मायानगरी -2 भाग -17

मायानगरी -2 भाग -17

व्हाट? आर यू श्योर?”

“मैडम हम इस दफ्तर का एक हिस्सा है। हमें कोई गलतफहमी नहीं हुई। और चर्चा तो यह भी है कि….
मंत्री जी के बड़े बेटे चरित्र राणा ने अपने पद से रिजाइन कर दिया है, और पार्टी दफ्तर की अंदरूनी हलचल यह बता रही है कि सज्जन राणा की सीट उनके बेटे चरित्र राणा को दी जाने वाली है। चरित्र राणा चुनाव लड़ने खड़ा हो रहा है।”

“व्हाट? आर यू श्योर?”

“मैडम हम इस दफ्तर का एक हिस्सा है। हमें कोई गलतफहमी नहीं हुई। और चर्चा तो यह भी है कि….

“ओके! अच्छी खासी कलेक्टर की जॉब को छोड़कर अगर चरित्र राणा नेतागिरी में उतरने आने वाला है, तो इसके पीछे तुरंत लिया हुआ निर्णय नहीं हो सकता! ऐसा पॉसिबल नहीं है कि सिर्फ अपने फादर की पोस्ट के लिए वह अपनी सजी-धजी पोस्ट से रिजाइन कर दे! अच्छा यह बताइए मिस्टर भुवन क्या यह संभव है कि चरित्र राणा ने खुद अपने पिता को रास्ते से हटाया हो.. ?”

“इस बारे में हम कुछ खास नहीं कह सकते, लेकिन हां इतना जरूर कहेंगे कि पिछली बार भी जब टिकट का बंटवारा होने वाला था, तब चरित्र राणा को उसके पिता खुद पार्टी कार्यालय लेकर आए थे और ताऊ जी से मिलवाया था! और वह चाहते थे कि उनके साथ-साथ उनके बेटे को भी टिकट दी जाए..।
लेकिन एक ही परिवार से दो लोगों को टिकट देने में ताऊ जी ने आपत्ति जताई थी और अनुभव के आधार पर सज्जन राणा को टिकट दी गई थी..
उनके बेटे को एक किनारे कर दिया गया था! बस उसी  साल चुनाव जीत कर सज्जन राणा मंत्रालय में शामिल हुए। उस साल पीसीएस के इम्तिहान में चरित्र राणा सलेक्ट हुआ और कलेक्ट्री में आ गया..।”

“मतलब प्रशासनिक पद में आने के पहले वह चुनाव लड़ना चाहता था.. ओके?”

भुवन ने बात पूरी कर हामी भरी और उठकर लीना के सामने हाथ जोड़कर वापस जाने के लिए मुड़ गया..

“वैसे मिस्टर भुवन…”

“हां जी ।”

“थैंक यू सो मच, आपने यह जो लीड दी है, यह काफी महत्वपूर्ण हो सकती हैं..।
मेरे पास भी कुछ सीसीटीवी फुटेज इकट्ठा हुए हैं, जिनसे मुझे इतना तो समझ में आ गया है कि मंत्री जी की हत्या करवाई गई है..।”

यह सुनकर भुवन आश्चर्य से लीना की तरफ देखने लगा। उसकी आंखों में उठते सवाल देखकर लीना ने उसे बैठने का इशारा किया और अपने सामने रखी फाइल उसकी तरफ घुमा दी…।

” यह देखिए, ध्यान से देखिएगा जिस वक्त सज्जन राणा की गाड़ी फार्म हाउस के गेट से बाहर निकली, उस वक्त कोई ड्राइवर उनकी गाड़ी चला रहा था। आप देख सकते हैं सज्जन राणा बैक सीट पर बैठे हैं।
लेकिन जिस जगह पर एक्सीडेंट हुआ है, उसके ठीक पहले के चौक की सीसीटीवी फुटेज में वह खुद ड्राइव करते हुए नजर आ रहे हैं। इसका मतलब कहीं बीच में उनका ड्राइवर गाड़ी से उतरा है।
    या तो ड्राइवर जानबूझकर उतरकर कहीं गया, या फिर उसे किसी न किसी बहाने से बुलाया गया है। मैंने फार्म हाउस के मुख्य द्वार की सीसीटीवी फुटेज देखनी चाही, लेकिन वहां की फुटेज नहीं मिल रही। क्या आप वहां की फुटेज निकालने में कोई मदद कर सकते हैं..?”

“मैडम दरअसल बात यह है कि फार्म हाउस में कई तरह के काम हुआ करते थे। बहुत बार मंत्री जी लड़कियों के साथ भी तरह-तरह की पार्टियों का आयोजन किया करते थे। इसलिए मुख्य द्वार पर लगे कैमरे को अक्सर ऑफ रखा जाता था। अगर मुख्य द्वार का कैमरा ऑफ होगा तो वहां की फुटेज मिलनी मुश्किल है।”

” तो फिर यह कैसे पता चल सकता है कि मंत्री जी उस दिन किस ड्राइवर के साथ निकले थे?”

” हां यह पता करने में हम आपकी मदद कर सकते हैं। उस कार्यालय में कुछ हमारे भी लड़के हैं, जिनसे यह पता करके हम आपको जल्द ही बता देंगे..।”

“एक बात और पूछियेगा कि उस दिन उनके सिक्योरिटी गार्ड्स उनके साथ क्यों नहीं थे?”

” जी उनके चार मुख्य सिक्योरिटी गार्ड्स में से एक की बेटी की शादी थी, और इसके लिए वह उस दिन अपने गांव गया हुआ था। बाकी तीन के बारे में भी हम पता करते हैं।”

” ठीक है, थैंक यू।”

भुवन वहां से उठकर अपने घर के लिए निकल गया। लेकिन घर जाने के पहले वह अपने पार्टी कार्यालय पहुंच गया।

वहां उसके ताऊजी बैठे कुछ काम निपटा रहे थे। वह ताऊजी के ऑफिस में एक बार झांककर वहां से निकल ही रहा था कि उन्होंने उसे आवाज लगा दी।

” इधर आना भुवन।”

भुवन उनके सामने जाकर बैठ गया।

सज्जन राणा जी तो अब रहे नहीं, उनकी सीट खाली हो चुकी है और उसके लिए मुझे एक उम्मीदवार का नाम देना होगा..!”

भुवन के मन में एक हल्की सी उम्मीद जागी कि शायद इस बार उसका नाम हो सकता है..

” हम सोच रहे हैं भुवन, सज्जन राणा की सीट पर उसके बेटे चरित्र राणा को टिकट दे दिया जाए! सहानुभूति के तौर पर वह काफी वोट बटोर लगा. तुम इस बारे में क्या राय रखते हो?”

भूवन ने गहरी सांस लेकर अपने ताऊजी को देखा और धीरे से अपनी जगह पर खड़ा हो गया!

” आपको जो सही लगे, आप वही निर्णय लीजिए ! हमें  राजनीति के मामले में इतना ज्ञान नहीं है!अब भी हम बहुत कच्चे हैं ताऊजी!”

  वो उठ कर बाहर चला गया और सबरवाल जी उसे जाते देखते रहे!

” तुम कच्चे नहीं हो भुवन और ना ही बच्चे हो,  बस थोड़ा सा धैर्य रखो बेटा..
तुम्हारे आगे एक खुला आसमान फैला है!”

मन ही मन भुवन को आशीर्वाद देकर वो वापस उन फाइलों में झुक गए

    उन्होंने चरित्र राणा को फिलहाल मुलाकात के लिए बुलाया हुआ था!
    भुवन जैसे ही ताऊजी के कमरे से बाहर निकला सामने से आता हुआ चरित्र राणा उसके ठीक सामने आकर ठिठक कर खड़ा हो गया!

” कैसे हो भुवन ?”

” हम ठीक हैं, आप कैसे हैं? ताऊजी आपको याद कर रहे थे !”

“जानते हैं, उन्होंने हमें बुलाया था, बस इसीलिए आए हैं! देखो हम तो इस राजनीति से हमेशा दूर रहना चाहते थे, लेकिन बाबूजी चाहते थे कि हम उनकी तरह राजनीति में आ जाएँ !
    पिछले साल भी बहुत जबरदस्ती में लेकर आए थे हमे!
  हमारा तो रत्ती का मन नहीं था, अब इस साल तो ऐसा है कि उनकी अनुकंपा नियुक्ति वाली सीट हमें ही भरनी होगी! आखिर इतने बड़े नेता की मौत हुई है, उनका बेटा ही तो उनकी जगह लेगा !”

चरित्र ने चेहरा झुका कर धीरे से अपने आंसू पोंछने का दिखावा सा किया और सबरवाल जी के केबिन की तरफ बढ़ गया!
     भुवन को शुरू से ही ये आदमी नापसंद था, वह वहां से अपने दफ्तर की तरफ चला गया! अपने कमरे में पहुंचकर अपनी रिवाल्विंग चेयर पर बैठकर उसने सर  पीछे की तरफ टिकाया और आंखें बंद कर धीरे-धीरे सोचने लगा कि आखिर इस सब के पीछे है कौन ?
  और वो किस लड़के से बात करे जो लीना की मांगी  हुई हर जानकारी उसे दे सके..
     सोचते सोचते उसका ध्यान एक नाम पर अटक गया.. उसने तुरंत अपना मोबाइल निकाला और उस आदमी को फोन मिला दिया..

” शंकर भैया, कहां है आप इस वक्त? क्या आप कुछ देर के लिए मुझसे मिलने मेरे दफ्तर में आ सकते हैं?”

फिर कुछ सोच कर भुवन ने जगह बदल दी..

“नहीं रुकिए, ऑफिस में मत आइये… आपसे कहीं बाहर मिलेंगे हम !”

“बात क्या है भुवन ?”

“हम मिल कर ही बात करेंगे, बस एक बात बताइये, उस दिन सज्जन राणा के साथ ड्राइवर कौन गया था और क्या वो हमेशा उनके साथ नहीं रहता था ?”

“नहीं.. वो एक नया लड़का था ! हफ्ते भर पहले ही उसने कार्यालय ज्वाइन किया था ! लड़का होशियार था, गाड़ी सम्भल के चलाता था, और पिछले दो चार दिन से जब से मंत्री जी का ड्राइवर छुट्टी पर गया था, वो ही उनका लाना ले जाना कर रहा था !”

“ड्राइवर छुट्टी पर अचानक कैसे चला गया ?”

“अचानक कहाँ, पांच दिन पहले उसका भी तो छोटा सा एक्सीडेंट हो गया था, तब से वो तो अस्पताल में पड़ा था.. बेचारे को जब पता चला बड़ा दुखी हुआ.. यही कह कह कर रो रहा था कि वो मंत्री जी के साथ होता तो ऐसा कुछ नहीं घटता !”

“हम्म.. बात तो सही है ! शंकर भैया, उस नए लड़के का सारा पता ठिकाना सब चाहिए, आप कार्यालय के पास वाले कॉफी हॉउस में आ जाइये और सुनिए इस बारे में किसी से कुछ कहियेगा मत !”

“ठीक है भुवन .. मैं वहीँ आ जाता हूँ !”

भुवन फ़ोन जेब में डाल कर कॉफी हॉउस की तरफ बढ़ गया…

कॉफी हॉउस में अंदर के साथ साथ बाहर भी बैठने की व्यवस्था थी.. रोड से लग कर कॉफी हॉउस का बाहरी किनारा था, जहाँ दो दो कुर्सियों के साथ टेबल सजी थी.. कुछ लोग बाहर रोड पर बैठ कर भी कॉफी का मज़ा ले रहे थे..
भुवन वहीँ एक कुर्सी की टेक लगाए खड़ा शंकर का इंतज़ार कर रहा था, कि तभी शंकर अपनी बाइक से वहाँ पहुँच गया..
एक तरफ बाइक खड़ी कर शंकर भुवन की तरफ बढ़ गया.. वो भुवन तक पहुंचा ही था कि उसके ठीक बगल से होकर एक बाइक सवार गुज़रा और अपने हाथ में पकड़ रखे धारदार हथियार से उसने शंकर पर वार कर दिया..

क्रमशः

4.8 24 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest

32 Comments
Newest
Oldest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
chandrashekhar kushwaha
chandrashekhar kushwaha
11 months ago

Very nice, ange k part nahi mil rahe

Nisha
Nisha
1 year ago

Ye kya ho gya 😱😱😱😱

Savita Agarwal
Savita Agarwal
1 year ago

Ye achnak Sankar per war kisnaya kiya hoga,Sajjan Rana ki mouth kisi ke sazish ka sikar hi lagti hai,Waiting for the next part eagerly.

rameshwar dhiwar
rameshwar dhiwar
1 year ago

Nice mam

Dhara kundaliya
Dhara kundaliya
1 year ago

Matlab koy janta tha shankar bhuvan se milne ja raha he… awesome part 💓 superb story 😍 bahut bahut bahut hi khubsurat story ❤️

Chanda Thakur
Chanda Thakur
1 year ago

Bhuvan ek strong charector hai is story ka, lekin Mam aapse ek prashn hai ki mayanagri ke yeh wale jo part aap de rahe ho yeh pratilipi mein jo aa chuki hain uske aage ki story hai ya wapis wahi shuru kiya hai aapne please bata dijiye kyuki thoda confusion hai baaki aapki kahaniyan hamesha hi padhne mein interesting hoti hain, aur mayanagri toh waise bhi apne naam ke anuroop hi hai, 🌹🙏🌹

Ritu Jain
Ritu Jain
1 year ago

Very nice part. Happy Holi ma’am

Sonu
Sonu
1 year ago

Very nice part

Poonam Aggarwal
Poonam Aggarwal
1 year ago

😴😴😴😴😴

Seema Srivastava
Seema Srivastava
1 year ago

Very beautiful