
मायानगरी -2 भाग -5
“क्या हुआ, अचानक तुम्हे क्यों याद कर रहे ये लोग ? फिर कोई कांड कर दिया क्या ?”
प्राची ने पूछा और हाँ में सर हिला कर अधिराज कॉन्फ्रेंस रूम की तरफ तेज़ी से बढ़ गया..
प्राची कुछ देर तो चुप खड़ी रही फिर वो भी अधिराज के पीछे बढ़ गयी..
कॉन्फ्रेंस रूम में अस्पताल के डीन थापर सर के अलावा प्रेजिडेंट मढ़रिया सर के साथ मेडिसिन विभाग के प्रमुख चिकित्सक भी बैठे थे..
गोल मेज़ के एक तरफ वह सभी थे और उनके सामने की तरफ डॉक्टर सुमित बैठे थे..
अंदर प्रवेश करते ही अधिराज को समझ में आ गया कि उसे वहां क्यों बुलाया गया है..
वो चुपचाप सब को नमस्ते कर के एक तरफ खड़ा था की सामने बैठे थापर ने उसे बैठने बोल दिया और बड़े संकोच के साथ डॉक्टर सुमित के बगल वाली कुर्सी में वो बैठ गया…
“डॉक्टर अधिराज ? यही नाम है ना तुम्हारा ?”
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थापर ने उसे घूर कर देखा और पूछ लिया..
“जी.. हाँ सर !”
“डॉक्टर बनाना चाहते है ना आप डॉक्टर अधिराज ?”
“हाँ सर !”
“फिर ऐसे क्रिमिनल वाले काम क्यों कर रहे आप ?”.. “
“सर.. मैं कुछ समझा नहीं !”
“बड़े भोले है आप !”
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अधिराज ने एक बार सुमित की तरफ देखा, सुमित के चेहरे पर एक कुटिल मुस्कान नाच उठी..
“क्या सोचते हो खुद को ?” धीमे से सुमित ने कहा
“सॉरी सर मैं समझा नहीं.. !” अधिराज ने सुमित की तरफ देखते हुए कहा और सुमित सामने बैठे डॉक्टर्स को देखने लगा..
“प्रेजिडेंट.. मैं उस मरीज़ को देख रहा था लेकिन जूनियर होते हुए भी ये लड़का मेरी बात सुनने और मानने को तैयार नहीं था…. !”
“पूरी बात बताइये डॉक्टर सुमित !”
“सर कार्डिएक टेम्पोनेड का केस था जिसे अधिराज ने कार्डियक अरेस्ट समझ लिया और डाई डाल कर एंजिओ कर दिया,… उसका नुकसान भी हुआ.. अगर मैंने सही समय पर निर्णय नहीं लिया होता, तो मरीज़ सीधे कार्डियक फेलियर में चला जाता.. नतीजा बहुत ख़राब होता.. !”
वहां बैठे तीनो सीनियर डॉक्टर्स अधिराज की तरफ देखने लगे..
“टेम्पोनेड को तुमने अरेस्ट कैसे मान लिया ? इतनी बडी बेवकूफी कैसे कर दी तुमने ?”
थापर चीख उठा..
और अधिराज फटी फटी आँखों से कभी साथ बैठे डॉक्टर सुमित को कभी सामने बैठे सीनियर्स को देख रहा था..
उसकी समझ से बाहर था कि अचानक ये क्या हो गया..
“नहीं सर… डॉक्टर सुमित जो बोल रहे उसमे सच्चाई नहीं है !”
सुमित ने घूर कर अधिराज को देखा
“रेजिडेंट डॉक्टर हो, खुद को प्रोफेसर समझने की भूल ना करो… !” सुमित ने अधिराज का मुहं बंद करने की गरज़ से कहा और तभी सामने बैठे प्रेजिडेंट और डीन अधिराज पर बरस पड़े..
“तुम जैसे लापरवाह डॉक्टर्स के कारण हमारा नोबल प्रोफेशन इतना बदनाम हुआ जा रहा है.. अनुभव तो है नहीं बस केस दे दो..।
तुम जैसे लोग ना तो ढंग से इन्वेस्टिगेशन करवाते हो, ना ढंग से एक भी सर्जरी का विडिओ देखते हो..
अभी लास्ट मंथ लगभग बयालीस सर्जिकल वीडिओज़ रेसिडेंट्स को भेजे गए थे.. कितने देखे तुमने. ?”
थापर चीख रहा था कि प्रेजिडेंट ने बोलना शुरू कर दिया..
“इसके अलावा तुम सब को पहले भी समझाया गया है सर्जरी को पहले डमी में ट्रायल लो.. कितने ट्रायल लिए है तुमने.. जीरो ?
ह्यूमन बॉडी को अपने एक्सपेरिमेंट्स का अड्डा बनाना है तो जाओ किसी सरकारी अस्पताल को पकड़ लो.. जहाँ मरीज़ की जान की कीमत कुछ ना हो !
तुम्हे पता भी है यहाँ एक एक सर्जरी कितनी कीमती है ?
अगर मरीज़ एक फाइव स्टार लक्सरी हॉस्पिटल में आता है, तो वो चाहता है उसे पूरी सुविधा के साथ सुरक्षित रखा जाए। ये नहीं की तुम जैसे नौसिखिये उसकी बॉडी को चीर फाड़ कर अपना अनुभव जोड़े.. आयी बात समझ में..?”
अधिराज उन सब की बातें सुन कर आश्चर्य में था….
कैसे सीनियर्स है, उसकी बात सुनने तक को तैयार नहीं। वो अपनी जगह पर खड़ा हो गया.. उसे खड़ा होते देख वो सब लोग उसे घूर कर देखने लगे..।
उन्हें लगा कैसा अजीब बद्तमीज डॉक्टर है..
तभी अधिराज ने अपनी जेब से अपना मोबाइल निकाला और उस पर कुछ ढूंढने लगा..
वहां मौजूद सभी ये सोच रहे थे कि ये कैसा बद्तमीज डॉक्टर है, इसे डांट पङ रही और ये अपना मोबाइल देख रहा है..
तभी अधिराज ने अपना मोबाइल प्रेजिडेंट की तरफ बढ़ा दिया..
” सर मैं जिस किसी भी सर्जरी में असिस्ट करता हूँ, उसका विडिओ बना लेता हूँ। जिसे बाद में देख कर मुझे खुद को समझ आये कि मैंने कहाँ चूक की और मुझे कहाँ इम्प्रूव करने की ज़रूरत है.. !”
अधिराज ने अपना मोबाइल डॉक्टर मढ़रिया के हाथ में रखा और पलट कर अपने बगल में बैठे डॉक्टर सुमित को देखने लगा। सुमित एक झटके से अपनी जगह पर खड़ा हो गया। अधिराज के चेहरे के पास पहुंच कर वह धीरे से बोल उठा।
” यह क्या बदतमीजी है अधिराज! तुम सोच भी नहीं सकते कि ऐसा करके तुमने कितनी बड़ी दुश्मनी मोल ली है मुझसे। “
अधिराज सुमित की बात पर कुछ नहीं बोला। वह चुपचाप खड़ा रहा।
” तुम्हें मैं छोड़ूंगा नहीं।” इतनी देर में अधिराज के मोबाइल पर चलते वीडियो को प्रेसिडेंट मढरिया के साथ-साथ डीन थापर ने भी देख लिया। इसके अलावा मेडिकल विशेषज्ञ डॉक्टर्स ने भी अपने हाथ में फोन लेकर उस वीडियो को देख लिया।
वह चारों ही लोग एक साथ सुमित की तरफ देखने लगे।
” प्रोफेसर सुमित आपसे यह उम्मीद नहीं थी।”
प्रेसिडेंट मढरिया के ऐसा बोलते ही सुमित एक तरह से हकलाने लगा।
” सॉरी सर मैं एक्चुअली जरा सा हड़बड़ाया हुआ था। घर पर थोड़ा सा टेंशन वाला माहौल चल रहा है। आप तो जानते ही हैं कि मेरी फैमिली प्रॉब्लम्स….”
सुमित की बात आधे में ही काटकर प्रेसिडेंट मढरिया उस पर चीख पड़े।
” क्या एक आप ही ऐसे डॉक्टर है, जिसके घर पर फैमिली प्रॉब्लम्स चल रही है? और अगर आपके साथ फैमिली प्रॉब्लम्स है, तो क्या आप किसी भी मरीज़ की जान ले लेंगे…?
डॉक्टर्स के प्रोफेशन में ये सब नहीं चलता..।
आपके सारे पर्सनल दुःख दर्द अस्पताल की बाउंड्री के बाहर छोड़ कर यहाँ दाखिल हुआ करिये.. ।
और अगर ऐसा नहीं कर सकते तो यहाँ आने की जरूरत नहीं है..।”
“डॉक्टर अधिराज आप जा सकते है.. यहाँ हम लोग देख लेंगे.. एक बात और यहाँ इस कॉन्फ्रेंस रूम में क्या बातें हुईं, आप बाहर किसी से नहीं कहेंगे..।”
“श्योर सर !”
अधिराज ने अपने फ़ोन के लिए हाथ आगे बढ़ा दिया..
डॉक्टर मढ़रिया ने उसके सामने फ़ोन बढ़ा दिया..
अधिराज फ़ोन लेकर लौटने को था कि थापर ने उसे आवाज़ लगा दी..
“एक बात और अधिराज.. वो विडिओ सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए हमने डिलीट कर दिया है.. ! सो डोंट वरी !”
अधिराज के माथे पर सवाल उभर आया….
लेकिन बिना कुछ बोले वो बाहर निकल गया.. !
उसके वहां से निकलते ही कॉन्फ्रेंस रूम का दरवाज़ा वापस लॉक हो गया, वैसे भी वो साउंडप्रूफ कमरा था, अंदर की कोई बात बाहर नहीं जा सकती थी..।
अधिराज बाहर निकला सामने प्राची खड़ी थी।
प्राची ने उसकी तरफ देखा और क्या हुआ इशारे से पूछ लिया। अधिराज हताश सा उसके पास चला आया।
” बोलोगे भी, क्या हुआ है?”
” कुछ नहीं। वही जो हमेशा से होता आया है। जूनियर्स के कंधे पर पैर रखकर सीनियर्स उनके सिर पर चढ़ते आ रहे हैं। आज भी वही हुआ।”
” मतलब! मैं समझी नहीं।”
“मतलब यह कि डॉक्टर सुमित ने जो गलती की थी वह सारी गलती उन्होंने प्रेसिडेंट और डीन सर के सामने मेरे सर पर थोप दी। उन्होंने सारा कुछ मेरे मत्थे मढ दिया। उन्होंने वहां सबके सामने कह दिया कि मैंने डाई डालकर हार्ट की फ्लूडिटी बढ़ा दी।
वह तो अच्छा हुआ मेरे पास, मेरे मोबाइल पर सारा वीडियो था जो मैंने उन सीनियर्स के सामने रख दिया लेकिन..।”
“लेकिन क्या अधिराज ?यह तो अच्छी बात है ना। एट लीस्ट प्रेसिडेंट सर को पता तो चला कि तुम्हारी कोई गलती नहीं है। वीडियो में उन्हें साफ-साफ नजर आ गया होगा कि तुमने तो पेशेंट की जान बचाई है।”
“हां प्राची, वीडियो में उन्हें यह सब साफ-साफ नजर आ गया, इसके बावजूद उन लोगों ने इस वीडियो को सेफ रखने की जगह डिलीट कर दिया। मेरे मोबाइल का वीडियो मुझसे बिना पूछे उन लोगों ने डिलीट कर दिया।”
” इसका मतलब समझते हो, अधिराज?”
” अच्छे से समझता हूं। इसका मतलब यह है कि वह लोग प्रोफेसर सुमित के ऊपर कोई एक्शन नहीं लेंगे। हां यह और बात है कि प्रोफेसर सुमित ने तुम्हारी जो शिकायत की थी वह झूठी साबित हो गई। लेकिन इस सब के बावजूद वह प्रोफेसर सुमित को बस थोड़ा समझा बुझाकर या फिर वार्निंग देकर छोड़ देंगे।
मुझे लगा था प्रेसिडेंट शायद मेरी बात समझे और इस वीडियो को देखकर कोई एक्शन ले।
कायदे से तो यही होना चाहिए था कि प्रोफेसर सुमित को महीने भर के लिए सस्पेंड कर दिया जाता । क्योंकि उन्होंने जो किया था, उससे उस मरीज की जान भी जा सकती थी।”
“सही कह रहे हो, लेकिन ऐसा होता नहीं। बाहर की दुनिया के लोगों को लगता है कि डॉक्टर लापरवाही करते हैं। बाहर से आए मरीज हमेशा सीनियर डॉक्टर के पास जाना चाहते हैं। उन्हें कितने सालों का अनुभव है यह देखकर उनसे इलाज करवाना चाहते हैं। लेकिन यह नहीं सोचते कि अगर नए डॉक्टर को अनुभव लेने ही नहीं दोगे तो हम अनुभव पायेंगे कहां से? और इस सबके बावजूद अगर गलती सीनियर डॉक्टर की भी हो तो सारा ठीकरा हम जूनियर्स के ऊपर फोङा जाता है।
खैर छोड़ो, चलो चलकर अच्छी सी कॉफी पीते हैं..।”
वह दोनों कैंटीन की तरफ बढ़ रहे थे कि तभी इमरजेंसी गेट की तरफ का बड़ा सा कांच का स्लाइडिंग डोर खुला और तेजी से स्ट्रेचर पर किसी को लिए हुए अस्पताल का स्टाफ अंदर आपातकालीन चिकित्सा कक्ष में दाखिल हो गया…..।
क्रमशः

कोई भी फील्ड हो वहाँ सीनियर जूनियर को ना दबाये ऐसा नही हो सकता
Very very nice part 👌👌
Is blog me kahan tk a gayi hai story kaise pata lagega kyuki mai 250 parts pd chuki hu
250 part के आगे के पार्ट ही आ रहे है.. मायानगरी season 2 नाम से
कमजोर र के कंधे पर पांव रखकर आगे बढ़ना हमेशा ही इंसान की फितरत रही है ऐसे लोग पैसा तो कमा लेते हैं पर इज्जत कभी नहीं कमा पाते और अनुभवहीन तो हमेशा ही रह जाते हैं।😏😏😏😏
अब सुमित मन की काफी बड़े डॉक्टर हैं लेकिन उन्हें अधिराज से भी कम अनुभव है तभी तो उन्होंने इतनी बड़ी भूल कर दी अपने मरीज के साथ और तो और अधिराज को तो बेइज्जत किया ही उसे मरीज की जान को भी खतरे में डाल दिया।😡😡😡😡😡😡😡😡
ऐसा कैसा अनुभव है जो किसी काम का नहीं है उसके बावजूद रति भर भी शर्म नहीं है उल्टा वह अधिराज की शिकायत करने पहुंच गए और साफ-साफ झूठ भी बोल गए इतना घटिया तरीके से पेश आने के बाद कैसे उम्मीद करते हैं तो कोई उनकी इज्जत करें😔😔😔😔🤬🤬🤬🤬🤬🤬
Bilkul sahi kaha adhiraj ne.bahut bura lagta hai jab kisi ke sath aisa hota hai
Doctor ‘ s ki jindgi kitni kathin hoti hai , nice part..
बहुत बेहतरीन भाग 👌👌👌👌👌👌💐💐💐💐🍫🍫🍫🥰🥰🥰
डॉक्टरी एक ऐसा पेशा है जहां जरा सी चूक से लोगों की जान पर बन जाती है लेकिन सुमित जैसे डॉक्टर्स नहीं सोचते हैं
Yah hospital ki sacchai hai logon ka Vishwas bahut toda jata hai sab log ek achcha doctor samajhkar unke pass jaate Hain lekin vah itna galat vyavhar karte Hain ki dobara jaane ka man bhi nahin karta lekin ek aam nagrik koi kadam nahin utha pata ab to fir bhi logon Ko Anubhav hai kyunki unke khilaf action Le lete Hain lekin aaj se 10-15 sal pahle Aisa kuchh nahin tha bahut sare doctor aisi galtiyan kar dete Hain aur FIR kahate Hain ki marij ke andar Kami thi yah galtiyan mere ghar mein bhi Kai bar Hui hai jiska har Jana Aaj Tak bhugat rahe hain yah bhi bilkul sach hai ki Kai senior doctoron ki galtiyan junior doctoron Ko bhugtni padati hai humne Karuna kal mein bahut logon ke sath hote dekha hai aaj aapke episode mein aankhon ke samne vahi sab dohra Diya🙏🙏🙏🙏👍👍👍👍👍
🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻