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होली है….
हरिवंशराय बच्चन तुम अपने रँग में रँग लो तो होली है।देखी मैंने बहुत दिनों तकदुनिया की रंगीनी,किंतु रही कोरी की कोरीमेरी चादर झीनी,तन के तार छूए बहुतों नेमन का तार न भीगा,तुम अपने रँग में रँग लो तो होली है। aparna
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दिल से…
एहसासों से रंगों को चुराकरलफ़्ज़ों के मोतियाँ पिरोकरगुनती हूँ कुछ किस्सों को यूँबिना क्लिक तस्वीर बनाकर शहद सी मीठी कोई कहानीकहीं दर्द की बहती रवानीबूंद बूंद में ढकीं मूंदी सीपोटली बादलों का पानी। गंगा के पानी सी पावनकभी लगे रिमझिम मनभावनआप सभी की समीक्षाएँ भीऊसर में जैसे हो सावन ।। कुछ शब्दों के जाल बुनेकुछ…
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दिल से…
हमर छत्तीसगढ़ के वासी मन ला गाड़ा गाड़ा बधाई.. aparna
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दिल से…
😂😂😂😂 aparna
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दिल से….
खुशियां आंखें गीली कर जातीं हैं जब कोई ऐसा मौका आये कि किसी ज़मीन से जुड़े शख्स को सिंहासन पर बैठे देखती हूँ…… मेरी नज़रों में ही असल नायक होता है। फल बेचकर 150 रुपये प्रतिदिन कमाने वाले हरिकेला को संतरे को orange कहा जाता है ये मालूम न था। अंग्रेज़ी की ये छोटी सी…
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दिल से ..
आप सभी को रूप चौदस की हार्दिक शुभकामनाएं तैले लक्ष्मीर्जले गङ्गा दीपावल्याश्चतुर दशीम्प्रातःस्नानं तु यः कुर्याद्यमलोकं न पश्यति।।दीपावल्याः चतुर्दशीं तैले लक्ष्मी जले गङ्गा भवति यःप्रातःस्नानं कुर्यात् यमलोकं न पश्यति | भाव: मैल, अपवित्रता, गन्दगी दरिद्रता के सूचक है अतः लक्ष्मीपूजन से पहले इन दरिद्रता के निशानों को मिटा लेने हेतुचतुर्दशी को प्रातः काल में तेल-उबटन…
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दिल से…
चिकित्सा के देवता भगवान धनवंतरी आप सभी पर अपनी कृपा बनाएं रखें, और धन की देवी लक्ष्मी आपके घरों पर स्थायी आवास बना लें। आप सभी को महापर्व दीपावली के प्रथम दिवस धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएं…💐 aparna
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दिल से…
लोग कहतें हैं , झूठ मत बोलो। पर रिश्ते निभाने वाले जानते हैं कि कुछ मीठे झूठ रिश्तों को बनाये रखने के लिये कितने ज़रूरी हैं….. aparna
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ओ स्त्री!!!
पुरुष के मन मस्तिष्कशब्द हृदयहर जगह छाई हो।ओ स्त्री!!!तुम कहाँ से आई हो? वो कहता हैमैंने तुझे पंख दिए।परवाज़ दिएउड़ लो, जितना मैं चाहूंओ स्त्री !!!क्या तुम उसकी मोहताज हो? उसका घरौंदा बनायातिनका तिनका सजायापर जब वक्त आया तुम्हाराउसने तुम्हेंअपने पैरों पे गिरायाओ स्त्री!!!तुम कैसे उसकी सरताज हो? वो बेबाक है बिंदास हैजो जी में…
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लड़कियाँ
आंसूओं को छिपाने के लिए जबरन मुस्कुराती लड़कियाँ…. दिल के दर्द को, बस यूं ही हंसी में उड़ाती लड़कियाँ… दिन भर खट कर पिस कर तुम करती क्या हो सुन कर भी चुप रह जाने वाली लड़कियां बाप की खुशी के लिए अपना प्यार ठुकराती लड़कियां…. भाई की सम्पन्नता के लिए जायदाद से मुहँ मोड़…
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मैं मैं हूँ!! जब तक तुम तुम हो!
मैं,मैं हूँ! जब तक तुम,तुम हो ! तुमसे सारे रंग रंगीलेतुमसे सारे साज सजीले,नैनों की सब धूप छाँव तुम,होठों की मुस्कान तुम ही हो।मैं,मैं हूँ! जब तक तुम,तुम हो ! तुमसे प्रीत के सारे मौसमतुमसे सूत,तुम ही से रेशमतुमसे लाली,तुमसे कंगन,मन उपवन के राग तुम ही होमैं,मैं हूँ! जब तक तुम,तुम हो ! जीवन का…
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शुभकामनाएं … हिंदी दिवस की
महादेवी वर्मा जो तुम आ जाते एक बार जो तुम आ जाते एक बार कितनी करूणा कितने संदेशपथ में बिछ जाते बन परागगाता प्राणों का तार तारअनुराग भरा उन्माद राग आँसू लेते वे पथ पखारजो तुम आ जाते एक बार हँस उठते पल में आर्द्र नयनधुल जाता होठों से विषादछा जाता जीवन में बसंतलुट जाता…
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जब तुम बूढ़े हो जाओगे…..
मैं बन जाऊंगी फिर मरहमवक्त के ज़ख्मों पर तेरे औरमुझे देख हौले हौले सेफिर तुम थोडा शरमाओगे।जब तुम बूढे हो जाओगे।। सुबह सवेरे ऐनक ढूंडकानों पे मै खुद ही दूंगी ,अखबारों से झांक लगा केतुम धीरे से मुस्काओगे।जब तुम बूढे हो जाओगे ।। दवा का डिब्बा तुमसे पहलेमै तुम तक पहुँचा जाऊंगी,मुझे देख फिर तुम…
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मैं हूँ…..
मैं खुशबू से भरी हवा हूँमै बहता जिद्दी झरना हूँकठिन आंच मे तप के बना जोमै ऐसा सुन्दर गहना हूँ ।। छोटा दिखता आसमान भी,मेरे हौसलों की उड़ान पे,रातें भी जो बुनना चाहे,मैं ऐसा न्यारा सपना हूँ ।। हरा गुलाबी नीला पीलामुझसे हर एक रंग सजा है,इन्द्रधनुष भी फीका लगताप्रकृति की ऐसी रचना हूं ।।…
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बस यूं ही….
भीड़ से निकले तो सिग्नल ने पकड़ लिया,ज़िन्दगी स्पीड ब्रेकर की नुमाइंदगी हो गयी…. aparna
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रोज़ी …by अमृता प्रीतम जी
नीले आसमान के कोने मेंरात-मिल का साइरन बोलता हैचाँद की चिमनी में सेसफ़ेद गाढ़ा धुआँ उठता है सपने – जैसे कई भट्टियाँ हैंहर भट्टी में आग झोंकता हुआमेरा इश्क़ मज़दूरी करता है तेरा मिलना ऐसे होता हैजैसे कोई हथेली परएक वक़्त की रोजी रख दे। जो ख़ाली हँडिया भरता हैराँध-पकाकर अन्न परसकरवही हाँडी उलटा रखता…
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तेरे रंग
मैं धूप सी निखरी तुझमे फिरऔर शाम सी ही ढल जाऊंगीतू मुझे बना ले बाँसूरीकान्हा तेरे रंग, रंग जाऊंगी।।। तेरी अंखियों से जग देख लियाअब नही कहीं कुछ भाता हैतू एक कदम भी बढ़ा ले तोतेरे पीछे पीछे आऊंगी।। मैं जानू ये जग तेरा हैहर छल कपट पर मेरा हैतेरी तान मधुरतम मुझे लगेतेरे स्वरों…
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बस यूं ही…
हमें लिखने का शौक है, उन्हें पढ़ने का क्यों नही.. हमें रुकने की आरज़ू, उन्हें थमने का क्यों नही… aparna
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महादेव
समुद्र मंथन का था समय जो आ पड़ा, द्वंद दोनो लोक में विषामृत पे था छिड़ा.. अमृत सभी में बांट के प्याला विष का तूने खुद पिया….. aparna
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दिल जो न कह सका….
aparna
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मृत्युंजय
मृत्युंजय तू गर्व था,तू गान था,तू रश्मियों की खान था ।सबल सकल प्रभात था,हे कर्ण तू महान था॥ अटल तेरी भुजायें थी ,अनल तेरा प्रवाह था ।कनक समान त्वक मे भी,तू लौह का प्रताप था । तू सूतों का भी दर्प था,राजाओं में आकर्श थाप्रचण्ड भी अमोघ भी,तू खुद में एक आदर्श था। तू मैत्री…
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