
जीवनसाथी -3 भाग -144
बांसुरी और राजा को सामने देख शौर्य एकदम से कुछ और सोच ही नहीं पाया.. बांसुरी उसे अपने साथ ले जाना चाहती थी !
और शौर्य उसकी इच्छा की अवमानना नहीं कर पाया, उसने चुपचाप सर झुका कर बांसुरी का कहना मान लिया !
विक्रम के आश्चर्य का ठिकाना नहीं था, क्योंकि शौर्य के उत्साह को देखकर लग रहा था जैसे शौर्य खुद भी राजमहल जाने को तैयार है।
विक्रम पैकिंग में लग गया।
बांसुरी और राजा अपने कमरे में आराम कर रहे थे।
शौर्य जैसे ही अपने कमरे में आया विक्रम तन कर उसके सामने खड़ा हो गया।
” यह क्या कर रहे हो तुम? बात क्या है, इंडिया जाना चाहते हो?”
” हां तुम्हें क्या दिक्कत है?”
” यह सब एक्टिंग करते-करते कहीं तुम सच में खुद को राजकुमार तो नहीं समझने लगे हो?”
” फिलहाल राजकुमार ही हूं। तमीज से बात करो। और तुम मेरे बॉडीगार्ड हो, इस बात को भूलना मत।”
” मैं इस बात को नहीं भूला, लेकिन तुम भी इस बात को भूलना मत कि तुम असली प्रिंस नहीं हो।”
शौर्य गहरी आंखों से विक्रम को देखने लगा।
” अब असली प्रिंस मैं ही हूं, क्योंकि असली प्रिंस कहां गया यह तो कोई नहीं जानता?”
विक्रम ने शौर्य की तरफ देखा और अनमने भाव से दूसरी तरफ देखने लगा।
” तुम्हें क्या लग रहा है, तुमने भदौरिया को जेल में डलवा दिया तो वह चुप बैठ जाएगा? भदौरिया एक बार में सुधरने वालों में से नहीं है..।”
“अच्छा तुम बहुत कुछ जानते हो उसके बारे में?”
” हां जानता हूं, क्योंकि…”
” हां हां बताओ।”
” क्या…? कुछ नहीं छोड़ो जाने दो, तुम नहीं समझोगे! तुम पैसों के पीछे अंधे हो, और इसलिए तुमने भदौरिया का काम करना स्वीकार कर लिया।
लेकिन …”
“लेकिन क्या? जो काम मैंने किया, वही तो तुमने भी किया है। आखिर तुम भी तो भदौरिया के पैसों के सामने बिक गए, और अपने राजकुमार को धोखा देकर तुमने भदौरिया का साथ दिया है।”
विक्रम कुछ देर तक चुप खड़ा रहा और उसके बाद वह वापस शौर्य का सामान पैक करने में लग गया..।
शौर्य उसके सामने जाकर खड़ा हो गया।
” विक्रम! तुमसे कुछ पूछना चाहता हूं। जवाब दोगे?”
“पूछो।”
” जब पहली बार तुम्हें देखा था, तभी मुझे लगा कि तुम भदौरिया की टीम के नहीं हो। सच सच बताओ तुमने उसका साथ देना क्यों चुना?”
” क्या सच और क्या झूठ? फिलहाल तुम और मैं दोनों उसी के लिए काम कर रहे हैं, और यही सच है।
और हमें इस बात का ध्यान रखना है।
लेकिन प्रिंस, मैं तुमसे जानना चाहता हूं कि भदौरिया के जेल जाने के बारे में तुम्हें पता था ना? बल्कि उस समय तुमने जिस ढंग से वहां पर मौजूद उस बच्ची को एंटीडोट का इंजेक्शन लगाकर बचाया, मुझे तो तुम पर पूरा शक हो रहा है कि पुलिस को भी तुमने ही वहां पहुंचाया था..।”
“मुझ पर शक करने से कोई फायदा नहीं है विक्रम, मैं सब कुछ पैसों के लिए करता हूं। यह तुम अच्छे से जानते ।
हो तुम्हें पहले भी कह चुका हूं कि अस्पताल में काम करता हूं, इसलिए इन केमिकल प्रोडक्ट्स के एंटीडोट के बारे में मुझे मालूम था, और मैंने बस यूं ही कुछ इंजेक्शंस अपने साथ रख लिए थे।
एक्चुअली तुम्हें नहीं पता होगा लेकिन मुझे वेदर चेंज होने से बहुत जल्दी एलर्जी होती है, और इसलिए मैं अपनी सेफ्टी के लिए भी ऐसी कुछ मेडिसिन साथ रखता हूं।
बस यह समझ लो कि उस समय वही मेडिसिंस काम आ गई ।”
विक्रम शौर्य को देखता रहा।
फिर उसने कंधे पकड़कर शौर्य को अपने सामने बैठा दिया।
” तुमसे कुछ कहना चाहता हूं, ध्यान से मेरी बात सुनना। भदौरिया को तुमने जितना सीधा और सिंपल सोचा है, वह उतना सीधा है नहीं।
अब वह भले ही जेल में है लेकिन जल्दी ही वह जेल से बाहर निकल आएगा, और तुमसे एक सच कहूं?”
” हां कहो! मैं तो कब से पूछ रहा हूं।”
” तुम्हें यह लगता है ना कि असली राजकुमार को बदलकर तुम्हें भदौरिया ने इसलिए प्लांट किया था कि तुम उसके कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स को सपोर्ट कर सको, और उसकी कंपनी का नाम हो सके।”
” हां, मेरे ख्याल से तो यही कारण था।”
” अगर तुम्हें यह लगता है, तो तुम बहुत बड़े बेवकूफ हो। इसके पीछे भदौरिया की गहरी चाल है। असल में वह प्रिंस से नहीं, प्रिंस के पिता से बदला लेना चाहता है।”
“मतलब राजा अजातशत्रु सिंह से?”
” हां!”
“लेकिन क्यों?”
” इस क्यों का जवाब तो भदौरिया के पास ही होगा, लेकिन उसकी राजा साहब से पुरानी दुश्मनी है। बहुत पुरानी..।”
“कितनी पुरानी, मैं जानना चाहता हूं सब….।”
विक्रम सोच में डूब गया..
“ठीक है तुम्हे सारी कहानी सुनाता हूँ…।
ये भदौरिया आज जो दिख रहा है, असल में ये नहीं है..। इसका आज जो बिजनेस दिख रहा वो सब दिखावा मात्र है..।
सिर्फ एक छलावा..
इसका काम बहुत भयानक है, ये लोगो के जीवन से खेल कर पैसे बनाता रहा है..
उसका असली काम तो लोगो के दर्द से पैसा कमाना था.. और वही इसका असली काम अब भी है.. !”
शौर्य ध्यान से सुन रहा था.. तभी उसके कमरे में दस्तक सी हुई, और बांसुरी अंदर चली आयी..
“शौर्य हम थोड़ा बाहर जा रहे हैं.. तुम भी हमारे साथ आओगे क्या ?”
“नहीं मॉम.. आप लोग जाइये, मैं तैयारी कर रहा हूँ !”
बांसुरी मुस्कुरा कर बाहर निकल गयी.. वो राजा साहब के साथ बाहर घूमने निकल गयी !
“कहाँ चलना चाहेंगी हुकुम आप ?”
“जहाँ आप ले चले !”बांसुरी ने राजा की बाहें थाम ली, ड्राइवर गाड़ी चला रहा था और राजा की बाँहों को थामे किसी सोच में डूबी सी बांसुरी बाहर की बड़ी बड़ी मीनारे देख रही थी..
“केंसिंग्टन गार्डन ले चलो… वहाँ की झील यहाँ की सबसे बड़ी झील है.. ! और हमारी हुकुम को झीले बहुत पसंद हैं ! क्यों है न ?”
उसने बांसुरी की आँखों में झांक कर पूछा और बांसुरी ने हल्के से गर्दन हिला दी!
****
अपने कमरे में बैठी बैठी कली ऊबने लगी थी, अब उसे न अपने दोस्तों से मिलने में मज़ा आता था, न कहीं बाहर घूमने में !
आजकल वो बस दिन दिन भर किसी किताब को पकडे बैठे बैठे ही सारा समय गुजार देती थी..
शौर्य से दूरी ने उसके कोमल मन को बींध दिया था..
वो अभी भी खिड़की पर बैठी ख़ाली ख़ाली आँखों से बाहर देख रही थी कि उसकी दोनों सहेलियां चली आयी…
आते ही दोनों उसके गले से लिपट कर उसे साथ चलने की ज़िद करने लगी…
सरु भी उन दोनों की हाँ में हाँ मिलाते हुए कली को बाहर जाने के लिए मनाने लगी..
और आखिर उन सबकी बात मान कर कली उनके साथ बाहर जाने को तैयार हो गयी..
“लेकिन ये तो बताओ कि हम सब जायेंगे कहाँ ?”
“केंसिंग्टन चलते हैं, वहाँ पार्क के पास एक बड़ी सी झील है.. मुझे वहाँ बैठना अच्छा लगता है !”
कली ने प्रस्ताव रखा और सबने एक सुर में हामी भर दी..
कली ने ड्राइवर को बुलवाया और वो तीनो भी केंसिंग्टन की तरफ निकल गयी…
क्रमशः

Very nice part 👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻
Kahan hai shaurya 😥😥
Wow superb episode
👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻
Nice part 👌
लेकिन क्या सच में शौर्य का सबसे खास और विश्वसनीय व्यक्ति विक्रम भदोरिया से सच में मिल गया है यकीन नहीं होता
Yahan par koi bhi part kholo ad bahut aate hain
Story k upar hi chha jate hain
Saara maja kirkira kar dete hain ma’am
Kya kiya jaye
सबसे पहली बात अगर बिक्रम को समर, धनुष या प्रेण ने हायर किया है तो वो बेईमान नहीं हो सकता, हो सकता है बिक्रम..शौर्य की सुरक्षा के लिए कोई खेल, खेल रहा हो🤷🏻♀️बहुत गड़बड़ है भई 🤷🏻♀️🤷🏻♀️।
मतलब आज फिर कली और बांसुरी का सामना होगा 😊देखते है आगे क्या होता है 😊लाजवाब भाग 👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻🙏🏻
Kali or Basuri kya aapus me milangi,mil kar kya pahchan payangi,waiting for the next part eagerly, Asli Shourya kaha hai tub,jub ye nakli hai .kub clear hoga.
Shaurya ka jhol abhi samajh se pare hai .kabhi lagta hai ye real vala shaurya hai jabhi uska humshakkal lagta hai. Kismat kali aur basuri ko milvane le jaa rahi hai
Kali aur Bansuri kya ek dusre ko pahchan payengi 🤔