिया ने एक गहरी सी साँस ली और अपनी फाइल खोल कर कुछ पढ़ने लगा..
उसके बाद पूरी गंभीरता से उसने चेहरा ऊपर किया और शौर्य को देखने लगा..
“मुझे मेरे असोसिएट्स से बात करनी पड़ेगी !”
“बिलकुल कीजिये, उनसे भी चर्चा कर लीजिये.. मुझे कोई जल्दबाजी नहीं है..।
लेकिन मुझे मालूम होना चाहिए कि मुझे वाकई क्या मिलने वाला है..
और हाँ आप क्या देने वाले है, उसकी लिस्ट बनाने से पहले ये देख लेना कि आप बुन्देलाज़ को दे रहे हैँ।
तो अपनी औकात से नहीं, उनके मिजाज से मिलता हुआ ही कुछ देना..।
वरना मेरी तरफ से डील कैंसिल रहेगी !”
“लेकिन मुझे थोड़ी जल्दी थी.. मुझे कल अपना प्रोडक्ट लांच रखना है !”
“रख लो, मैंने कब मना किया.. कल शाम होने में अभी बहुत वक्त है..।
काम में तेज़ी लाओ !
जितना जल्दी तुम्हारा प्रपोजल रेडी होगा, उतनी ही जल्दी काम होगा…।
और एक बात, वकीलों से मिल कर उनकी भाषा में तैयार किया हुआ कोई भी जहालत भरा कॉन्ट्रेक्ट पेपर अगर लेकर आओगे, तो मैं उसे फाड़ कर फेंक दूंगा..।”
शौर्य की ये बात सुनते ही भदौरिया की भँवे तन गयी..
उसे गुस्सा आने लगा और उसने अपने जैकेट को हाथ लगाया ही था कि उसके बॉडीगार्ड्स ने गन निकल कर शौर्य की तरफ तान दी..
जैसे ही उन लोगो की गन निकली, कोई और कुछ समझ पाता, उसके पहले ही चीते की फुर्ती से पलट कर शौर्य ने अपनी गन निकाली और भदौरिया की कनपटी से लगा दी….
मैनेजर ने अपने सीने पर हाथ रख लिया, उसे दिल का दौरा आते आते बचा…।
विक्रम भी फटी फटी आँखों से अपने प्रिंस को देख रहा था..।
ये शौर्य को हो क्या गया था ?
भदौरिया से इतना सामने से पंगा लेना क्या मुसीबत को निमंत्रण पत्र देकर बुलवाना नहीं था..?
लेकिन इन सब से अलग शौर्य के चेहरे पर न कोई घबराहट थी, न झुंझलाहट..
वो बड़े मजे से मुस्कुराते हुए अपने बाजु में बैठे भदौरिया को देख रहा था..।
भदौरिया ने अपने आदमियो से गन नीचे रखने को कहा..
उन लोगो के गन हटाते ही शौर्य ने भी अपनी गन नीचे कर दी और कहना जारी रखा..
“तो मैं ये कह रहा था मिस्टर भदौरिया, कि सीधे सपाट शब्दों में मुझे क्या क्या फायदा दे सकते हो, उसकी लिस्ट लाना… समझे ?”
“हम्म… !” भदौरिया अपनी जगह पर उठ गया ..
तेज़ तेज़ कदमो से चलता हुआ वो बाहर निकल गया.. उसका पीए भी उसके पीछे निकल गया..।
उन लोगो के वहाँ से जाते ही एक तरफ सुन्न सा खड़ा मैनेजर एक कुर्सी में ढह गया..।
“अरे इसे क्या हुआ, मिस्टर रॉय.. ठीक है आप ?”
शौर्य ने उसे हिलाते हुए पूछा और रॉय ने अपनी आँखे मटकाते हुए उसे देखा..
“मुझे तो एक छोटा मोटा सा हार्ट अटैक ही दे दिया था आपने प्रिंस !”
शौर्य ने उसके गाल थपथपाए और हंसने लगा …
“बस हमारे साथ रहोगे, तो ऐसे ही मजे करोगे !”
“अरे नहीं… मुझे ऐसे मजे नहीं चाहिए !” बोलता हुआ अधेड़ उम्र का रॉय सीधे बैठ गया, उसने इधर उधर देखा। विक्रम ने उसके सामने पानी का गिलास रख दिया..
रॉय एक साँस में पूरा का पूरा पानी गटक गया..
शौर्य एक बार फिर अपने मोबाइल पर व्यस्त हो गया, बिलकुल ऐसे जैसे अभी कुछ देर पहले यहाँ कुछ हुआ ही नहीं..
विक्रम ने उसे देखा और ऑफिस से बाहर निकल गया..
उसने इन सारी बातों का वीडियो बना लिया था, उसने ये वीडियो धनुष को भेज दी..।
उधर इण्डिया में धनुष और हर्ष अपने ऑफिस में बैठे कुछ काम कर रहे थे कि विक्रम का भेजा हुआ वीडियो धनुष के मोबाइल पर आ गया..
धनुष ने पहले वीडिओ को अपने मोबाइल पर देखा उसके बाद बड़ी स्क्रीन से कनेक्ट कर उसने उसे चला दिया..
हर्ष और धनुष दोनों आश्चर्य से उस वीडियो को देखने लगे..
क्रमशः

Dhanush sab pata kar lega.ab toh usi pe bharosa hai
पल पल बदलता शौर्य और भदौरिया का डर साथ ही विक्रम का जन्मदिन🥳🥳मजा आ गया😀😀😀😀
Very interesting part 👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻
मुझे पक्का यकीन हो रहा है कि यह शौर्य नहीं है शायद राजा साहब ने बांसुरी की जान बचाने के लिए जैसे नेहा को प्लांट किया था उसकी जगह ठीक उसी तरह उन्होंने अपनी बेटे की जान की सुरक्षा के लिए कोई नकली शौर्य को प्लांट किया है अपने बेटे की जगह।
यह मेरा अनुमान है पर आप देखना है कि डॉक्टर साहिबा ने आगे और क्या रचना रची है हम लोगों का दिमाग घुमाने के लिए। 😊😊😊😊😊😊😊😊😊
ना कुछ तो गड़बड़ है ये अपना शौर्य हो ही नही सकता कही ये अपूर्व की चाल तो नही? जैसे पहले बांसुरी की जगह नेहा को राजा ले आए थे वैसे ही कोई न कोई शौर्य का डुप्लीकेट ले आया है।
🥳🫅💥मुझे सिटी वाली कोई इमोजी नहीं मिली यहाँ सच मे सिटी बजाना तो बनता है 🥳🥳🥳🥳🥳🥳🥳मजा आ गया शौर्य को इस नए अवतार मे देखकर 💃💃💃कमाल धमाल,👏👏👏👏👏बहुत लाजबाब भाग 👌👌👌👌।
Shaurya ko aise dekhkar bechaini ho rahi hai
इससे तो उन दोनो को शौर्य के एक्सिडेंट की बात भी पता चलेगी
😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍
👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻