पोंचो -5

पोंचो…

   दिन बीतते जा रहे थे, और इन्ही बीतते दिनों के साथ उन दोनों के मन का डर भी ख़त्म होने लगा था..
देखते ही देखते पोंचो का पहला जन्मदिन मन गया, बेहद शानदार पार्टी हुई.. पोंचो अपनी किस्मत पर इठलाने लगा था..।

  चाह महीने और बीत गए, तब एक दिन शॉप ओनर को फ़ोन आ गया..
  उसने जब देखा की पोंचो को कोई दिक्कत नहीं आ रही, तब उसने पोंचो के लिए अडॉप्शन डाल दिया था। असल में तो ये दोनों उसे सिर्फ फोस्टर रखने ही लाये थे, और उस बात का एहसास उन्हें शॉप ऑनर के कॉल के बाद हुआ।

कुछ देर के लिए दोनों स्तब्ध रह गए..

हाँ ये सच था वो तो पोंचो के गार्डियन नहीं थे, सिर्फ फोस्टर थे।

दोनों उस रात ठीक से सो नहीं पाए, पोंचो को समझ में नहीं आ रहा था कि ये दोनों इतने बुझे बुझे से क्यों हैँ..?
अगले दिन शॉप ओनर उन लोगो को साथ लिए चला आया जो पोंचो को अडॉप्ट करना चाहते थे..।
उन दोनों ने उनका स्वागत किया, उन्हें बैठाया और उनसे बातों में लग गए।

वो शॉप ऑनर के साथ आये उस कपल को पोंचो की खाने पीने की आदतें, उसके बाहर जाने का समय, सोने का समय, उसकी ऐलर्जीस आदि बड़ी बारीकी से समझाने लगा।
और वो कॉफी बनाने अंदर चली गयी !
हालाँकि उसका मन आज कॉफी बनाने में लग ही नहीं रहा था..
उसकी आँखे बार बार धुंधली हो रही थी। बार बार उसके मन में ये आ रहा था कि आज पोंचो चला जायेगा, उन दोनों को छोड़ कर..।

अब ऑफिस से लौटने के बाद कौन भाग कर उसकी गोद में दुबकेगा, किसके बालो को धुलने के बाद वो ड्रायर से सुखायेगी ? किसके ऊपर अपने गाल रख कर आंखे बंद कर सुकून की गहरी साँस लेगी।
अपनी बहती आँखे पोंछ कर वो कॉफी फेंट रही थी, लेकिन बार बार उसकी ऑंखें बरसने लगती थी..
वो अंदर से उसे बुला कर कुछ कहना चाहती थी, लेकिन कह नहीं पा रही थी..
आज पोंचो उसी के पास दुबका बैठा था, जिस तरफ वो बढ़ती वो उसके कदमों से कदम मिला कर चल रहा था.. और वो उसे देख कर और भी भावुक हुई जा रही थी।
  
वो बाहर बैठा पोंचो के लिए ज़रूरी हर बात को सामने बैठे लोगो को ध्यान से बताता जा रहा था..
कुछ देर तक उसकी बात सुनने के बाद सामने बैठा व्यक्ति बोल पड़ा..

“इतना सब बताने की ज़रूरत नहीं, आपके पहले पोंचो हमारे साथ ही रहता था !”

ये सुनते ही वो सकते में आ गया..
अगर पोंचो इन्ही के साथ था तो इन्होने उसे निकाला क्यों ? सिर्फ उसकी बीमारी के कारण ?

“फिर आपने उसे छोड़ा क्यों ?” वो पूछ बैठा

“वो उस वक्त बहुत बीमार हो गया था, हमें लगा जल्दी ही मर जायेगा। ऐसे में एक बीमार कैट की देखभाल हम दोनों ही नहीं कर सकते थे.. हम दोनों जॉब वाले हैँ न ?”
  उस आदमी की आंखे घमंड में चमकने लगी।
   उसी वक्त पोंचो को गोद में लिए वो बाहर चली आई..
कॉफी की ट्रे दूसरे हाथ से उसने अपने पति की तरफ बढ़ा दी..।

“माफ़ कीजियेगा लेकिन पोंचो आपके साथ जाने से मना कर रहा है !” उसने दृढ़ शब्दों में कहा… सामने बैठा कपल ऑंखें छोटी छोटी कर उसे देखने लगा..

“पोंचो कब से बोलने लगा भाई.. !” वो अदमी हंस पड़ा..

“आप भी सुन लीजिये !” उसने कहा और धीरे से पोंचो को दोनों सोफे के बीचोबीच रख दिया.. 
आमने सामने लगे सोफे पर एक तरफ पोंचो के पुराने मालिक बैठे थे और दूसरे सोफे पर वो दोनों…

पोंचो ने पल भर की देर भी नहीं की और तुरंत उन दोनों के बीच घुस कर छिपने लगा, वो उसकी गोद में चढ़ गया।
अपने छोटे छोटे हाथो से बार बार उसका चेहरा अपनी तरफ करने की कोशिश करने लगा। उसकी गर्दन में मुहं घुसा कर उसे सूंघने लगा, क्यूंकि यही वो खुशबु थी, जो उसे अपने घर का एहसास करवाती थी..
मैडम ने मुस्कुरा कर सामने बैठे लोगो की तरफ देखा..

“देख लिया!!  पोंचो अपने पप्पा की गोद में चढ़ गया है, अब उसे ब्रम्हा भी वहाँ से नहीं हटा सकते…।
आप लोग कॉफी पीकर ही जाइएगा !”

वो पोंचो को अपनी गोद में लेकर अंदर चली गयी और आये हुए मेहमान अपना सा मुहं लेकर लौट गए..
शॉप ओनर वहीँ बैठा रहा, उन दोनों ने गोद लेने की सारी औपचारिकता पूरी की और पोंचो को गोद ले लिया..।

एक बार फिर जश्न मनाया गया और अब पोंचो उन दोनों की ज़िन्दगी का एक एहम हिस्सा बन गया।  पोंचो के आ जाने से उन दोनों के रिश्ते में भी जो एक उबाऊपन आने लगा था चला गया… एक नयी ताज़गी भर गयी थी उनके जीवन में..।

देखते ही देखते पोंचो को आये तीन साल पूरे हो गए।
जो तीन महीने का मेहमान था, तीन साल जी गया..
इसी बीच हर साल बड़ी धूमधाम से उसका जन्मदिन मनाया गया..।

इन तीन सालो में उन दोनों के अभिभावक इण्डिया से उनके पास की बार आये और तीन चार महीने रह कर चले गए.. उन दोनों को इण्डिया जाने का मौका ही नहीं मिला।

लेकिन इस बार आदमी के घर वालों ने उन दोनों के लिए नया घर खरीदा और कहा की पूजा में उन्हें ही बैठना है.।

वो दोनों पोंचो को आसपास की छोटी मोटी कई हवाई यात्रायें करवा चुके थे। वो उनके साथ खूब घूमता था, लेकिन सोलह सत्रह घंटो का इण्डिया तक का सफर उसके लिए मुश्किल था..।
इसलिए अपने हृदय को मजबूत कर उन लोगो ने अपने एक दोस्त से दो हफ्ते के लिए उसकी देखभाल की बात की..।
    पोंचो इतना प्यारा था कि कोई भी उसे रखने मान ही जाता, वो दोस्त भी मान गया..
पोंचो को मयसामान दोस्त के घर छोड़ उन दोनों ने भरे दिल और भीगी पलकों से उससे विदा ली और इण्डिया चले गए…  

क्रमशः

4.9 11 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest

14 Comments
Newest
Oldest Most Voted
Jyoti
Jyoti
1 year ago

Nyc part 👌

Raniya Memon
Raniya Memon
1 year ago

👌👌

Sadhna Gupta
Sadhna Gupta
2 years ago

How much miss pocho.nice part di.jab insaan ho ya jaanwar. Jab usse khushi aur care karte hai tab marne ki jagah usse air jeene ki icha hoti hai

Kamal
Kamal
2 years ago

बेहतरीन 👏🏽👏🏽👏🏽

Arun Kumar
Arun Kumar
2 years ago

❣️❣️❣️❣️❣️❣️❣️❣️❣️❣️❣️❣️❣️❣️❣️😗❣️❣️

Geeta Prasad
Geeta Prasad
2 years ago

Heart touching story.., Poncho ka purana malik bahut swarthi h. Jb dekh liya ki Poncho ab bimar nhi h to use Rat marne k liye lene aaya hoga….lekin Poncho ne bhi use krara reply diya,apna sa muh lekar lot gya😂😂

Anuja rashmi
Anuja rashmi
2 years ago

Dil ko Choo lene Wali kahani

Meenakshi Sharma
Meenakshi Sharma
2 years ago

बहुत ही प्यारी सी स्टोरी 💙🥰❤️

Iti D. Moar
Iti D. Moar
2 years ago

So sweet

Veena
Veena
2 years ago

Fantastic and fabulous part