जीवनसाथी -3 भाग -148

जीवनसाथी -3 भाग -148

   शौर्य नहा कर निकल आया, वो आईने के सामने अपने बाल संवारता खड़ा था, विक्रम भी वही था..

“विक्रम एक सवाल था  ?”

“हाँ पूछो !”

“क्या भदौरिया प्रिंस शौर्य को भी उसी डार्क वेब की काली दुनिया में धकेलना चाहता था ? क्या वो ये चाहता हैं कि उसके साथ भी वो सब हो जो बाकियों के साथ हुआ हैं ?”

विक्रम बिना कुछ जवाब दिए अपने हाथ की उंगलियों को आपस में उलझाता सुलझाता खड़ा रहा..

“क्या पुलिस इन लोगो पर शिकंजा नहीं कस सकती ?”

“पुलिस के पास किसी बात का कोई सबूत नहीं होता, इसलिए पुलिस सीधे कुछ नहीं कर पाती…।
वैसे भी ये सामान्य इंटरनेट की दुनिया मे तो हो नहीं रहा कि पुलिस ट्रैक कर के पहुँच जाये.. ।

डार्क वेब की दुनिया मे ऐसे कोई भी नहीं पहुँच सकता.. यहाँ तक कि तुम भी नहीं पहुँच पाओगे..।
वहाँ तक पहुंचना भी अपने आप मे एक चुनौती हैं..।”

शौर्य बड़े ध्यान से विक्रम को देखने लगा..

“विक्रम एक आखिरी सवाल ?”

“हाँ.. पूछो !”

“शौर्य जिन्दा हैं या नहीं ?”

विक्रम एकदम से चुप हो गया, उसी वक्त नीचे के कमरों से लोगो की आवाजाही की आवाजे आने लगी..

“लगता हैं राजा साहब और रानी हुकुम आ गए हैं.. हमें नीचे जाना होगा..।”

विक्रम तेज़ी से पलट कर नीचे चला गया..
शौर्य कुछ सोचता हुआ वापस अपने बाल संवारने लगा…।

बांसुरी के पीछे कली और निशा भी अंदर दाखिल हो गए..

राजा साहब को समर और प्रेम के साथ किसी ऑनलाइन मीटिंग मे जाना था, इसलिए वो अपने ऑफिस मे चले गए..।

बांसुरी उन दोनों के साथ वहाँ बैठ गयी ।

घर मे काम करने वाले सहायक उन सब की परिचर्या प्रतिवेशन मे लग गए..।

कुछ देर मे ही शौर्य भी नीचे चला आया.. ।

कली का दिल जोरो से धड़क रहा था.. आज जाने कितने दिनों बाद वो उससे मिलने वाली थी।
पता नहीं कैसी प्रतिक्रिया देगा वो, उसे देखेगा भी या नहीं.. बात करेगा या नहीं..?

कली अपने ख़यालो में गुम नीचे ज़मीन को ताकती बैठी थी कि तभी एक गहरी सी आवाज़ मे उसका नाम किसी ने पुकारा…।
उसके ठीक सामने कोई खड़ा था..
मन ही मन शौर्य को सोचती कली ने आँख उठा कर देखा, सामने विराट खड़ा था..।

वो आश्चर्य से उसे देखती रह गयी.. उसके चेहरे पर एक लम्बी सी मुस्कान चली आयी।

वो जानती थी विराट लंदन में रहता था, लेकिन अक्सर वह अपनी फोटोग्राफी के सिलसिले में देश-विदेश घूमता रहता था। आज ही पैरिस से वह भी अपने काम को समेट कर वापस लौटा था। राजा और बांसुरी को वहां देखकर वह वैसे भी बहुत खुश था।

बांसुरी के पैर छूने के बाद ही उसने उसके बगल में बैठी कली को देखा और खुशी से उसके मुंह से उसका नाम निकल गया।

” कली तुम यहां?”

कली आंखें फाड़े अपने गुरु को देखती रह गई।

” सर आप यहां?”

” यह तो मेरा ही घर है।”

विराट ने गर्म जोशी से अपना हाथ आगे बढ़ा दिया। कली ने भी धीमे से अपनी हथेली आगे कर दी….

विराट से पहली मुलाकात के समय उसे भले ही नहीं मालूम था कि उसका और शौर्य का क्या संबंध हैं, लेकिन अब वो जानती थी।
     उसे विराट को देखकर बहुत खुशी हुई थी। एक तरह से उसके मन की घबराहट थोड़ी कम हो गई थी। क्योंकि विराट ही वह पहला इंसान था जिसने कली के अंदर की कला को पहचाना और अपने अनुभव से सींचा था..

वह विराट से बातें कर ही रही थी कि शौर्य चला आया, वह भी आकर ठीक कली  के सामने बैठ गया..

बांसुरी उठकर किसी कम से भीतर चली गई। विराट का भी कोई फोन आ गया और वह अपने फोन पर लग गया।

कली शौर्य और निशा बड़े से हाल में अकेले रह गए शौर्य ने कली की तरफ देखा….

“कैसी हो कली ?”

अब तक जो सब सोच कर रखा था कली ने, वो सब भरभरा कर गिर गया..।

कितना गुस्सा, कितना अपमान, कितनी अवमानना, कितनी अवहेलना सब कुछ अपने ही मन में अपने लिए सोच सोच कर एक ऊँचा सा पहाड़ खड़ा कर लिया था उसने, जो चारों तरफ से उषर था।
जिसकी ज़मीन बंजर होने लगी थी।
लेकिन आज शौर्य का बस उसका हाल पूछ लेना, उसका नाम पुकार लेना सावन की पहली फुहार सा उस रेत के ऊसर पहाड़ को ढ़हा गया..
यूँ लगा सारी उदासी की रेत उस बारिश में बह कर कली से दूर बहुत दूर चली गयी.. ।

बाहर भी बारिश होने लगी थी, मिट्टी से एक खुशबु उठ रही थी जो खुली खिडकियों से अंदर आकर कली के मन को भी महकाये जा रही थी..

उसने ऐसे अपनेपन से नाम लिया कि कली की आवाज़ गले में आकर रुंध गयी..
उससे एकाएक कुछ कहा ही नहीं गया..

“कैसी हो निशा ?”

शौर्य का सवाल कली से निशा पर छिटक गया..
निशा मुस्कुरा उठी..

“ठीक हैं… आप कैसे हैं ?”..

शौर्य अक्सर निशा के मैं को हम बोलने पर उसे चिढ़ाया करता था, लेकिन आज उसने जैसे उसकी इस बात पर ध्यान ही नहीं दिया..

“मैं भी बढ़िया हूँ !”

“अब तो खुश होंगे ? आपके मॉम डैड आ गए ? क्या आप उनके साथ वापस जाने वाले हैं ?”

निशा पूछ बैठी और शौर्य ने हामी भर दी..

“हम्म अब तो जाना ही पड़ेगा.. हर्ष भाई की शादी होने वाली है !”

“अरे हाँ.. हर्ष की शादी है न… कली तुम भी चलो न हमारे साथ, अपनी दोस्त को भी ले चलो !”

विराट कॉल कर के वापस आ गया था.. उसने कली को साथ चलने को कहा और कली एकदम से कुछ कह नहीं पायी..
.

“नहीं मेरा तो जाना नहीं हो पायेगा.. डैडा अब कभी मुझे इण्डिया जाने नहीं देंगे !”

शौर्य चुपचाप कली की तरफ देख रहा था..

“एक बार हमारी और हमारे साहब की बात तो करवा दो अपने डैडा से..
उनसे बात कर के इजाजत दिलवा देंगे !”

मुस्कुरा कर बांसुरी एक तरफ बैठ गयी.. वो अपने साथ सहायक को लेकर आयी थी.. जिसने अपने साथ लाया सारा खाने पीने का सामान सलीके से उन लोगो के सामने सजा दिया..

“बताओ कली, अपने डैड का नंबर बताओ.. !”

“नहीं रहने दीजिये न.. मैं खुद एक बार पूछ कर देखूंगी… !”

“कब पूछोगी.. ? कल रात ही हम लोग यहाँ से निकलने वाले हैं.।
. निशा तुम भी चलो हम लोगो के साथ !”

“जी हम ? हाँ हमें तो पापा इजाजत दे देंगे, आखिर एक रॉयल फैमिली के साथ जाना होगा हमें.. हम वहाँ बरेली भी घूम आएंगे !

कली ने घूर कर उसे देखा.. एक नंबर की झल्ली है, किसी ने कुछ कहा, तुरंत सब भूल कर मान जाती है..।
उसे भी फंसा दिया, अब रानी साहेब क्या सोचेंगी.. कि वो एक राजपरिवार के निमंत्रण को ऐसे बार बार ठुकरा रही है..
लेकिन वो भी क्या करे, वो अच्छे से अपने डैडा का गुस्सा जानती है.. वो कभी नहीं मानेंगे.. ।

“इतना क्या सोच रही कली.. अगर इतना कठिन है तो रहने दो ! इतना परेशान होने की ज़रूरत नहीं है “

बांसुरी का ऐसा कहना कली के दिल को दुखा गया..

‘नहीं ऐसी बात नहीं.. रुकिए मैं डैडा से बात करती हूँ और उन्हें भी यहाँ बुला लेती हूँ.. !”

“नहीं.. उन्हें रहने दो.. हम सब तुम्हारे साथ, तुम्हारे डैड  से मिलने चलते हैं..
चलो.. !”

कली की परेशानी भांप कर बांसुरी उसके साथ चलने को तैयार हो गयी और वो सब लोग एक साथ कली  के घर की तरफ निकल गए..
.
क्रमशः

जीवनसाथी -3 भाग -148

   शौर्य नहा कर निकल आया, वो आईने के सामने अपने बाल संवारता खड़ा था, विक्रम भी वही था..

“विक्रम एक सवाल था  ?”

“हाँ पूछो !”

“क्या भदौरिया प्रिंस शौर्य को भी उसी डार्क वेब की काली दुनिया में धकेलना चाहता था ? क्या वो ये चाहता हैं कि उसके साथ भी वो सब हो जो बाकियों के साथ हुआ हैं ?”

विक्रम बिना कुछ जवाब दिए अपने हाथ की उंगलियों को आपस में उलझाता सुलझाता खड़ा रहा..

“क्या पुलिस इन लोगो पर शिकंजा नहीं कस सकती ?”

“पुलिस के पास किसी बात का कोई सबूत नहीं होता, इसलिए पुलिस सीधे कुछ नहीं कर पाती…।
वैसे भी ये सामान्य इंटरनेट की दुनिया मे तो हो नहीं रहा कि पुलिस ट्रैक कर के पहुँच जाये.. ।

डार्क वेब की दुनिया मे ऐसे कोई भी नहीं पहुँच सकता.. यहाँ तक कि तुम भी नहीं पहुँच पाओगे..।
वहाँ तक पहुंचना भी अपने आप मे एक चुनौती हैं..।”

शौर्य बड़े ध्यान से विक्रम को देखने लगा..

“विक्रम एक आखिरी सवाल ?”

“हाँ.. पूछो !”

“शौर्य जिन्दा हैं या नहीं ?”

विक्रम एकदम से चुप हो गया, उसी वक्त नीचे के कमरों से लोगो की आवाजाही की आवाजे आने लगी..

“लगता हैं राजा साहब और रानी हुकुम आ गए हैं.. हमें नीचे जाना होगा..।”

विक्रम तेज़ी से पलट कर नीचे चला गया..
शौर्य कुछ सोचता हुआ वापस अपने बाल संवारने लगा…।

बांसुरी के पीछे कली और निशा भी अंदर दाखिल हो गए..

राजा साहब को समर और प्रेम के साथ किसी ऑनलाइन मीटिंग मे जाना था, इसलिए वो अपने ऑफिस मे चले गए..।

बांसुरी उन दोनों के साथ वहाँ बैठ गयी ।

घर मे काम करने वाले सहायक उन सब की परिचर्या प्रतिवेशन मे लग गए..।

कुछ देर मे ही शौर्य भी नीचे चला आया.. ।

कली का दिल जोरो से धड़क रहा था.. आज जाने कितने दिनों बाद वो उससे मिलने वाली थी।
पता नहीं कैसी प्रतिक्रिया देगा वो, उसे देखेगा भी या नहीं.. बात करेगा या नहीं..?

कली अपने ख़यालो में गुम नीचे ज़मीन को ताकती बैठी थी कि तभी एक गहरी सी आवाज़ मे उसका नाम किसी ने पुकारा…।
उसके ठीक सामने कोई खड़ा था..
मन ही मन शौर्य को सोचती कली ने आँख उठा कर देखा, सामने विराट खड़ा था..।

वो आश्चर्य से उसे देखती रह गयी.. उसके चेहरे पर एक लम्बी सी मुस्कान चली आयी।

वो जानती थी विराट लंदन में रहता था, लेकिन अक्सर वह अपनी फोटोग्राफी के सिलसिले में देश-विदेश घूमता रहता था। आज ही पैरिस से वह भी अपने काम को समेट कर वापस लौटा था। राजा और बांसुरी को वहां देखकर वह वैसे भी बहुत खुश था।

बांसुरी के पैर छूने के बाद ही उसने उसके बगल में बैठी कली को देखा और खुशी से उसके मुंह से उसका नाम निकल गया।

” कली तुम यहां?”

कली आंखें फाड़े अपने गुरु को देखती रह गई।

” सर आप यहां?”

” यह तो मेरा ही घर है।”

विराट ने गर्म जोशी से अपना हाथ आगे बढ़ा दिया। कली ने भी धीमे से अपनी हथेली आगे कर दी….

विराट से पहली मुलाकात के समय उसे भले ही नहीं मालूम था कि उसका और शौर्य का क्या संबंध हैं, लेकिन अब वो जानती थी।
     उसे विराट को देखकर बहुत खुशी हुई थी। एक तरह से उसके मन की घबराहट थोड़ी कम हो गई थी। क्योंकि विराट ही वह पहला इंसान था जिसने कली के अंदर की कला को पहचाना और अपने अनुभव से सींचा था..

वह विराट से बातें कर ही रही थी कि शौर्य चला आया, वह भी आकर ठीक कली  के सामने बैठ गया..

बांसुरी उठकर किसी कम से भीतर चली गई। विराट का भी कोई फोन आ गया और वह अपने फोन पर लग गया।

कली शौर्य और निशा बड़े से हाल में अकेले रह गए शौर्य ने कली की तरफ देखा….

“कैसी हो कली ?”

अब तक जो सब सोच कर रखा था कली ने, वो सब भरभरा कर गिर गया..।

कितना गुस्सा, कितना अपमान, कितनी अवमानना, कितनी अवहेलना सब कुछ अपने ही मन में अपने लिए सोच सोच कर एक ऊँचा सा पहाड़ खड़ा कर लिया था उसने, जो चारों तरफ से उषर था।
जिसकी ज़मीन बंजर होने लगी थी।
लेकिन आज शौर्य का बस उसका हाल पूछ लेना, उसका नाम पुकार लेना सावन की पहली फुहार सा उस रेत के ऊसर पहाड़ को ढ़हा गया..
यूँ लगा सारी उदासी की रेत उस बारिश में बह कर कली से दूर बहुत दूर चली गयी.. ।

बाहर भी बारिश होने लगी थी, मिट्टी से एक खुशबु उठ रही थी जो खुली खिडकियों से अंदर आकर कली के मन को भी महकाये जा रही थी..

उसने ऐसे अपनेपन से नाम लिया कि कली की आवाज़ गले में आकर रुंध गयी..
उससे एकाएक कुछ कहा ही नहीं गया..

“कैसी हो निशा ?”

शौर्य का सवाल कली से निशा पर छिटक गया..
निशा मुस्कुरा उठी..

“ठीक हैं… आप कैसे हैं ?”..

शौर्य अक्सर निशा के मैं को हम बोलने पर उसे चिढ़ाया करता था, लेकिन आज उसने जैसे उसकी इस बात पर ध्यान ही नहीं दिया..

“मैं भी बढ़िया हूँ !”

“अब तो खुश होंगे ? आपके मॉम डैड आ गए ? क्या आप उनके साथ वापस जाने वाले हैं ?”

निशा पूछ बैठी और शौर्य ने हामी भर दी..

“हम्म अब तो जाना ही पड़ेगा.. हर्ष भाई की शादी होने वाली है !”

“अरे हाँ.. हर्ष की शादी है न… कली तुम भी चलो न हमारे साथ, अपनी दोस्त को भी ले चलो !”

विराट कॉल कर के वापस आ गया था.. उसने कली को साथ चलने को कहा और कली एकदम से कुछ कह नहीं पायी..
.

“नहीं मेरा तो जाना नहीं हो पायेगा.. डैडा अब कभी मुझे इण्डिया जाने नहीं देंगे !”

शौर्य चुपचाप कली की तरफ देख रहा था..

“एक बार हमारी और हमारे साहब की बात तो करवा दो अपने डैडा से..
उनसे बात कर के इजाजत दिलवा देंगे !”

मुस्कुरा कर बांसुरी एक तरफ बैठ गयी.. वो अपने साथ सहायक को लेकर आयी थी.. जिसने अपने साथ लाया सारा खाने पीने का सामान सलीके से उन लोगो के सामने सजा दिया..

“बताओ कली, अपने डैड का नंबर बताओ.. !”

“नहीं रहने दीजिये न.. मैं खुद एक बार पूछ कर देखूंगी… !”

“कब पूछोगी.. ? कल रात ही हम लोग यहाँ से निकलने वाले हैं.।
. निशा तुम भी चलो हम लोगो के साथ !”

“जी हम ? हाँ हमें तो पापा इजाजत दे देंगे, आखिर एक रॉयल फैमिली के साथ जाना होगा हमें.. हम वहाँ बरेली भी घूम आएंगे !

कली ने घूर कर उसे देखा.. एक नंबर की झल्ली है, किसी ने कुछ कहा, तुरंत सब भूल कर मान जाती है..।
उसे भी फंसा दिया, अब रानी साहेब क्या सोचेंगी.. कि वो एक राजपरिवार के निमंत्रण को ऐसे बार बार ठुकरा रही है..
लेकिन वो भी क्या करे, वो अच्छे से अपने डैडा का गुस्सा जानती है.. वो कभी नहीं मानेंगे.. ।

“इतना क्या सोच रही कली.. अगर इतना कठिन है तो रहने दो ! इतना परेशान होने की ज़रूरत नहीं है “

बांसुरी का ऐसा कहना कली के दिल को दुखा गया..

‘नहीं ऐसी बात नहीं.. रुकिए मैं डैडा से बात करती हूँ और उन्हें भी यहाँ बुला लेती हूँ.. !”

“नहीं.. उन्हें रहने दो.. हम सब तुम्हारे साथ, तुम्हारे डैड  से मिलने चलते हैं..
चलो.. !”

कली की परेशानी भांप कर बांसुरी उसके साथ चलने को तैयार हो गयी और वो सब लोग एक साथ कली  के घर की तरफ निकल गए..
.
क्रमशः

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Archana Singh
Archana Singh
1 month ago

Very nice part 👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻

Shanu singla
Shanu singla
7 months ago

💫💫💫💫💫💫💫💫💫💫💫💫

Manu Verma
Manu Verma
8 months ago

लाजवाब भाग 👌🏻👌🏻हर बार लगता है कि यही शौर्य है और हर बार शक का बिंदु फिर उबर आता मन में☹️, ये बस आपकी कलाकारी है डॉक्टर साहिबा जो हम कितना भी दिमाग़ लगा ले फिर भी वहाँ तक नहीं पहुंच पाते,थक गई मै तो सोच सोचकर 😊।
बस अब उसी पल का इंतजार है जब बांसुरी राजा और वासुकी का आमना सामना होगा 😊।
लाजवाब भाग 👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻🙏🏻।

Kanchan Choudhary
Kanchan Choudhary
8 months ago

Ab Bansuri kali ke Daida se mil pati hai ki nahi ye dekhna interesting rahega

Kalpana
Kalpana
8 months ago

Nice part

Radhika Porwal
Radhika Porwal
8 months ago

Wow superb episode

Jyoti
Jyoti
8 months ago

Very interesting part 👌

Aruna
Aruna
8 months ago

👌👌👌👌👌👌👏👏👏👏👏

Sadhna Gupta
Sadhna Gupta
8 months ago

Aaj maine bina roktok ke part read kiya.last time bahut problem ho rahi thi.thanks di.shaurya ke sath kya hua hoga, wait for next part. Nice part di

Seema Srivastava
Seema Srivastava
8 months ago

Very beautiful