“हम क्या करेंगे अम्मा ? बहु तुमको लानी है और शादी यज्ञ को करनी है, बस इन्हीं दो लोगों का देखना ज़रूरी है, हमारी तो वैसे भी भाई बहु होगी, हम तो वैसे भी उसका चेहरा नहीं देखेंगे, तो अभी देख कर पसंद कर क्या कर लेंगे.. !”
“घर के बड़े बेटे हो, अपना छोटा भाई की बहु चुनने में अपनी अम्मा की मदद नहीं करोगे ?”
“वैसे इसकी ज़रूरत नहीं है अम्मा… पर ज्यादा ज़ोर दोगी तो हम आ जायेंगे.. !”
“नहीं आओगे, हम जानते है ! ऐसे ही हर जगह के लिए बहाना बना कर निकल लेते हो.. और हमारे जाने के बाद कहीं नहीं आते.. चलो आओ कपड़ा बदल कर आओ !”
मन मार कर अखंड ऊपर चला गया…
लेकिन उसे ना अपनी अम्मा के साथ जाना था और ना वो गया..
अपने कमरे में घुसने के बाद उसने फिर दरवाज़ा नहीं खोला..
पूरा घर इस पागल लड़के की हरकतों से अब परिचित था, थोड़ी देर उसे पुकार कर, रो झींक कर आखिर बाकी लोग यज्ञ के लिए लड़की देखने निकल गए..
आज यज्ञ भी नहीं जा पा रहा था.. उसके किसी सरकारी टेंडर की बोली उठनी थी, इसलिए वो अपने काम में व्यस्त था…
घर की औरतें बड़े ठाकुर साहब के साथ कुसुम कुमारी के घर के लिए निकल गयीं…

क्रमशः

Nice