
बेसब्रियां
दिल से……
इंग्लिश लिटरेचर में जेन ऑस्टिन एक बहुत बहुत बहुत ही बड़ा नाम है…
Pride and Prejudice 1803 में लिखा गया रोमांस ड्रामा नॉवेल है.. जिसकी पृष्ठभूमि इंग्लैण्ड की है…
इस कहानी के मुख्य पात्र है एलिज़ाबेथ बेनेट और डोर्सी…
कहानी में बेनेट दंपत्ति एक मध्यम वर्ग से ताल्लुक रखने वाला परिवार है जिनकी पांच बेटियाँ हैं…
श्रीमती बेनेट की यही कोशिश रहती है कि उनकी किसी बेटी की शादी अच्छे खानदान में हों जाएं, और इसके लिए वो हमेशा प्रयासरत रहती हैं…
ये कहानी मुख्य रूप से एलिज़ाबेथ और डॉर्सी की भावुक प्रेम कहानी है.. जो दिल को छू जाती है.. इसके साथ है एलिज़ाबेथ की बड़ी बहन जेन और डॉर्सी का सबसे खास दोस्त चार्ल्स बिंगले…
ये दोनों भी कहानी के मुख्य पात्रो में से है और इनकी प्रेम कहानी भी समानांतर चलती है…
प्राइड एन्ड प्रिजुडीज़ मुख्य रूप से रोमांस ड्रामा है जो पढ़ने पर पाठकों को एक नयी लुभावनी दुनिया में ले जाता है…..
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तो दोस्तों आप तैयार है..?
मेरे नज़रिये से इस कहानी को पढ़ने के लिए……
तो आइये मेरी कहानी की तरफ चलते हैं…
मेरी कहानी की पृष्ठभूमि होगी नयी दिल्ली…
करोलबाग में रहने वाले सेठी परिवार और उनकी तीन तीन कन्या रत्न से मिलने के लिए तैयार हों जाइये….
*परियों सी सुन्दर, गोरी उजली मक्खन की डली सी – निमरत कौर उर्फ़ निम्मी
(घर की सबसे बड़ी लड़की… )
* सांवली सलोनी पर तेज़ दिमाग की, ज़िद्दी अड़ियल अपने धुन की पक्की और खुद के सामने किसी को कुछ न समझने वाली… –
– सिमरन कौर उर्फ़ सिम्मी
(घर की दूसरे नंबर की बेटी.. )
* गोरी चिट्टी नाज़ुक सी, फैशनेबल और हर समय टिकटोक में वीडियो अपलोड करने और इंस्टा पर फोटो पोस्ट करने में महा बिज़ी….
-विमल उर्फ़ विम्मी उर्फ़ ज़ुबाँ केसरी
(घर की सबसे छोटी और माँ की लाड़ली बेटी… )
* गुलगुथनी , मैदे की चिट्टी सी बोरी, खाने पीने की शौकीन लेकिन काम से बचने के लिए अक्सर बीमार पड़ जाने की ऑस्कर विनिंग एक्टिंग करने वाली….
– परमजीत कौर उर्फ़ पम्मी जी –
(तीनों कन्याओं की मम्मी जी )
* इंद्रवदन सेठी उर्फ़ इंदु जी – इनकी तारीफ कहानी के साथ साथ मालूम चल जाएगी…
(तीनों कन्याओं के पापा जी…)
* डब्बा सिंह – इंदु जी के दोस्त का बेटा,जो फ़िलहाल इनके पड़ोस में रहने वाला छिछोरा लड़का है और अक्सर बहाने बना कर तीनों बहनों को ताड़ता रहता है…
* लीला भल्ला – करोलबाग की शादी लाल ! पम्मी की पक्की से पक्की सहेली, जो आये दिन आड़े तिरछे रिश्ते बता बता कर पम्मी का मिज़ाज़ बिगाड़े रहती है.. !
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वर पक्ष…
* अक्षत राज खनूजा…. – एक अरबपति और खुद पे गौरवान्वित सनकी युवा, जिसके लिए रुपयों की चकाचौंध से ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ नहीं…
* श्लोक अम्बुजा – अक्षत का बचपन का दोस्त और बिज़नेस पार्टनर.. एक समझदार और मोस्ट एलिजिबल बेचलर, जिसके ख्वाब लड़कियां देखा करती है…
इन्होने वैसे तो फिनेंस में पढाई कर रखी है और इतने बड़े अम्पायर के मालिक होने के बावजूद अपनी कम्पनी के अकाउंट्स खुद देखते हैं यानी सी ए भी है.. !
* मोहिना अम्बुजा – श्लोक कि नकचढ़ी बहन जो दिलों जान से अक्षत राज पर फ़िदा है..
*मोहिता अम्बुजा – श्लोक की बड़ी बहन, जिसने अपने घर वालों कि मर्ज़ी के खिलाफ लव मैरिज की थीं और अब शादी के तीन साल बाद मायके आ बैठी है और जिसके तलाक के लिए उसका पूरा परिवार कोशिशमन्द है.. !
* तेजस सिंह – सिम्मी का स्कूल का दोस्त ! जो अपनी स्किल्स और बुद्धि के बल पर एक पुलिस वाला बन जाता है …… ! वो शादी तो सिम्मी से करना चाहता है लेकिन….
* धरा मासी – सिम्मी की मासी और सुप्रसिद्ध किताब वामा की एडिटर !
अपनी सगी बहन से बिल्कुल अलग… इन्हीं के कहने पर…..
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अरे नहीं नहीं…. अभी ही सब कुछ बता दिया तो कहानी का मजा किरकिरा हों जायेगा…
तो चलते है एक नयी रंगीन, हंसी ठहाको की फुलझड़ियो से रोशन मेरी नयी कहानी….
besabariyaan……
क्रमशः
aparna…..

ये तो पढ़ी हुई है, पर आधी लिखी गई थी, इस बार पूरी पढ़ेंगे, नाईस स्टार्ट दी…👍💐💐🙏
😊बेसब्री से इंतजार था…. 😊🙏🏻
Aapki har rachna bemisal he….