जब तुम बूढ़े हो जाओगे…..

Advertisements

मैं बन जाऊंगी फिर मरहम
वक्त के ज़ख्मों पर तेरे और
मुझे देख हौले हौले से
फिर तुम थोडा शरमाओगे।
जब तुम बूढे हो जाओगे।।

सुबह सवेरे ऐनक ढूंड
कानों पे मै खुद ही दूंगी ,
अखबारों से झांक लगा के
तुम धीरे से मुस्काओगे।
जब तुम बूढे हो जाओगे ।।

दवा का डिब्बा तुमसे पहले
मै तुम तक पहुँचा जाऊंगी,
मुझे देख फिर तुम खुद पे
पहले से ही इतरा जाओगे।
जब तुम बूढे हो जाओगे।।

सुनो नही बदलेगा कुछ भी
हम भी नही और प्रीत नही
हम तुम संग चलेंगे  ऐसे
की तुम फिर लहरा जाओगे
जब तुम बुढे हो जाओगे।।

मैं तो ऐसी थी,ऐसी हूँ ,
ऐसी ही मैं रह जाऊँगी,
मेरे मन के बचपने से
तुम भी संग इठला जाओगे
जब तुम बूढ़े हो जाओगे।।

Advertisements

मुझसी मिली है तुमको जग मे,
सोच के खुश हो रहना तुम,
फिर अपनी किस्मत पे खुद ही
धीरे धीरे इतराओगे
जब तुम बूढ़े हो जाओगे।।

aparna …….

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest

4 Comments
Newest
Oldest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
Duhanmukesh
4 years ago

बहुत सुंदर जी

Seema Kwatra
Seema Kwatra
4 years ago

Awesome 👌

Anjana Solanki
Anjana Solanki
4 years ago

Nice

chahal
chahal
4 years ago

मेरे नगमों और नज़्मों में
तुम खुद को ही पाओगे
बैठ कभी कहीं खामोशी में
तुम भी इनको गुनगुनाओगे
जब तुम बुढ़े हो जाओगे…..

❣️❣️