जीवनसाथी -3 भाग -22

जीवनसाथी -3 भाग -22

जीवनसाथी by aparna

शाम की पार्टी की सारी तैयारियां हो चुकी थी..
हर्ष पार्टी में पहुँचने के लिए निकल चुका था, यश उसके साथ था.. उन लोगों को मीठी को रास्ते से लेते हुए जाना था..
धनुष पहले ही इंतज़ाम देखने के लिए पहुँच चुका था..
उसने शौर्य को भी फ़ोन कर दिया था…

शौर्य भी पार्टी के लिए निकल चुका था…. उसका ड्राइवर प्रिंस उसके साथ था..

शौर्य जा रहा था कि मीरा का फ़ोन आने लगा..

“कहाँ हो बेबी ?”

शौर्य को इस वक्त मीरा का फ़ोन आ सकता है, ऐसा नहीं लगा था..

“हम्म.. बस.. यूँ ही.. तुम बोलो !”

“मुझे ब्लू लगून पहुंचना है.. हर्ष जी पार्टी दे रहें हैं ना ?”

“तुम्हें भी बुलाया है क्या ?”

शौर्य ने सवाल पूछते ही अपनी जीभ काट ली.. “उफ़ ये क्या पूछ लिया.. ? कहीं नाराज ना हो जाय..

पर शौर्य की बदकिस्मती थी कि वो नाराज़ नहीं हुई…

“ऑफकोर्स उनकी मॉडल जो हूँ !”

“याह श्योर… तो तुम पेरिस जा रहीं हो ?”

“अरे कहाँ… ?”

“क्यूँ ?”

मीरा ने अब तक शौर्य को ये नहीं बताया था कि वो पेरिस जाने के लिए सलेक्ट नहीं हुई है.. उसने सोचा था पार्टी में धीरे से शौर्य को बता कर उसे इस बात के लिए मना लेगी कि, वो हर्ष पर दबाव डाल कर उसे मीरा को अपने साथ लें जायें..

“उस लकड़… आह.. धनुष ने मुझे रिजेक्ट कर दिया.. !”

शौर्य को इस बात को सुन कर कोई प्रभाव नहीं पड़ा.. बल्कि उसके चेहरे पर हल्की सी मुस्कान चली आई..

“कोई बात नहीं, नेक्स्ट ट्रिप पर चली जाना !”

“हम्म… मुझे लेने आ रहे हो ना ?”शौर्य ने ऐसा सोचा तो नहीं था लेकिन अब मीरा के कहने पर उसे लेने जाना ही था..

शौर्य ने अपने ड्राइवर की तरफ देखा और ड्राइवर ने शौर्य की बात समझ कर मीरा के घर की तरफ गाड़ी मोड़ दी..

उनकी वॉल्वो सड़क पर आगे बढ़ रही थी कि उसे सड़क के एक किनारे छोटे छोटे फूलों की छाप वाली सुन्दर सी फ्रॉक पहने एक लड़की खड़ी दिखी..
कंधे से नीचे आते सीधे स्ट्रेट बाल खुले थे और हवा में लहरा रहे थे..
उस लड़की ने नीचे गहरे रंग के शूज़ पहन रखे थे..
उसके खड़े होने का तरीका, बालों को चेहरे पर से समेटने का तरीका बड़ा पहचाना सा लग रहा था..
शौर्य ने करीब से गुज़रते हुए उसे ध्यान से देखा..

लड़की बहुत पहचानी हुई सी थी….

कली…. ?

हाँ वही तो थी…
लेकिन ये यहाँ क्या कर रही ? ये लंदन से कब आई, ?

ढ़ेर सारे सवाल शौर्य के मन में उठने लगे..
वो धीरे से खुद में बोल पड़ा और उसका ड्राइवर उससे पूछ बैठा..

“आपने कुछ बोला यंग मास्टर !”

“नो !”

गाड़ी कली के सामने से होकर आगे निकल गयी..

*****

कुछ देर बाद मीरा को साथ लिए शौर्य भी पार्टी में पहुँच चुका था..

कली विराट के साथ ही पार्टी में मौजूद थी..
विराट उसे अपनी टीम के लोगों से मिला रहा था..

पार्टी बहुत बड़ी सी जगह पर हो रही थी… आगे पूल साइड पर भी लोगों का जमावड़ा था..
सब एक दूसरे से बातें करते व्यस्त थे..

लेकिन इतनी भीड़ शौर्य को कभी मुआफ़िक नहीं लगती थी..

वो एक किनारे अपना पसंदीदा वाइन का ग्लास लिए बैठा था…
मीरा कुछ देर उसके साथ बैठने के बाद उठ कर चली गयी..
वो अब भी इसी जुगाड़ में थी कि कुछ ऐसा हो जाये की उसे इस ट्रिप में जाने मिल जाये..
वो हर्ष के आसपास मंडरा रहीं थी..

विराट भी अपनी टीम से परिचय करवाने के बाद कली को साथ लिए हर्ष के पास चला आया..

उसने हर्ष से कली का परिचय करवाया और उसे बता  दिया कि कली उसके पास इंटर्नशिप करने आई है..
हर्ष ने बड़ी गर्मजोशी से कली का स्वागत किया…..

हर्ष और बाकी लोगों की आज रात की पेरिस की फ्लाइट थी..
हर्ष विराट और कली से बैठा बातें कर रहा था…
कली की नज़र अब तक शौर्य पर नहीं पड़ी थी..

उसी वक्त धनुष भी वहीँ चला आया..
वो हर्ष के पास बैठ गया और धीरे से उसके कान में झुक कर कुछ कहने लगा..

“चौहान ग्रुप के शेयर्स एकदम से नीचे गिरे हैं आज ?”

“लेकिन कैसे ?” हर्ष के माथे पर बल पड़ गए वह सवालिया नजरों से धनुष की तरफ देखने लगा और धनुष हल्का सा मुस्कुरा उठा…

“उनके कुछ पारिवारिक डिस्प्यूट्स के कारण..!”

“मतलब.. ?”

“फैमिली के कुछ लोगों ने अपने शेयर हटा लिए हैं, जिसके कारण इनका मार्केट में रेट एकदम से गिरा और शेयर्स गिर गए..।”

धनुष और हर्ष बात करते हुए विराट के पास से उठ कर चले गए थे..
वो लोग आगे बढ़ते हुए बात करते चले जा रहे थे..

वो लोग शौर्य के पास पहुँच गए और शौर्य की टेबल पर बैठ कर बातें करना जारी रखा..

शौर्य भी अपने हाथ की गिलास एक तरफ रख उनकी बातें सुनने लगा..

“मुझे लगता है हर्ष, हमें उस कम्पनी को खरीद लेना चाहिए.. हमारी कंपनी में मर्ज़ कर के हम अपना काम और बढ़ा लेंगे !”

“हम्म.. उनकी कम्पनी के शेयर्स है, हमारे पास ?”

“हम्म हैं.. लेकिन इस वक्त उनके शेयर्स का हमें कोई फायदा नहीं है। मिलने वाला मार्केट बहुत डाउन है उनका। और इसलिए अभी हमारे पास मौका है। आप चौहान ग्रुप से बात कर सकते हैं। उन लोगों को भी इस वक्त किसी न किसी सहारे की जरूरत है।
मैं जानता हूं वह लोग आपके पास कर्ज मांगने जरूर आएंगे और उस वक्त आप उन्हें अपनी कंपनी में शामिल होने का प्रस्ताव दे दीजिएगा..!”

हर्ष ने भी गर्दन हिलाकर हामी भर दी लेकिन जाने क्यों शौर्य को यह बात पसंद नहीं आई….

“ये कुछ ठीक नहीं लगा मुझे धनुष !”

“लेकिन यही बिज़नेस है शौर्य… अगर हम आज उनकी जगह पर होंगे तो वो भी हमारे साथ यहीं करेंगे !”

“हम्म, लेकिन ये तरीका सही नहीं लग रहा..।
ऐसा लग रहा उनके शेयर गिरने का हम फ़ायदा उठा रहें !”

“वो तो उठा ही रहें हैं..। और आगे भी उठाएंगे..।
उठाना ही पड़ेगा.. ।
क्यूंकि अगर हम फ़ायदा नहीं उठाएंगे तो, वो लोग हमारा फ़ायदा उठाने लगेंगे.. !”

अबकी बार हर्ष ने जवाब दिया..

हर्ष की बात शौर्य नहीं काट पाता था… इसलिए वो चुप हो गया..
और अपनी ग्लास को धीरे से गोल गोल घुमाने लगा..
उसके चेहरे की उदासी देख हर्ष ने उसके कंधे पर हाथ रख दिया..

“तुम्हारे पास कोई और आईडिया है ? जो इससे बेटर हो और हमारे फायदे का भी हो ?”

हर्ष ने बड़े प्यार से शौर्य से पूछा..

शौर्य ने हर्ष की तरफ देखा..

“हम्म… उनके शेयर्स गिरे हैं। ऐसे में काफ़ी कम दाम के होंगे.. ।
हम उनके ज्यादा से जयदा शेयर्स खरीद लेते हैं ! उसके बाद आप मार्केट में ये खबर उड़वा दीजिये की बुंदेला ग्रुप उन्हें ओवरटेक करने वाला है..।

जैसे ही ये खबर मार्केट में आएगी.. उनके बाकी बचे शेयर्स भी धड़ल्ले से बिकेंगे, और जैसे ही बाकी बचे शेयर्स बिकने शुरू हो आप मार्केट में अपने शेयर्स के दाम बढ़ा दीजियेगा…।
इससे उनके शेयर्स और भी तेज़ी से बिकेंगे….।
और जैसे ही मार्केट थोड़ा चढ़ना शुरू होगा.. उनके रेट्स अपने आप सुधरने लगेंगे..।
उसका पहला कारण होगा कि बुंदेला ग्रुप ने उनकी कंपनी में अपने पैसे इन्वेस्ट किए है, यह सुनकर वैसे भी लोगों का भरोसा उनकी कंपनी पर बढ़ेगा और उनके शेयर के रेट वैसे ही बढ़ जाएंगे ।
इससे उन्हें भी फायदा होगा और हमें भी नुकसान नहीं होगा। क्योंकि जब एक बार उनके रेट वापस नॉर्मल आ गए या बढ़ गए तो हमारे पास उनके कंपनी के शेयर ज्यादा होने के कारण हमें भी नुकसान नहीं होगा। और उनकी कंपनी उन्हीं के पास रहते हुए उनसे कही ज्यादा  फायदा हमारा हो जाएगा..!”

“एक्सेलेंट !” हर्ष और धनुष के चेहरे पर मुस्कुराहट आ गयी…

हर्ष ने मुस्कुराकर शौर्य के कंधे को दबा दिया और धनुष की तरफ देखने लगा।  उसने भी मुस्कुरा कर हामी भर दी।
हर्ष ने शौर्य की तरफ देखा..

“बहुत सही कह रहे हो शौर्य, हम ऐसा ही करेंगे, अच्छा एक बात बताओ, तुम अपनी गोलियां तो ले रहे हो ना..!”

“हम्म.. !”

शौर्य ने हामी भर दी….

हर्ष मुस्कुरा उठा..

“आज रात हमारी पेरिस के लिए उड़ान है….
तुम्हें कुछ दिनों के लिए किसी होटल में रुकना पड़ेगा शौर्य .. हमारे पूरे अपार्टमेंट में रिनोवेशन का काम शुरू होने वाला है.. ।
लगभग दस दिन की बात है… तब तक हम लोग भी वापस लौट आएंगे..
एच बी सी में चले जाना.. वहाँ हमारा सुईट बुक रहता ही है.. !”

“ठीक है भाई.. !”

धनुष ने फ़ोन कर के अपने सभी ड्राइवर्स को समय पर बाहर गाड़ियां लगाने कह दिया..
धनुष ने शौर्य से भी चलने के लिए पूछा, लेकिन उसने मना कर दिया….
उसे विराट ने अपने किसी प्रोजेक्ट के लिए अगले दिन से अपने ऑफ़िस में बुलाया था..।

इसलिए उसे फ़िलहाल वहाँ का काम देखना था, वैसे भी उसका मन विराट वाले काम में ख़ूब लगता था..
उसे भी पेंटिंग्स बनाने का शौक था..

वो तीनों वहाँ बैठे खाते पीते बातो में लगे थे… दूर खड़ी मीरा को लग रहा था जैसे शौर्य उसके लिए बात कर रहा है… जबकि ऐसा कुछ ना था !

कुछ देर बाद हर्ष और धनुष का वहाँ से निकलने का वक्त हो गया.. लेकिन उनके बुलाये मेहमान अब भी वहीँ मग्न थे..

धनुष ने वेटर को बुलाया और पार्टी का बिल लाने बोल दिया…
धनुष ने पहले ही बुक कर रखा था, इसलिए आधे से ज्यादा रकम वो दे चुका था.. कुछ छिटपुट अमाउंट ही बाकी था….वेटर बिल लाने चला गया और शौर्य ने धनुष को टोक दिया..

“रेस्ट अमाउंट मैं पे कर दूंगा… तुम लोग निकलो अब ! देर हो जायेगी वरना !”

धनुष ने उसे मना किया लेकिन शौर्य नहीं माना.. वेटर के बिल लाते ही बिना देखे शौर्य ने अपनी जेब में ठूंस लिया बिल !

धनुष ने मुस्कुरा कर उसे देखा और हर्ष के साथ निकल गया..
निकलने के पहले हर्ष ने शौर्य को गले से लगा लिया..

शौर्य भी अपने बड़े भाई के गले लग कुछ देर यूँ ही खड़ा रह गया…..

विराट और कली दूसरे तरफ खड़े थे..

“कली तुम्हें सुबह मैं ये बताना भूल गया था कि मैं आज वापस निकल रहा हूँ, कुछ चार पांच दिनों में वापस आ जाऊंगा.. ।
तुम मेरी सारी टीम से मिल चुकी हो…।
कल से तुम काम शुरू कर देना.. !
मैं वापस निकल रहा हूँ, तुम चाहो तो मैं तुम्हें घर छोड़ देता हूँ !”

“नहीं सर.. घर बहुत पास में हैं.. मैं चली जाउंगी.. आपका धन्यवाद !”

“ठीक है.. फिर निकल जाओ.. ! देर हो रही। “

कली ने हामी भरी और वहाँ से निकल गयी..

वो आगे बढ़ रही थी कि उसकी नज़र पेड़ पौधों के पास खड़े शौर्य पर चली गयी… 

शौर्य हाथ में गिलास लिए खड़ा था…

“कैसे हैं मिस्टर प्रिंस ?”

शौर्य चौंक गया और उसके हाथ के गिलास से जरा सा  कुछ छलक गया…

” अरे संभल के, बहुत महंगी वाइन है…।
और वैसे बड़े लोगों का ड्राइवर होने का फायदा है ना, महंगी महंगी वाइन पीने मिलती है…!”

शौर्य ने कली की तरफ देखा और हामी भर दी..

“कली…. ?”

“हम्म… नाम याद रह गया मेरा….।
वैसे मैं हूं ही ऐसी, जिससे भी एक बार मिलती हूँ ना, वह मुझे भूल नही पाता है…।  ऐसी ही हूँ मैं क्या करूं..,
बहुत अच्छी और बहुत प्यारी.. !

कली की बकबक चालू थी कि उसे शौर्य ने बीच में ही टोक दिया..

” नाम तो तुम भी, मेरा नहीं भूली… तुम्हें भी मैं याद रह गया..
जबकि मुझ में तो ऐसी कोई खास बात भी नहीं कि मैं किसी को याद रहा हूं।
बल्कि कोई मुझसे मिलता भी है तो, शायद ही मुझे याद रखता हो… !”

” इसमें भी कमाल मेरा ही है, क्योंकि मेरी याददाश्त बहुत अच्छी जो है!
मैं किसी से एक बार मिल लूँ ना तो उसे जिंदगी भर नहीं भूलती..
मुझे भी तुम अच्छे से याद हो, और तुम्हें याद है….

बोलते बोलते अचानक कली ध्यान से शौर्य को देखने लगी और शौर्य की पहनी शर्ट देखकर उसके चेहरे पर चमक आ गई…

” अरे… एक मिनट!! यह तो तुमने वही शर्ट पहन रखी है ना, जो मैंने तुम्हें वहां लंदन में गिफ्ट की थी!  अच्छा किया !
मैं समझ सकती हूं यार, एक ही तो महंगी शर्ट होगी ना तुम्हारे पास!”

” हम्म एक ही है.. कभी तुम्हारे पास और पैसे हुए तो एक आध और दे देना..!”

” वाई नॉट?
  कली दिल की भी बहुत बड़ी है, और बहुत साफ भी। मेरी सैलरी आने दो, मैं तुम्हें गिफ्ट कर दूंगी। वैसे सच बताऊं तो डैडा के दिए हुए बहुत सारे पैसे हैं मेरे पास, लेकिन बात ये है ना कि मैं डैडा के सामने साबित करना चाहती हूं कि कली अपने पैरों पर खड़ी हो कर दिखा सकती है…।
चलो रात बहुत हो गई है, मैं जाती हूं, मुझे अकेले ही जाना है ना..!”

“यहाँ कहाँ रह रहीं हो…. ?”

” यहां पास में ही है, गुलमोहर विला उसमें 5th फ्लोर में हाउस नंबर 10..!”

“पता थोड़े ना पूछ रहा था.. ?”

“चलो बाद में मिलते हैं.. !”

मुस्कुरा कर कली हाथ हिला कर चली गयी…

पार्टी लगभग खत्म हो चुकी थी.. एक-एक करके सारे रईसजादे वापस लौटने लगे थे।
मीरा भी झूमती झूमती शौर्य के पास चली आई। उस वक्त शौर्य ने वेटर को बुलाकर बिल मंगवा लिया था। शौर्य ने बिल देखा और अपना कार्ड निकालकर वेटर के हाथ पर रख दिया।
वेटर कार्ड लेकर चला गया। लेकिन कुछ देर बाद ही वेटर उल्टे पैरों वापस लौट आया और उसने शौर्य की टेबल पर उसका कार्ड रख दिया..

“सॉरी सर.. आपका कार्ड नहीं चल रहा !”

“क्या ? ऐसा कैसे हो सकता है..?”

“मालूम नहीं सर.. !”

वेटर सर झुकाए खड़ा था। शौर्य ने उस कार्ड को अपनी जेब में रखा और अपना दूसरा कार्ड निकालकर वेटर को थमा दिया।
लेकिन शौर्य के दिमाग में यह बात जरूर चलने लगी कि 200000 जैसी मामूली सी रकम के लिए उसका कार्ड पेमेंट क्यों नहीं कर पा रहा?
   इसीलिए उसने अपना मिलेनियम कार्ड निकाल कर वेटर को दिया था।
वेटर उस कार्ड को भी उसी तरह बैरंग वापस ले आया।

” सॉरी सर!! लेकिन यह कार्ड भी नहीं चल रहा।”

अब तो शौर्य के दिमाग पर हवाइयां उड़ने लगी। उसने पास बैठी मीरा की तरफ देखा और वापस वेटर को देखने लगा।

” अपना स्कैन ले आओ  मैं फोन से कर देता हूं..।”

सर इतना बड़ा अमाउंट फोन से हो जाएगा..

बुंदेला फैमिली का वारिस हूं।
     यह सारे जितने बैंक है ना, इनके प्रीमियम कस्टमर हैं हम।
मैं फोन से नहीं पर कर पाऊंगा तो और कौन करेगा? लेकर आओ!..”

उसकी बात सुन वेटर स्कैन उठा लाया।
शौर्य ने अपना मोबाइल खोला और पेमेंट करने की कोशिश करने लगा.. लेकिन एक बार फिर एरर दिखाने लगा..

“सॉरी सर.. !”

वेटर ने उससे माफ़ी मांग ली..

शौर्य के लिए यह पहला अनुभव था, जब उसके कार्ड और मोबाइल कहीं पर भी बिल पे करने में अक्षम हो रहे थे।
उसने तुरंत हर्ष के नंबर पर कॉल लगाना शुरू किया। लेकिन हर्ष का मोबाइल बंद आने लगा था..
शौर्य को याद आ गया कि हर्ष, धनुष और यश के साथ फ्लाइट में चढ़ चुका होगा और इसीलिए अब इन तीनों का ही मोबाइल बंद आएगा।
उसके पास कौन था ऐसा, जिसे आधी रात के वक्त वह कॉल करके पैसों के लिए बोल सकता था?

वह अपने आसपास नजर दौड़ाने लगा। इस वक्त पर वह अपनी मां को भी कॉल करके परेशान नहीं करना चाहता था।

बात ऐसी कोई खास बड़ी थी भी नहीं, जिसके लिए वह अपने माता-पिता को परेशान करता और उसी वक्त उसके मोबाइल पर एक के बाद एक मैसेज के नोटिफिकेशन आने लगे। उसने मैसेज खोलकर देखा उसके सारे अकाउंट सीज कर दिये गये थे।

वह आश्चर्य से आंखें फाड़े उन मैसेजेस को ध्यान से पढ़ने लगा…

अचानक बैठे-बैठे यह क्या हो गया था? उसके अकाउंट किसने सीज कर दिए थे…?

परेशान सा अपनी जगह बैठा शौर्य सोच में पड़ गया कि अब उसे क्या करना चाहिए…

क्रमशः

बुंदेला रियासत के वारिस शौर्य प्रताप सिंह बुंदेला के सारे अकाउंट अचानक क्यों सीज कर दिए गए?

और कौन है वह, जिसने राजकुमार के सारे अकाउंट, उसके सारे डेबिट और क्रेडिट कार्ड बंद करवा दिए हैं?

क्या करेगा शौर्य अब, क्योंकि अब तो उसका बड़ा भाई भी यहां मौजूद नहीं है?

आखिर किसके पास जाएगा शौर्य? कहां रहेगा? कैसे अपने दिन काटेगा ?

आज तक पैसों को अपनी एक ठोकर पर रखने वाले राजकुमार के हाथ जब एकदम खाली हो जाए तो क्या उसे पैसों की कदर समझ में आएगी या यह खालीपन उसके अंदर के खालीपन को और बढ़ा जाएगा..

जो भी होगा, लेकिन शौर्य प्रताप की यह यात्रा आपको एक ऐसी मनोरंजक रोलर कोस्टर राइड पर ले कर जाने वाली है जहां से लौटने का आपका मन नहीं करेगा….

तो बने रहिए मेरे साथ जीवन साथी सीजन 3 में..

aparna…

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Abhishek Kishor
Abhishek Kishor
2 years ago

किसने शौर्य प्रताप का अकाउंट सीज करवाया शायद यह जानता हूं मैं लेकिन उसकी गुत्थी अच्छी तरह सुलझे उसके लिए अगले भाग को पढ़ने के लिए तत्पर हूं दी, बेहतरीन भाग दीदी 🙏💐💐

Manu verma
Manu verma
2 years ago

बहुत अच्छा भाग 👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻♥️♥️♥️💐💐💐⭐⭐⭐⭐⭐