हम सब आज खुश हैं, हम सब आज स्वतंत्र हैं। कितने स्वतंत्र हैं…..
◆ हम इतने स्वतंत्र है कि ब्राइडल लहंगे में स्पोर्ट्स शूज़ पहन सकते हैं।
◆ हम इतने स्वतंत्र हैं कि कहने और न कहने योग्य बातों को भी धड़ाधड़ ट्वीट कर सकतें हैं।
◆हम इतने स्वतंत्र हैं कि अपने बालों को इंद्रधनुष के सातों रंगों सा रंग कर रंगीन शुतुरमुर्ग बन सकतें हैं।
◆ हम खुल कर धर्म जाति की बातों पर असंतोष व्यक्त कर सकतें हैं भले ही हमें उस बात की a b c d भी न पता हो।
◆ हम देशभक्ति पर तो नही लेकिन अपने चाय प्रेम पर पूरा ग्रंथ लिख सकते हैं।
◆ हम इतने स्वतंत्र हैं कि अपने बच्चों को पलंग पर लेटे लेटे भी जन गण मन सिखा सकतें हैं।
◆हम इतने स्वतंत्र हैं कि हाथ में सुट्टा और टेबल पर जैक डेनियल रखे पूरी दुनिया को दिखा सकतें हैं कि enjoying weekends..
◆ हम वाकई स्वतंत्र हैं क्योंकि साल में दो बार ही सही अपने फेसबुक पेज और स्टेटस पर गर्व से लिख पातें हैं स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं। भले ही अंदर से उस स्वंतत्रता को दिलाने वालों की स्मृति पूरी तरह धूमिल हो चुकी है ।
फिर भी हम स्वतंत्र हैं और हम सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं💐

Well said
Bilkul sahi.. Ye bs saal k do din ka hi raha… Happy independent day and happy republic day…
स्वतंत्र भारत में रहनेवाले हम स्वतंत्र है हर कर्तव्यों से भी
सही कहा आपने हम सब बस इतने ही स्वतन्त्र है। क्या हम अपनी आज़ादी का सही उपयोग कर रहे है यकीनन नही
क्योंकि हम अपने आप में ही और अपनी उलझनों में उलझे हुए है हमें अपने देश से कोई मतलब ही नहीं रह गया। आज़ादी का सही मतलब तो हमारे soldiers ही जानते भी है और बता भी सकते है जो रात दिन बॉर्डर, बर्फ और पहाड़ों पर रहते है
आज के दिन लता जी का गाया गीत याद आ गया
“ए मेरे वतन के लोगो ज़रा आंख में भर लो पानी, जो शहीद हुए है उनकी जरा याद करो कुर्बानी”
Last line of song is
“कही भूल ना जाना तुम ये इसलिए कही ये कहानी जो शहीद हुए है उनकी ज़रा याद करो कुर्बानी”
जय हिंद