होली आय गई

उड़े रंग अबीर गुलाल रे
आए सज धज के नंदलाल
के होली आय गई

माथे पे पहने हैं मोर का मुकटा
फूलों की होली है झूला भी सजता
झूले राधे संग गोपाल
के होली आय गई।

कर में पिचकारी कनक की सुहाए
राधा की चुनरी वो रंग रंग जाए
रंगा आंगन और चौपाल
आए सज धज के नंदलाल
के होली आय गई।

नौ मन अबीर बिरज में बरसे
मन नर नारी के बड़े हर्षें
दस मन उड़े गुलाल
आए सज धज के नदलाल
के होली आय गई।

राधा बिन होली न कान्हा बिन होली
होली आपस में हंसी ठिठौली
नर नारी रंगे कमाल
आए सज धज के नंदलाल
के होली आय गई।

डॉ रश्मिलता मिश्रा

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Abhishek kr singh
Abhishek kr singh
1 year ago

Waah, बेहतरीन कविता, कविता लेखन सीखने में सहायक, सरल वाक्यांश और गायन युक्त है, सरस्वर पाठ के लिए भी बेहतरीन और सबसे अधिक होली पर लिखी गई बेहतरीन कविता ….वाह …💐🙏🙏👌