मायानगरी -9

मायानगरी

मायानगरी -9

     निरमा हॉस्टल से निकलकर सीधे अस्पताल पहुंच गई पिया उसी का इंतजार कर रही थी।
अस्पताल में पहुंचते ही सिस्टर ने निरमा को मोर्चरी जाने का रास्ता दिखा दिया।
मोर्चरी के बाहर दरवाजे पर ही निरमा को समर मिल गया…

” क्या बात है निरमा भाभी आप कुछ ज्यादा ही परेशान लग रही हो?”

“समर सा मेडिकल हॉस्टल में एक लड़की ने स्युसाइड कर लिया है। और कल राजा भैया का यूनिवर्सिटी वेल्कम स्पीच है।
  अभी वह वैसे ही काफी सारे मामलों में उलझे हुए हैं तो मैं नहीं चाहती थी कि मेडिकल वाली यह बात उन तक पहुंचे।”

” आप निश्चिंत रहें यह बात उन तक नहीं पहुंचेगी कल उनका कार्यक्रम अच्छे से निपट जाएगा। विराज को इस सब के बारे में मालूम है?”

” जी मैंने उन्हें मैसेज भेजा था साथ ही मेल भी किया था, लेकिन आप तो जानते हैं विराज सा ने अब तक ना मैसेज देखा है और न ही मेल का कोई जवाब भेजा है।”

” ओके आइए देखते हैं कि पिया ने मुझे और आपको यहां क्यों बुलाया है।”

   वह दोनों दरवाजा खोलकर अंदर चले गए अंदर पिया उस शरीर के पास खड़ी पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर से बात कर रही थी।
   निरमा उसके पास ही जा खड़ी हुई..

“पिया !! “

“आइये निरमा , ये डॉक्टर फड़नवीस हैं। यही हमारे अस्पताल में भी और मायानगरी के मेडिकल में भी पोस्टमार्टम के काम देखतें हैं। आप मायानगरी हॉस्पिटल में पीएम नही करवाना चाहतीं थीं इसलिए इन्हें यहीं बुलवा लिया।”

निरमा ने हल्के से मुस्कुरा कर उन दूसरे डॉक्टर का अभिवादन किया और वापस पिया की तरफ देखने लगी।

“इस लड़की ने सुसाइड नही किया है? किसी ने पहले इसका गला दबाया है और उसके बाद इसे हैंग किया गया है।”

“लेकिन गर्ल्स हॉस्टल के अंदर किसी का भी घुसना इतना आसान नही है? वहाँ पूरी सिक्योरिटी है पिया।”

“हो सकता है….. लेकिन लड़की का मर्डर हुआ है। क्योंकि अगर कोई सेल्फ हैंगिंग करता है तो गले की नस और हड्डी दबने के कारण मस्तिष्क में खून की सप्लाई कम होने से जो एस्फिकसिया डेवलप होता है उसके कारण डेथ होती है। यहाँ साफ साफ गले पर गला घोंटने के निशान नज़र आ रहें हैं। लड़की की मौत दम घुटने से ही हुई है और उसके पहले उसने अपने आप को बचाने के लिए बहुत कोशिश भी की है… क्योंकि गले पर के निशान समानांतर नहीं है यानी कि कातिल गला दबा रहा हो और विक्टिम बचने की कोशिश कर रहा हो, तब वह अपने हाथ पैर बहुत जोर से चलाता है। जिसके कारण कत्ल करने वाले को भी मुश्किल आती है और ऐसी स्थिति में उसका हाथ या उंगलियां एक ही जगह पर फिर नहीं रहती।
   बॉडी के गले और गाल के निचले हिस्से पर कुछ छोटे-छोटे से निशान भी हैं जैसे नेल्स के होते हैं इन्हें चेक करने के बाद मालूम चलेगा कि यह किसी लड़की के है या लड़के के तब हमें सीन और भी ज्यादा क्लियर हो जाएगा।
    अब आप यह बताइए कि यह बात यहां से बाहर जानी चाहिए या नहीं। बाहर पुलिस खड़ी है। “

निरमा ने समर की तरफ देखा और वापस पिया को देखने लगी समर ने निरमा को हाथ दिखा कर शांत रहने का इशारा किया और पिया की तरफ मुड़ गया।

“तुम तो जानती हो चुनाव के नतीजे आने को ही है अगर माया नगरी का ऐसा कोई भी केस बाहर उछल कर आता है, तो हुकम के नाम पूरा कीचड़ ना सही पर उसके छींटे तो उड़ेंगे ही। इतनी कोशिश करो के मामला किसी तरह से दब जाए।
   बस हमें पुलिस से इस केस को छुपा कर रखना है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम अपने लेवल पर छानबीन करना बंद कर देंगे। मैं केस को छुपाने की बात नहीं कर रहा सिर्फ कुछ समय के लिए होल्ड पर रखने की बात कर रहा हूं। एक बार हुकुम का काम हो जाए या  वह अपना पदभार संभाल ले, उसके बाद हम इस केस को वापस ओपन कर सकते हैं। “

” आई एम सॉरी समर!! लेकिन मैं तुम्हारी बात से इत्तेफाक नहीं रखती… अगर इस वक्त राजा भैया को यहां पर बुलाकर पूछा जाए, तो वह भी यही कहेंगे कि सच्चाई को सामने आने देना चाहिए। उन्हें अपने नाम पर लगने वाले बट्टे से ज्यादा चिंता इस लड़की की मौत की होगी। उनके लिए उनकी रियासत और उनकी यूनिवर्सिटी की एक-एक जान बहुत कीमती है। और इसलिए मेरे ख्याल से हमें पुलिस को सब कुछ सच बताना चाहिए।”

” निरमा भाभी बात को समझिए, हुकुम का स्वभाव आप हम सब जानते हैं। कहीं ऐसा ना हो कि इस केस से विचलित होकर वह चुनाव से अपना नाम ही हटा लें। फिर हमारी सारी मेहनत बेकार हो जाएगी। इसलिए प्लीज थोड़ा सा धैर्य रखें, बस दो-तीन दिन की बात है। जैसे ही एक बार हुकुम अपना पदभार संभाल लेते हैं, मैं खुद आपके साथ पुलिस स्टेशन जाऊंगा और यह सारी रिपोर्ट पुलिस के हाथ में सौंप दूंगा।”

” और क्या तब पुलिस वाले आपसे सवाल नहीं करेंगे, कि आप हफ्ते भर से इस रिपोर्ट को क्यों दबाए बैठे थे?”

” उसके लिए तो हमारे सिस्टम में कई सारे लूपहोल्स हैं। हम कह सकते हैं कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में काफी सारी चीजें नहीं पता चल रही थी इसलिए विसरा और बाकी चीजों को बाहर किसी लैब में भेजा गया था जांच रिपोर्ट कलेक्ट करने में वक्त लग गया। “

   निरमा के चेहरे पर अब भी राहत के भाव नहीं थे, लेकिन उसने समर को देखकर धीरे से हां में सिर हिला दिया। पिया बिल्कुल ही तटस्थ भाव से समर को देख रही थी…

” ठीक है समर जैसा तुम कह रहे हो मैं वैसे ही प्राइमा फेसी रिपोर्ट तैयार करके देती हूं, कि अभी हमें पीएम रिपोर्ट आने में लगभग हफ्ते भर का समय लग जाएगा। बाकी की चर्चा मैं डॉक्टर फडणवीस से कर लूंगी साइन तो उन्हें ही करना है।”

समर में एक गहरी नजर पिया पर डाली और उसके कंधे पर हाथ रखकर डॉक्टर फडणवीस और निरमा की तरफ हाथ जोड़कर तेज कदमों से बाहर निकल गया।
   उसके वहाँ से जाते ही निरमा ने पिया की तरफ देखा और परेशान सी एक तरफ लगी कुर्सी पर जा बैठी।
पिया भी उसके पास आकर बैठ गई..

” मैं समझ सकती हूं निरमा आपकी तकलीफ। लेकिन आपको अपने आप को संभालना होगा। इतनी बड़ी यूनिवर्सिटी चलाने के लिए कई बार बहुत सारा धैर्य रखना होता है, आशा करती हूं कि आपकी यूनिवर्सिटी का यह पहला और आखिरी ऐसा केस हो। आइंदा ऐसा कुछ भी आपकी यूनिवर्सिटी में ना घटे। एक बात और मैं आपसे कहना चाहती हूं कि भले मंत्री जी ने जैसा कहा मैं वैसे रिपोर्टिंग करके पुलिस को दे दूंगी। लेकिन अंदरूनी तौर पर मैं सारी जांच करते हुए रिपोर्ट कॉंफिडेंशियली आपको देती रहूंगी। आप मुझ पर पूरा विश्वास कर सकती हैं। और बदले में मैं भी आपसे उसी विश्वास की उम्मीद रखती हूं। की हमारे बीच की ये बात मंत्री जी तक न पहुंचे। “

निरमा ने सिर उठाकर पिया की तरफ देखा, और उसके हाथों पर अपने हाथ रख दिये..

” थैंक यू पिया!! थैंक यू सो मच। मेरे लिए यह बहुत बड़ी बात है कि किसी लड़की ने अपनी जान ले ली या हमारे कैम्पस में उसका मर्डर कर दिया गया। मेरी भी तो एक बेटी है, मैं ये बात कैसे भूल सकती हूं। हम अभिभावक कितने विश्वास से अपने बच्चों को बाहर पढ़ने भेजते हैं, और वहाँ जाकर बच्चे…. खैर!!
   सोचने वाली बात ये भी है की हमारी यूनिवर्सिटी हर तरफ से इतनी सुरक्षित बनाई गई है। सुरक्षा के तमाम साधनों के बावजूद गर्ल्स हॉस्टल में घुसकर आखिर किसने उस लड़की का गला दबा दिया और क्यों?”

” आपने उस लड़की की हिस्ट्री मालूम की है?”

” हां!! उसकी कोई रूममेट मुझे कुछ बता तो रही थी। उसकी असल रूममेट को तो पुलिस अपने साथ ले गई है । हो सकता है कुछ घंटों में उसे छोड़ दें। वैसे  मुझे इस वक्त पुलिस स्टेशन जाना चाहिए, क्योंकि वह लड़की अकेली थाने में परेशान हो रही होगी। “

  “ठीक है आप वहां देखिए मैं यहां जो भी बन सकता है देखती हूं।”

******

      जाने पुलिसवाले कब तक प्राची को थाने में बैठा कर पूछताछ करते रहते अगर समय पर निरमा वहाँ न  पहुंचती।  निरमा ने वहां पहुंच कर पुलिस वालों से बातचीत कर प्राची के लिए हॉस्टल लौटने की अनुमति मांग ली। और उसे अपने साथ लिए हॉस्टल की तरफ निकल गई।

” मैं जानती हूं प्राची इस वक्त तुम घबराई हुई हो। लेकिन फिर भी मैं तुमसे यही कहना चाहती हूं, की अदिति से जुड़ी जो भी ऐसी बात है, जिन्हें बता देने से उसकी मौत पर से पर्दा उठ सकता है तो प्लीज मुझे बता दो।
   मैं वादा करती हूं कि तुम पर कोई आंच नहीं आएगी। “

प्राची , पुलिस की पूछताछ से वैसे भी मानसिक रूप से बहुत थकी हुई थी। उसने निरमा की तरफ देखा और धीमे से सिर झुका लिया। निरमा को भी समझ में आ गया था कि वह शायद अभी कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है।

” कोई बात नहीं। अभी तुम जाकर आराम करो, मैं कल दोपहर के बाद होस्टल वापस आऊंगी। तब हम आराम से बात करेंगे। तुम्हें मुझसे डरने या घबराने की कोई जरूरत नहीं है। तुम मुझे अपनी बड़ी बहन मान सकती हो।”

   हॉस्टल के गेट पर उसे उतारकर निरमा उसके साथ ही भीतर चली आई । वहीं वार्डन के कमरे के बाहर रंगोली और झनक से उसका आमना-सामना हो गया।

” आज की रात प्राची भी तुम लोगों के साथ ही रहेगी।इसे प्लीज कोई भी अकेला मत छोड़ना। “

” नो मैम मैं अपने कमरे में रह लूंगी। “

” तुम्हारा कमरा सील हो चुका है प्राची। इट्स माय आर्डर तुम इन दोनों लड़कियों के साथ रहोगी।”

प्राची ने एक नजर रंगोली और झनक की  तरफ देखा और धीरे-धीरे सीढ़ियों की तरह आगे बढ़ गयी। निरमा ने रंगोली को आंखों से इशारा कर उसके पीछे जाने को कहा और झनक को अपने पास बुला लिया।

” तुम दोनों फर्स्ट ईयर जूनियर्स हो न। इसीलिए मैंने तुम्हारे साथ उस लड़की को रखा है । सेकंड ईयर सीनियर की है वो। हो सकता है वह अपने साथ वालों के साथ रहे तो कुछ लोग जो अदिति को पसंद नहीं करते थे वह प्राची को बुली कर सकते हैं। इसके अलावा अपने  सीनियर के साथ रहना भी उसके लिए अभी मुश्किल वाली बात होगी । जूनियर्स के साथ रहने में उसे किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। तुम दोनों भी पूरी तरह से इस बात का ध्यान रखना कि अदिति की मौत या उससे जुड़ी कोई भी बात उसके सामने मत करना। कोशिश करना कि तुम उसे रिलैक्स कर सको।”

हां में सर हिला कर झनक भी ऊपर अपने कमरे की तरफ चली गई।
   उसके ऊपर कमरे में पहुंचने तक में प्राची ने कमरे को सर पर उठा रखा था। हैरान-परेशान सी रंगोली एक तरफ चुपचाप हाथ बांधे खड़ी थी।

” क्या हुआ रंगोली? मैडम को कुछ चाहिए?”

रंगोली ने सहमी हुई नजर से झनक को देखकर धीरे से हां में सिर हिला दिया।

” प्राची मैम क्या चाहिए आपको? क्या मैं आपकी कोई मदद कर सकती हूं?”

“यस प्लीज!! क्या मेरे रूम से मेरा एक जरूरी सामान लेकर आ सकती हो, उसके बिना मुझे बहुत बेचैनी लगने लगती है!! मुझे ऐसा लगता है, मैं सांस भी ठीक से नहीं ले पा रही हूं।”

” आप का रूम तो सील हो चुका है मैम। आप हमारे प्रोडक्ट देख लीजिए।”

” व्हाट प्रोडक्ट? क्या तुम्हारे पास है?”

” आपको चाहिए क्या?”

” हुक्का!!! मेरे रूम से मेरा हुक्का लाकर दे सकती हो?”

” व्हाट???” आश्चर्य से झनक की आंखें फैल गई । उसने रंगोली की तरफ देखा, रंगोली अब भी वैसे ही हैरान खड़ी थी।

” सॉरी मैम लेकिन आपके कमरे में घुसकर हुक्का लाना तो बहुत मुश्किल है।”

“हम्म आई know। ओके लिसन गर्ल्स तुम लोगों के पास नेट शर्मन है?”

” क्या?”
  रंगोली के पेट में अजीब सी गुड़गुड़ हो रही थी। उसे जाने क्यों प्राची को देखकर ही घबराहट होने लगी थी! और उसका यह सवाल उसके कौतूहल को और ज्यादा बढ़ा गया उसके लंबे से क्या को सुनकर प्राची जरा गुस्से में आ गई।

“नेट शरमन गाइज़ ? डोंट यू नो, द रिचेस्ट एंड लग्ज़ूरीयस ब्रांड स्मोक?”

“मतलब सिगरेट? “

रंगोली की आंखें फट कर बाहर निकल आने को तैयार थी। यह लड़की उस पर एक के बाद एक बम गिरा रही थी। उसने आज तक अपने घर पर अपने अड़ोस पड़ोस में किसी को हुक्का गुडगुड़ाते नहीं देखा था। और यहां उसके सामने जीती जागती भविष्य की डॉक्टर हुक्केबाज थी। जिसे हुक्का नहीं मिलने पर बहुत महंगी सी ब्रांड की सिगरेट की जरूरत थी।

“यू ! क्या नाम है तुम्हारा?”

“जी रंगोली !”

“अच्छा! बड़ा आर्टिस्टिक नाम है।  बनानी भी आती है या बस नाम रख लिया।”

” बस नाम रख लिया है मैंम ।  बनानी नहीं आती।”

” नीचे गेट पर जाना। वहां रोड क्रॉस कर के सामने ही एक टपरी है, वहां से प्लीज एक पैकेट सिगरेट ले आओ। आई प्रॉमिस इसके बाद तुम दोनों को मैं कभी रेंग नहीं करूंगी।”

रंगोली ने धीरे से झनक की तरफ देखा झनक ने भी उसे धीरे से बाहर जाने का इशारा कर दिया।

प्राची से पैसे लेकर रंगोली हॉस्टल की सीढ़ियां उतर कर बाहर गेट तक चली आई वह पहली बार सिगरेट खरीदने जा रही थी उसने आज तक कभी सिगरेट का पैकेट भी नहीं देखा था मन ही मन वह भगवान की प्रार्थना करते हुए खुद को कोसने लगे…
…. मम्मी ने कितनी बार कहा था बेटा गंगाजल की शीशी भी रख ले। काश मैंने उनकी बात सुन ली होती । मम्मी अंतर्यामी होती है क्या? उन्हें कैसे पता था कि एक न एक दिन उनकी बेटी के जीवन में ऐसा बड़ा धर्म संकट भी आएगा, जब उसे ऐसी घटिया चीजें छूनी पड़ेंगी, जिसे छूने के बाद गंगाजल से हाथ धोने की ज़रूरत पड़ जाएगी।

बहुत डरते डरते रोड क्रॉस करके वह उस सामने वाले टपरी तक पहुंच गई ।  8-10 लड़के वहां पर खड़े स्मोक करते हुए बातें कर रहे थे…..

” भैया एक पैकेट सिगरेट देना?”

रंगोली के ऐसा कहते ही, सारे के सारे लड़के एकदम से मुड़ कर उसे देखने लगे।
   रंगोली खुद में इतना घबराई हुई थी की उसका ध्यान उन लड़कों पर गया ही नहीं उसने सिगरेट खरीद कर उसके पैकेट को इधर-उधर चारों तरफ से देखना शुरू कर दिया….

” भैया इसकी भी एक्सपायरी डेट होती है क्या?”

एक बार फिर वही सारे लड़के उसे मुड़ कर देखने लगे।

  टपरी वाले भैया ने मुंह में ढेर सारा गुटका भरा हुआ था। वह वैसे भी बोलने में असमर्थ थे, उन्होंने गुटका संभालते हुए सिर ऊंचा किया और ना में सिर हिला दिया।
   बचे पैसे उसे वापस कर वो दूसरे काम में लग गए। और रंगोली सिगरेट को अपनी लोवर की जेब में डाल तेज कदमों से हॉस्टल की तरफ बढ़ गई।

   उसी टपरी के एक तरफ अभिमन्यु और अधीर बैठे चाय पी रहे थे।
रंगोली के सिगरेट मांगते ही जब सारे लड़के उसकी तरफ देखने लगे उस वक्त अभिमन्यु की चाय छलक उठी….

” यार अभि मैंने सोचा नहीं था, इतने मासूम चेहरे वाली लड़की सिर्फ 17 साल की उम्र में स्मोक करती होगी? अबे दिल को झटका सा लगा है भाभी को सिगरेट खरीदते देख कर!”

“साले तेरे दिल को झटका लगा है बस।  मेरा तो साला हार्ट फेल हो गया। मेरे बीस बीसवाँ जनेऊ धारी कठोर कान्यकुब्ज पंडित पिताश्री को मैं कैसे सिगरेट पीती बहू के लिए मनाऊंगा यार! तू ये सोच। “

” तभी तो बोलता हूं भूल जा इसे।”

“अबे तू जिस ढंग से बार बार इसे भूलने के लिए कहता है। मुझे तो लगता है साले तू खुद अपनी सेटिंग करना चाहता है।”

” बस हो गया बंटाढार।  सदियों से फिल्मों में देखता आ रहा हूं। दो अच्छे दोस्त सिर्फ एक लड़की के कारण ही अलग होते हैं…

” अबे बस कर बे कितना पकाएगा। अब मूड ऑफ हो गया है। 1-1 शॉट लगाना पड़ेगा!”

  “पर तू तो पीता नही है?”

“अबे बैडमिंटन शॉट की बात कर रहा था, चल कोर्ट चलतें हैं। कल सुबह जल्दी उठना है , यूनिवर्सिटी का मालिक आ रहा है…”

“कौन , विराज सिंह ?”

“अबे  नही यार…. राजा साहब आने वाले हैं…. राजा अजातशत्रु सिंह…..
    

क्रमशः

aparna……

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