अपराजिता-136

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अपराजिता -136

यज्ञ गाड़ी तेज़ी से भगाता चला जा रहा था..

“क्या हुआ यज्ञ, इतना तेज़ गाड़ी क्यों चला रहे, चिंता मत करो वीर को हम छुड़ा लेंगे !”

“हम उसे छुड़ाने के लिए गाडी नहीं भगा रहे भैया.. हमें डर इस बात का है कि इतनी देर में अनंत भाग ना जाये !”

अखंड चौंक कर यज्ञ की तरफ देखने लगा.. उसे यज्ञ की बात समझ में नहीं आयी..
यज्ञ ने अखंड की तरफ देखा और अपने मन की बात कहने लगा..

” भैया वीर जैसे आपका भाई है, वैसे ही हमारा भी भाई है। हमें भी उससे उतना ही लगाव है, प्यार है। क्योंकि वह हमारे परिवार का हिस्सा है।

लेकिन उसने जो किया है  वह गलत है। सुबह हमने भी उसकी जीप पर लगे खून के निशान देख लिए थे। हम आपको कुछ बातें बताना चाहते हैं, आप बिना परेशान हुए हमारी बातें ध्यान से सुनियेगा।

उस दिन आप जब हमारी गाड़ी लेकर गए, उसके पहले अनंत ने हमारी गाड़ी के साथ छेड़छाड़ की थी। और जानबूझकर हमारी गाड़ी के ब्रेक खराब कर दिए थे। जिससे हमारा एक्सीडेंट हो जाए और हमें चोट लग जाए। लेकिन इत्तेफाक से वह गाड़ी आप लेकर चले गए और आपका  भयानक एक्सीडेंट हो गया..।

अगर पुलिस वालों ने गाड़ी की जांच नहीं करवाई होती, तब हमें भी लगता कि गाड़ी में अपने आप कोई दिक्कत आने से ऐसा हो गया। लेकिन पुलिस जांच में स्पष्ट हो गया कि गाड़ी के ब्रेक्स जानबूझकर कुछ समय पहले ही खराब किए गए हैं। और तब हमें अनंत पर शक हुआ। जब उसे हमने कड़ाई से पूछताछ की, तब उसने हर बात स्वीकार कर ली..

यह बात इतनी छोटी नहीं थी कि, हम उसे माफ कर देते लेकिन अगर हम घर में सबसे उस समय इस बात को साझा करते तो हर कोई अनंत का ही साथ देता।
और इसे उसका बचपना मान लेता, लेकिन आप सोच कर बताइए भैया किसी की जिंदगी से खिलवाड़ करने की कोशिश करना क्या कहीं से भी बचपना हो सकता है?

अनंत हमसे और कुसुम से बेहद चिढ़ा हुआ था, और शायद हमें अपने रास्ते से हमेशा हमेशा के लिए हटा देना चाहता था।इसीलिए उसने गाड़ी के ब्रेक फेल किए थे। और हमने भी उसके सामने यही दर्शाया कि हमने उसे माफ कर दिया है। लेकिन हम उसे घर में अब नहीं टिकने देंगे।
   और इसलिए उसे घर से बाहर निकाल दिया। लेकिन कहीं ना कहीं हम जानते थे कि वह जैसे दिमाग का है वह यहां से सीधे अपने घर नहीं लौटेगा। बल्कि अपने अपमान का बदला लेने के लिए कुछ ना कुछ जरूर करेगा।

इसलिए हमने अपने दो लड़कों को उसके पीछे लगा दिया था। वह लोग उसका पीछा कर रहे थे, और उन्होंने उस किसी की जीप में जाते हुए देखा। उन लड़कों ने हमें बस इतना ही बताया कि अनंत को वह लड़के एक जीप में बैठते हुए देखे थे। और कुछ आगे बढ़ने पर अनंत और उस जीप में बैठे लड़के किसी लड़की को परेशान कर रहे थे…।

किसी लड़की को परेशान करने वाली बात हमें इन लड़कों ने बाद में बताई, वरना शायद हम रात में ही उस लड़की और अनंत की तलाश में निकल जाते। लेकिन इन दोनों ने हमसे कहा कि हम निश्चिंत रहें। वो लोग मामला सुलझा लेंगे।

   लेकिन जब हमने सोच कर देखा तो हमें लगा दूर्वागंज में कुसुम के परिवार के अलावा तो और किसी के घर जीप नहीं है। और कुसुम के भाई साहब बिस्तर पर पड़े हुए हैं। ऐसे में उनके घर की जीप लेकर कोई भी कैसे दूर्वागंज में तफरीह कर सकता है। एक और बात दिमाग में आई कि अनंत जिसकी जीप में बैठा उसे वह जरूर बहुत अच्छी तरह जानता होगा। इसीलिए नशे में धुत होने के बावजूद वह जीप में सवार हुआ, और तब हमारे दिमाग में यह बात आई की मानौर और दूर्वागंज लगे हुए हैं। हो सकता है वीर अपने दोस्तों के साथ वहां से गुजर रहा हो, बाद में यह बात स्पष्ट भी हो गई।

सुबह जब हमने जीप पर लगे खून के धब्बे देखे, तब हमें समझ में आ गया कि वीर के साथ उसकी गाड़ी में अनंत ही साथ था।
       पुलिस ने जीप के नंबर के हिसाब से पता लगवाया और उनकी खोज हमारे घर पर जाकर खत्म हुई। वह वीर को पकड़ कर तो ले गए, लेकिन जब तक वीर नहीं बतायेगा वो लोग अनंत तक नहीं पहुंच पाएंगे। और हमें लग रहा है इस सब में अनंत को भागने का मौका मिल जाएगा..।

“तुम्हें क्या लग रहा है अनंत कहां मौजूद होगा..?”

“हमें उसकी खबर मिल चुकी है भैया। दूर्वागंज से गजदलपुर के रास्ते में कोई छोटी सी धर्मशाला है। उस धर्मशाला में छिपा बैठा है, और हम उसे ही पकड़ने जा रहे हैं। हम नहीं चाहते कि हमारे पहुंचने से पहले वह भाग जाए। उसे पड़कर हमें पुलिस के हवाले करना है।

” लेकिन यज्ञ इसके साथ ही हमें वीर को छुड़ाने का उपाय भी सोचना पड़ेगा।”

यज्ञ ने तड़पकर अखंड की तरफ देखा

“क्यों, क्यों छुड़वाना पड़ेगा उसे..? उसने भी तो गलती की है। और उसे उसकी गलती की सजा मिल कर रहेगी…. ।”

“लेकिन कितनी गलती उसकी है, कितनी नहीं, ये मालूम करना होगा। कहीं उस पर गलत इल्जाम ना लगा हो ?”

“हाँ भैया वो पता किये बिना उसे सजा नहीं होने देंगे। लेकिन अगर उसने किया है तो उसे सजा भी बराबर होगी… ।

किसी लड़की के साथ अगर उसने गलत किया है मतलब वो माफ़ी के लायक नहीं है.. !क्या हम सुराज के लिए ऐसा सोचने वाले लड़के को यूँ ही छोड़ सकते हैं क्या, तो जैसे हमारी बहन सुराज वैसे ही किसी और कि बहन भी उतने ही सम्मान की हक़दार है !”

बातों ही बातों में वो लोग उस धर्मशाला तक पहुँच गए जहां अनंत के छिपे होने की खबर मिली थी…

यज्ञ ने अखंड को गाड़ी में रुकने बोला और खुद धर्मशाला के अंदर चला गया..
धर्मशाला के रिसेप्शन पर बैठे लड़के ने यज्ञ को देखा और एक तरफ इशारा कर दिया..
यज्ञ उस गलियारे की तरफ बढ़ा और दरवाज़े पर दस्तक दे दी..!

अंदर से कोई आवाज़ नहीं आयी।
यज्ञ ने वापस दस्तक दी लेकिन कोई आवाज़ नहीं आयी..
यज्ञ वापस रिसेप्शन पर चला आया।

“अंदर से कोई आवाज़ नहीं आ रही ? “

“पता नहीं भैया जी,यही रूम तो बुक किया था उन्होंने और रात में उसी कमरे में जाते देखा था आखिरी बार !”

“कमरा बाहर से भी खुल सकता है ना, दूसरी चाबी लाओ !”

रिसेप्शन में बैठा लड़का यज्ञ के साथ कमरा खोलने पहुँच गया..
पल भर में वो दोनों कमरे के अंदर थे, लेकिन यज्ञ कमरे को खाली देख कर आश्चर्य चकित रह गया..

“यहाँ तो कोई नहीं है ? बाहर निकलने का कोई और रास्ता है ?”

“ऐसे तो नहीं है भैया जी, लेकिन बाथरूम से.. !”

उसकी बात सुन कर यज्ञ ने तुरंत बाथरूम का दरवाज़ा खोला और उधर बढ़ गया..
बाथरूम में दीवार पर बनी खिड़की खुली हुई थी, और साफ ज़ाहिर था कि अनंत वहां से भाग चुका था..

यज्ञ ने गुस्से में दरवाज़े पर अपना हाथ मारा और तुरंत बाहर निकल गया..

“क्या हुआ यज्ञ ?”

“भैया अनंत भाग चुका है !”

“अरे.. ? कब ?”

“पता नहीं, रात में स्टाफ ने उसे अंदर जाते देखा था, लेकिन अभी नहीं है.. शायद उसे वीर की गिरफ्तारी मालूम चल गयी होगी.. और इसिलिए वो सुबह सुबह यहाँ से भाग गया.. !”

“ओह्ह.. चलो फ़िलहाल थाने चलते हैं। वहाँ पता नहीं वीर के साथ क्या हो रहा होगा ?”

“चलिए !”

यज्ञ ने गाड़ी पुलिस स्टेशन की ओर निकाल दी.. .

****

अनंत रात में अपने कमरे में पहुँचने के बाद सो गया था..
वो जब वीर के साथ था, उसी वक्त उसने वीर के दोनों दोस्तों के नंबर भी ले लिए थे, जिससे कुछ काम पड़ने पर वो उन्हेँ बुला सके।

अनंत ने सोचा था अगले दिन वीर से कुछ पैसे निकलवा कर वहाँ से कहीं दूर घूमने चला जायेगा..।

और आराम से सो गया, लेकिन वो उन लड़को को फ़ोन कर पाता उसके पहले ही उनमे से एक का फ़ोन आ गया..

सुबह सुबह उस लड़के का फ़ोन देख अनंत का माथा ठनका..
उसने जैसे ही फ़ोन उठाया, वो लड़का तेज़ी से बोलता चला गया..

“अनंत बाबू बड़ा लोचा हो गया है !”

“क्या हुआ ?”

“सुबह सुबह हम बाहर किसी काम से निकले तो पुलिस की गाड़ी को परिहारो के घर की तरफ जाते देखा और हम उनके पीछे हो लिए…
हम बाहर छिप कर देख रहे थे, और हमने पुलिस को वीर को पकड़ा कर ले जाते देखा है.. !”

“क्या ? लेकिन पुलिस उसे पकड़ कर क्यों ले गयी.. !”

“अनंत बाबू हम जहां खड़े थे, वहाँ से साफ साफ सुनाई तो नहीं दे रहा था लेकिन कुछ शब्द जो कान में पड़े थे वो थे खून.. लड़की.. और शायद पुलिस उससे पूछ रही थी कि उसके साथ कौन कौन था..
हमें तो लगता है कल जिस लड़की के साथ आप ने कांड किया है वो मर गयी है.. !”

“पगला गए हो क्या बे ?”

“हम नहीं, कल आप पगला गए थे.. काहे इतना अत्याचार कर दिए भाई, की लड़की बची ही नहीं..।
हद दर्जे के क्रूर है आप.. ! जितनी जल्दी हो सके निकलिए वहाँ से !”

“सुनो ज्यादा ज्ञान न दो हमें !”

“हमें कोई शौक नहीं आप जैसे लीचड़ इंसान को ज्ञान देने का.. हमें लगा आपको बता दे, जिससे अगर आप खुद को बचाना चाहे तो भाग जाइये वरना पुलिस आपका कांड कर देगी !”

“पुलिस को थोड़े ना पता है, हम कहाँ छुपे हैं। और साले पता तो तुमको भी नहीं है कि हम कहाँ छिपे है ?”

” वैसे आपको लॉज में ही तो उतारे रहे,बाकी वहां ना रुक कर आप कहीं गायब हो गए तो अच्छा ही है.. बस छिपे रहिये या भाग जाइये.. ..
     बाक़ी आप कहाँ हैं ये हमको पता करने में कोई रूचि भी नहीं है, बस सोचे आपको बता दे कि निकल लीजिये।
कभी भी पुलिस वहां पहुँच जाएगी.. ! इसलिए जहाँ भी है, वहाँ से ऐसी दिशा में निकलियेगा जिधर पुलिस ना जाये.. !”

“मतलब ? “

“मतलब पुलिस ने पुरे चौक चौबारों को सील किया हुआ है.. हर टोल पर आप ही का इंतज़ार किया जा रहा होगा.. हम तो अपने घर के नीचे बने तलघर में छिपे बैठे हैं। यहाँ से पुलिस किसी जन्म नहीं पकड़ पायेगी, ऐसा ही कुछ बंदोबस्त कीजिये या अपने घर निकल लीजिये !”

“हम यहाँ दूर्वागंज की धर्मशाला में हैं। यहाँ से अपने घर जाने के लिए हमको बहुत दूर बस स्टेण्ड जाना पड़ेगा.. हम गजदलपुर निकल लेते हैं !”

“ठीक है.. सामान और रूपया लेकर निकलिएगा.. पैदल थोड़े ना भागेंगे !”

“अरे इतना तो हम भी जानते हैं.. इतना ज्ञान ना दो !”

अनंत ने ये सुनने के बाद सोचा की कहीं वाकई पुलिस उसे तलाशती हुई वहाँ पहुँच ना जाये और इसलिए दरवाज़े को अच्छे से बंद कर के बाथरूम के रास्ते कूद कर बाहर निकल गया..
****

इधर पुलिस स्टेशन में वीर के बगल में बैठे उसके दोस्त की कनपटी पर लगा रखी गन अनिर्वान ने मुस्कुरा कर नीचे की और फ़ोन को काट दिया ..

वीर कितना भी ज़िद्दी हो, अनिर्वान के सिर्फ दो थप्पड़ पर ही बुरी तरह से पिघल गया और सब कुछ बक गया..
उसने अपने साथ मौजूद दोनों लड़को के नाम पता ठिकाना सब बक दिया और इसके साथ ही अनंत का नाम और उसका ठिकाना भी…

अनिर्वान ने अपनी टीम को भेज कर दोनों लड़को को उनके ठिकाने से धर दबोचा.. लेकिन वीर के बताये लॉज में अनंत बरामद नहीं हुआ.. ।

वैसे तो दूर्वागंज और मानौर के बीच एक ही लॉज था..
लेकिन दूर्वागंज से गजदलपुर के रास्ते पर बहुत से लॉज और धर्मशालाए बनी हुई थी। जहाँ वो बडी आसानी से छिप सकता था.. लेकिन हर एक जगह की तलाशी लेना मुश्किल था।
इसलिए अनिर्वान ने वीर के दोस्त से अनंत को फ़ोन लगवाया और स्पीकर पर फ़ोन डाल कर सारी बात सुन ली..

*****

अनंत वहाँ से निकलने के बाद अपने चेहरे को गमछे से छिपाये वहाँ से निकल गया.. वो तेज़ी से आगे बढ़ता जा रहा था..
चलते चलते वो काफी दूर निकल आया…
दिन भी चढ़ने लगा था, धूप तेज़ होकर चुभने लगी थी..
वो एक छोटी सी गुमटी में दाखिल हो गया..

वहां एक खाली पड़ी टेबल पर उसने कब्ज़ा जमा लिया..
अपने चेहरे पर लपेट रखा गमछा उसने हल्का सा हटाया, और टेबल पर रखें पानी के जग से उसने गिलास में पानी उड़ेला और गटागट एक साँस में पी गया..

उसी समय उसकी टेबल पर एक चाय की कटिंग ग्लास चली आयी..
उसके चेहरे पर चाय देख कर संतुष्टि के भाव चले आये..

उसने बड़े आराम से चाय रखने वाले की तरफ आँख उठा कर देखा, सामने अनिर्वान खड़ा था..

अनिर्वान अपनी यूनिफार्म में नहीं था, बावजूद उसके डीलडौल और ऊँचे पूरे व्यक्तित्व को देख कर ही अनंत को अंदाज़ हो गया कि ये कोई साधारण आदमी नहीं है.. अनंत की आँखों में खौफ की लहर दौड़ गयी..

“कौन ?”

“तेरा काल !”

अनिर्वान मुस्कुरा उठा.. अनंत कुछ कर पाता उसके पहले अनिर्वान ने उसके हाथों में हथकड़ी डाली और उसे खींचते हुए अपने साथ ले गया..

क्रमशः

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Savita Agarwal
Savita Agarwal
1 year ago

Ab Anir sab ne Annat ko pakar hi liya,acchi yukti lagai.Fantastic n Fabulous part

Kirti Saxena
Kirti Saxena
1 year ago

अनिर बाबू की जय हो 🙏क्या तरकीब लगाई अंनत को पकड़ने के लिए। बेहतरीन भाग 👌👌😊

Kirti tiwari
Kirti tiwari
1 year ago

मतलब हर बार अनिर्वाण पे पहले से ज्यादा क्रश हो जाता हैं 😊😊😊😊😊

Neeta
Neeta
1 year ago

👏👏👏🙏🙏🙏🙏🙏

Manu Verma
Manu Verma
1 year ago

बहुत खूबसूरत, लाजवाब भाग 👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻♥️♥️♥️♥️♥️💐💐💐⭐💐⭐⭐⭐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐⭐⭐⭐

Meera
Meera
1 year ago

तेरा काल लाइन पर तो 100 सिटी यां 🌬️🌬️🌬️🌬️🌬️🌬️🌬️🌬️🌬️🌬️🌬️🌬️………. आय हाय ये दिमाग पर किसी की नज़र न लग जाए , फोन भी करवा लिया धूप में भागा भी लिया , क्या स्फूर्ति है अनिर्वाण बाबू , नेहा की कमी लग रही है अब तो , पर इस लिचड़ो से पहले निपटारा कर ले ।

Arun Kumar
Arun Kumar
1 year ago

🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻

Vandana Bairagi
Vandana Bairagi
1 year ago

Superb 👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻
Film ki tarah sab aankho me hi chal rhaa tha…👌🏻👌🏻

Iti
Iti
1 year ago

,👌👌👌

Sonu
Sonu
1 year ago

Very nice part