
अतिथि -55
पिछले कुछ समय से माधव को कुछ अजीब समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था..!
बचपन में वो एक बार हवाई झूले से नीचे गिरा था, और तब उसके सर पर गहरी चोट आयी थी, लेकिन कुछ समय के इलाज के बाद वो ठीक हो गया था!!
लेकिन उसके बाद से ही उसे नींद में कुछ दिक़्क़त आती थी..
कभी कभी वो पूरी रात जाग कर काट दिया करता था, कभी वो लगातार दो दिन सोता रहता था।
इसके अलावा उसे सर दर्द की समस्या भी बनी रहती थी..।
अभी कुछ दिन पहले से उसे सर में दर्द इतना तेज़ होने लगता था कि उस दर्द से वो बेहोश तक हो चुका था..।
एक दो बार ऐसा उसके दोस्त अमित के सामने भी हुआ, और अमित उसे जबरदस्ती कर अपने साथ हॉस्पिटल ले गया था..। लगभग हफ्ते भर पहले की बात थी, तब डॉक्टर ने कुछ जरुरी जाँच पड़ताल लिख दी थी..
बिना सारी जाँच के डॉक्टर भी कुछ कह पाने में असमर्थ था…
लेकिन डिंकी की उलझनों को दूर करने में लगे माधव का ध्यान इस बात पर गया ही नहीं कि डिंकी या अपने घर वालों को कुछ बता दे।
अस्पताल में उन जरुरी जाँच के बाद माधव डॉक्टर के सामने बैठा था..।
उसे डॉक्टर की कही बात पर यक़ीन नहीं था..।
“मैं सच कह रहा हूँ माधव, तुम्हारे ब्रेन के कोर्टेक्स में कुछ अलग से नोड्स बन रहे हैं.. सामान्य भाषा में कहूं तो ट्यूमर कह सकता हूँ !”
“नहीं सर, ऐसा कैसे हो सकता है.. मुझे ब्रेन ट्यूमर नहीं हो सकत सर।
मैंने कभी कुछ गलत नहीं किया, फिर मेरे साथ ऐसा कैसे हो सकता है? हाँ कभी कभी स्मोक कर लेता हूँ, लेकिन उसकी भी ऐसी तो कोई लत नहीं, आप कहेंगे तो छोड़ भी दूंगा !
और सर, मेरी फैमिली की हिस्ट्री में भी ऐसा कुछ नहीं है ..!”
“आई नो माधव, यू आर वेरी यंग, और इतनी कम एज में इतनी बड़ी बीमारी, तुम्हारे लिए बहुत चौंकाने वाली होगी! लेकिन सच कहूं तो तुम्हारे एम आर आई को देखने के बाद मुझे खुद विश्वास नहीं हो रहा!
क्योंकि इन्हें पूरी तरह से ट्यूमर भी नहीं कहा जा सकता! एक्चुअली, ऐसा कुछ, मैं भी अपने इतने सालों की प्रैक्टिस में पहली बार देख रहा हूं। यह नोड्यूल्स तुम्हारे ब्रेन के उस हिस्से में हुए हैं, जो तुम्हारी मेमोरी, तुम्हारी सोचने समझने की क्षमता, तुम्हारी बोलने की क्षमता, आदि को सप्रेस कर सकता है। लेकिन तुम पर अब तक ऐसा कोई लक्षण दिखाई नहीं दे रहा, इसलिए मैं तो यही कहूंगा कि तुम एक बार किसी बड़े इंस्टिट्यूट में जाकर वापस जांच करवा लो..।”
“सर क्या यह पॉसिबल है कि वहां की जांच में यह गलत साबित हो जाए..?”
“नहीं तुम्हारे ब्रेन में जो दिखाई दे रहा है, वह तो मौजूद है ही। हमारे यहां की रिपोर्ट गलत नहीं है। मैं बस यह कहना चाह रहा हूं कि एक बार यह कंफर्म हो जाए कि यह ट्यूमर ही है या कुछ और..।
क्योंकि कंफर्म होने के बाद इसका इलाज शुरू हो पाएगा और मेरे ख्याल से इलाज जरा लंबा चलेगा, यह भी नहीं कह सकता कि इलाज पूरी तरह से सफल होगा या नहीं..।”
“मतलब आप कहना चाहते हैं कि इलाज संभव नहीं है, तो क्या लाइफ थ्रेटनिंग है..?”
“तुमसे कुछ छुपाऊंगा नहीं माधव, लेकिन यह सच है कि ब्रेन में इस तरह का कुछ भी नजर आना जीवन के लिए खतरे की बात ही होती है। मैं तो तुमसे यही कहूंगा कि अपनी बची हुई जिंदगी को बहुत अच्छे से गुजारो, खुश रहो, मस्त रहो, कभी-कभी चमत्कार भी होते हैं।”
डॉक्टर की बात सुनकर माधव सदमे में आ गया, उसे विश्वास नहीं हो रहा था कि उसके साथ ऐसा कुछ हो सकता है। वह वहां से खड़ा हुआ, लेकिन इस वक्त उसके मन की हालत ऐसी थी कि उसके पांव लड़खड़ा गये।
वह गिरने को था कि साथ खड़े अमित ने उसे संभाल लिया। वह दोनों डॉक्टर के केबिन से बाहर आ गये।
बाहर आकर अमित ने सहारा देकर उसे कुर्सी पर बैठना चाहा, लेकिन माधव का अस्पताल में रुकने का बिल्कुल मन नहीं था।
वह सीधे बाहर निकल गया।
दोनों गाड़ी में बैठे ही थे कि माधव का फोन बजने लगा। फोन डिंकी का था। माधव ने फोन की तरफ देखा और फोन अमित की तरफ बढ़ा दिया..।
“कुछ भी बोल देना!”
“लेकिन क्या बोलूं ? वो भी सोच रही होगी की तू फ़ोन क्यों नहीं उठा रहा !”
“कोई भी बहाना कर दे यार ! अभी उससे बात नहीं कर पाउँगा !”
“नहीं माधव, इसके पहले भी डिंकी का फोन आया था, तब मैं उठा चुका हूं, और शायद तुझसे ही बात करना चाहती है, तू फोन उठा ले..।”
“इस वक्त मेरी बात करने की हिम्मत नहीं है,उसे क्या बताऊंगा और फिर वो परेशान भी तो हो जाएगी..।”
अमित ने एक पल के लिए माधव की तरफ देखा। उसकी आंखें कुछ अलग ही सोच कर चमकने लगी।
” माधव तुमसे एक बात पूछूं? तू, उस लड़की के बारे में इतना सोच रहा है, जिससे मुलाकात हुए तुझे छह महीने भी नहीं बीते।
यह भी तो हो सकता है कि तेरी बीमारी के बारे में जानने के बाद वह खुद तुझसे अलग हो जाए।
भाई एक बात कहूं, आजकल की लड़कियों का कोई भरोसा नहीं है…
अगर तूने उसे सच बता दिया, तो हो सकता है वह खुद तुझसे अलग हो जाए..।”
माधव कुछ देर के लिए सोच में पड़ गया..
“मुझे नहीं लगता अमित, तुम्हें जो लग रहा है, वैसी डिंकी नहीं है। उसे इतना तो जान ही चुका हूं, लेकिन दूसरी बात मेरे दिमाग में ये आ रही है कि अगर मुझे सच में इतनी बड़ी बीमारी हुई है, जिसमें मेरी जान भी जा सकती है।
तो मैं क्यों उसका जीवन बर्बाद करूं?
वह अभी बहुत छोटी है। उसके सामने उसकी पूरी जिंदगी पड़ी है। अगर मैंने उससे शादी कर ली, तो कुछ समय में वह…
नहीं मैं ऐसा नहीं कर सकता.. ।”
“तो ठीक है, तुम ऐसा करो कि उसे अपनी बीमारी के बारे में बता दो, अगर वह खुद अलग हो गई तो तुम्हें तकलीफ नहीं होगी..।”
“अगर वह खुद अलग हो गई, तो इससे ज्यादा तकलीफ मुझे इस बीमारी में भी नहीं होगी।
लेकिन फिर भी तुम ठीक कह रहे हो, इस बीमारी के बहाने भी अगर वह अलग हो गई तो उसकी जिंदगी बन जाएगी..।”
“और तेरी ?”
“मेरी तो वैसे भी नहीं बची…।”
“ऐसा मत बोल.. हम किसी दूसरी जगह दिखाएंगे, हो सकता है यहाँ की रिपोर्ट्स गलत हो ।”
“इस बात से सिर्फ दिल को बहलाया जा सकता है, सच्चाई बदली नहीं जा सकती..।”
“मेरी मान, एक बार उससे बात कर ले.. हो सकता है तेरा मन बहल जाये..।”
अमित के ऐसा कहने के बाद हामी भरते हुए माधव ने डिंकी को फ़ोन लगा लिया…
क्रमशः

अरे यह अचानक से क्या हो गया माधव के साथ उसे बेचारे लड़के ने तो कभी किसी का बुरा नहीं चाहा और आज उसी की जान पर बने पर मुझे यकीन है कि भगवान कभी भी किसी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं करते कुछ ना कुछ रास्ता जरूर निकाल देते हैं वह अभी भले ही माता बहुत परेशान है क्योंकि माधव की जगह कोई और भी होता तो वह भी ठीक इसी तरह विचलित हो जाता पर सच्चाई के रास्ते पर चलने वाले लोग और अच्छे दिल के लोगों के साथ भले ही थोड़ी बहुत परेशानियां आ जाए पर हमेशा ही उनके साथ अच्छा होता है भगवान कभी भी अन्याय नहीं करते मुझे नहीं लगता डिकी को माधव की बीमारी के बारे में पता चलने पर वह उससे दूर हो जाएगी हां यह कह सकते हैं कि वह दुखी जरूर हो जाएगी पर वह माधव को छोड़ दे ऐसा नहीं हो सकता डिकी के माता-पिता जरूर उसे इन सब से दूर रहने के लिए कहेंगे पर उसने ऐसा कुछ सोच कर दो माधव से प्रेम नहीं किया था
Ye kya ho gya 😮😮😮😮😮😮😥😥😥😥
ओह्ह, ये क्या हो गया! ये नहीं होना चाहिए था डॉक्टर साहिबा… बेचारा माधव,क्या बीत रही होगी उसके दिल पर अब तो वो डिंकी से शादी के सपने देख रहा था और ये क्या हो गया और डिंकी पर क्या बीतेगी जब उसे ये बात पता चलेगी उफ़ सोचकर ही दुख हो रहा। आप plz सब ठीक कर देना 🙏🏻।
एक बात मन में आ रही तो क्या सुलक्षणा ने माधव के बारे में सुलोचना को बताया था, क्या वो सच था 🤔।
चलो देखते है अगले भाग में क्या होता है, क्या पता कोई चमत्कार ही हो जाए।
डॉक्टर साहिबा………….. कभी कभी आप बहुत दिल दुखा देती हो ☹️😏।
लाजवाब भाग 👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻🙏🏻
Ye kya hya ,Radha Madhav ka prem to Amar hai,lekin Milan nahi hya,kya Dinky Madhav mil payanga,dukh horaha hai.
Aisa nhi ho sakta,lekin Radha ko to madav kabhi mile nhi,oh bhut mood karab ho gaya,abhi to pyar ka ijhar hi nhi hua,ab aage kya hoga?
Nice ji
Very shocking,
सब कुछ अच्छा होते होते ये क्या हो गया।
😱😥☹️
Kya Dr sahiba jhatke pe jhatke de rahe ho ab yeh kya nayi musibat hai, Dinky sach jaanke kya karegi, Madhav ko sach mein aisi koi bimari hai? Waiting Mam 🌹🙏🌹
Ye to kahani alag hi modh par aa gaya Madhav ki bimari jo lailaz hai ab age kya hoga dono ke riste ka
👌👌 waiting for next part