अतिथि -46

अतिथि -46

उसने अपने ड्राइवर को आवाज़ लगाई और वह उनकी लंबी चौड़ी गाड़ी लिए हाजिर हो गया। मंजरी अपनी मां और माधव की मां को साथ लिए वहां से पुलिस स्टेशन की ओर निकल गई ।

उनके पीछे ही दूसरी गाड़ी में उन दोनों के पिता भी पुलिस स्टेशन के लिए निकल गये..।।

वह सारे ही लोग एक साथ पुलिस स्टेशन पहुंचे!

लेकिन तब तक वहां का माहौल बदल चुका था,मंजरी तेजी से माधव को पुकारती हुई अंदर दाखिल हो गई।
    दुल्हन के लिबास में अपनी ऊंची एड़ी की सैंडल ठकठकाती एक सुंदर सी लड़की को अंदर आते देख पूरा पुलिस महकमा आश्चर्य में डूबा था। आज उन सब के लिए भी मनोरंजन का एक नया साधन जुट गया था।

        एक भोली मासूम सी लड़की थाने में क्या बैठी लोगों का मजमा सा लग गया था। वह पुलिस अधिकारी जिनके सामने बैठा माधव उनसे बातें कर रहा था मंजरी की आवाज सुनकर अपनी सीट पर खड़ा हो गया। मंजरी धड़धड़ाती हुई उस अधिकारी के कमरे में दाखिल हो गई।

” माफी चाहती हूं सर! इस तरह से अंदर आने के लिए मैं दिल से माफी चाहती हूं। लेकिन मुझे इनसे कुछ बात करनी है।”

मंजरी ने माधव की तरफ इशारा किया..।

“आप कौन हैं, क्या मैं जान सकता हूं?”

पुलिस अधिकारी ने मंजरी से सवाल कर दिया।

” जी मेरा नाम मंजरी है, और यह माधव है। मेरी उनसे सगाई होने वाली थी, लेकिन यह सगाई के बीच से ही यहां चले आए। मैं बस वही जानने के लिए आई हूं कि क्या इन्हें इस तरह से मेरा दिल तोड़कर यहां चले आने का अधिकार है?
    ये तो इत्तेफाक की बात है कि ये पुलिस स्टेशन में बैठे हैं, वरना मैं अपने इस हक के लिए लड़ने कहां जाती? किसके पास फरियाद करती?”

माधव मंजरी की भावुकता से भरी झूठी बातें सुनकर मुस्कुरा रहा था।

पुलिस अधिकारी ने मंजरी की तरफ देखा और उसे बैठने का इशारा कर दिया। मंजरी कुर्सी खींचकर माधव के ठीक बगल में बैठ गई। मंजरी की मां और माधव की मां उनके ठीक पीछे आकर खड़ी हो गई।

“यह दोनों कौन है”

इशारे से पुलिस अधिकारी ने उन दोनों की तरफ दिखा कर पूछा।
मंजरी ने ही जवाब दिया।

” यह मेरी मां है, और यह मेरी होने वाली सास याने कि इनकी मां है।”

” अच्छा! हां तो बताइए मंजरी जी, कैसे आना हुआ?”
   पुलिस अधिकारी ने मंजरी की तरफ पानी का गिलास बढ़ाकर पूछा।

पानी के गिलास को एक ही सांस में गटक कर मंजरी ने अपनी तेजी से उधर-पुथल होती सांसों को सबर में बांधने का एक निरर्थक सा प्रयास किया, और माथे पर छलक आई पसीने की बूंदे पोंछती हुई सामने बैठे अधिकारी की तरफ देखकर अपने मन की बात कहने लगी।

” सर हम दोनों की माँ आपस में सहेलियां है, और उन्होंने बचपन में ही हम दोनों की शादी तय कर दी थी। बड़ा होने के बाद जब सही वक्त लगा तो इन दोनों ने हमारी सगाई की तारीख मुकर्रर कर दी। सब कुछ सही चल रहा था, लेकिन इसी बीच माधव को किसी और से मुहब्बत हो गई।
    वहां तक भी ठीक था, मैंने तो कहा कि अगर किसी और से मुहब्बत है, तो मैं तुम्हें छोड़ देती हूं, तुम जाओ और उस लड़की से शादी कर लो। लेकिन घर परिवार की इज्जत नीलाम ना हो जाए, यह सोचकर इसने उस लड़की को समझा दिया और मुझसे शादी करने के लिए तैयार हो गया।

   आज सगाई के दिन तक भी, मैंने इससे कहा कि अगर तुम अपने आप को तैयार नहीं कर पा रहे तो तुम वापस लौट सकते हो। लेकिन यह अपनी बात पर अड़ा रहा।

क्योंकि माधव एक भावुक और सामाजिक सरोकार वाला लड़का है। वह अपने माता-पिता की इज्जत, उनकी शान को बट्टा नहीं लगा सकता। यह बात जब मैं समझ सकती हूं, तो वह लड़की कैसे नहीं समझेगी जिससे माधव प्यार करता था।
उस लड़की ने माधव को अपने जाल में फंसाने के लिए अपने आप को एक झूठे आरोप में फंसा लिया, और थाने आकर बैठ गई।”

पुलिस अधिकारी के माथे पर बल पड़ गए। उसे समझ में नहीं आ रहा था कि मंजरी कहना क्या चाहती है?

” तुम कहना क्या चाहती हो, और यह सब कहानी मुझे सुनाने का क्या मतलब है?”

” सर वह लड़की डिंकी जिसे आप पुलिस स्टेशन लेकर आए हैं, उसी ने जालसाजी से अपने आप को पकड़वाया है। जिससे वह माधव को इमोशनली ब्लैकमेल कर सके, और माधव मुझसे होने वाली सगाई छोड़कर, सारे रिश्ते तोड़कर यहां चला आए।   बस आपसे यही रिक्वेस्ट करना चाहती हूं सर कि इस सब में मेरी क्या गलती है। मैं बेगुनाह हूं, और मुझ बेकसूर को बिना किसी कसूर की यह सजा दी जा रही है।
    इतने ढेर सारे मेहमान वहां बैठे हैं, और उन सबके बीच से मैं निकल कर आई हूं आपके पास इंसाफ की आस लिए।

मेरे साथ इंसाफ कीजिए सर। और माधव को समझा बुझाकर मेरे साथ सगाई के लिए भेज दीजिए।”

माधव के ठीक पीछे खड़ी माधव की मां के चेहरे पर हल्की सी मुस्कान चली आई।
  
    उसने बिल्कुल अपनी टक्कर की बहु ढूंढी थी अपने लिए।
    लेकिन लड़का उसका नीरा मूर्ख था। इसके उलट विमला के कच्चे से दिमाग में मंजरी की इतनी बड़ी-बड़ी झोल वाली बातें आ ही नहीं रही थी। उसे समझ में नहीं आ रहा था कि मंजरी कहना क्या चाहती है?

” मंझी बेटा, तू कहना क्या चाहती है?” उन्होंने उसके कंधे पर हाथ रखकर कहा।
मंजरी ने उनके हाथ पर अपनी हथेली रखकर धीरे से थपथपा दिया।

” देख लीजिए सर मेरी मां भी कितनी मासूम है। इन्हें तो समझ ही नहीं आ रहा कि उनकी सगी बहन की बेटी, उनकी खुद की बेटी को कितना बड़ा धोखा दे रही है। आप जानना चाहते हैं डिंकी कितनी बड़ी धोखेबाज है?”

मंजरी ने अपने कंधे पर लटक रहे पर्स को खोला और उसमें से वह खत निकाल लिया जो डिंकी ने माधव के लिए लिखा था।

मंजरी ने भरी भरी आँखों से पुलिस वाले की तरफ वो खत बढ़ा दिया..
अब तक शांत बैठा माधव आश्चर्य से मंजरी की तरफ देखने लगा..
उसे इस खत के बारे में कुछ भी नहीं मालूम था !
आखिर ये ख़त डिंकी ने कब लिखा, जब उसे नहीं मिला तो मंजरी के हाथ कैसे लग गया ?
वो ये सब सोच ही रहा था कि मंजरी उसके एकदम करीब खिसक आयी..

“अब देखते हैं माधव बाबू, आप कैसे सगाई नहीं करेंगे !”

मंजरी के होंठो पर शातिर सी मुस्कान दौड़ गयी, और माधव उस ख़त को जानने के लिए उत्सुक हो गया !

क्रमशः


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उमिता कुशवाहा
उमिता कुशवाहा
1 year ago

यह तो सोचा ही नहीं था कि मंजरी इस खत को इस तरह से सबके सामने लाकर इस्तेमाल करने के बारे में सोचेगी।
बहुत ही चालू निकली मंजरी तो और माधव को भी इस घर के बारे में कुछ पता नहीं था जो इसका मतलब क्या अब डिंकी फंस चुकी है मंजरी के बिछाए जाल में।
अबमाधव क्या करेगा क्या वह डिकी के खत पर भरोसा करेगा या डिनकी की मासूमियत पर भरोसा करेगा।

Nisha
Nisha
1 year ago

Manjari kahin apne hi jaal me na fansh jaye.ye chitthi hi use le dube.

Manu Verma
Manu Verma
1 year ago

मंजरी तो हमारी सोच से भी ज्यादा ड्रामेबाज निकली 🙄अब क्या होगा…🤔मुझे ऐसा लग रहा माधव ने रिकॉर्डिंग की है अब मंजरी फंसेगी फिर भी जानने की बड़ी उत्सुकता के साथ मै चली अगला भाग पढ़ने 😊पर ये भाग भी बहुत अच्छा था 😊👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻🙏🏻🙏🏻।

Last edited 1 year ago by Manu Verma
Jagriti
Jagriti
1 year ago

इस शातिर लड़की ने आखिर में जाल बुन ही दिया माधव के लिए। लेकिन dinki बेकसूर सजा पाएगी

Shabnam parveen
Shabnam parveen
1 year ago

Zabardast part

Hetal shah
Hetal shah
1 year ago

🤗👍 exiting for next part.yaar ye Manjari khud ko bahut chalak samakh rahi hai.Madhav kab se yaha baitha hai.usane police ko kuchh nahi bataya hoga.Dinki kaha hai….????

Meenakshi Sharma
Meenakshi Sharma
1 year ago

ऐसे जबरजस्ती सगाई ओर शादी करके मंजरी क्या माधव को प लेगी। क्या शादी जरूरी है दोनों के बीच प्यार या विश्वास जरूरी नहीं।
मंजरी जैसी घाघ लड़की से शादी करके वैसे भी जीवन मार्क ही होने वाला है माधव का लेकिन इन सब में बेचारी डिंकी फंस गई बिना कसूर के।
शानदार पार्ट 👌❤️👌

Preeti pandey
Preeti pandey
1 year ago

Abhi Madhav ko dinki ki feeling nahi pata hai tab to itna kar raha letter padh lega to Manjari ko achcha sabak sikhayega

Preeti pandey
Preeti pandey
1 year ago

Eagerly waiting for next post,plz jaldi bhej do

Shakun Jain
Shakun Jain
1 year ago

Jeevan sathi ke part nahin aa rahe hain