अपराजिता -134

cropped-image_editor_output_image-1308354985-17130075838927033677653559779808.jpg

अपराजिता -134

मानव और अथर्व को रसोई में देख खुद को संभाल कर रेशम खड़ी हो गयी..

“मुझे अभी इसी वक्त हॉस्पिटल जाना होगा !”..

“ठीक है, हम लोग भी चलते हैं !” मानव ने अथर्व की तरफ देखते हुए कहा और वो भी मान गया..

वो तीनो तुरंत हॉस्पिटल की तरफ निकल गए..

वहां पहुँच कर अथर्व और मानव बाहर वाले कमरे में ही रुक गए..
ग्रेसी सिस्टर तुरंत रेशम के पास पहुँच गयी..

“मैडम, एक लड़की को अभी सुबह सुबह यहाँ लाया गया.. बिट्टू ने फ़ोन किया और तब मैं यहाँ पहुंची.. आप एक बार प्राथमिकी देख लीजिये उसके बाद इसे जिला चिकित्सालय रिफर करना पड़ेगा !”

घबराती हुई सी रेशम ग्रेसी के साथ तेज़ी से अंदर चली गयी..

“लड़की कौन है कहाँ की है, कुछ मालूम चला ?” 

रेशम ने भीगी हुई सी आवाज़ में पूछा..

“मैडम इसके हाथ में गुदना है इसके नाम का.. !”
.
“क्या नाम है ?”

“गेंदा !”

परेशान सी रेशम गेंदा के पास पहुँच गयी..

“मैडम आपको एमएलसी करनी है !”

“लेकिन मुझे नहीं आता  !” घबरा कर उसने ना में गर्दन हिलाई और साथ खड़ी नर्स को देखा

“मैं आपकी मदद करुँगी मैम !” उस प्रौढ़ नर्स के चेहरे पर कोई भाव नहीं थे, जैसे यह सब देखना उसके लिए एक आम बात थी..!
लेकिन सुबह-सुबह के इस ठंड भरे मौसम में भी रेशम उस सत्रह अठारह साल की बच्ची की हालत देखकर पसीने से भीग गई थी..
नर्स ने आगे बढ़कर बच्ची के शरीर पर पड़ी चादर उलट दी और उसे देखकर रेशम भरभरा कर गिर पड़ी..

“मैडम संभालिए खुद को, यह तो जिला चिकित्सालय में आए दिन देखने को मिलता है।”

ग्रेसी सिस्टर ने आगे बढ़कर रेशम की तरफ अपना हाथ बढ़ा दिया।
उसका हाथ थाम कर रेशम खड़ी हो गई। उसे खुद पर शर्म सी भी महसूस हो रही थी। कैसी कमजोर डॉक्टर थी वह। डॉक्टर को तो तन और मन से बेहद मजबूत होना चाहिए। तभी तो वह मरीज को बचा पाएंगे। वह घबराते हुए उस लड़की की तरफ बढी।

घबराते हुए उसने नर्स की तरफ देखकर अपना सवाल पूछ लिया।

” ज़िंदा है?” ग्रेसी ने धीरे से हां में गर्दन हिला दी..

रेशम ने आंखें मूँद ली..
एक राहत की सांस लेकर उसने अपना अगला सवाल पूछ लिया.. यह सवाल पूछना भी उसके लिए बेहद कठिन था!

” क्या रेप हुआ है?”

ग्रेसी ने बड़े ध्यान से रेशम की तरफ देखा और ना में गर्दन हिला दी

“अब तक की जाँच में मुझे तो नहीं लगा कि रेप हुआ है, बाकी जानकारी ये होश में आने के बाद दे पायेगी या फिर इंटरनल एक्सामिनेशन में पता चलेगा !
     लेकिन बहुत ज्यादा फिजिकल हरासमेंट हुआ है.. लड़की के दोनों पैर के तलवे छिले हुए हैं..
   पैरों में जगह-जगह चोट और खरोंच के निशान है। पीठ पर भी मारने पीटने के निशान है। चेहरा भी फटा हुआ है, माथे से बहुत ज्यादा खून बहा है। जगह जगह सिगरेट से जलाये जाने के निशान है मैम.. लड़के बहुत दरिंदे थे !”

रेप नहीं हुआ है, यह सुनकर रेशम को एक बार फिर राहत मिली.. लेकिन गेंदा की हालत रेशम की आंखों में आंसू भरती चली जा रही थी..

” कौन थे वह दरिंदे जिन्होंने इस तरीके से टॉर्चर किया था?”

“यह बात तो है मैडम, ऐसे लोग अलग ही पागल किसम के आदमी होते हैं, जब भी अपनी मर्दानगी और कहीं नहीं साबित कर पाते तो एक औरत को मारपीट कर, टॉर्चर करके, अपने आप को सेटिस्फाई करते हैं। यह अपने आप को बताते हैं कि वह मर्द हैं।”

रेशम चुपचाप आगे बढ़ गई।

“आपने पुलिस को तो इन्फॉर्म कर दिया होगा?”

“जी आपको फोन करने के बाद पुलिस को फोन किया था, पुलिस आती ही होगी.. ।”

“हम्म… लड़की कब किस वक्त यहाँ पहुंची ?”

“मैडम बिट्टू के अनुसार सुबह पांच बजे के आसपास दो लड़के इसे यहाँ लेकर आये और बिट्टू से मिन्नत करने लगे कि इसका इलाज कर ले.. !”

“अच्छा.. बिट्टू तो यहीं पीछे वाले कमरों में रहता है ना.. तो उसे जगाया होगा ?”

“हाँ मैम, उसे जगाया था, लेकिन बिट्टू लड़की की हालत देख कर डर रहा था… कुछ देर मना करने के बाद बिट्टू ने इसे अंदर ले लिया. !”

“बिट्टू को बुलवाइए !”

“जी !”

अब रेशम अपने असली अवतार में आ गयी थी, मानव और अथर्व बाहर बैठे उसका इंतज़ार कर रहे थे..
ग्रेसी बिट्टू को बुला कर ले आयी..

“क्या हुआ था बिट्टू पूरी बात बताओ.. उन लड़को को ये कहाँ मिली.. ? क्या उन्हीं लड़को ने इसकी ये हालत तो नहीं बनायीं ?”

“नहीं मैम.. वो लड़के बाजु वाले गांव के सरपंच के आदमी थे ..  इस गांव के नहीं थे !”

“फिर, उनका यहाँ क्या काम ?”

“मैडम उन लड़को का कहना है वो किसी अनंत ठाकुर के पीछे आये हुए थे.. अनंत ठाकुर का पीछा करने उन्हेँ सरपंच जी के छोटे भाई ने कहा था, एक जगह से अनंत एक जीप में सवार होकर आगे बढ़ने लगा… ये दोनों लड़के उसका पीछा कर रहे थे..
लेकिन कुछ आगे जाने पर इन लड़को की बाइक ख़राब हो गयी.. और ये लोग आगे नहीं बढ़ पाए, लेकिन इन लोगों ने तुरंत ही सरपंच जी के भाई को बता दिया..
इन लड़को ने इस बात पर ध्यान दिया था कि अनंत की गाडी किसी लड़की के पीछे जा रही थी.. और ये बात उन लोगों में सरपंच जी के भाई को भी बता दी थी.. ।”

“फिर ?”

“फिर… ये दोनों लड़को में से एक बाइक बनवाने रुक गया और दूसरा लड़का वहीँ एक दुकान वाले की साईकिल लेकर उन लोगों के पीछे भागा..

बिट्टू अभी आगे कुछ और बताता कि तभी पुलिस की गाडी आकर वहाँ रुकी… और अनिर्वान भारद्वाज गाड़ी से उतर कर दनदनाता हुआ अंदर चला आया..

अंदर वाले कमरे में पर्दा डला था, बाहर से आने के लिये अनुमति मांग कर अनिर्वान भीतर चला आया..

अनिर्वान को देख बिट्टू चुप हो गया..

अनिर्वान ने अपना कार्ड निकाल कर रेशम के सामने कर दिया..

“पुलिस !”

“जी सर.. आइये !”

“मेडिको लीगल है ?”

अनिर्वान के सवाल पर रेशम ने हामी भर दी..

“रेप ?”

“सर हम लोगो को सिर्फ दस मिनट दीजिये.. अभी आपको बता देंगे !”

“ओके !”  अनिर्वान बाहर निकल गया और उसी के पीछे बिट्टू भी बाहर निकल गया..
अंदर रेशम और ग्रेसी गेंदा की वापस जाँच करने लगी की तभी गेंदा होश में आ गयी.. वो होश में आते ही घबराई सी चीखने लगी..
रेशम और ग्रेसी उसे सहेजने का प्रयास करने लगे..

रेशम गेंदा के चेहरे के पास चली आयी, उसने गेंदा को खुद से लगा कर उसके बालों पर हाथ फेरना शुरू कर दिया..

“घबराओ मत.. हम सब तुम्हारे साथ हैं! तुम्हारे साथ गलत करने वालों के साथ बहुत गलत होगा.. उन्हेँ छोड़ा नहीं जायेगा.. ! तुम बता पाओगी तुम्हारे साथ क्या हुआ है.. !”

गेंदा ने बहुत कष्ट से अपनी आंखे उठा कर रेशम की तरफ देखा..
अब तक में गेंदा के चेहरे और बाक़ी जगह लगे ज़ख्मो पर मरहम पट्टी कर दी गयी थी..

“गेंदा उन लोगो ने तुम्हारे साथ क्या किया ? ज़ोर ज़बरदस्ती ?”

“मैडम वो सब राक्षस थे… !” अटक अटक कर गेंदा बोलने लगी

“उन लोगों ने तुम्हे मारा पीटा ?”

“बहुत ज्यादा मैडम, ये देखिये !” कह कर बहुत कष्ट से गेंदा ने अपनी गर्दन और चेहरे पर इधर उधर बने सिगरेट के निशान दिखा दिए..

रेशम उसके सर पर हाथ फेरती रही..

“क्या तुम्हारा रेप… ?”

रेशम के सवाल पर गेंदा ज़ोर से सिसक उठी..
और धीरे से उसने न में सर हिला दिया

“पुलिस की गाड़ी का सायरन सुन कर ये लोग हड़बड़ा गए थे और इस बात का फायदा उठा कर हम भाग गए थे.. !”

रेशम के चेहरे पर राहत के भाव चले आये.. अब तक नर्स ने गेंदा की सारी जाँच भी कर ली थी… रेशम ने ग्रेसी सिस्टर की तरफ देखा, उन्होंने भी गेंदा की बात की पुष्टि कर दी..

गेंदा के बालों पर हाथ फेरते हुए रेशम ने उससे कहा..

“बाहर पुलिस वाले आये हैं… वो तुम से कुछ जानकारी लेना चाहते हैं.. उन्हेँ बुला ले अंदर ?”

गेंदा ने हामी भर दी..

रेशम ने ग्रेसी को इशारा कर दिया.. ग्रेसी बाहर जाकर अनिर्वान को अंदर बुला लायी.. उतनी देर में अनिर्वान ने बाहर बिट्टू से पूछताछ कर उन लड़को को बुलवा भेजा था.. उनमे से एक लड़का उसी तरफ आ रहा था।
इसलिए वो तुरंत आ गया और उससे अनिर्वान ने सारी जानकारी ले ली..

उस लड़के के अनुसार वो साईकिल पे जीप का पीछा करते हुए उस आधी बनी इमारत तक पहुँच गया था। जहाँ उसने देखा कि वो सब लोग एक लड़की को मिल कर परेशान कर रहे थे..
उसने छिप कर उन लोगों को देखा और उस लड़की को बचाने का उपाय सोचने लगा..
उसे कुछ नहीं सुझा तो उसने अपने मोबाइल पर पुलिस का सायरन बजा दिया..

पुलिस के सायरन को सुन कर वो लोग घबरा गए और इधर उधर छिटक गए..

और फिर घबरा कर यहाँ वहाँ छिप गए..
वो लड़का उनके छिपने के बाद उन लोगो से छिपते हुए एक तरफ से आगे बढ़ने लगा..
वो लड़की को बचाना चाहता था.. वो दबे पाँव आगे बढ़ रहा था कि पीछे से उस पर हमला हुआ और उन लड़को ने उसे पक़ड लिया..

उसे पकड़ कर उन लोगो ने उसकी तलाशी ली और उसका मोबाइल लेकर उसमे देखा और सायरन की आवाज़ उसमे से आते ही वो लोग उसे पकड़ कर कूटने पीटने लगे… उसे पीट पीट कर अधमरा करने के बाद वो लोग उसका फ़ोन तोड़ फोड़ कर जाने को थे कि उनमे से एक का ध्यान गया कि लड़की वहाँ से गायब हो गयी थी..
वो लोग हड़बड़ा कर उसे ढूंढने निकल गए..

वो लड़का वहीँ अधमरा सा पड़ा था…

और तभी वो लड़के गाली गलौच करते हुए उसके बगल से होकर गांव की तरफ वापस निकल गए..
उन सब की बातचीत से ये समझ आ गया था कि वो लड़की इन लोगो के हाथ नहीं लगी थी और इसलिए ये लोग खीझते हुए वहाँ से चले गए.. इसके कुछ देर बाद उस लड़के का दोस्त सरपंच बाबू के घर के नौकर  के साथ वहाँ आ गया..

उसे इन लोगों ने लड़की से जुड़ी बात नहीं बताई और उन्हेँ यहाँ सब ठीक है कह कर वापस भेज दिया..
उसके वापस जाने के बाद इस लड़के ने अपने दोस्त को बताया कि जिस लड़की को ये लड़के परेशान कर रहे थे, वो यहाँ से कहीं गायब हो गयी है.. वो अब भी खतरे में है इसलिए उसे ढूँढना होगा..

और इसलिए वो दोनों उस लड़की को ढूंढने निकल गए.. खूब ढूंढने पर एक जगह पेड़ों के झुरमुट में वो नीम बेहोशी की हालत में मिली.. शायद उन लड़को के डर से यहाँ छिप गयी थी वो और फिर कमज़ोरी और थकान से बेहोश हो गयी..

उसे वो दोनों लड़के उठा कर सीधा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले आये.. !

ये सारी बात अनिर्वान जान चुका था, अंदर आकर उसने गेंदा की हालत देखी और बाबूराव की तरफ देख कर उसे प्राथमिकी दर्ज़ करने को कहा और खुद गेंदा की तरफ देख कर सवाल पूछने लगा..

“देखो दुर्गा… तुम्हारा नाम जो भी है, मेरे लिए तुम साक्षात महिषासुरमर्दिनी शैलसुता हो.. उन राक्षसों का चेहरा देखा है ना ?”

अनिर्वान की ये बात सुन रेशम ग्रेसी और खुद गेंदा भी आंखे फाडे अनिर्वान की तरफ देखने लगी..

अनिर्वान की बात पर उसने हाँ में गर्दन हिला दी..

“आज शाम होने तक वो लड़के तुम्हारे चरणों में होंगे और इस महिषासुर मर्दिनी को उन सभी महिषासुरों का एक साथ वध करना होगा..
जैसा प्रण मैंने लिया है वही प्रण तुम भी ले लो..
मैं कानून के दायरे में हूँ, उन्हेँ पकड़ कर कोर्ट में पेश कर सकता हूँ, सजा नहीं दे सकता, लेकिन तुम साक्षात् अम्बा श्याम्भवी हो, तुम्हे उन दुष्टों का संहार करने से कोई नहीं रोक सकता..

अनिर्वान ने उस लड़के की तरफ देखा..

“गाड़ी का नंबर तो देखा ही होगा ?”

“उस लड़के ने तुरंत उस जीप का नंबर उगल दिया..

“बाबूराव तुरंत इस नंबर का पता करवाइये.. कहाँ किस के नाम पर रजिस्टर है गाडी ?”

“जी साहब !”

कुछ ही देर में गाड़ी की सारी डिटेल्स अनिर्वान के पास पहुँच गयी..

अनिर्वान ने गेंदा के सर पर हाथ फेरा और उसे हिम्मत रखने का दिलासा देकर वहाँ से बाहर निकल गया..

उसी समय अस्पताल में भागते दौड़ते से राजेंद्र भावना और सरना दाखिल हो गए..

क्रमशः

4.7 40 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest

72 Comments
Newest
Oldest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
Kirti Saxena
Kirti Saxena
1 year ago

बहुत बहुत धन्यवाद डाक्टर साहिबा गेंदा को बचाने के लिए 🙏🙏😊 बहुत ही सुंदर भाग।

Neeta
Neeta
1 year ago

🙏🙏🙏🙏🙏

Meera
Meera
1 year ago

अनिर्वाण का ये रूप देखने को तो जी मचल ही गया था पर इस रूप के दर्शन k लिए एक मासूम को इतनी पीड़ा सहन करनी पड़ेगी ये कभी नही सोचा था ।
आज तो मर्दन करना ही मांगता है us हैवान को छोड़िए मत , और उस वीर को भी , अपनी दौलत की आंधी पट्टी हटा कर ही रखना आप । 🙏🙏

जितेन्द्र कुमार वैश्य Jitendra Kumar Vaish
जितेन्द्र कुमार वैश्य Jitendra Kumar Vaish
1 year ago

पढ़कर दिल को बहुत आराम मिला की गेंदा के साथ कुछ ग़लत नहीं हुआ आपका बहुत बहुत धन्यवाद 🙏🙏🙏🙏💖💖💖💖 बाकी सब तो अनिर्बान संभाल लेंगे

Mandeep kaur
Mandeep kaur
1 year ago

Outstanding part👌👌👌👌

Gurpreet Kaur
Gurpreet Kaur
1 year ago

😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍

Iti
Iti
1 year ago

Is anant aur veer ko kitti ki tarah maro neech papi aur kitti galiya hai sabde do

Manu Verma
Manu Verma
1 year ago

मुझे पता था आप गेंदा को उन दोनों से बचा लेंगी 😘thanku मेरा विश्वास क़ायम रखने के लिए 🙏🏻।अब गेंदा को अपनी लड़ाई लड़नी है और उन दोनों को सजा दिलानी है,।
लाजबाब भाग 👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻♥️♥️♥️♥️💐💐💐⭐⭐⭐⭐⭐

Last edited 1 year ago by Manu Verma
Hetal shah
Hetal shah
1 year ago

🤗👍thank you Dr.sahiba Genda ka rape nahi huaa par usko jaise torchar kiya un darindo ne soch ke raat ko nind nahi aayi.Genda kitani bholi nirdosh bachchi niswarth seva bhavi.bhala ho uss ladake ka jisane dimag laga kar siron bajaya aur darindo ki ghabarahat ka fayada utha kar Genda chhup gayi.Resham bhi relax ho gayi.par Genda ke jakham roungate khade karane wale hain. Anirwan ne Genda ko naam jaane bina DURGA naam de diya.ab rakshso ka vadh DURGA ke hatho hoga……

pooja Amar khatik
pooja Amar khatik
1 year ago

This is really very Nice story ☺️☺️💐