
जीवनसाथी -3 भाग -146
कली के दिल दिमाग पर वो बुरी तरह छाया हुआ था… लेकिन शौर्य तो कहीं और ही व्यस्त था !
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“आगे क्या हुआ विक्रम, तुमने कैसे इस सब में भदौरिया को पकड़ा और उस तक पहुंचे ?”..
“भदौरिया सभ्य समाज में एक बड़ा बिजनेसमैन है। उसने ढेर सारे अलग अलग व्यापार चला रखें है, लेकिन सिर्फ दुनिया की आँखों में धूल झोंकने के लिए.. ।
उसका असली पैसा बनता है डार्कवेब की दुनिया के लोगो के एंटरटेनमेंट से !”
“मतलब.. ?”
“डार्क वेब एक विचित्र दुनिया है! यहां वह सभी इलीगल और अनैतिक काम बड़ी आसानी से हो जाते हैं, जो सामान्य और साधारण दुनिया में असंभव हैं।
मुझे ऐसा लगता है कि, हर एक आदमी के अंदर एक गुफा मानव मौजूद है। पाषाण काल का वह इंसान जो अपनी पेट की भूख मिटाने के लिए जिंदा जानवरों को पकड़ के मार कर खा जाता था.. कभी आग में भून कर तो कभी यूँ ही कच्चा !
पाषाण युगीन उस आदि मानव की आदिम भूख आज भी उसके अंदर जिंदा है। बहुत से ऐसे लोग मौजूद हैं, जो दूसरे की तड़प को देख कर अपने अंदर एक अलग सी खुशी महसूस करते हैं…।
किसी इंसान के बहते हुए आंसू, उसकी चीखती आवाज़, उसकी तड़प, उसकी आह,उसका बहता खून, इन लोगों के अंदर के खून को एक अलग उबाल से भर देता है। ऐसी तकलीफें देखकर उनकी आंखों में एक अलग चमक आती है। और यह सारे ही लोग रईसों से भी बढ़ कर रह है।
इनके पास इतना पैसा है कि यह लोगों की तड़प को खरीदते हैं, यह इनके एंटरटेनमेंट यानी मनोरंजन का साधन है।
हम तुम जैसे सामान्य लोग टीवी देखते हैं, गेम्स खेलते हैं,किताबें पढते हैं, और अपना मनोरंजन करते हैं। लेकिन यह लोग किसी अलग ही दिमाग के लोग हैं। इनका मनोरंजन लोगों की तकलीफ देखकर होता है। और इसके लिए यह लोग मुंह मांगी रकम तक देने को तैयार होते हैं।
डार्क वेब की दुनिया में बहुत से ऐसे गेम आर्गेनाइजेशन्स हैं, से जो लोगों को पकड़ कर उन्हें बंदी बनाते हैं, और फिर लाइव स्ट्रीमिंग में उन्हें बैठा कर उन्हें अलग-अलग तरह से टॉर्चर करते हैं।
कभी किसी के हाथ की उंगली काटी जाती है, कभी कान काट दिया जाता है। कभी पैरों की उंगलियां काटी जाती है। कभी बाल नोच नोच कर खींचे जाते हैं। कभी तेज धार वाले चाकू से उनके शरीर पर उन्हीं का नाम लिखा जाता है।
और इन सब तरीकों में तड़पते हुए लोगों को देखकर यह रईसजादे अपने अंदर एक अजब सा उत्साह महसूस करते हैं। उस उत्साह के लिए यह करोड़ों रुपए लगाने से भी बाज नहीं आते। ऐसा करने वाले ऑर्गेनाइजर्स को लगातार लोगों की दरकार होती है। क्योंकि उनके इस टॉर्चर प्रोग्राम में ज्यादातर लोग मारे जाते हैं। इसी तरह का एक ऑर्गेनाइजेशन है “हॉलो वर्ल्ड”..
यह ऑर्गेनाइजेशन लोगों के बीच खूनी खेल को दिखाता है।
दो लोगों के बीच कुछ ऐसे खूनी खेल खेले जाते हैं, जिनमें कोई एक जरूर मारा जाता है। इस खूनी खेल को देखने वाले लोग उन दो लोगों पर बोली लगाते हैं, जैसे खिलाड़ी ए की उंगली कटेगी तो मैं दस हजार डॉलर दूंगा, खिलाड़ी बी की आंख फोड़ दी जाए तो मैं बीस हजार दूंगा।
इस तरह की घटिया दांव खेले जाते हैं।
उन खिलाड़ियों को कुछ ऐसी दवा दी जाती है, कि वह यह काम करने के लिए मजबूर हो जाते हैं। उन नशे की दवाओं के प्रभाव में उन्हें खुद समझ नहीं आता कि उनके शरीर के साथ क्या हो रहा है। उस गेम में जो इंसान हारता है, वह मर जाता है। लेकिन जीतने वाला भी जिंदा नहीं बचता।
जीतने वाले इंसान को फिर किसी दूसरे के साथ यही गेम खेलना पड़ता है। और ऐसे में अंतिम विजेता को सबसे ज्यादा बोली लगाने वाले बिलियनियर के हाथों मरना होता है।
यह खेल एक तरह से मौत का खेल है, इस खेल का नाम ही है द “गेम ऑफ़ डेथ.”. ।”
“क्या भदौरिया उस आर्गेनाइजेशन को चलाता है?”
“नहीं भदौरिया उस आर्गेनाइजेशन को नहीं चलाता। वह उस आर्गेनाइजेशन के लिए लोगों को लाकर वहां तक पहुंचाता है। भदौरिया का बस यही काम है।
उसने जो अलग-अलग फैक्टरीज बना रखी हैं, वहां पर भी कुछ समय तक काम करने के बाद मजदूरों को विदेश भेजने का लालच देकर, वह फैक्ट्री से गायब कर देता है। उनके परिवारों को हर महीने एक निश्चित रकम भेजता रहता है। और कुछ समय के बाद यह कह देता है, कि विदेश में भेजा गया मजदूर वहां से भाग खड़ा हुआ। और अब उसे उसका कोई पता नहीं। और ऐसा बोलकर वह उनके परिवारों को पैसे देना भी बंद कर देता है।
इस बीच में वह इन लोगों को उस आर्गेनाइजेशन के पास ले जाकर, उनके हवाले कर देता है। वहां कुछ समय तक जिंदा रहने के बाद यह सारे ही लोग मारे जाते हैं।
ऐसे ही एक गेम के लिए उसने मेरे भाई को भी पकड़ा था। वहां से वह लड़की और दो लोग और भाग गए, लेकिन मेरा भाई नहीं भाग पाया। मैं आज भी नहीं जानता वह जिंदा है या नहीं, लेकिन उसके साथ क्या हुआ यह सारी सच्चाई मैं जानकार ही रहूंगा…।
भदौरिया की गैंग में शामिल होने के लिए मैं भी डार्क वेब की दुनिया में उतर गया था। मैंने भी भदौरिया की तरह लोगों को पकड़ने का जाल बिछाना शुरू किया। मैं बार-बार इस तरीके से भदौरिया से टकरा रहा था कि उसे लगे मैं किसी बहुत जरूरी काम के लिए लोगों को तलाश रहा हूं, और तब भदौरिया ने खुद मुझे एक मेल भेजा।
तब तक हमारी मुलाकात नहीं हुई थी। मैंने उसके मेल के जवाब में उसे जो भी लिखा उससे भदौरिया को यकीन हो गया कि मैं एक बहुत ही हिंसक और खूनी किस्म का व्यक्ति हूं। मैं कोई साधारण इंसान नहीं हूं। और उसने मुझे सीधे अपने ऑफिस में ही बुलवा भेजा..।
उसने मुझसे पूछा कि मैं क्या करता हूँ..
मैंने इस ढंग से जवाब दिया कि उसे लगे मैं दुनिया से हारा थका इंसान हूँ, और पूरी दुनिया को जला देना चाहता हूँ..।
बस वो समझ गया कि मैं उसके काम का अदमी हूँ। और उसने मुझे एक मोटी रकम के बदले काम पर रख लिया !”
शौर्य बड़े ध्यान से विक्रम की बातें सुन रहा था। लेकिन दिल ही दिल में कहीं ना कहीं उसे विक्रम की बात पर पूरी तरह से भरोसा नहीं था।
” यह सब तो ठीक है विक्रम, लेकिन भदौरिया के गैंग में शामिल होने से पहले तुम प्रिंस शौर्य के बॉडीगार्ड भी तो थे। क्या उसके बारे में कुछ बताना चाहोगे..?”
“हां जब इतना कुछ बता दिया तो वह बताने में मुझे कोई एतराज नहीं है। जैसा कि मैंने बताया था मेरा भाई विजय यूपीएससी के लिए पढ़ाई कर रहा था। उसके लिए वह फिजिकल ट्रेनिंग भी करता रहता था। मैं भी उसके साथ जिम जाया करता था। मेरी लंबाई चौड़ाई तो तुमने देख रखी है। रात दिन अपने शरीर पर मेहनत करने के साथ ही मैं एक छोटी सी नौकरी भी करता था। उन्हीं दिनों बॉडीगार्ड्स के लिए आवेदन भरने का मौका मिला, और मैं एक इंस्टिट्यूट द्वारा चुन लिया गया..।
वह एक बड़ा इंस्टिट्यूट था, जहां से देश भर के लिए बॉडीगार्ड्स भेजे जाते थे। इस दौरान विजयराघवगढ़ रियासत से प्रेम सिंह बुंदेला हमारे इंस्टिट्यूट में आए। उन्हें कुछ नए बॉडीगार्ड्स की जरूरत थी। उन्होंने मुझे चुन लिया और अपने साथ ले गए।
हमारी रियासत में अलग से ट्रेनिंग हुई, और मुझे शौर्य के साथ रहने के लिए वहां के महामंत्री समर सर ने चुन लिया।
मैं असल में उन्ही के लिए काम करता था, और उन्होंने ही मुझे प्रिंस शौर्य के पीछे लगाया था..।”
“तो यह बताओ कि, जब तुम भदौरिया के साथ काम करने लगे तो इस बारे में क्या समर सिंह या प्रेम सिंह बुंदेला को कुछ पता नही चला ?.. “
“तुम उस रियासत को अभी ठीक से जानते नहीं हो। वह लोग इतने आसान लोग नहीं है। उन लोगों ने अगर मुझे अपने प्रिंस के लिए बॉडीगार्ड चुना था, तो इसका यह मतलब नहीं कि मुझ पर आंख मूंद कर भरोसा कर लिया था। मैं हर वक्त समर सिंह की राडार में ही रहा हूं। जब मैं प्रिंस शौर्य का बॉडीगार्ड बना, उसके बाद काम करते-करते मेरी कई बार समर सर से मुलाकात हुई, और इसी सबके दौरान मेरा भाई गायब हुआ था।
उस वक्त में बहुत परेशान था, और मैंने उसके बारे में खोजबीन शुरू कर दी थी। तब समर सर ने मेरी बहुत मदद की। उस लड़की का खत मिलने के बाद मैंने वह खत समर सर को भी दिखाया था। उन्होंने ही मुझे डार्क वेब की दुनिया में उतरने के लिए मदद की, उन्होंने मुझे बताया कि वह भदौरिया पर बहुत समय से नजर रखे हुए हैं। और उन्हें बस एक मौका चाहिए कि कब वह भदौरिया के जरिए उस ऑर्गेनाइजेशन तक पहुंच सके, जो यह सारा खेल रच रही है।
असल में बहुत पहले राजा अजातशत्रु सिंह बुंदेला ने भदौरिया का एक ऐसा ही कारनामा पकड़ लिया था। भदौरिया किसी मीटिंग के लिए राजा साहब से मिलने उनकी रियासत में आया था। उस वक्त राजा साहब ने उसका खूब स्वागत सत्कार किया। जब वह लौट रहा था, तब उसके साथ राजा साहब के चार लोग उसे छोड़ने गए थे।
उस वक्त भदौरिया जानता नहीं था कि राजा साहब असल में है क्या चीज?
उस बेवकूफ इंसान ने उन चार के चार लोगों को पकड़ कर कैद कर लिया, और उन्हें वापस नहीं भेजा। उसे लगा राजा साहब के अदना से नौकर है, उनके गायब होने पर राजा साहब को क्या ही मालूम चलेगा? लेकिन राजा अजातशत्रु जितने सामान्य शांत ऊपरी तौर पर नजर आते हैं, अंदर उतनी ही गहराई है..।
अगले दिन जब वह चारों लोग वापस नहीं लौटे, तो उन्होंने समर सर से पूछताछ की। समर सर ने भदौरिया को फोन लगाया और भदौरिया ने कहा कि उसे छोड़ने के बाद वो चारों वापस निकल गए थे। उन चारों के मोबाइल भदौरिया ने जप्त कर लिए थे। उसे लगा वह ऐसा कर लेगा तो उन चारों के बारे में कोई कुछ पता नहीं कर पाएगा। लेकिन उसे नहीं मालूम था कि महल के हर एक सिक्योरिटी ऑफिसर से लेकर छोटे से नौकर तक की सिक्योरिटी का जिम्मा खुद प्रेम सिंह बुंदेला और समर सर ने ले रखा है।
हर एक के पास एक ऐसी चिप मौजूद होती है, जिससे उनका जीपीएस लोकेशन महल में बैठे हुए लोग ट्रेस कर सकते हैं।
यही तो उस महल की खासियत है कि वहां का राज परिवार जिस हाई सिक्योरिटी के अधीन रहता है, उस सिक्योरिटी की सिक्योरिटी का जिम्मा भी राज परिवार ने खुद उठा रखा है।
उसेम महल में काम करने वाले हर एक इंसान के हाथ में एक छोटा सा बैंड बंधा है। जिस पर एक छोटी चिप लगी है। वह चिप हमेशा त्वचा के संपर्क में रहती है। अगर उस बंधे हुए ब्रेसलेट को भी कोई खोल दे, तब भी उस चिप का असर अगले 48 घंटे तक मौजूद रहता है। और इसीलिए बड़ी आसानी से राजा अजातशत्रु सिंह की सिक्योरिटी टीम ने उन चारों लोगों को ट्रेस कर लिया।
भदौरिया लगातार झूठ बोल रहा था, यह बात इन तीनों ही महारथियों ने पकड़ ली। राजा साहब के आदेश पर प्रेम सर और समर कर अपनी टीम लेकर उस जगह पहुंच गए, जहां भदौरिया ने उन चारों को पकड़ रखा था। भदौरिया उन लोगों को लेकर उस आर्गेनाइजेशन के पास पहुंचने वाला था कि उसे ट्रेस करते हुए इन लोगों की टीम भी रवाना हो गई। भदौरिया को उस ऑर्गेनाइजेशन से मिलकर इन लोगों को सौंपते हुए प्रेम सिंह बुंदेला और समर ने रंगे हाथों पकड़ लिया। इन लोगों ने उन चारों को छुड़ा लिया और भदौरिया को पुलिस के हवाले कर दिया..।
डार्क वेब की ऑर्गेनाइजेशन के लोग वहां से भागने में सफल हो गए। भदौरिया लगभग साल भर तक जेल में रहा, लेकिन फिर उसके वकीलों ने उसे बचा लिया। ह्यूमन ट्रैफिकिंग का केस पूरी तरह से उस पर नहीं बन पाया, और इसीलिए वह छूट गया। लेकिन तब से वह राजा अजातशत्रु के एकदम खिलाफ हो गया। क्योंकि इस घटना के बाद डार्क वेब में भदौरिया का पूरी तरह से बायकाट कर दिया गया था। और वह उस दुनिया में वापस नहीं जा पा रहा था। जिसकी वजह से उसकी पैसों की आमद रुक गई थी।
उसके जो भी बिजनेस, बाहरी दुनिया में थे, उनमें ज्यादातर में उसे नुकसान ही हो रहा था और ऐसे में एक स्थिति ऐसी भी आई, जब वह दिवालिया होने वाला था। उसने डार्क वेब की दुनिया में वापस जाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी। इस आर्गेनाइजेशन के हेड से मिलकर उसने हाथ-पांव जोड़कर आखिरकार उसे वापस मान लिया। लेकिन इस दौरान उसे भयंकर गरीबी और असफलताओं का सामना करना पड़ा।
और इस सब का कारण वह राजा अजातशत्रु, प्रेम सिंह बुंदेला और समर को समझता आया है। और बस इसीलिए वह तीनों ही उसके सबसे बड़े शत्रु हैं।
उसी दिन उसने कसम खाई थी कि उनके बच्चों को भी वह बर्बाद करके रहेगा। उसका सबसे पहला निशाना शौर्य है। उसका लक्ष्य यही था कि शौर्य को किडनैप करके वह तुम्हें शौर्य की जगह स्थापित करेगा, और असली शौर्य को डार्क वेब की उस दुनिया में ले जाकर मुंह मांगे दामों में बेच देगा।
राजा अजातशत्रु सिंह सिर्फ इसी दुनिया में नहीं, बल्कि डार्क वेब की दुनिया में भी बहुत प्रसिद्ध है। राजा अजातशत्रु का बेटा शौर्य सिंह अगर लाइव इन लोगों के सामने आ जाता है, तो वहां बवाल हो जाएगा। शौर्य को अपने सामने उस गेम का हिस्सा बनते देखना उन सारे लोगों के लिए एक उन्माद की तरह है।
शौर्य वहां के लिए बहुत बड़ा नाम है। बहुत बड़ा सेलिब्रिटी, और इसीलिए भदौरिया ने शौर्य को किडनैप करके तुम्हें उसकी जगह प्लांट करने का प्लान बनाया था।
तुम जानते हो वह ऑर्गेनाइजेशन शौर्य के बदले में भदौरिया को कितने रुपए देने वाला है.. ?
ग्यारह मिलियन डॉलर ! मतलब लगभग सौ करोड़ रूपये..।
इन रुपयों से उसका भाग्य बदल जायेगा !
अब समझ में आया कि वो क्यों शौर्य के पीछे पड़ा है ?”
शौर्य आंखे फाडे सामने बैठे विक्रम को देख रहा था..
उसके आश्चर्य की सीमा नहीं थी..
उसी वक्त उसका फ़ोन बजने लगा..
वो फ़ोन उठाये बाहर निकल गया.. फ़ोन बांसुरी का था..
“शौर्य, जानता है इस वक्त हमारे सामने कौन खड़ा है ?”
“ये मुझे कैसे पता होगा मॉम ?”
“कली… तेरी दोस्त !”
कली का नाम सुनते ही शौर्य का दिल धक से रह गया..
“अच्छा.. वो कहाँ मिल गयी ?”
“यही झील किनारे.. अपनी दोस्तो के साथ आयी है.. मैं उसे घर लेकर आ रही हूँ.. !”
“घर, लेकिन क्यों ?”
“अरे.. ऐसे कौन बोलता है भला.. ?
वो आज हमारे साथ डिनर करेगी !”
“मॉम.. आप उसके डैड को नहीं जानती..।
बहुत खतरनाक इंसान हैं.. उन्हें पसंद नहीं आयेगा, कली का हमारे साथ डिनर करना !”
“ठीक है, मैं उनसे बात कर लुंगी.. तुम डिनर के लिए आज का मेन्यू तय कर के शेफ को बता दो.. हम लोग कुछ ही देर में घर पहुँच जायेंगे.. ठीक है ?”
“हम्म !”
एक रुखा सा हम्म बोल कर शौर्य वापस चला आया..
“मॉम डैड, कली को घर लेकर आ रहे हैं !”
विक्रम के माथे पर लकीरे खीँच गयी..
“तो क्या हुआ ? तुम्हे तो खुश होना चाहिए ?”
अजीब सी आँखों से विक्रम को देख कर शौर्य नहाने चला गया..
“तुम आज का मेनू देख कर शेफ को बता दो.. मैं नहाने जा रहा हूँ !”
अब तक जो अजीब सा कसमसाहट वाला भारी सा माहौल हो गया था, वो कली के आने की खबर से जरा हल्का हो गया।
विक्रम भी मजाक के मन में आ गया..
“जाओ जाओ कितना भी नहा कर खुद को चमका लो.. वो तुम्हे नहीं मिलने वाली !”
विक्रम मुस्कुरा कर रसोई की तरफ बढ़ गया..
क्रमशः

Baap re,!! Mere tp padh kar hi raungte khade ho gaye . Kya vakai koi aisi dark web hoti hai . Very horrible things 😞😞
Shaurya ki chinta ho rahi hai 😓😓😓😓
Wow superb episode
Nice
Nice
, क्या खतरनाक गेम है ये हारने वाला तो मरा ही जीतने वाला भी नहीं बचेगा😲। पर ये कैसी गलतफहमी पाल ली भदौरिया ने कि शौर्य को फंसाएगा इस गेम में, वो भूल गया क्या शौर्य कौन है, किसका बेटा है 🙄अगर प्रेम, समर को विक्रम और भदौरिया का पता है तो हो सकता है ये भी एक गेम ही हो पर इस बार भदौरिया की लंका लग जाए।
लाजवाब भाग 👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻🙏🏻।
Very interesting part 👌
Baapre 😟😟😟😟 ye sb kya tha 😨😨😨😨😨kya aisa bhi kuch hota h 🥺🥺🥺🥺🥺🥺🥺
Aprna ji apse naraz hu ap bahut late part dete h jis karan link sa Tut jata h pls part jaldi dijie…baki hame to always shorya ka intezar rahega…nice part
Mam abhi bhi overlap ho raha hai