इतनी सारी बातों के बीच हालाँकि अथर्व कोई न कोई ऐसी बात कर ही जाता था कि रेशम झेंप कर रह जाती थी…
लेकिन मन ही मन रेशम ने भी सोच लिया था की अपने दिमाग से हर तरह के पूर्वाग्रह को हटा कर वो खुद को पूरी तरह अथर्व को समर्पित कर देगी…
तिरुपति से घूम कर वो लोग कोडाइकनाल चले आये थे…
वहाँ के झरने में लोगों को बड़े मजे से भीगते देख रेशम भी अथर्व का हाथ थामे पानी के बीच चली गयी…
पानी में भीग कर,एक दूसरे पर पानी उड़ाते हुए दोनों को ही मज़ा आ रहा था.. वहाँ एक पूरा ग्रुप आया हुआ था, जिसमे लगभग बीस बाइस लोग थे.. सब एक साथ तस्वीरें उतरवा रहें थे, कि अथर्व ने भी उन्हें देख अपना मोबाइल निकाल लिया…
रेशम जिस पत्थर पर बैठी थी, वो भी उसके पास आकर उससे एकदम सट कर बैठ गया..
रेशम के चेहरे के सामने उसने अपना मोबाइल रखा और अपनी और रेशम की तस्वीर खींच ली…
रेशम को मालूम नहीं था की अथर्व तस्वीर लेने आया है, वो चौंक कर उसकी तरफ देख रहीं थी और मुस्कुराता हुआ अथर्व कैमेरा की तरफ..
तस्वीर बहुत प्यारी आई थी…
अथर्व ने अपने दूसरे हाथ को रेशम की कमर में लपेटा और उसके कान के पास चला आया..
“चलो अब वापस चलते हैं… अब मुझसे रहा नहीं जा रहा, कहीं मैं यही ना शुरू हो जाऊं… !”
रेशम को एकदम से अथर्व की बात समझ नहीं आई, उसने आंखें फ़ैला कर अथर्व की तरफ देखा..
“तुम यार ऐसी भोली आँखों से तो देखा ही मत करो… इसके बाद खुद को रोके रखना और मुश्किल हो जाता है !”
उसकी बात समझ में आते ही रेशम झेंप कर अपनी जगह पर खड़ी हो गयी…
और उसकी बाँह थामे अथर्व आगे बढ़ गया…
रास्ते भर रेशम अपने मन को तरह तरह से समझाती रही की चाहे आज की रात जो भी हो जायें, लेकिन आज वो अथर्व को उदास नहीं होने देगी…
उसे अपने आप को समझाने में भी हिम्मत लग रहीं थी…
वो खुद बार बार सिहर उठती थी, लेकिन उसने सोच रखा था की अपनी किसी भी बुरी याद को आज की रात खुद पर हावी नहीं होने देगी…
“क्या सोच रही हो जान ?”
अथर्व ने उसके कंधे को अपनी बाँहों के गोल घेरे में बांध रखा था..
रेशम ने ना में गर्दन हिलायी और अथर्व के कंधे से सर टिका कर बैठ गयी…
अथर्व ने सामने बैठे ड्राइवर की परवाह किये बिना अपनी नवेली पत्नी का माथा चूम लिया…
क्रमशः

Nice