अपराजिता -14

अपराजिता -14

लगभग पंद्रह दिन बीत चुके थे, लेकिन कुसुम भावना की ज़िद के कारण डॉक्टर साहब का जायजा लेने उनके अस्पताल या घर की तरफ नहीं जा पाई थी ! भावना ने उसे अपनी कसम देकर रोक रखा था भावना सामाजिक विसंगतियों को कुसुम से कहीं ज्यादा समझ पाती थी और इसीलिए वह जानती थी कि अभी 10-15 दिन राजेंद्र के घर पर उसके रिश्तेदारों और बाकी लोगों का आवागमन लगा रहेगा, ऐसे में कुसुम का उस मोहल्ले में या राजेंद्र के घर जाना कुसुम के लिए ही सही नहीं होगा…

इसीलिए कुसुम कुमारी भावना के साथ सिर्फ घर से कॉलेज और कॉलेज से घर लौट रही थी, इन सब के बीच पंडित भोलानाथ बड़े ठाकुर साहब के यहां से उनके छोटे लड़के यज्ञ के लिए कुसुम का रिश्ता लेकर उसके माता-पिता से भी बात कर चुके थे…
इंद्रभान जी के घर पर उनका बड़ा लड़का अखंड प्रताप 29 बरस का हो चुका था और शादी ना करने की रट लगाए बैठा था इसलिए उससे लगभग डेढ़ साल छोटे यज्ञ की शादी की चर्चा कुसुम से चलने लगी थी…

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