अपराजिता -26

“अरे क्या बोल रहें हैं भैया जी.. आप तो देवता है हमारे !”

गोलू अखंड के पैरों पर बैठ गया, और मुस्कुरा कर अखंड अपने पलंग पर पसर गया… आज सुबह से दिल में जो हाहाकार मचा था अब जाकर शांत हुआ था…

“लल्लन कोई बढ़िया सा गाना बजाओ बे… थोड़ा रोमांटिक वाला !”

लल्लन ने मुस्कुरा कर रेडियो कारवां चला दिया…
एक बहुत पुराना सा मीठा सा गाना चलने लगा और अखंड पलंग पर पसरे हुए आंखें बंद कर उस गाने को अपने सीने में उतारने लगा…

आ मैं तेरी याद में सब को भुला दूँ
दुनिया को तेरी तसवीर बना दूँ
मेरा बस चले तो दिल चीर के दिखा दूँ
हो, दौड़ रहा है साथ लहू के प्यार तेरा नस-नस में
न कुछ तेरे बस में जुली, न कुछ मेरे बस में
दिल क्या करे जब किसी से किसी को प्यार हो जायें  जाने कहाँ कब किसी को किसी से प्यार हो जायें…

क्रमशः

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Dolly
Dolly
2 years ago

Nice