
बेसब्रियां दिल की – 36
“खाना खा लें.. फिर आराम से सारी बात बताती हूँ !”
हाँ में सर हिला कर सिम्मी भी उसकी मदद करने रसोई में चली गयी…
रात अपने कमरे की बालकनी में निम्मी और सिमरन एक साथ बैठे थे और तब निम्मी ने सिमरन को सारी बातें बताना शुरू किया…
श्लोक और मोहिता से मिलने से लेकर मोहिना का वहाँ आना और वापस जली कटी सुनना, लेकिन मोहिना की हर कड़वाहट के ऊपर श्लोक का निम्मी के साथ प्यार से लंच करना और सारा कार्यक्रम निपटने के बाद उसे घर वापस छोड़ने आना..
ये सब कुछ बताते हुए निम्मी के चेहरें की ख़ुशी सिमरन को भी खुश किये जा रहीं थी..
निम्मी के हर एक निर्णय पर सिमरन उसके साथ थी..
बचपन से दोनों बहनों में कभी किसी तरह का मन भेद नहीं हुआ, जबकि निम्मी बेहद खूबसूरत थी..
और सिमरन साधारण चेहरें मोहरे की..
घर परिवार के लोग अक्सर निम्मी और सिमरन में तुलना करते हुए कहीं ना कहीं सिम्मी को जाने अनजाने नीचा दिखा जाया करते थे..
बावजूद सिमरन के मन में इस बात के कारण भी निम्मी के लिए कोई बैर पैदा नहीं हुआ..
निम्मी जितनी चेहरें से खूबसूरत थी उतना ही उसका मन साफ़ था.. उसे दुनिया में कोई कभी गलत नहीं लगता था..
वो पूरी दुनिया को खुद सा सच्चा और ईमानदार मानती थी.. और यहीं कारण था वो हमेशा खुश रहा करती थी.!
जिस वक्त श्लोक और उसके बीच ग़लतफ़हमी पैदा भी हुई, तब भी बहुत थोड़े से समय में ही उसने अपने आप को संभाल लिया था! और उस बात को एक तरफ रख अपनी जिंदगी में आगे बढ़ गई थी | उसने अपना एक लक्ष्य चुन लिया था, और उस लक्ष्य की पूर्ति में जी जान से जुट गई थी | उसकी यही बात सिमरन को और भी ज्यादा पसंद आती थी, सिमरन तो खैर शुरू से ही आत्म विश्वासी और बुद्धिमान थी..|
दिखने में साधारण होने के बावजूद उसके आत्मविश्वास में कभी कोई कमी नहीं थी, उसे मालूम था कि जो कोई भी उससे रिश्ता जोड़ना चाहेगा वह उसके व्यक्तित्व से जुड़ेगा ना कि उसके बाह्य आवरण से…. |
दोनों बहनो में निश्छल प्रेम था…
लेकिन विम्मी दोनों से अलग थी.. उसकी ज़िंदगी में दिखावा बहुत ज्यादा था..
रील्स बनाना उन्हें अपलोड करना और फिर कितने लाइक्स आये कितने नहीं इसी में उसका जीवन चल रहा था..
इंस्टा पर अपना रोज़ का कारनामा डाले बिना उसे चैन नहीं था…
वहाँ पर अपने फॉलोवर्स के बीच वो खासी लोकप्रिय थी.. बहुत बार वो जोशीले कोट्स बोल कर वीडियो बनाया करती तो कभी नारी शक्ति की आवाज़ बुलंद करती.. जो भी था उसके चाहने वालों के लिए वो किसी स्टार से कम नहीं थी.. और ये बात उसका घमंड बढ़ाने के लिए बहुत थी…
सिमरन ने उसे बहुत बार समझाने की कोशिश भी की थी लेकिन विम्मी किसी की सुनती ही नहीं थी..
अट्ठारह की हो चुकी थी लेकिन बचपना अब भी कायम था !
अपनी दोनों बहन से एकदम अलग, निराली ही थी विम्मो.. !
सिमरन और निम्मी अपनी बातों में लगी थी…
“क्या सरप्राइज़ था निम्मो ?”
“तेजस की बात थी.. मुझे आज श्लोक जी ने बताया ! तुझे पता है अक्षत तेजस से इतना चिढ़ता क्यों है ?”
“हाँ चिढ़ता तो है लेकिन क्यों ये नहीं पता… !”
“तेजस ने जायदाद हथियाने के लिए बहुत घिनौना षड्यंत्र रचा… उसने अक्षत की छोटी बहन को अपने प्यार के जाल में उलझा लिया..
और जब उस नासमझ लड़की ने कहा की घर पर कोई नहीं मानेगा तो उसे अपने साथ भागने के लिए मजबूर करने लगा.. उस समय वो बस स्कूल पास कर के कॉलेज पहुंची ही थी..
एक रोज़ तेजस ने उसे कहा की अगर वो उसके साथ नहीं भागी तो किसी भी बड़ी उम्र के आदमी से उसके घर वाले उसकी शादी करवा देंगे..
किसी और से शादी करने से अच्छा उसी से कर लें..
वो नासमझ भी तैयार हो गयी और तब इसने अपनी चाल चल दी..
इसने कहा घर पर पड़े सारे गहने और कैश उठा कर ले आना..
वो भी तैयार हो गयी..
वो सारी तैयारी कर भागने ही वाली थी कि घर की पुरानी नौकरानी के बुलाने पर अक्षत तुरंत पहुँच गया..
अक्षत ने जैसे ही अपनी बहन को भागने की तैयारी में देखा, उसे डांटने फटकारने की जगह प्यार से उसके सर पर हाथ फेर कर उसके पास बैठ गया..
अक्षत के पूछने पर उसने सब कुछ बता दिया..
अक्षत के दिलासा भरे शब्दों की उसे उम्मीद नहीं थी क्योंकि तेजस ने उसे ख़ूब डरा रखा था.. !
उसे ये कहा था कि अक्षत उन दोनों के प्यार का सबसे बड़ा दुश्मन है.. ।
अक्षत ने जब अपनी बहन के मुँह से ये सब सुना तब उसने पूरे धैर्य के साथ उसकी बात सुन कर अपनी बात कहनी शुरू कर दी..
“सुनो पिंकी… मैं तुम्हारी बात मानने को तैयार हूँ ! मैं तुम्हारी मर्ज़ी से तुम्हारी और तेजस की शादी करवा दूंगा, लेकिन उसके पहले तुम दोनों को मेरी एक शर्त माननी होगी.. !”
“कैसी शर्त भैया ?”
“तेजस को बोलो की वो अपने बलबूते पर कुछ कमा कर दिखाये.. कम से कम मेरी राजकुमारी को सुकून की ज़िन्दगी तो दे पाए, और तब तक तुम अपनी पढाई पूरी कर लो.. बोलों मेरी ये दो आसान सी शर्तें मंजूर हैं तो चलो मैं अभी तुम्हारे साथ चलता हूँ.. और उससे बात कर लेता हूँ..
पिंकी ख़ुशी से अपने भाई के सीने से लग गयी, उसे तेजस की चालाकी तो मालूम नहीं थी.. ।
उस दिन अक्षत ने अपनी बहन को भागने से बचा लिया..
अगले दिन पिंकी ने तेजस को सारी बातें कहीं तो तेजस ने गुस्से में फ़ोन काट दिया..
वो जो चाहता था वो नहीं हुआ था..
अगर खुद ही कमा कर काबिल बनाना होता तो वो पिंकी से शादी ही क्यों करता.?.
खुद में बड़बड़ाता वो कमरे से निकलने को था कि, अक्षत वहाँ पहुंचा और एक ज़ोरदार घूंसा तेजस को लगा दिया..
साथ ही उसे धमकी भी दी कि आज के बाद वो उसकी बहन के आसपास भी नज़र आया तो वो उस जेल में डलवा देगा.. ।
पिंकी नाबालिग थी, इसलिए अक्षत की धमकी काम कर गयी और तेजस वहाँ से गायब हो गया..
इस सब के बाद तेजस अपने नाम बैंक में रखें पैसे लेकर यहाँ चला आया और यहाँ काम शुरू कर दिया.. लेकिन वो हर जगह फसाद ही करता है.. ।
उसका उद्देश्य बस कम मेहनत कर के पैसे कमाना है….
वो यहाँ भी यहीं कर रहा है..
जुए ताश में पैसे गँवा गँवा कर उसने ख़ूब सारा कर्ज कर लिया है..
उस कर्ज़े से निपटने के लिए भी वो अक्षत के पिता के पास वापस पहुँच गया था..
पर इस बार अक्षत ने उस पर किसी को तरस नहीं खाने दिया और उसे धक्के मार कर निकाल दिया..
बस इसलिए जब हमारे यहाँ तेजस ने अक्षत को देखा तो उसके बारे में तुमसे ऊलजलूल कहने लगा..
“ये तो बिल्कुल ही बकवास आदमी निकला निम्मी ! अक्षत ने मुझे इतने सब के बाद भी सारी बात नहीं बताई.. या शायद मैंने उसे मौका ही नहीं दिया..
हो सकता है मौका देती तो बता भी देता.. ।
“ज़रूर बता देता.. जब श्लोक ने मुझे बता दिया तो अक्षत तुझे कैसे नहीं बताता.. ?”
दोनों बहनो की बातों के बीच सिम्मी का फ़ोन बजने लगा ।
उसने जाकर फ़ोन उठाया..
उसकी मम्मी का फ़ोन था..
“हाँ मम्मी बोलो !”
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“सिम्मी…. बेटा…
“हाँ मम्मी बोलो.. क्या हुआ ? पापा ठीक है ?”
“हाँ वो ठीक है… लेकिन विम्मी…
“क्या हुआ विम्मी को… ?”
अपनी माँ की आवाज़ की घबराहट सिम्मी का दिल भी धड़का गयी…
“सिम्मी.. सुन बेटा… विम्मी एक चिट्ठी छोड़ गयी है.. और वो कहीं चली गयी है.. ।”
“मतलब.. कहाँ चली गयी.. ?”वो तेजस के साथ घर छोड़ कर भाग गयी है..
क्रमशः
