जीवनसाथी -3 भाग -138

जीवनसाथी -3 भाग -138

लिफ्ट का बटन दबाकर मैनेजर विनम्रता से दुहरा होता एक तरफ खड़ा हो गया।
    शोवन जो अक्सर सीढ़ियां उपयोग में लाया करता था, बिल्कुल ही बेमन से लिफ्ट में दाखिल हो गया।

उसने पहले फ्लोर का बटन दबाया और चुपचाप खड़ा हो गया। लिफ्ट का दरवाजा बंद हुआ और लिफ्ट ऊपर की तरफ निकल गई।

कुछ सेकंड्स में ही वो पहली मंजिल पर पहुँच चुका था..

लिफ़्ट का दरवाज़ा खुला और…

शोवन की ऑंखें खुली रह गयी…
उसके सामने लिफ़्ट के दरवाज़े से लाल गुलाब की पंखुड़ियां बिछी ही थी..
उसे एकदम से कुछ समझ नहीं आया, वो झिझकता हुआ आगे बढ़ा और धीरे से गुलाब की पंखुडयों पर अपना पैर रख दिया..।

उसके लिफ़्ट से बाहर निकलने के साथ पहला कदम वहाँ रखते ही एक छोटा सा धमाका हुआ और ढेर सारी गुलाब की पंखुड़ियां उस पर बरस पड़ी..
वो आश्चर्य से इधर उधर देख रहा था कि रेस्टोरेंट का ग्लास ड़ोर खुल गया..

अब उसे समझ में आ चुका था कि ये सब परी का किया धरा है। वो पूरे आत्मविश्वास से कदम बढ़ाते हुए उस ग्लास ड़ोर पर पहुँच गया, उसके पहुँचते ही दरवाज़ा खुद ब खुद खुल गया..

दरवाज़े के खुलते ही “हैप्पी बर्थडे “का शोर उसके कानो से टकराने लगा..
उसके सामने ढेर सारे हँसते मुस्कुराते चेहरे चले आये..
सबसे पहले हर्ष आगे बढ़ा और शोवन के गले से लग गया..।

शोवन को जन्मदिन की बधाइयाँ दे कर वो अलग हुआ तो मीठी आगे चली आई..
शोवन से गले लग कर उसने भी उसे बधाइयाँ दी..
मीठी के हटते ही यश कूद पड़ा..
वो एक झटके में कूद कर लम्बे चौड़े शोवन के गले से लटक गया..
शोवन के दोनों गालों को चूम कर उसने अपने ही निराले अंदाज़ में शोवन को बधाई दे डाली..
शोवन झटके से उसे दूर कर के उससे बचने का प्रयास करने लगा..

“भाई मैं तो ऐसे ही विश करूँगा, वैसे भी कौन सा रोज़ रोज़ इन गोरे गालों को चूमने का मौका मिलता है !”

“शर्म कर ले थोड़ी… इसे देख कर कौन कहेगा ये भी एक प्रिंस है !” यश का दोस्त बोल पड़ा..

“हाँ फिर ? हमारे महल का हर एक राजकुमार अलग प्रकृति का है… हर्ष भाई सीधे सादे गंभीर, मैं चुहलबाज और शौर्य, वो पता नहीं किस मिजाज का है !”

यश खुद ही बोल कर हंसने लगा..

“अरे हाँ शौर्य को विडिओ कॉल भी करना है.. !”, इतना कह कर हर्ष शौर्य को फ़ोन लगाने लगा..
लेकिन शौर्य का फ़ोन नहीं लगा..
हर्ष ने तुरंत विक्रम का फ़ोन लगा दिया, लेकिन विक्रम का भी फ़ोन नहीं लगा..

“लगता है दोनों फ्लाइट में हैं ! बाद में उन्हें कॉल कर लेंगे.. !”

शोवन ने हाँ में सर हिला दिया, उसी वक्त सबको एक तरफ करता धनुष शोवन के पास चला आया..

“हैप्पी  बर्थडे भाई !”

शोवन ने मुस्कुरा कर धनुष को गले से लगा लिया..

वो सब शोवन को साथ लिए टेबल की तरफ बढ़ गए..
लेकिन इस भीड़ भाड़ के बीच शोवन की नजरे किसी को ढूंढ रही थी..
वो सोच रहा था, हर वक्त चुहल करती परी आखिर आज कहाँ गायब हो गयी थी..
वो उसे ढूंढ तो रहा था लेकिन किसी से पूछने की उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी..

आखिर चली कहाँ गयी ये ?

धनुष का ध्यान अपने बड़े भाई की बेचैनी पर था, लेकिन वो भी कम बदमाश नहीं था, जब भैया पूछ ही नहीं रहे तो वो खुद से क्यों बताये ?

सब बातों में लगे थे, कोई शोवन से उसका बर्थडे प्लान पूछ रहा था तो कोई कुछ और..
शोवन हर किसी की बात का जवाब ज़रूर दे रहा था लेकिन उसके मन में बेचैनी बढ़ती जा रही थी..

” डॉक्टर साहब क्या प्लान है आज का ?”

“फिलाहल तो आप सब के साथ हूँ, शाम में फॅमिली डिनर !”

मीठी के सवाल पर शोवन जवाब देकर चुप हो गया..

“वैसे उम्र क्या हो गयी आपकी डॉक्टर साहब ?” अब की बार यश कूद पड़ा..
शोवन ने उसे घूर कर देखा और कोई जवाब नहीं दिया..

“लगता है हमारे “गोरा” डॉक्टर का मन नहीं लग रहा..?”

“ऐसा तो मैंने कुछ नहीं कहा.. !”

“नहीं कहा, तभी तो मैं कह रहा हूँ.. !”

शोवन ने अपना मोबाइल निकाला और परी के नंबर पर कॉल मिलाने लगा, लेकिन फिर कुछ सोच कर उसने कॉल नहीं लगाया..
तभी यश बोल पड़ा..

“परी भी यहाँ होती तो और मजा आ जाता न ?”

यश के ऐसा बोलते ही शोवन के कान खड़े हो गए, उसे लगा अब ज़रूर कोई न कोई उसके यहाँ न होने का कारण बता देगा, लेकिन ‘हाँ सही बात है’ इतना बोल कर मीठी चुप हो गयी..
शोवन इंतज़ार करता रहा कि कोई तो कुछ बोलेगा लेकिन परी के बारे में आगे बिना कोई बात किये वो सब क्या खाना है उस पर चर्चा करने लगे..।

.शोवन को बड़ा गुस्सा आने लगा..
परी ही है जो सब को मिलाये रखती है, हर बार की पार्टीस का अरेंजमेंट उसी की तरफ से होता है, और आज उसे भूल कर सब खुद में खोये हैं..

वो चुपचाप बैठा था, बीच बीच में उसकी तरफ देख कर यश और धनुष मुस्कुरा भी लेते थे.. आखिरकार धनुष ने ही चुप्पी तोड़ी..

“परी को फ़ोन कर के उसके हालचाल पूछ लेना चाहिए ?”
.धनुष की इस बात पर शोवन उसे देखने लगा..

“क्यों क्या हुआ उसे ?”

.”आपको पता नहीं है क्या, वो आज यहाँ आने से पहले सीढ़ियों से गिर गयी !”

“व्हाट.. !” शोवन चीख उठा..

“कब कैसे, उसने कुछ बताया नहीं !”

“हाँ शायद उसकी हालत नहीं होगी.. यहाँ आपके बर्थडे में आने के लिए ही वो तैयार होकर निकल रही थी, और गिर पड़ी.. फिर उसने फ़ोन करके आने से मना कर दिया..”

“ओह्ह,तब तो आप सब को उनसे मिल कर आना चाहिए !”

शोवन की इस बात पर अपनी हंसी छुपाते हुए हर्ष ने हामी भर दी

“शोवी सही कह रहा है, पार्टी के बाद शोवी को घर छोड़ कर हम सब परी के ही पास चले जायेंगे !”

“आपका तो घर ही वही है, और आप तो वहाँ जायेंगे ही !” हर्ष के जवाब के बाद मीठी बोल पड़ी

“हाँ लेकिन पहले हमारा प्लान दूसरा था न.. ?
हम सब तो लंच के बाद मूवी जाने वाले थे, उसके बाद शोवन को शॉपिंग करवानी थी। फिर घूम फिर कर डॉक्टर साहब को घर छोड़ कर आपको आपके घर छोड़ कर हम लौटते, लेकिन इस सब में देर हो जाएगी..।

परी बिचारी अकेले पड़े पड़े बोर भी हो रही होगी..
पैर में चोट है, हिल डुल तो पायेगी नहीं..
इसलिए लंच के बाद शोवन को उसके घर या वर्क स्टेशन जहाँ वो जाना चाहे वहाँ छोड़ कर हम सब परी के पास ही चले जायेंगे..
क्यों शोवन ठीक है न ?”..

शोवन ने हर्ष की तरफ देखा लेकिन कुछ कह नहीं पाया..

“जैसा आप सब को सही लगे !”

शोवन के चेहरे पर लाचारगी स्पष्ट नजर आ रही थी…
धनुष और यश एक दूसरे को देख कर मुस्कुरा रहे थे….

शोवन अपने दोनों हाथो को एक दूसरे में उलझा कर सुलझा रहा था तो कभी अपनी उँगलियाँ आपस में रगड़ रहा था.. उसके मन में चलती उलझन सब को समझ आ रही थी.. ।
कुछ देर में ही सबका ऑर्डर किया हुआ खाना भी चला आया.. सब मजे से बातें करते हुए खाने लगे..

हर्ष ने पहला निवाला मीठी को खिलाया और इसके साथ ही यश और धनुष ख़ुशी से दोनों को छेड़ने लगे..
हर्ष मीठी को खिलाने के बाद खाने लगा, बाकी सब भी खाने लगे लेकिन शोवन का मन नहीं लग रहा था..
जैसे तैसे खुद को संभाले रखने के बाद आखिर वो खड़ा हो गया..

“मैं कुछ देर में आता हूँ, मुझे एक बहुत ज़रूरी काम याद आ गया है !”

“अरे रुको तो सही.. अपना बर्थडे लंच तो फिनिश कर लो  !”

मीठी ने उसे टोका

“नहीं मीठी.. बहुत अरजेन्सी है, वरना मैं यूँ तुम सब को छोड़ कर नहीं जाता !”..

और फिर बिना किसी की बात सुने शोवन वहाँ से उठ कर तेज़ी से लिफ़्ट की तरफ निकल गया, लिफ़्ट खुली और बिना अंदर देखे ही वो अंदर घुस गया..
अंदर जाते ही उसकी नजर सामने खड़ी परी पर पड़ी और वो अवाक् होकर उसे देखता रह गया..

“तुम यहाँ ?”

परी मुस्कुराती खड़ी थी..

“तुम्हारा पैर ?” शोवन ने मिडी ड्रेस से निकली पतली पतली टांगो की तरफ देख कर पूछा..
अपने बूट्स को खटका कर परी ने अपना पैर दिखाया और शरारत से उसे देखने लगी..

“अपनी जगह पर तो है !”

“हाँ लेकिन.. तुम तो गिर गयी थी न ?”

“वो तो कबसे गिर चुकी हूँ तुम्हरे प्यार में.. !”

शरारत से परी शोवन को देख रही थी और शोवन ने एक झटके में परी को खींच कर अपने सीने से लगा लिया..

“यू इडियट डम्ब गर्ल.. मुझे डरा ही दिया था तुमने और तुम्हारी इस टीम ने !”

शोवन की बाँहों में परी मुस्कुरा उठी..

“तुम्हारे साथ प्रैंक किया, बर्थडे प्रैंक !”

“आइंदा ऐसे डराया न तो जान ले लूंगा तुम्हारी ! भूलो मत डॉक्टर हूँ… मुझे जान लेने का परमिट मिला हुआ है !”

“अच्छा, बड़े आये डॉक्टर साहब… वैसे तो फुरसत नहीं रहती, और आज बड़े तेवर दिखा रहे !”

“तुम नही जानती परी कितना डर गया था मैं.. मेरी ज़िंदगी में मॉम के बाद अगर कोई लड़की है तो वो बस तुम हो.. अगर तुम मुझसे बिछुड़ी न तो पता नहीं मैं क्या कर जाऊंगा !”

“मैं कहीं नहीं जाने वाली अपने हॉट सिज़लिंग डॉक्टर को छोड़ कर.. ! अच्छा अब छोडो मुझे.. कहीं लिफ़्ट खुली और कोई सामने खड़ा हुआ तो !”

ये सुन कर शोवन ने परी को और ज़ोर से खुद में भींच लिया और उसके अधरों पर अपने अधर रख दिए..

एक झटके के साथ लिफ़्ट खुल गयी और परी शोवन से छिटक कर खड़ी हो गयी..
एक रॉयल सी दिखने वाली फैमिली लिफ़्ट में चली आई..।

वो तीन लोग थे.. महिला मध्यम आयुवर्ग की लग रही थी, उन्होंने एकदम हल्के हरे रंग की रेशमी साड़ी पहन रखी थी.. सर पर के जूड़े से आंचल घुमा कर दूसरी तरफ के कंधे पर डाल रखा था..
असली मोतियों का पतला सा सेट हीरे के पेंडेट के साथ झांक रहा था..
हाथों में बहुमूल्य रत्नो की अंगूठियां जगमगा रही थी..
उनके साथ दो आदमी और थे, एक तो उनसे दो चार साल बड़ा लग रहा था और दूसरा उनका बेटा लग रहा था..
तीनो लोग लिफ़्ट में चुप चाप खड़े हो गए..
उन तीनो के कारण शोवन और परी भी शांत खड़े हो गए.. लेकिन उन दोनों की नजर एक दूसरे पर ही थी..
शोवन ने धीरे से परी की उंगली पकड़ ली।

परी ने अपना हाथ अपनी तरफ खींच लिया और हल्के से मुस्कुराने लगी। शोवन की उंगलियां परी की उंगलियों पर धीरे-धीरे फिसलते हुए उसकी बाजू में ऊपर की तरफ चलने लगी।

परी ने धीरे से झटका दिया और जरा सरक कर खड़ी हो गई।
  उन दोनों के ठीक सामने खड़े वह तीनों लोग चुपचाप शांत खड़े थे कि तभी उनमें से उस महिला का फोन बजने लगा। लिफ्ट जैसे ही रुकी महिला ने अपना फोन उठा लिया..

” कैसी हो जया हम तुम्हारे शहर में पहुंच चुके हैं, और कल तुमसे और तुम्हारी प्रिंसेस से मिलने महल भी आ जाएंगे और सुनो बहुत ज्यादा ताम-झाम करने की जरूरत नहीं है, तुम तो जानती हो हमारे साहब जरा अलग मिजाज के हैं..”

फोन पर दूसरी तरफ से जो भी आवाज आई उसके बाद इस महिला ने बड़ी विनम्रता से कल मिलते हैं कहकर फोन रख दिया।

इस सीमित भाषण से ना परी और शोवन को कोई मतलब था और ना ही उन्हें कोई बात पल्ले पड़ी, वह दोनों उन लोगों के एक तरफ से निकलकर आगे बढ़ गए..

” आइये, आपका प्रॉपर्टी डीलर यहीं मिलने वाला था ना?”

अपनी गहरी सी आवाज में उस महिला ने अपने पति से सवाल किया, सिर्फ हां में गर्दन हिला कर वह तीनों लोग रेस्टोरेंट के अंदर चले गए..

शोवन और परी जो कि नीचे जाना चाहते थे, वह इन तीनों के कारण वापस ऊपर चले आए थे। वह दोनों सीढिओ से एक दूसरे का हाथ थामे हुए नीचे उतर गए।

शोवन की गाड़ी में पहुंचने के बाद परी ने एक बार फिर शोवन को गले से लगा लिया।

उसके गालों को चूम कर वह उसके कान में धीरे से गुनगुना उठी…  हैप्पी बर्थडे डॉक्टर..I

क्रमशः..

4.9 29 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest

40 Comments
Newest
Oldest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
Seema Kawatra
Seema Kawatra
10 months ago

जया मतलब परी की माँ

कही ये परी के रिश्ते के लिए तो नही आए
शेवन बाबू दूल्हा बनने के लिए तैयार हो जाओ

आखिर शौर्य के पास पहुँच गए राजा और बाँसुरी
राजा के गले से लगे शौर्य की आँखे भर आई
कितनी ही बाते शौर्य ने भी अपने सीने में दबाई हुई है

क्या राजा और वासुकि एक दूसरे से मिल पाएंगे ..

Geeta sidpara
Geeta sidpara
1 year ago

Very very nice part 👌👌

Poonam Aggarwal
Poonam Aggarwal
1 year ago

😘😘😘😘🥰🥰🥰🧐🧐🧐🧐😓😓😓😓

Manu Verma
Manu Verma
1 year ago

परी और उसकी टीम ने अच्छा बर्थडे सरप्राइज दिया शोवन को,शोवन को अच्छा सताया सबने मिलकर,मज़ा आ गया खूब मस्ती भरा भाग था 👌👌पर अंत मे ये कौन आ गया भई 🤔।

Jagriti
Jagriti
1 year ago

Lgta hai pari k liye rishta lekr aaye hai log bag mast mazedaar part

Nisha
Nisha
1 year ago

Kahin wo teeno pari ke liye rista toh nahi la rahe na 😮😮.raj pariwar ke sare bachhe pyare hain inhe ek dusre ke bare me sari khabar rahti hai bas bolte nahi hain.showan bahut chahta hai pari ko par uska na bol pana use kahin mahanga na pad jaye 😓😓

Radhika Porwal
Radhika Porwal
1 year ago

Wow superb episode
Ab ek or dhamka hone wala hai
Showan or pari ki life m

Deepshikha Manu
Deepshikha Manu
1 year ago

Beautiful part

Archana Singh
Archana Singh
1 year ago

Very interesting part 👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻

Siddharth Singh
Siddharth Singh
1 year ago

Very nice.. As always