
अतिथि -39
भूषण पूरी तरह से प्रोफेशनल बंदा बन बैठा था..
“मंजरी तुम जानती हो कि तुम्हारी बहन अनुराधा एक ऑफिस में कांट्रेक्चुअल बेसिस पर काम करती है, वह ऑफिस बहुत बड़ा है! मैं खुद उस ऑफिस का एक बहुत अहम् एम्प्लॉयी हूँ !”
मंजरी को डिकी ने अपने कांट्रेक्चुअल जॉब के बारे में बताया था, और इसलिए मंजरी यह सुनकर जरा भी आश्चर्य में नहीं आई..
” हाँ मैं जानती हूं उसने मुझे बताया है!”
“मैं तुम्हें यह बताना चाहता हूं कि हमारे ऑफिस में एक कॉन्सपिरेसी चल रही है! कोई हैं जो हमारे ऑफिस के डाटा लीक कर रहा हैं! वह कौन है यह कोई नहीं जानता! मेरे ऑफिस की हेड रूबी मैडम ने मुझे इस बात का जिम्मा सौंपा है कि मैं अंदरूनी तौर पर इस बात का पता करूं कि ऑफिस के अंदर का कौन सा एम्पलाई है जो इस काम में लिप्त है।”
” तो इसमें तुम्हें मेरी क्या मदद चाहिए?”
मंजरी को भूषण की इन बातो में कोई रस नहीं मिल रहा था, उसे वैसे भी प्रोफेशनल बातें कम ही समझ में आया करती थी..
“मैं अपने तौर पर हर एक एंप्लॉय के लैपटॉप को और मोबाइल को चेक करना चाहता हूं! हालांकि हैकिंग करना इल्लीगल है,लेकिन मैं अगर सामने बैठकर यह काम करूं तो लोग अपने छुपे हुए फोल्डर मुझे खोलने नहीं देंगे!
मैं जानता हूं डिंकी बेगुनाह है! वह कभी ऐसा नहीं कर सकती! वह बहुत लॉयल बंदी है! मैं बस यह चाह रहा था कि अगर तुम उसके लैपटॉप का पासवर्ड या उसका ईमेल आईडी और पासवर्ड मुझे दे देती, तो मैं बड़ी आसानी से उसके मेल्स चेक कर लेता और यह साबित कर देता कि मैडम का उस पर शक बेबुनियाद है !”
“क्या तुम्हारी बॉस को डिंकी पर शक है ?”
अब मंजरी का ध्यान भूषण की बात पर गया..
भूषण ने लाचारगी दिखाते हुए कंधे उचका दिए
“कहना तो नहीं चाहता लेकिन हाँ.. डिंकी के ऊपर ही उनका पूरा शक है।
अगर ये बात मैं डिंकी को बता दूंगा तो वो बिदक जाएगी.. बिना सोचे समझे वो बातो को बिगाड़ देगी। अगर वो रूबी मैडम से बात करने पहुँच गयी तो मसला और बिगड़ जायेगा, क्यूंकि तब हो सकता है मैडम पुलिस को बुला ले।
असल में डिंकी की जिससे सगाई होने वाली है.. “
अभी भूषण ने पूरी बात ख़त्म भी नहीं की थी कि माधव का ज़िक्र आते ही मंजरी को वो खत याद आ गया..
वो उस ख़त को पढ़ने बेक़रार हुई जा रही थी और भूषण बात को च्विंगम की तरह खींचे जा रहा था..
“सवाल ही नहीं उठता, डिंकी जैसी लड़की कभी कोई गलत काम नहीं कर सकती है..।
एक बार कोई मुझ पर शक करे तो बात समझ में भी आती है लेकिन डिंकी…?
वो इस कदर मासूम है कि अगर मैं इसके आईडी पासवर्ड मांगू तो वो मना भी नहीं करेगी, और इसलिए मैं उसका भरोसा नहीं तोड़ सकती ! मैं तुम्हे उसके पासवर्ड्स नहीं दे सकती भूषण, सॉरी !”
इतना कह कर मंजरी अपनी जगह पर खड़ी हो गयी, लेकिन भूषण ने उसका हाथ पकड़ कर उसे वापस बैठा दिया..
“तुम इस बात को समझो कि मैं तुम्हारी बहन की मदद की बात कर रहा हूँ..।
हाँ मानता हूँ, मेरा तरीका गलत है। लेकिन मेरे पास और कोई चारा नहीं है..।
अगर उसे सब सच बता दिया, तो उसका रिएक्शन पता नहीं कैसा होगा.. बात को समझो मंजरी.. “
अभी भूषण कुछ और कहता उसके पहले ही उसके मोबाइल पर योगिता का कॉल आने लगा, और योगिता का नंबर देख भूषण ने फ़ोन उठा लिया।
वो जानता था कि अगर उसने फ़ोन नहीं उठाया तो योगिता बार बार कॉल कर के उसे परेशान करती रहेगी..
वो योगिता का फ़ोन उठाये वहाँ से उठ कर बाहर चला गया.. और अब मंजरी को ख़त को पढ़ने का मौका मिल गया.म।
मंजरी ने तुरंत उस ख़त को निकाला और पढ़ने लगी..
जैसे जैसे वो ख़त पढ़ती गयी उसका पारा चढ़ता चला गया …
उसने कभी नहीं सोचा था कि उसके सामने, इतना स्नेह दिखाने वाली डिंकी, उसके पीठ पीछे ऐसा भी कर सकती है।
उसने एक बार, दो बार, तीन बार पूरे खत को पढ़ लिया.म।
सामने रखे पानी के गिलास को उठा कर उसने एक साँस में पूरा पानी पी लिया…।
तो ये डिंकी की बच्ची, माधव को मेरी सारी सच्चाई बता देना चाहती थी। अरे वो सब तो बचपन की बेवकूफियां थी, उन्हें कोई इतनी गंभीरता से लेता भी है क्या ?
लेकिन आज तक मेरी बातो को ध्यान से सुनती डिंकी ने मुझसे बदला लेना का बढ़िया तरीका निकाला..। लेकिन डिंकी को ऐसा करने की ज़रूरत क्या पड़ी..? आखिर माधव से उसका ऐसा क्या संबंध हो गया कि अपनी बहन की बातें उसे बताने को तैयार हो गयी।
यही सोचते सोचते मंजरी का दिमाग घूमने लगा..।
उसे अपनी प्राणाधिक्य छुटकी बहन पर गुस्सा आने लगा..।
ऐसे ही तो होते हैं ये संबंध, उम्र की ऊंचाइयों पर जब जब हृदय अन्तःस्त्रावो के इस कदर अधीन हो जाता है, कि वह मस्तिष्क की बातें नहीं सुन पाता, तब अक्सर हृदय से जुड़े ऐसे रिश्ते कच्ची डोर की तरह टूट जाते हैं।
वैसा ही कुछ मंजरी के साथ हुआ।
इस वक्त उसे अपनी प्यारी सी बहन अपनी सबसे बड़ी दुश्मन नजर आ रही थी। वही बहन जो आज तक उसके भले बुरे हर समय की साक्षी थी, उससे एक बार इस खत की सच्चाई पूछने की भी मंजरी ने जरूरत नहीं समझी और सीधे उसे गुनहगार मान लिया।
अपना गुस्सा ठंडा करने के लिए उसने सामने टेबल पर रखा पानी का गिलास उठाया और एक सांस में पूरा पानी पी गई।
कुछ देर अपने को संयत करने के बाद उसने डिंकी का नंबर मिला दिया।
डिंकी ने बड़ा चहक कर फोन उठा लिया।
” मंजू दी अचानक, निकल कैसे गई?”
” कुछ बहुत जरूरी काम आ गया था, बस इसीलिए। अच्छा सुन, तुझसे एक काम था।
मेरा जीमेल अकाउंट हैंग हो रहा है, बहुत सारे मैसेज हैं तो मैं अपने अकाउंट से मेल नहीं भेज पा रही। मेरा एक छोटा सा फेवर करेगी?”
“हां बोलो ना दी। आपका कोई मेल भेजना है क्या?”
” मेल तो भेजना है, लेकिन मुझे मेरे डिजाइनर को भेजना है। और मुझे जो लिखना है, वह तू समझ नहीं पाएगी। तो ऐसा कर अपना ईमेल आईडी और पासवर्ड मुझे दे दे। मैं तेरे अकाउंट से भेज लेती हूं।”
” ठीक है, दे देती हूं। आपके पास मैसेज कर देती हूं।”
“ओके डिंकी, बाई।”
मंजरी ने तुरंत फोन रख दिया और डिंकी ने उसी वक्त अपना फोन उठा कर अपना आईडी और पासवर्ड पूरे भरोसे के साथ मंजरी को भेज दिया।
मंजरी अब वहां बैठकर भूषण के काॅल से वापस लौटने का इंतजार कर रही थी…।
***
योगिता जानती थी कि भूषण का इस वक्त बहुत दिमाग खराब था, और इसीलिए उसने भूषण को कॉल लगा लिया था। इस वक्त उसके घर पर ना तो उसकी बेटी थी और ना ही उसका पति।
भूषण ने फोन उठाते ही “क्या काम है” पूछ लिया? यह सुनकर योगिता को जरा बुरा तो लगा, लेकिन उसने अपने आप को संभाल लिया। वह जानती थी भूषण जैसे महत्त्वाकांक्षी लड़के के साथ जो हुआ है, उसके बाद उसका अपने सामान्य स्वभाव में तुरंत लौटना जरा मुश्किल था..।
“क्या हुआ योगिता, कुछ बोल नहीं रही हो ?”
अपने ख्यालों से निकलकर योगिता ने हंसने का अभिनय किया।
” बस तुम्हारी याद आ रही थी, इसलिए तुम्हें फोन लगा लिया। क्यों क्या मैं अपनी मर्जी से कभी भी तुम्हें फोन नहीं लगा सकती?”
“तुम अक्सर अपनी मर्जी से ही फोन लगाती हो, बल्कि मैं अपनी मर्जी से तुम्हें फोन नहीं लगा सकता। कभी तुम्हारी बेटी को साथ लेकर तुम्हें शॉपिंग पर जाना होता है। कभी तुम्हारे पति के साथ तुम्हारी डिनर डेट होती है। और या फिर तुम्हारा दुकानदार पति घर पर बैठा पराठे ठूंस रहा होता है।”
” क्या करूं घर की जिम्मेदारियों से जुड़ी हुई हूं ना। बंधी हुई हूं और यह सब तो जिम्मेदारियां निभानी ही पड़ेगी।”
” तोड़ दो ना सारे बंधन, किसने तुम्हें बांध रखा है?
तुम अपनी मर्जी की मालिक हो।”
” बिल्कुल भी नहीं। जब मायके में थी तो अपने पिता और भाई की मर्जी से चलती थी, अब ससुराल में ससुराल वालों के और पति की मर्जी से चलती हूं।”
“कौन सा ससुराल? तुम तो अकेली रहती हो अपने पति और बच्चे के साथ..।”
“ससुराल से तो अलग रहती हूं, लेकिन तुम्हारे साथ तो नहीं रहती ना? इसी चीज का दुख तो जिंदगी भर रहेगा। अच्छा सुनो, इन फालतू बातों में वक्त जाया मत करो।
मैं सोच रही थी, बहुत दिन से हम कहीं मिले नहीं। क्यों ना कहीं मिले?”
” क्या हुआ, अचानक तुम मिलने का क्यों सोचने लगी?”
“बस ऐसे ही।”
” वैसे एक बात बताऊँ, मुझे तुम्हारा जो विद्रोही स्वभाव पसंद था ना वह आज भी तुम्हारे अंदर जगमगाता रहता है। तुम सामान्य औरतों की तरह नहीं हो।”
“ठीक कहा भूषण, और मैं अपनी बेटी को भी नहीं बनाना चाहती। मैंने उसे पहले ही सीखा रखा है, ससुराल में तुझे किसी की सुनने की जरूरत नहीं। अगर तेरा पति अपने पैसे की तुझे धौंस दिखाए तो दो थप्पड़ मार कर घर छोड़कर निकल जाना। लेकिन उसकी धौंस मत सुनना ।
कभी किसी गलत बात के आगे झुकना मत। सास अगर बोलेगी कि मुझे चाय ला कर दो तो चाय उसके मुंह पर मारना।
तेरी मर्जी हो तब तू काम कर, वरना तुझे काम करने की कोई जरूरत नहीं। बल्कि मर्जी ही क्यों करना? आराम से पैर पसार कर फैल जाना।”
भूषण के चेहरे पर हंसी आ गई। कितनी बेवकूफ थी यह योगिता। लेकिन उसने इस बात को जाहिर नहीं होने दिया।
” क्या हुआ हंस क्यों रहे हो ?”
“कुछ नहीं, सोच रहा हूं कि तुम कितनी अच्छी मां हो। अपनी बेटी को बड़ी अच्छी परवरिश दे रही हो।”
” जानती हूं, मैं खुद ऐसी ही हूं। मैं कभी गलत के आगे नही झुकी। हमेशा सामना किया और लड़ी हूँ..।
अच्छा सुनो, हर बार तुम होटल का रूम देखते थे इस बार मैं बुक करूंगी, और जहां बुक करूंगी वहां तुम्हें आना होगा।
बहुत दिन हो गए साथ समय गुजारे। “
“अच्छा जी क्या करेंगे उस होटल के कमरे में?”
भूषण योगिता को छेड़ने लगा।
” वही करेंगे जो हर बार करते थे। बहुत दिन हो गए तुम्हें बहुत मिस कर रही हूं। तुम्हें जोर से गले लगाना है। और …..बाकी का मैं बोल नहीं सकती…।”
भूषण से बात करते हुए योगिता खुद को भूल चुकी थी, लेकिन इतनी देर से बात करते हुए उसे प्यास लगने लगी थी। इसलिए बोलते बोलते ही वह रसोई में जाने के लिए पलट गई, और….
अपने सामने खड़े अपने पति दीपक को देखकर उसके हाथ से फोन छूट कर नीचे गिर गया…
क्रमशः

बेहतरीन पार्ट 👌👌👌👌
😨😨😨😨😨
और आखिरकार जो नहीं होना था वही हो गया मंजरी ने खत् पढ़ लिया उसके कान भी भर दिए और उसमें डिकी से पासword आईडी भी मांग ली का क्या होगा यह तो भगवान ही जाने या हमारी डॉक्टर साहिबा जाने।🙄🙄🙄🙄🙄🙄
मंजरी पर बहुत तेज गुस्सा आ रहा है थोड़ा गुस्सा तो डिकी पर भी आया कि ऐसे कैसे वह खत के बारे में भूल सकती है अपने किए कराए पर पानी फेर दिया उसे लड़की ने मंजरी के हाथ में लगने से खुद पिंकी पर कितनी बड़ी मुसीबत बने हैं वह खुद नहीं जानती है अब भूषण जैसा घटिया आदमी जो कितनी ही लड़कियों का जीवन बर्बाद कर चुका है उसे आईडी पासवर्ड से क्या कर सकता है यह सोच सोच कर ही डर लग रहा है पिंकी के लिए।
Aur ine sab mein yah achcha hua Yogita ki uske Pati ke samne Pol khul Gai itni ghatiya aurat Hai khud तो bigadi hui hai aur apne bacche ko bhi bigadne ke bare mein baat kar rahi hun kyunki uska Bhala manush सा Pati vichara piche khada khada uske sare kriyakalap sun raha hai use bechare per kya beet Rahi hogi apni hi patni ke munh peraye mard ke liye aisi bakwas sunkar😰😰😰😡😡😡
Yogita Pati ko dhokha dear or beti ko bhi galat sicha de rahi ,uska samnaya aayaga tub pachtayagi,Nandini nadani ka nadani me likhaya Khatami ko par kar wo Dinky ke sath galat kar de drahi hai,Bhusan ke liya uska I’d or pass Dinky se mang kar Bhushan ko de degi, ti Dinky bahut Prashant me par jayagi,OGod Dlnky bahut bholi hai ,racha karna uski.Waiting for the next part.
Yogita apne pati ko dhokha de rahi hai achha hoga uski sachhayi samne aa jaye. nadani me likhi chitti padhkar usne apni hi bahan ko galat samjh liya aur ab bhushan ka sath dene chali hai.dinki in sabse anjaan hai aur badi muskil me padne wali hai
मैम बहुत टाइम से कहानियां बहुत लेट से आ रही है। ।
आप काफी प्रोफेशनल लेखक है और ऐसा कम ही होता है।
जरूर आप कहीं फंसी हुई है।
अगर आप अपनी परेशानी हमसे बांटेंगी तो हमे अच्छा लगेगा। और हो सकता है आपका भी मन शांत हो।
Pls share your updates. . . 🩵
Jeevansathi aur atithi ka intzaar….
Kab tak????????
I lost my words in front of your writing.
Hope you are doing well and healthy.
Thanks…..
App jivansathi ka part kab post karege pls waiting
ओह्ह 🤦♀️ये क्या सियापा हो गया, डिंकी के खत ने मंजरी का दिमाग़ ही पलट दिया अब डिंकी के लिए उसकी नफ़रत भूषण के लिए वरदान बन जायगी, डिंकी सब बातों से अनजान अपना id पासवर्ड दे दिया। भूषण और मंजरी का मिलना डिंकी के लिए खतरा ही है, भूषण डिंकी को फंसा देगा और खुद को बेगुनाह साबित कर देगा।
चलो योगिता की करतूते उसके पति के सामने तो आई अब देखते हैं आगे क्या होता है।
बेहद खूबसूरत भाग 👌👌👌👌👌🙏।
👌👌👌👌👌👌👏👏👏👏👏
ईमेल और पासवर्ड दे दिया पता नहीं भूषण कितना फंसा देगा डिकी को मंजरी तो बहुत ही बुरा कर रही है डिकी के साथ