जीवनसाथी -3 भाग -141

जीवनसाथी -3 भाग -141

परी से एक निवाला भी खाया नहीं जा रहा था। तभी उसे अपने पैरों पर कुछ महसूस हुआ। उसने चौंक कर नीचे देखा।

               आभास अपने पैर के अंगूठे से उसके पैर के तलवे को धीरे-धीरे कुरेद रहा था।
परी के पूरे शरीर में सिहरन पैदा हो गई। उसने जोर से झटका दिया और अपने पांव को दूर कर लिया…।

लेकिन तभी अचानक उसका सर घूम गया, और वो खुद को संभाल पाती, उसके पहले ही बेहोश होकर टेबल पर ही गिर पड़ी..

वहाँ साथ बैठे सभी लोग घबरा गए… जया एकदम से घबरा के परी के पास चली आयी..।

“इसे हॉस्पिटल ले चलते हैं ?”

जया ने घबराई सी आवाज में अपने पति जय की तरफ देख कर कहा, और तभी रूपा उसके पास चली आयी.. उसने संत्वना भरा हाथ जया की पीठ पर रखा और धीमी आवाज में कह उठी..

“हमें अस्पताल जाने की क्या ज़रूरत? हम अभी पिया को बुला लेते हैं.. !”

रूपा ने तुरंत साथ खड़ी सहायिका की तरफ देखा, उसने उतनी देर में फ़ोन लगा लिया था..

पिया अपने कमरे की बालकनी में झूले पर बैठी कोई किताब पढ़ रही थी..
शोवन उसके और अपने लिए कॉफी लेकर पिया के पास पहुंचा ही था कि पिया का फ़ोन बजने लगा..
शोवन ने ही फ़ोन उठाया और पिया के हाथ में दे दिया..

फ़ोन उठाते ही रूपा की घबराई सी आवाज़ पिया के कानो में पड़ी.. वो अचानक परी के बेहोश होने की बात बताकर उसे तुरंत घर आने की दुहाई दे रही थी..
पिया एकदम से खड़ी हो गयी..

“शोवन महल चलना होगा.. अभी इसी वक्त !”

“क्या हुआ मॉम ?”

“महल में कुछ गेस्ट आये हुए हैं उनके साथ डिनर के दौरान परी अचानक बेहोश हो गयी है !”

“व्हाट.. ?” शोवन के चेहरे पर चिंता की लकीरे खीँच गयी..

पिया का ध्यान इस वक्त शोवन पर नहीं था, वो तुरंत अंदर गयी और और कुछ ज़रूरी सामान लेकर कपड़े  बदल कर तैयार हो गयी..
वो जब तक में सीढ़ियाँ उतर कर शोवन को आवाज़ लगाती बाहर आयी, शोवन बाहर कार निकाल कर अपनी माँ का इंतज़ार कर रहा था..

“तू ऐसे ही चला जायेगा, घर के कपड़ो में ?”

“एक डॉक्टर के लिए उसके कपड़ों से ज़्यादा मरीज़ मायने रखता है न मॉम !”

“हाँ हाँ जानती हूँ, लेकिन उस महल के कुछ कायदे भी तो है.. वहाँ ऐसे घुटनो तक की पैंट्स में पहुंचना अजीब नहीं लगेगा तुझे ?”

“अब आपने कहा तब ध्यान गया मेरा, लेकिन अब कपड़े बदलने का वक्त नहीं..।
हो सकता है परी का बीपी एकदम से बढ़ या घट गया हो.. इसलिए हमे तुरंत वहाँ पहुंचना जरुरी है मॉम !”

“हम्म !” शोवन ने तेज़ी से गाड़ी बढ़ा दी..
वो लोग भी महल परिसर के अंदर ही रहते थे, शाही उद्यान के दायीं तरफ समर का महल था, इसलिए उन्हें वहाँ पहुँचने में बमुश्किल पांच सात मिनट लगे और वो अगले ही पल शाही दीवान में मौजूद थे..।

वहीँ एक तरफ रखे सोफे पर परी लेटी थी, और अब उसको हल्का होश आ चुका था..

वहाँ पहुँचते ही पिया उसकी जाँच में लग गयी, इसके साथ ही वो रूपा और जया से सारा हालचाल भी पूछने लगी..।
वो जानना चाहती थी की ऐसी कौन सी बात हो गयी जिसके कारण परी यूँ बेहोश हो गयी..
शोवन हाथ बांधे खड़ा परी को एकटक देख रहा था।

“हमे लगता है परी कुछ ज़्यादा ही थक गयी.. थकान से भी बेहोश हो सकते हैं क्या ?” रूपा ने पिया से पूछा..

“हम्म परी का बीपी बहुत कम हो गया था, जिसकी वजह से ये बेहोश हो गयी.. क्यों परी खाना नहीं खाया था क्या, सुबह से ?”

पिया के सवाल पर परी ने उसकी तरफ देखा..
आपके बेटे ने अपने हाथ से खिलाया था, वो ये कहना तो चाहती थी, लेकिन कह नहीं पायी..।
बस थकी हुई आँखों से पिया को देख कर पलकें झुका ली उसने..

“दरअसल आज ही परी का रोका भी हुआ है, ये हमारा परिचित परिवार है.. ।
इनका अमेरिका में लम्बा चौड़ा कारोबार है.. वहीँ कई पीढ़ियों से बसे हैं। इन्हे अपने इकलौते राजकुमार के लिए किसी भारतीय राजकुमारी की तलाश थी, जो हमारी परी पर आकर रुक गयी..।
बस उनके कहने पर हमने आज ही ओली डलवा दी..। इसी सब भागदौड़ में हमारी फूल सी बेटी जरा थक गयी होगी, और इसलिए इनका बीपी डाउन हो गया होगा !”

रूपा के ऐसा कहते ही शोवन आंखे फाड़े परी की तरफ देखने लगा, परी ने धीरे से अपनी पलकें उठायी और शोवन को देखने लगी..
वहीँ एक तरफ खड़ा आभास उन्ही दोनों को देख रहा था…

“आपका परिचय ?”

आभास ने शोवन की तरफ देख कर अपना हाथ बढ़ा दिया..

“डॉक्टर शोवन पिया सिंह !”

शोवन ने अपना परिचय देकर आभास की हथेली थाम कर ज़ोर से हिला दी..

“शोवन पिया, ये कैसा नाम है ?”

“शोवन मैं हूँ, और पिया मेरी मॉम हैं !”

“हाँ वो तो हम समझ गए, लेकिन माँ का नाम कौन लगाता है? लोग तो अपने पिता का नाम अपने नाम के बाद जोड़ते हैं…. !”

“लेकिन मैं मॉम का नाम जोड़ता हूँ, आपको कोई तकलीफ ?”

“नहीं हमे तकलीफ क्यों होगी.. तकलीफ में तो हमारी  प्रिंसेस हैं, इन्हे जल्दी ठीक कर दीजिये.. अब हमारी शादी होनी है तो इन्हे दुरुस्त रहना होगा !”

आभास की बात को काट क़र परी बोल पड़ी..

“हमें अपने कमरे में जाना है माँ साहेब !”

“हाँ हाँ.. अभी भेजते हैं !” जया ने वहाँ मौजूद सहायिकाओं की तरफ देखा और वो लोग परी को सहारा देकर वहाँ से ले जाने लगे..।

“हम भी साथ जाते हैं ! “

आभास ने कहा और परी के पीछे चल पड़ा..
पिया ने परी के लिए कुछ दवायें लिखी और कुछ ज़रूरी प्रिकॉशन रूपा और जया को बताने लगी..
शोवन भी आभास के पीछे परी के कमरे की तरफ बढ़ गया..

सहायिका को बाहर भेजने के बाद परी ने आभास की तरफ देखा..

“मैं आराम करना चाहती हूँ!” परी ने भरसक मुस्कुराने की चेष्टा की लेकिन उससे ये हो नहीं पाया..

“हम्म, तुम्हे आराम की ज़रूरत भी है !”
आभास वही बैठ गया.. उसकी हर हरकत पर शोवन को गुस्सा आ रहा था..

“वो कहना चाहती है कि हम लोगो को अब जाना चाहिए !”
.शोवन ने धीमे से कहा

“हमे नहीं सिर्फ तुम्हे जाना चाहिए मिस्टर शोवन पिया, हम तो इनके होने वाले हस्बैंड है.. और एक तरह से ये अब हमारा भी कमरा है !”

आभास मुस्कुरा कर परी की तरफ देखने लगा..
परी शोवन का स्वभाव जानती थी। शोवन ऐसे बहुत ही शांत और गंभीर स्वभाव का लड़का था, लेकिन परी के लिए वो बहुत ही ज्यादा असुरक्षित महसूस करता था..।

परी एक राजसी परिवार की थी और इसीलिए कहीं ना कहीं शोवन के मन में यह डर बैठा था कि परी से उसकी शादी हो पाएगी या नहीं.. ?
वह हर वक्त इसी तनाव में रहा करता था। परी से भी वह कई बार इस बात की चर्चा कर चुका था, और शायद यही एक कारण था कि उसने अपने बेहद करीबी दोस्तों को भी परी के बारे में कुछ भी नहीं बताया था।

और आज जब उसका डर उसके सामने सच होकर आ चुका था, ऐसे में परी शोवन से भी ज्यादा डरी हुई थी। अब तक परी को कभी उसके और शोवन के रिश्ते के लिए डर नहीं लगता था। उसे अंदर से ऐसा लगता था कि वह अपने माता-पिता को शोवन के लिए मना लेगी। लेकिन आज जब अचानक उसकी जिंदगी ने ऐसे करवट बदली तो वह स्तब्ध सी चुपचाप खड़ी देखती रह गई थी। और आज शोवन के चेहरे के भाव देखकर उसे भी मन ही मन डर लगने लगा था।

शोवन ने कुछ दवाइयाँ अपनी हथेली में लीं और परी की तरफ बढ़ गया। परी के पास पहुंच कर उसने उसके बेड के किनारे लगी टेबल पर उन दवाओं को रखा और रखते समय परी के चेहरे के काफी करीब चला आया। परी के कानों में वह धीरे से अपने मन की बात कह गया।

” अपने इस बेवकूफ रॉयल दोस्त को समझा दो कि मुझे ना छेड़े, वरना सही नहीं होगा।”

आज तक परी ही शोवन के पीछे-पीछे भागती आई थी। आज पहली बार उसे शोवन का यह नया रूप देखने को मिल रहा था। डर के साथ-साथ उसके दिल में एक अजीब सी गुदगुदी भी मची हुई थी। शोवन को छेड़ते हुए वह भी धीरे से कह उठी।

” वरना क्या करेंगे आप डॉक्टर साहब ?”

“कहा था ना सुबह, डॉक्टर हूं किसी को भी मारने का परमिट है मेरे पास।
     मेरे लिए किसी को मारना कोई बड़ी बात नहीं है, और यह जितना ज्यादा बोल रहा है, उतना ही मेरा दिमाग खराब हो रहा है। इसलिए इसे समझा देना परी।”

एक झटके से शोवन वहां से उठा और तेज कदमों से बाहर निकल गया।
   सामने खड़ा आभास उन दोनों को देखता रह गया। शोवन के जाने के बाद वह परी की तरफ घूम गया।

“क्या बोल रहा था यह?”

परी ने हल्के से मुस्कुरा कर आभास को देखा और बोल पड़ी।

” बोल रहा था डॉक्टर हूं, और मेरे पास किसी को भी मारने का परमिट है। बड़ी आसानी से किसी को भी मार सकता हूं। वह भी बिना सबूत छोड़ें।”

परी के ऐसा कहने पर आभास का मुंह बन गया।

” यह कैसी अजीब सी बात कर रहा था। पागल है क्या यह डॉक्टर?”

परी हंस पड़ी और धीरे से गर्दन हां में दिला दी।
आभास कुछ कहने को था कि परी ने धीरे से उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया।

” सॉरी आभास जी, लेकिन इस वक्त तबीयत ठीक नहीं लग रही। मैं जरा आराम करना चाहती हूं।”

” हां ठीक है, आप आराम कीजिए प्रिंसेस।
   अब तो हमारा आना जाना लगा ही रहेगा।”

आभास परी को गुड नाइट बोलकर वहां से बाहर निकल गया। लेकिन कहीं ना कहीं उसके दिमाग में शोवन का चेहरा घूमता रह गया।

क्रमशः

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Archana Singh
Archana Singh
1 month ago

Very nice part 👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻

Manu Verma
Manu Verma
11 months ago

बहुत अच्छा भाग 👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻

शिव
शिव
11 months ago

अपर्णा दी आप कुशलता पूर्वक से तो हैं न ।बड़े दिनों के बाद कहानियां फिर से चालू हुई हैं उम्मीद है कि अब वापस से नहीं रुकेंगी ।

Seema Kawatra
Seema Kawatra
11 months ago

थोड़ी सी समझदारी दिखा देना आभास बाबू
दो प्यार करने वालो के बीच मे मत आओ

Nisha
Nisha
11 months ago

👌👌👌👌👌👌👌

Savita Agarwal
Savita Agarwal
11 months ago

Very interesting and Fantastic n Fabulous part

Monika gupta
Monika gupta
11 months ago

Wow shovan ka ye rup to bada mast h lage raho shovan bhai

Seema Srivastava
Seema Srivastava
11 months ago

Very beautiful

Jagriti
Jagriti
11 months ago

मतलब अभी तक केवल शौर्य ही लोगों को खटक रहा था लेकिन अब शोवन भी किसी के लिए दुश्मन बन रहा है, राशि शायद एक है दोनों की इसलिए😊 लेकिन शोवन ने पिया की हिम्मत बढ़ा दी

Anita gupta
Anita gupta
11 months ago

👌👌👌👌👏👏👏🙏🙏🙏🙏🙏