अपराजिता -23

अपराजिता -23

यह हवेली काफी पुरानी थी, और इसमें ऊपर की तरफ छोटी छोटी ढेर सारी खिड़कियां थी…
जिनमे कबूतर बैठे गुटरगूं कर रहें थे..

एक कबूतर ज़ोर से पंख फड़फड़ाये उड़ा और अचानक अखंड कुछ साल पीछे की अपनी यादोे में चला गया..

कुसुम कुमारी चुप बैठी थी, उसे यज्ञ से बात करने का मौका ही नहीं मिल रहा था.. उसके पिता और भाई वहीँ तैनात थे.. उन लोगों के सामने कुछ भी कहना बेहद कठिन काम था..
उसने धीरे से अपनी भाभी की तरफ देखा..
भाभी चाय नाश्ता लगाने में अतिव्यस्त नजर आ रहीं थी.. वैसे भी अपने पति के सामने कमरे के अंदर वो कितना भी चीख चिल्ला लें, ससुर के सामने ज़बान खोलने की सुजाता की भी हिम्मत नहीं थी..

फिर भी कुसुम के मन की बात समझ वो धीरे से चंन्द्रा के पास चली आई…
उसके हाथ में चाय थमाते समय दोनों की ऑंख मिली और उसने कुछ इशारा कर दिया… उसके इशारे को समझ चंद्रा ने पहले तो ऑंखें चढ़ा ली फिर उसकी बात मान ली….

“यज्ञ जी, आप बगीचा घूमना चाहेंगे क्या ?”

चंद्रा ने बेमन से ही पूछा और उसे लगा यज्ञ इस बात के लिए मना कर देगा लेकिन यज्ञ ने हामी भर दी…

यज्ञ अपनी जगह से खड़ा हो गया.. उसे देख कुसुम भी खड़ी हुई और एक तरफ से होते हुए बाहर की तरफ निकल गयी, यज्ञ भी उसके पीछे चला गया…

“क्या कर रहीं हैं आप ?”

यज्ञ ने ही पहले सवाल किया..

“कॉलेज में हैं.. !”

“आगे भी पढ़ना चाहती हैं क्या ?”..

“काहे.. ? आपके घर की बहुओं को पढ़ने लिखने का परमिसन है क्या ?”..

“नहीं.. ऐसा कुछ तो नहीं है.. और वैसे भी शादी के बाद टाइम ही कहाँ मिलेगा पढाई लिखाई के लिए.. काहे सही नहीं कह रहें हैं.. ?”

“आप कह रहें हैं, तो सही ही होगा.. !”

यज्ञ को कैसे इस वक्त टाले यही कुसुम के दिमाग में चल रहा था…

“आपके बड़े भैया…

“वो शादी नहीं करने का वचन लिए बैठे हैं ?”..”

“काहे ?”

“अब ये तो वो ही बतायेंगे…. हम का जाने ?”

“आपको नही लगता कि आपको मालूम होना चाहिए, काहे के आप उनके सग छोटे भाई जो हैं….  इत्ता बड़ा कारण नहीं पता तो..

“देखिये कुसुम जी, हम ठाकुरों के यहाँ ना हम आपस के परसनल इस्पेस को बहुतै महत्व देते हैं.. हमरे भैया का जो निर्णय होगा बिना किसी सवाल जवाब के वो हमको मंजूर होगा..।


यहाँ तक की अगर भैया कह दिये कि आपसे शादी ना करें तो हम आपसे शादी से भी इंकार कर बैठेंगे.. !
और अगर बड़े भैया मंजूरी दे दिये तब तो ब्रम्हा भी आपसे हमरी शादी टाल नहीं पाएंगे..
समझ रहीं हैं ? की और समझाये.. !”

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Minakshi Dwivedi
Minakshi Dwivedi
1 year ago

Mam mera matlab hai ki adhure hai naye episode toh koi aisa platform ho toh mujhe link share kare jisse main puri story padh saku

Minakshi Dwivedi
Minakshi Dwivedi
1 year ago

Mam aprajita story me 20 ke baad koi naye episode nahi hai or mujhe padhna hai please kuch help kariye.
Mam hum apke page pe aake padh rahe hai yaha bhi nahi mil rahe hai