अतिथि-43

अतिथि -43

   माधव तेज़ी से डिंकी की तरफ पहुँच गया.. उसने सामने खड़ी लेडी कॉन्स्टेबल को देख कर उसका वहाँ आने का कारण पूछ लिया..

“आप लोग यहाँ कैसे ?”

“हम लोग बिना इन्विटेशन ही पहुँचते हैं.. यहाँ अनुराधा तिवारी कौन है ?”

उसने डिंकी की तरफ देखते हुए ही पूछा..

डिंकी ने धीरे से डरते हुए हामी भर दी..

“चलिए आप हमारे साथ चलिए !”

डिंकी डर से जम गयी, और माधव खुद पर काबू करते हुए पूछ बैठा

“लेकिन क्यों ? क्या आपके पास वारंट है ?”

उस पुलिसवाली ने घूर कर माधव को देखा..

“फिल्मे देख देख कर आजकल के लड़के लड़कियाँ कुछ ज़्यादा ही लीगल ज्ञान बघारने लगे है.. तोमर लड़की को साथ लेकर चलो !”

“नहीं मैडम, मेरा मतलब था कोई कागज़ तो होगा किस आधार पर आप डिंकी को लेकर जा रहे !”

“अभी सिर्फ पूछताछ के लिए लेकर जा रहे हैं.. वहीँ साथ चलो और देख लेना !”

इतनी देर में बाकी लोग भी डिंकी के आसपास पहुँच गए थे.. डिंकी की माँ के चेहरे पर घबराहट झलकने लगी थी ,आँखों से आंसू बहने लगे !

पुलिसवाली ने डिंकी का हाथ पकड़ कर खींचा और माधव ने डिंकी का हाथ थाम लिया..

“आपको खींचने की ज़रूरत नहीं है मैडम.. हम लोग आपके साथ ही चल रहे हैं !”

पुलिसवाली ने एक नजर माधव को घूर कर देखा और डिंकी का हाथ छोड़ कर आगे बढ़ गयी..
डिंकी और माधव के पीछे बाकी लोग भी बढ़ने लगे, और तभी माधव की माँ सामने चली आयी..

“माधव तुम कहाँ जा रहे हो.. तुम्हारी सगाई है !”

“माँ…. आप सुलोचना आंटी का ध्यान रखना !”

माधव ने अपनी बात कही और तेज़ी से आगे बढ़ गया..
पुलिस वाली ने भीड़ नहीं करने का सख्ती से आदेश दिया और अपनी गाडी में डिंकी और माधव को साथ लेकर निकल गए..
माधव की माँ और मंजरी की माँ सुलोचना को समझाते बैठे थे! वहीँ विनोद के साथ केदार भी पुलिस थाने के लिए निकल गए..
इतनी सब भागदौड़ के बीच मंजरी वहाँ आयी और ये सब देख अपना सर पकड़ कर बैठ गयी..

“अब मेरी सगाई का क्या होगा ?”

उसे वहाँ मौजूद सभी पर गुस्सा आ रहा था, लेकिन इस वक्त उसे सबसे ज़्यादा गुस्सा भूषण पर आ रहा था !
भूषण को भी आज ही का दिन मिला, डिंकी को फंसाने के लिए!
कम से कम उसकी सगाई तो हो जाने देता..
गुस्से में उसने वहीँ रखा फूलों का गुलदस्ता तोड़ तोड़ कर बिखेरना शुरू कर दिया..
तब भी गुस्सा शांत नहीं हुआ तो उसने भूषण को कॉल लगा दिया !

****

पुलिस स्टेशन में डिंकी और माधव पुलिस अधिकारी के सामने बैठे थे !
वो पुलिस अधिकारी घूर कर डिंकी को देख रहा था उसने अपनी कड़कती आवाज़ में सवाल कर दिया..

“क्यों किया ये सब ?”

“क्या किया सर ?” डरती हुई आवाज़ में डिंकी ने पूछा

“देखो ज़्यादा बनो मत.. तुमने जो किया है वो सायबर अपराध की श्रेणी में आता है.. तुम्हे कम से कम तीन साल की जेल हो सकती है और मोटा जुर्माना भरना पड़ सकता है !’

“लेकिन आप बताइये तो सही कि किया क्या है इसने ?”

पुलिस अधिकारी को यूँ टोका जाना पसंद नहीं आया, उसने घूर कर माधव की तरफ देखा….

“तू कौन ?”

“मैं माधव हूँ.. पेशे से इंजीनियर हूँ.. और !”

“बस बस तेरे लिए लड़की नहीं ढूँढना हम लोगो को.. तू मुहं बंद रख अपना !”

“सर मैं चुप ही हूँ, बस ये जानना चाहता हूँ कि आप लोगो ने डिंकी को यहाँ क्यों बैठाया है ?”

“हमे भी कोई शौक नहीं है कि किसी को बिना वजह बैठा के रखें!”

“वो मासूम है सर, उसे ये सब कुछ नहीं पता !”

“आपकी इन मासूम मैडम ने बहुत लम्बी चौड़ी धोखाधड़ी की है बाबू ! इनके चेहरे पे मत जाइये !”

इतना कह कर वो पुलिस वाला डिंकी की तरफ घूम गया..

“क्यों मैडम, सही कह रहा हूँ न मैं ?”

“सर मुझे आपकी कोई बात समझ नहीं आ रही है !”

पुलिस वाला हल्के से मुस्कुरा उठा..
और अपने सामने रखे लैपटॉप की स्क्रीन उसने डिंकी और माधव की तरफ घुमा दी..

“ये आपका ही मेल आईडी है ?”

डिंकी ने ध्यान से देखा और हाँ में सर हिला दिया…

“आप श्योर है ?”

“जी सर !”

“आपने अपने इसी आईडी से रूबी मैडम के बुटीक के प्रीमियम एक्सक्लूसिव डिज़ाइन्स चुरा कर उन्हें दूसरे ब्रांड्स को बेचा है और पैसे वसूल किये हैं !”

“नहीं सर.. ये झूठ है !”

“अभी अभी आपने स्वीकार किया है कि ये आपका ही आईडी है और अब आप ये बात मानने को तैयार नहीं हैं कि आपने खरीदफरोख्त की है.. और आपकी ये बिक्री लगभग साढ़े तीन करोड़ की है !”

डिंकी की आंखे फ़टी की फटी रह गयी..

“नहीं सर.. मुझे नहीं पता ये सब कैसे हुआ, लेकिन मैंने ये सब नहीं किया !”

“पर हुआ आपके ही अकाउंट से है ! आपके सारे अकाउंट्स हमे सीज करने पड़ेंगे !”

“लेकिन सर मेरे पास ये रूपये हैं ही नहीं.. मुझे लगता है कि किसी ने मेरे अकाउंट को हैक किया है !”

“आपका अकॉउंट हैक नहीं हुआ है मैडम, क्यूंकि न तो आपका पासवर्ड बदला गया है और न बाकी डिटेल्स.. और हैकर इतने मजबूत तो होते नहीं कि पहली बार में सारी डिटेल्स सही भर ले..
अब आप बहाने बनाना बंद कीजिये और हमारी मदद कीजिये  !”

“लेकिन सर मैं आपकी कोई मदद नहीं कर सकती क्यूंकि मैं इस बारे में कुछ जानती ही नहीं !”

“अगर सीधे तरीके से नहीं बताया तो हमें ज़ुबान खुलवाने के और भी तरीके मालूम है.. !”

पीछे खड़ी महिला पुलिस ने पीछे से डिंकी के सर पर एक टपली लगा दी..
डिंकी ने पीछे पलट कर उन्हें घूर कर देखा..

“आप मार क्यों रही है मुझे ?”

“इसे मारना कह रही है? क्या तू सच में नहीं जानती मार क्या होती है ?”

वो वापस डिंकी के सर पर मारने वाली थी कि माधव ने अपना हाथ बीच में रख दिया..

“इस सब की ज़रूरत नहीं है, आप लोगों ने हमें पूछताछ के लिए बुलाया है वही कीजिये ! बिना ज़रूरत हाथ पैर चलाने की ज़रूरत नहीं है !”

“अब तू सुझाएगा कि हमें क्या करना है ?!”

पीछे खड़ी पुलिस वाली चीख पड़ी..
माधव ने उसकी तरफ से अपना चेहरा सामने बैठे अधिकारी की तरफ घुमा लिया..

“सर क्या एक बार मैं ये मेल्स देख सकता हूँ ?”

“उस पुलिस अधिकारी ने लैपटॉप माधव की तरफ कर दिया..

माधव ने ध्यान से सबकुछ देखा और सोच में पड़ गया..
ये तो वाकई डिंकी के अकॉउंट से भेजे मेल्स ही थे.. लेकिन ऐसा कैसे सम्भव है ? ये तो हैकिंग के बाद ही संभव है ?
लेकिन ऐसा कर के फायदा किसे होना है ?.
सोचते सोचते एक नाम पर माधव ठहर गया..

भूषण !!

हाँ यही वो नाम है जिसे डिंकी के फंसने से फायदा हो सकता है। वैसे भी उस योगिता और भूषण दोनों की आँखों में उसने डिंकी के लिए जलन देखी ही थी!
लेकिन भूषण खुद हैकिंग का काम तो नहीं कर सकता उसने ज़रूर किसी की मदद ली है इसमें !

माधव ने अपने मोबाइल पर मौजूद किसी एप पर डिंकी के मेल आईडी के साथ कुछ ज़रूरी बिंदु भरे और तुरंत उस पर काम करने लगा, ये हैकिंग को जानने वाला एप था! इसकी सहायता से ये पता लगाया जा सकता था कि मेल्स किस तरीके से भेजे गए है और कुछ ही पलों में माधव को पता चल गया कि डिंकी के एकाउंट से ही ये मेल भेजे गए हैं, लेकिन बिना डिंकी का लैपटॉप इस्तेमाल किये..
उसने जहाँ से ये मेल भेजे गए थे वहाँ का आईपी एड्रेस निकाल कर उसे अपने मेल आईडी पर भेज दिया !

“सर मैं आपको कुछ दिखाना चाहता हूँ लेकिन उसके पहले मुझे एक बहुत ज़रूरी कॉल करना है, क्या मैं एक फ़ोन कर के आ सकता हूँ !”

शांत और सुलझा हुआ माधव उस अधिकारी को गलत नहीं लगा और इसलिए उसने माधव को जाने की  इजाजत दे दी..

माधव ने अपना फ़ोन उठाया और सामने बैठे अधिकारी से इजाजत लेकर बाहर निकल गया! उसने बाहर जाकर रूबी को फ़ोन लगा लिया… इस वक्त रूबी का वहाँ पहुँचना सबसे ज़्यादा ज़रूरी था..।

रूबी अगर ये इल्जाम डिंकी के ऊपर से हटा ले तो पुलिस उसे छोड़ देगी वरना मामला सीधे कोर्ट तक पहुँच जायेगा..।

रूबी माधव को जानती और मानती थी, उसने फ़ोन उठा लिया..
आधे घंटे की बातचीत के बाद आखिर माधव ने रूबी को इस बात के लिए राजी कर ही लिया कि वो फ़िलहाल अपना केस वापस ले ले !

माधव के तर्कों के आगे रूबी हार गयी और रूबी अपनी बहन के साथ पुलिस थाने चली आयी..

क्रमशः

****

.


4.8 18 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest

23 Comments
Newest
Oldest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
उमिता कुशवाहा
उमिता कुशवाहा
11 months ago

जाल तो बहुत अच्छा बना भूषण है और सब उसमें फंस भी गए पर तो यह नहीं जानता कि उसका पाला माधव से पड़ा है और माधव के होते हुए उसकी राधा को कोई हाथ लग जाए यह तो बहुत बड़ी बात हो जाएगी ।
माधवगढ़ तुरंत ही अपना तेज दिमाग दौड़ा थी बहुत कुछ पता कर लिया है और उसे गुस्सा भी बहुत आ रहा है पुलिस वाली के ज्यादा हाथ पैर जो चल रहे थे।😡😡😡😡
मुझे लगता है बहुत जल्द माधव सारी बात की तरह तक पहुंच जाएगा और असली गुनहगार को सामने लाकर खड़ा भी कर देगा उसने अभी हाल फिलहाल रूबी को मना लिया है कि कैसे वापस ले ले ताकि डिकी इस समय अपने घर सही सलामत पहुंच जाए उसके माता-पिता बहुत परेशान हो रहे हैं। 🥺🥺🥺🥺
इस बेहद मजेदार भाग के लिए आपका बहुत-बहुत शुक्रिया डॉक्टर साहिबा🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻💗💗💗💗💗

Last edited 11 months ago by उमिता कुशवाहा
Jagriti
Jagriti
1 year ago

बेहतरीन

Sonu
Sonu
1 year ago

Very nice part

Nisha
Nisha
1 year ago

Abhi toh madhav ne dinki ko bacha liya par asli gunahgar ko samne lana bhi bahut jaruri hai

Manu Verma
Manu Verma
1 year ago

एक सांस में भाग पढ़ती गई मै और, और उफ्फ्फ माधव के होते डिंकी का कोई बाल भी वांका नहीं कर सकता 😊अब अगले भाग को पढ़ने की जल्दी 😊लाजवाब भाग 👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻🙏🏻

Shilpa Naredi
Shilpa Naredi
1 year ago

Part 42 nahi hai aparna ji…

Vandana Bairagi
Vandana Bairagi
1 year ago

Nice part

Preeti Gupta
Preeti Gupta
1 year ago

Shaandaar 💥

Samiksha
Samiksha
1 year ago

What a sweet love story
But still why Madhav ‘s mother is against him is not clear coz Madhav seems to be a smart and intelligent one

Seema Kashyap
Seema Kashyap
1 year ago

I am so excited for next part.