एयरपोर्ट की सारी औपचरिकता निभा कर वो दोनों अपनी फ्लाइट पर सवार हो गए…
रेशम को फ्लाइट में कानो में तकलीफ हो जाया करती थी, इसलिए उसने कान अच्छे से स्टॉल से लपेट कर बाँध लिए..
“ये क्या है रेशु ?”
“अथर्व जी, मुझे बहुत तकलीफ हो जाती है… !”
“ओह्ह ठीक है, फिर मैं अकेले ही मूवी देख लूंगा.. मैंने तो तुम्हें दिखाने के लिए कुछ रोमांटिक मूवीज डाउनलोड कर रखी थी..
हे भगवान !! ये आदमी फ्लाइट में भी शुरू…
रेशम ने बड़ी गहरी सी नज़र से अथर्व की तरफ देखा और वो ज़ोर से हॅंस पड़ा..
“अरे नहीं.. जैसा तुम सोच रहीं वैसा कुछ नहीं…. मैंने तो सोचा था टायटेनिक देखेंगे यार !
तुम भी ना रेशु, देख रहा हूँ दिन ब दिन बिगड़ती जा रहीं हो..
अपनी ही बात में हँसता खिलखिलाता अथर्व बड़ा प्यारा लग रहा था… थोड़ी देर तक उसे निहारने के बाद जैसे ही फ्लाइट ने उड़ान की शुरुवात की रेशम ने कानों पर हाथ रखा और आंखें बंद कर ली…
रहा लगभग डेढ़ बजे के आसपास वो लोग अपने होटल पहुँच गए…
अथर्व ने पहले ही सब बुक कर रखा था..
कमरे में पहुँचते ही उन दोनों को सुकून मिल गया…
वेटर के सामान रख के जाते ही अथर्व ने रेशम को खुद पर खींच लिया..
“अब कोई बहाना नहीं चलेगा मैडम ! अब यहाँ सिर्फ तुम मैं और मेरा रोमांस !!
अब यहाँ ना घरवाले हैं ना मेरे पेशेंट ना हम दोनों का फ़ोन !”
अथर्व की बात पर रेशम ने लजा कर अपने हाथ में पकड़ रखा फ़ोन अथर्व को दिखा दिया…
अथर्व ने उसके हाथ से लेकर फ़ोन सायलेंट में कर एक तरफ को फेंक दिया…
रेशम के गालों पर अपने गालों से सहला कर अथर्व ने उसकी तरफ देखा..
रेशम सिहर उठी…
“सुनिए… !”
बड़ी मुश्किल से उसके मुहँ से बोल फूटे…
“हम्म !” अपनी मदहोशी भरी आवाज़ में हामी भरता अथर्व रेशम में डूबने को तैयार बैठा था..
“मैं ज़रा फ्रेश होकर आ जाऊं.. !”
“तुम एकदम फ्रेश लग रहीं हो.. !”
अथर्व का उसे छोड़ने का मन ही नहीं था….
रेशम धीमे से कसमसाई और उसने खुद को अथर्व की पकड़ से छुड़ा लिया…
“बस पांच मिनट !”
उसके सामने अपनी हथेली से पांचो उँगलियाँ एक साथ दिखा कर वो टॉवेल लिए बाथरूम में घुस गयी…
उसने गरम पानी का शॉवर चला लिया…
कुछ देर तक आंखें बंद किये वो भीगती रहीं और तभी दरवाज़े पर दस्तक होने लगी..
“क्या हुआ ?” रेशम ने पूछा…
” टॉवल दूँ ?” अथर्व के सवाल पर रेशम को हंसी आ गयी..
“मैं लेकर आई हूँ.. !”
“अरे क्यूँ ? मैं पकड़ा देता ना !”
उस बेसब्रे की बात सुन रेशम को हंसी आ गयी…
“अच्छा ये ड्रेस लें लो.. !”
“कुछ नहीं चाहिए, मैं सब लेकर आई हूँ… आप तब तक कुछ खाने का ऑर्डर कर लीजिये.. मुझे भूख लग रहीं है.. !”
“हम्म… और मुझे प्यास !”
उसकी बात सुन रेशम हंसने लगी..
अथर्व ने कुछ ऑर्डर करने फ़ोन किया लेकिन रात ज्यादा हो जाने से किचन बंद हो चुका था…
उनके रूम पर ही चाय और कॉफ़ी बनाने के सामान के साथ कुकीज़ का बॉक्स भी रखा था.. वहीं खा लेंगे सोच कर अथर्व ने रेशम का इंतज़ार करने के लिए टीवी चला लिया..
टीवी और अथर्व का यही पन्गा था..
टीवी लगते ही अथर्व गहरी नींद में डूब जाता था.. आज भी वहीं हुआ..
वो दिन भर का थका हुआ था ही, उस पर टीवी ने उसे थपकी सी देकर सुला दिया..
रेशम नहा कर निकली और अथर्व को सोता पाकर मुस्कुरा उठी…

Nice