जीवनसाथी -3 भाग – 60

जीवनसाथी -3 भाग -60

जीवनसाथी by aparna

मुस्कुरा कर शोवन भी अपने बालों पर हाथ फेर कर उन्हेँ ठीक करता हुआ उसके पीछे ही बाहर निकल गया..

वो बाहर निकल कर जा रहा था की पिया ने उसे बीच में ही रोक लिया..
पिया ने अपने हाथ में एक प्लेट पकड़ रखी थी..
उसने चम्मच में कुछ लेकर अपने लाड़ले की तरफ बढ़ा दिया और शोवन ने खा लिया.. टिशू से मुहं पोछता वो अपनी मॉमी से कुछ बात करने लगा..
उसे खिला कर पिया खुद भी खाने लगी..
अपनी मॉमी की प्लेट से दो निवाले खा कर वो अपनी गैंग की तरफ बढ़ने लगा..

परी वहाँ आकर बैठ चुकी थी.. यश की नजर शोवन पर ही थी..

“हाय हमारी गोरी, जब तक अपनी मम्मा के हाथ से खा ना ले उसकी भूख ही नहीं मिटती ?”

यश ने धनुष को देख कर बोला.. और धनुष गर्दन हिलाते हुआ बोल पड़ा..

“भाई क्या बताऊँ तुम्हे… ये मॉमी और ये उनका लाड़ला….!
भगवान से यही मांगता हूं कि अगले जन्म में कुछ भी पैदा कर देना, बस छोटा भाई बना कर मत भेजना! शोषण होता है यार मेरा शोषण…
पूरे घर में शोवन भाई से कभी कोई कुछ भी करने को नहीं कहता, शोभन भाई जो है हमारे घर के राजकुमार है! और मैं इनका सेनापति या मंत्री नहीं, सीधे-सीधे चपरासी हूं। हमारे घर की कलेक्ट्री शोवन भाई के हाथ में है..
रोज सुबह ब्रेकफास्ट में क्या बनेगा से लेकर डिनर में क्या खाया जायेगा वो भी यही डिसाइड करते हैं.. ।
किसके कमरे में कौन से कलर के कर्टन लगेंगे, किस कलर की दीवारें पेंट होगी से लेकर नौकरों को कौन-कौन सा काम दिया जाएगा, यह भी मॉम शोवन भाई से ही पूछ पूछ कर करती है।
मतलब एक तरह से हमारे घर के बॉस ये हैं, और मैं इनका अर्दली।
ऐसा है कि मॉम को पानी भी पीना हो ना तो शोवन भाई को नहीं बोल सकती। मुझे आर्डर मिलेगा।
   यहां तक कि शोवन भाई को पानी पीना हो तो भी मुझे ऑर्डर दिया जाएगा।
     मैं कहता हूं घर में इतने हेल्पर है किसी से मंगवा लो, लेकिन मॉम को काम करवाने के नाम पर मैं दिखता हूं, और रूल करने के नाम पर शोवन भाई दिखते हैं।
  अच्छा भाई भी हमारे बड़े स्मार्ट है। मॉम के सामने ऐसे सीधे बने रहेंगे की क्या बताऊं, लेकिन मैं जहां अपनी करने जाता हूं यह अपनी बात पर अड़ जाते हैं..।

दिवाली पर शोवन भाई ने कहा घर पर सारे लोग फिरोजी पहनेंगे।
     हेल्पर्स के लिए भी जो कपड़े आए, साड़ियां कुर्ते वह मम्मी ने शोवन भाई की चॉइस के हिसाब से गोल्डन कलर के लिए। और हम चारों के लिए फिरोजी।
मुझे इनकी कलर थीम मालूम नहीं थी। मैं शॉप के लिए गया था। मैंने पीच कलर का सबके लिए उठा लिया। सामान घर आकर देख रहा हूं फिरोजी।
अब मैंने कह दिया भाई इस बार मेरी चॉइस का पहन लो ।
  अड़ गए, हम सब पहनेंगे तो बेटा फिरोजी। तुम्हारा मन नहीं है तुम कुर्ता मत पहनो।
      मतलब मैं कह रहा हूं भाई को की, भाई आप तो सीधे-साधे हो यार, मान जाओ।
   इस बार पीच पहन लेते हैं, फिरोजी दिवाली की पोस्ट पार्टी में पहन लेंगे।
     भाई कुछ कहते नहीं है बस मुझे देखने लगते हैं।और मुड़कर चले जाते हैं।

और फिर मम्मी आई और फिर वह मुझ पर बरस पड़ती है।
   और इस तरह से घर का सबसे शोषित और प्रताड़ित बच्चा हूं मैं…।”

धनुष की बात पर सब हंसने लगे और मीरा उसे घूर कर देखने लगी..

“अच्छा इसीलिए बाहर इतना रौब जमाते हो.. घर पर चलती जो नहीं.. !!

“तुम तो अपने काम से काम रखो.. वैसे काम रखने, मैं भी किस को कह रहा, जिसे काम करने के लिए सौ बार पीछे से धक्का देना पड़ता है..।
वैसे एक बात कहूं मीरा, तुम्हारा नाम गलत रख दिया तुम्हारे पेरेंट्स ने… कहीं किसी एंगल से ये नाम तुम पर सूट नहीं करता…

“तो… नाम से क्या फर्क पड़ता है.. वैसे भी टॉलस्टॉय ने कहा है नाम में क्या रखा है..?”

मीरा की बात सुन वहाँ बैठे सभी अपनी हंसी रोकने की कोशिश करने लगे लेकिन धनुष और यश हँस पड़े….

“टॉलस्टॉय नहीं मैडम शेक्सपियर ने कहा है.. वैसे तुम टॉलस्टॉय का नाम जानती हो ये बात भी मुझे अचरज में डालती है.. !”

वो सभी लोग बातों में लगे हुए थे, लेकिन शौर्य का ध्यान अपनी रानी मॉम पर ही अटका हुआ था..
वो बार बार नजर बचा कर उन्हेँ देख लेता था..
कली की नजर शौर्य पर ही अटकी थी, उसे महसूस हो रहा था की शौर्य परेशान है लेकिन क्यों ये वो समझ नहीं पा रही थी..

उसे इस तरह चिंतित देख कली भी व्याकुल हुई जा रही थी.. उसका मन उसी में अटका हुआ था..
उसे लग रहा था कैसे शौर्य से पूछे कि आखिर बात क्या है..

उधर ऑर्केस्ट्रा पर एक बहुत लोकप्रिय बॉलीवुड सिंगर गाने गा रहा था, उसकी पूरी टीम उसके साथ थी, एक लड़की भी उसका साथ दे रही थी… .. उन दोनों ने गाना शुरू किया..

आते जाते, हँसते गाते
सोचा था मैंने मन में कई बार
होठों की कली, कुछ और खिली
ये दिल पे हुआ है किसका इख्तियार
तुम कौन हो, बतला तो दो
क्यूँ करने लगी मैं तुम पे ऐतबार
खामोश रहूं या मैं कह दूँ
या कर लूँ मैं चुपके से ये स्वीकार
यही सच है, शायद मैंने प्यार किया
हाँ हाँ तुमसे, मैंने प्यार किया…..

गाने के बीच हर्ष उठ कर बाहर की तरफ निकल गया.. उसे जाते देख रियाल भी धीरे से वॉशरूम जाने का बहाना कर उठ गयी और हर्ष के पीछे चली गयी..।

मीठी गाना सुनने में मग्न थी…

हर्ष के किसी दोस्त का कॉल था, वो अपनी शादी में उसे बुला रहा था, हर्ष का दोस्त भी हर्ष के सारे भाइयों को जानता था.. और उसने उन सभी को बुलाया था.. उसी से बात करता हर्ष निकल गया था..।
मौके का फायदा उठा कर रियाल भी उसके पीछे पीछे चल दी..
लेकिन उसी वक्त धनुष के पास समर का फ़ोन आने लगा और वो भी फोन उठाये बाहर निकल गया..

हर्ष बात कर रहा था और रियाल ठीक उसकी पीठ के पीछे खड़ी थी..।

हर्ष के पास से आती खुशबु से रियाल ने आंखे मूंदी और उस खुशबु को अपने अंदर महसूस कर रही थी कि धनुष पहुँच गया.. 

  “परफ्यूम डु बोइस ऐंबर !”

धनुष ने बोला और रियाल चौंक कर उसकी तरफ देखने लगी..

“क्या ? “

“हर्ष का परफ्यूम !” धनुष मुस्कुरा उठा..

“वैसे ‘रोज़ा दि ला’ भी यूज़ कर लेते हैं… और मैं बुल्गारी.. !”

रियाल ने धनुष को कोई जवाब नहीं दिया और आगे बढ़ गयी..

धनुष की समर से बात हो गयी थी, वो वापस लौट रहा था कि सामने से मीरा आती दिख गयी..

“क्या हुआ.. अब अकेले अकेले ही बड़बड़ाने लगे ?”

“अकेले क्यों बड़बड़ाउंगा.. वैसे हैंडसम होना भी बुरी बला है.. अब हर्ष को देखो, जहाँ जाता है लड़कियाँ बहाने बना बना कर पीछे पहुँच जाती हैं.. !”

“दिखते तो तुम भी अच्छे ही हो बस ज़बान गज भर लम्बी है.. !”

“मैं खुद भी तो लम्बा हूँ.. फिर जबान कैसे छोटी हो जाएगी.. !”

“उफ़ तुम्हारे पास तो जो ना पूछो उस सवाल का भी जवाब है.. ! तुमसे बात ही करना बेकार है !”

“तो करती ही क्यों हो.. मैं तो तुमसे बात करना भी नहीं चाहता.. !”

धनुष पलट कर चला गया, मीरा वॉशरूम की तरफ बढ़ गयी..
रियाल हर्ष के पास थी.. हर्ष जैसे ही फ़ोन रख कर पलटा रियाल से टकराते टकराते बचा..।

बचते बचते भी वो हल्का सा लड़खड़ा गया और रियाल से छू ना जाये इसलिए वो दूसरी तरफ को हो रहा था कि रियाल ने उसकी बांह पकड़ ली..

लेकिन इस तरह बांह पकड़ कर उसे संभालने के चक्कर में उसकी हलकी सी लिपस्टिक हर्ष की बाजू पर लग गयी, जिस पर हर्ष का ध्यान नहीं गया..
लेकिन रियाल के चेहरे पर मुस्कान चली आयी..

” आई एम् सॉरी… मैंने देखा नहीं था.. !”

“कोई बात नहीं.. अब देख लीजिये.. करीब से… !”

हर्ष ने माथा सिकोड़ कर रियाल की तरफ देखा..
अजीब थी ये लड़की… कभी तो मीठी की दीवानी सी लगती थी, और कभी कुछ भी ऊलजलूल बोलने लगती थी.. !”

“क्या… मैं समझा नहीं ?”

“समझ लो ना.. ऐसा भी कौन सा रॉकेट साइंस समझा रही हूँ.. देखो हर्ष, सीधी सी बात है मेरे और मीठी के बीच से हट जाओ..।
वरना मैंने अगर तुम्हे हटाने की कोशिश की तो तुम्हे पछताना ना पड़े.. !”

हर्ष ने हल्का सा मुस्कुरा कर रियाल को देखा..

“प्यार का दुश्मन नहीं हूँ मैं.. मैं तुम्हारी भावनाओ का भी पूरा सम्मान करता हूँ.. !
अगर मुझे एक बार भी लगता की मीठी भी तुमसे प्यार करती है तो मैं बेशक तुम दोनों के बीच से हट जाता, लेकिन पता नहीं क्यों मुझे ऐसा लगता है मीठी को तुमसे सिर्फ सहानुभूति है, प्यार नहीं !”

“गलत लगता है तुम्हे ! मीठी मुझसे उतना ही प्यार करती है जितना तुम उससे !”

“तो तुम मीठी का प्यार साबित कर दो.. जिस दिन मुझे यक़ीन हो गया कि मीठी तुमसे उतना ही प्यार करती है जितना मैं मीठी से, उस दिन मैं खुद तुम दोनों के रास्ते से हट जाऊंगा !”

इतना बोल कर हर्ष हँस पड़ा

“इसमें हंसने की क्या बात मिस्टर गोल्डन स्पून !”

“हंसने की बात तो है मिस ओवर स्मार्ट,  क्यूंकि जब तुमने तुलना भी कि तो मेरे प्यार की ही की अपने की नहीं..
तुम य़े भी कह सकती थी कि मीठी तुमसे उतना ही प्यार करती है जितना तुम उससे पर तुमने मेरा नाम लिया..।
अब इसी से सोच लो तुम्हारा दिल भी जानता है कि मीठी से, मुझसे ज्यादा प्यार इस दुनिया में कोई नहीं कर सकता….उसके लिए मैं कुछ भी कर सकता हूँ..!”

“अच्छा ? ऐसा क्या कर सकते हो ?”

“ये तो वक्त आने पर पता चल ही जायेगा..।”

वो दोनों बातों में लगे थे कि मीठी हर्ष को आवाज़ देती वहाँ चली आयी..

“हर्ष तुम यहाँ क्या कर रहे, वहाँ तुम्हारे नाम की पुकार लगी है.. !”

मीठी के बुलाने पर हर्ष ने एक बार रियाल को देखा और मुड़ कर मीठी के पास चला आया..

रियाल को भी साथ आने के लिए बोल कर मीठी आगे बढ़ गयी..।

मीठी और हर्ष साथ साथ चलते हुए बहुत प्यारे लग रहे थे.. दोनों ने एक ही सा रंग पहना था ! और एक से ही प्यारे लग रहे थे..

चलते वक्त ही मीठी का ध्यान हर्ष की बांह पर लगी लिपस्टिक पर चला गया.. लेकिन वो जब तक उस निशान को हर्ष के कपड़े पर से हटा पाती वो लोग लोगों के बीच पहुँच गए थे..।

उन लोगों के एमरेल्ड के अंदर पहुँचते ही भीड़ पर से हट कर हर्ष ने अपनी माँ की तरफ नजर घुमाई, वो बस उसी का इंतज़ार कर रही थी..।
उन्होंने इशारे से अपने लाड़ले को अपने पास बुला लिया..।

हर्ष मुस्कुरा कर तेज़ी से चलता आगे बढ़ गया.. मीठी चुपचाप खड़ी रह गयी..।

हर्ष रूपा के पास पहुँच गया..
रूपा के साथ ही युवराज और बांसुरी भी खड़े थे…
रूपा के सामने एक और राजसी परिवार खड़ा था..
उस परिवार को देख कर ही मालूम चल रहा था कि ये भी कोई खानदानी राईस परिवार है, वैसे भी रूपा किसी भी ऐरे गैरे को अपना और परिवार का कीमती समय नहीं दे सकती थी…

हर्ष के वहाँ पहुँचते ही सबके चेहरों पर चमक चली आयी….

“इनसे मिलिए, ये हमारे बेटे कुंवर हर्षवर्धन सिंह बुंदेला है.. !”..

रूपा ने उन लोगो से हर्ष का परिचय करवाते हुए कहा और हर्ष ने उन लोगो की तरफ देख अपने हाथ जोड़ दिए…
बांसुरी भी पास ही खड़ी मुस्कुरा रही थी..

रूपा ने प्रियदर्शिनी की तरफ देखा..

“हर्ष ये हमारी बचपन की दोस्त हैं गीता, और ये इनकी बेटी है प्रियदर्शिनी.. !”

प्रियदर्शिनी ने हर्ष की तरफ देखा और शरमा कर अपना हाथ हिला दिया, हर्ष भी मुस्कुरा कर रह गया..

“अरे हाथ वाथ तो मिला लो… आजकल के ग्रीट करने का तरीका तो यही है ना ?”

गीता के पतिदेव बोल पड़े और हामी भरता हर्ष अपना हाथ आगे बढ़ा गया..
शरमा कर प्रियदर्शिनी ने हर्ष का हाथ थाम लिया..

वहीँ खड़ी बांसुरी की नजर वहाँ से थोड़ा दूर खड़ी मीठी पर चली गयी.. मीठी की नजर हर्ष पर ही थी..।

मीठी के ठीक बगल में आकर रियाल खड़ी हो गयी थी..

“ये रईस और ये इनके चोंचले.. वैसे मीठी तुम मुझ पर यक़ीन नहीं करोगी लेकिन तुम्हारा ये दोस्त अच्छा आदमी नहीं है..
खास कर लड़कियों के मामले में..
अभी भी जब मैं बाहर थी, ये मेरे पास आ गया और ज़बरदस्ती मुझे पकड़ने की कोशिश करने लगा…
मैंने उसे समझना चाहा कि मुझे इस तरह से बातचीत करना पसंद नहीं, पर सुनने को तैयार नहीं था, इसी झूमाझटकी में मेरी लिपस्टिक भी उसकी बांह में लग गयी..

मीठी को याद आ गया उसने हर्ष की बांह में लिपस्टिक का दाग देखा तो था..

वो कुछ सोच कर हर्ष की तरफ बढ़ रही थी कि रूपा ने माइक लेकर बोलना शुरू कर दिया..

“यहाँ उपस्थित आप सभी आदरणीय लोगों से अनुरोध है कृपया हमारी तरफ गौर कीजिये…।
आज हम बहुत ख़ुशी के साथ आप सबको ये बताना चाह्ते हैं, कि हमारे लाड़कुंवर कुंवर हर्षवर्धन के लिए हमने अपनी खास सखी गीता की इकलौती पुत्री प्रियदर्शिनी का हाथ और साथ माँगा है…।
हमे पूरा यक़ीन है कि हर्षवर्धन के लिए प्रियदर्शिनी से अच्छी वधु हमें नहीं मिल सकती..।
वैसे तो हम आज इन दोनों की सगाई ही करवाना चाह्ते थे, लेकिन जैसा की आप सबको पता है कि हमें दावतों का कितना शौक है। इसलिए सोचा आज घोषणा कर देते हैं और दो दिन बाद हमारी दादी साहब के जन्मदिन के उपलक्ष्य में सगाई भी करवा देंगे..।
भावी वर वधु आप सभी के आशीर्वाद के आकांक्षी हैं..। कृपया उन पर अपना आशीर्वाद और प्रेम बरसाने के लिए दो दिन बाद आप सभी सादर आमंत्रित हैं… !”

रूपा की ये बात सुनते ही हर्ष के चेहरे का रंग उड़ गया था..
उसने चौंक कर अपनी माँ की तरफ देखा लेकिन वो बोलने में व्यस्त थी..।
उसके पिता भी मुस्कुराते खड़े थे..।
सिर्फ बांसुरी ही थी जिसके चेहरे पर मुस्कान नहीं थी..

और ना ही हर्ष के किसी भाई के चेहरे पर मुस्कान थी..।

शौर्य यश और धनुष अपनी जगह पर खड़े साँस रोके इस घोषणा को सुन रहे थे..।
उन तीनो के चेहरे पर भी हवाइयां उड़ रही थी..

“ये तो बहुत गलत हो गया हर्ष भाई के साथ !” यश बोल पड़ा..

“इससे भी ज्यादा गलत हो जाता, बड़ी मुश्किल से रानी मॉम को सगाई रोकने के लिए मनाया था, पर मुझे नहीं लगा था की ये सिर्फ दो दिन बाद ही सगाई की डेट फिक्स कर देंगी !”  शौर्य बोल पड़ा..

“लेकिन अब क्या होगा ?” धनुष परेशान सा शौर्य की तरफ देखने लगा..

“अब भाई के ऊपर है, सिर्फ दो दिन हैं उनके पास.. उसी में उन्हेँ अपनी होने वाली दुल्हन को भी मनाना है,और अपनी दुल्हन की सास को भी..।”

वो तीनो हर्ष की तरफ देख रहे थे, और हर्ष को बिना मन के उन मेहमानों से मिलना और बात करना पड़ रहा था.. 

क्रमशः

aparna…

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Savita Agarwal
Savita Agarwal
1 year ago

Bahtareen n Lajabab and Fantastic n Fabulous part

Abhishek kr singh
Abhishek kr singh
1 year ago

आखिर वह हो गया जो होना था एनाउंस कर दिया गया और जैसा शौर्य ने कहा है उसके पास केवल दो दिन है बीच में रियाल है, शौर्य का क्या होगा, उसका निर्णय भी रूपा लेगी अभी तो शोवान का एक राज खुला है प्यार का बाकी है, पढ़ने में अच्छा लगा, नाईस पार्ट दीदी…💐🙏

Jayshree Bhargava
Jayshree Bhargava
1 year ago

छन से जो टूटे कोई सपना
जग सूना सूना लागे….
क्यू दिल तोड़ दिया रूपा ने हमारे मोहनीश बहल का🥺🥺🥺 बिचारा कैसे अपने आंसू रोके खड़ा होगा तड़प रहा होगा मीठी के गले लगने के लिए । बस अब मीठी को भी एहसास हो जाए और वो चलती सगाई में हंगामा कर दे 🫣🫣🫣🫣🫣

अब हमारी वानर सेना ही राम सीता की मिला सकते है।

Manu verma
Manu verma
2 years ago

बहुत अच्छा भाग 👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻♥️♥️♥️💐💐💐