जीवनसाथी -3 भाग -119

जीवनसाथी -3 भाग -119

   वासुकी अपने ऑफिस में बैठा कुछ सोच रहा था कि दर्श बाहर से चला आया..
उसके अंदर आते ही वासुकी ने उसे पलट कर देखा, वासुकी की आँखों में सवाल था, और दर्श ने अपनी आँखों से ही उसे आश्वस्त कर दिया..

“उस लारी वाले का पता चल गया है वासुकी !”

वासुकी ने एक गहरी सी साँस ली और अपनी रिवॉल्विंग चेयर दर्श की तरफ घुमा कर पूरी बात सुनने के लिए ज़रा आगे खिसक आया..।

दर्श भी वासुकी के ठीक सामने की कुर्सी पर बैठ गया और उसने अपने मोबाइल पर मिली कुछ तस्वीरो को वासुकी के सामने कर दिया..

“ये है वो आदमी, इसका काम ही यही है ! पैसे लेकर लोगो का खून करना..
  इसे ही शौर्य की गाडी का एक्सीडेंट करने का काम सौंपा गया था !”

“इस काम के पीछे भदौरिया ही है न ?”

“वही होगा, बल्कि वही होना चाहिए ! अगर इसकी जगह और कोई हुआ तो एक टेंशन और बढ़ जाएगी कि अब कौन सा नया दुश्मन पैदा हो गया.. वैसे तुम्हारी क्या बात हुई थी भदौरिया से ?”.

“हम्म जब शौर्य को ढूंढ़ लाने का ज़ोर डाला था, तब उसका घबराना तो यही बता रहा था कि उसी ने करवाया है, लेकिन सामने से होकर उसने इस बात को स्वीकार नहीं किया है.. !”

“अब करेगा.. जब इस लारी वाले का कन्फेशन उसके सामने आएगा तब !”

“हाँ इसी से सच्चाई उगलवानी होगी ! क्या वो पकड़ में आ गया है ?”.

“नहीं, लेकिन उसका नंबर ऑन हो गया है, अब उसके नंबर से उसे ट्रेस कर के पकड़ सकते हैँ !”

“नहीं इतना रिस्क मत लो.. उसका नंबर वो कभी भी बंद कर सकता है ! उसे फ़ोन कर के कहीं बुलाना पड़ेगा !”

“लेकिन वो हमारे फ़ोन पर आएगा ही क्यों ?”

“आएगा !” वासुकी ने दर्श को देखा और हल्का सा मुस्कुरा दिया..

वासुकी ने अपना लैपटॉप खोला और कुछ करने लगा, दर्श को भी उसने साथ बुला लिया.. कुछ देर बाद उन दोनों ने मिल कर किसी पुरानी फिल्म से बिलकुल वैसी ही क्लिप उठा कर उसे एडिट कर के ऐसा तैयार कर लिया जैसे वो सच में कहीं की सीसीटीवी की क्लिप हो…
एक नए सिम को मोबाइल पर डाल कर दर्श ने उस विडिओ को उस लारी वाले को भेज दिया..
विडिओ भेजने के पांच मिनट बाद दर्श ने उसे फ़ोन लगा दिया..
उस तरफ से वो आदमी चीखने लगा लेकिन दर्श शांति से उसकी सारी बकवास सुनता रहा !
वो आदमी उस क्लिप को देख कर बौखला गया था !!

“कौन हो तुम, तुम्हे ये विडिओ कहाँ से मिला ? ये सही नहीं है ? फेक है ये विडिओ !” अपने मन की भड़ास निकालने के बाद वो चुप हुआ, तब दर्श ने बोलना शुरू किया…

“उस ब्रिज पर सीसीटीवी लगा था, उसी का फुटेज है जो निकालने के बाद मैंने अपने पास रखा था…।
वैसे भी उस एक्सीडेंट की तफ्तीश चल रही है.. अगर ये क्लिप मैंने पुलिस को दे दी, तो तुम्हारा काम ख़त्म..। समझे ?”

वो आदमी पल भर के लिए शांत रह गया..

“फ़ोन बंद कर के भागने की कोशिश मत करना, क्यूंकि मुझे पता है तुम कहाँ छिपे हो, मैं कभी भी तुम्हे पकड़ सकता हूँ !”

“तुम चाहते क्या हो ?”

“बस कुछ पैसे ! घबराओ मत दोस्त, मैं भी तुम्हारी तरह का हत्यारा ही हूँ.. मुझे भी खूनखराबे के अलावा और कुछ नहीं आता !!”

“मुझे क्या करना होगा ?”

“मेरे बताये पते पर आना होगा। तुम्हारे पास सिर्फ आधे घंटे का वक्त है अगर इतनी देर में नहीं आये तो ये क्लिप पुलिस के पास पहुँच जाएगी !”
  इसके बाद दर्श ने उसे एक जगह का पता ठिकाना बता दिया..
और उसे कितने रूपये चाहिए ये भी बता दिया..

दर्श का फ़ोन रखने के बाद उस आदमी ने तुरंत एक दूसरी जगह फ़ोन लगा दिया..

“बॉस !”

“तुम्हे मना किया था न, मुझे फ़ोन करने !”

“मुझे कुछ रुपयों की ज़रूरत है !”

“जितने चाहिए मिल जायेंगे, लेकिन पहले अपना फ़ोन बंद करो और यहाँ से भाग जाओ !”

“मैं तो भाग ही गया था, लेकिन किसी काम से वापस  आना पड़ा !”

“तुम पागल हो गए हो क्या, पुलिस तुम्हे ढूंढ़ रही है इसके अलावा वो वासुकी भी तुम्हे ढूंढने के लिए पागल हुआ पड़ा है.. !”

“मैं यहाँ से निकल जाऊंगा। आप मेरे बताये पते पर किसी के हाथ से रूपये भेज दीजिये ! मैं लेकर तुरंत निकल जाऊंगा !”

“ठीक है, मुझे पता बताओ ! मैं खुद आऊंगा !”

और भदौरिया ने फ़ोन रख दिया..

उस लारी वाले आदमी ने उस जगह का पता ठिकाना भदौरिया को भेजा और उसे आधे घंटे में वहाँ पहुँचने की बात भी लिख दी…

भदौरिया ने अपने एक आदमी को बुला कर उसे पैसे लाने को कहा और खुद वहाँ से निकलने की तैयारी करने लगा…
दूसरी तरफ वासुकी और दर्श भी उसी जगह के लिए निकल गए !

****

शौर्य विक्रम के साथ ऑफिस से बाहर निकल गया..
घर लौटने का वक्त हो चुका था !

“कहाँ चलना चाहेंगे प्रिंस ?”

“घर ही जाना है, लेकिन उसके पहले किसी अच्छे से रेस्टोरेंट की तरफ गाड़ी घुमा लो !”

“किस रेस्टोरेंट में चलना है आपको ?”

प्रिंस ने ब्रिज कैफे चलने के लिए बोला और विक्रम ने गाड़ी बढ़ा दी….

“प्रिंस!!…. कली को भी बुलाना है क्या ?”

विक्रम ने धीमे से पूछा..

कुछ पलों के लिए शौर्य अचानक कुछ कह नहीं पाया! वह गाड़ी से बाहर देखने लगा, शायद उसे कली की याद आ गई थी, या फिर याद आ गया था वह पल जब उसने कली के साथ थोड़ा अजीब सा व्यवहार किया था। उसे अपनी सोच में डूबा देख विक्रम ने बैक व्यू मिरर को जरा एडजस्ट करके शौर्य के चेहरे पर फोकस किया और उसे देखते हुए कहने लगा।

” क्या बात है लिटिल मास्टर, आप तो किसी सोच में गुम हो गए?”

इतना कहते ही विक्रम को तुरंत भान हुआ कि उसने प्रिंस शौर्य को लिटिल मास्टर बोल दिया है। कहीं वह वापस नाराज ना हो जाए और इसलिए विक्रम ने वापस अपनी बात संभाल ली।

” आई एम सॉरी प्रिंस शौर्य।”

        शौर्य अब भी खिड़की से बाहर रास्ते के साथ पीछे छूटती हुई मिनारों को देख रहा था, और पूरी तरह से अपनी सोच में गुम था। शायद उसने विक्रम की बात भी नहीं सुनी थी। विक्रम ने एक बार फिर गले को साफ किया और वही बात दोहरा बैठा।

” प्रिंस!!  प्रिंस….. अगर आप कहें तो कली को भी डिनर के लिए इनवाइट करूं?”

शौर्य ने एकदम से चौंक कर विक्रम की तरफ देखा।

” तुम्हारा ध्यान गाड़ी चलाने पर बिल्कुल भी नहीं है क्या?”

शौर्य ने विक्रम से सवाल किया और विक्रम चौंक कर सामने देखते हुए गाड़ी ठीक से चलाने लगा।

“नहीं मैंने तो बस यूं ही पूछा था।”

” तुमसे यह सवाल जवाब करने को किसने कहा है? मैं तुम्हारा बॉस हूं, क्या करना है और क्या नहीं करना, यह डिसाइड करने का हक सिर्फ मुझे है, तुम्हें नहीं।
     तुम होते कौन हो मुझे कुछ भी सजेस्ट करने वाले कि मुझे डिनर किसके साथ करना है?
    इस वक्त मैं बहुत थका हुआ हूं। और मैं अकेले अपना मनपसंद खाना खाना चाहता हूं। इसलिए गाड़ी चलाने पर फोकस करो, और थोड़ा तेज चलाओ।”

विक्रम ने बिना कोई जवाब दिए गाड़ी को तेजी से ब्रिज कैफे की तरफ भगा दिया।

    कुछ देर बाद वह दोनों ब्रिज कैफे के रेस्टोरेंट में थे..।

रेस्टोरेंट के सबसे किनारे की कुर्सी पर जाकर शौर्य बैठ गया। विक्रम उसके पास धीमे से चला आया।

   वह हाथ बांधे शौर्य के पीछे खड़ा रहा। शौर्य ने उसे देखा और वापस चीख पड़ा।

” अब तुम्हें क्या निमंत्रण पत्र छपवा कर दूं कि सामने वाली कुर्सी पर बैठ जाओ।”

विक्रम को भी अचानक मसखरी सूझी।

” आई एम सॉरी प्रिंस! लेकिन मुझे लगा मैं तो आपका नौकर हूं, आपके सामने कैसे बैठ सकता हूं? 
  आपके साथ मैं कैसे डिनर कर सकता हूँ ?”

“यह डिसाइड करने वाले तुम कौन होते हो कि मेरे सामने कौन बैठ सकता है? कौन नहीं?  मेरा जिसके साथ खाना खाने का मन होगा, मैं उसके सामने बैठ कर खाना खाऊंगा, और वैसे भी आज तुम्हारा बर्थडे है। बस इसीलिए तुम्हें यह मौका दिया जा रहा है।
    सोच लो कितने खुश नसीब हो कि तुम्हें एक प्रिंस के साथ, वह भी प्रिंस शौर्य के साथ खाना खाने का मौका मिला है। तो इसलिए अब चुपचाप बैठो।”

हल्का सा मुस्कुरा कर विक्रम शौर्य के सामने बैठ गया। उसकी भी समझ से बाहर था कि यह सब क्या हो रहा है। क्या सच में उस एक्सीडेंट के बाद शौर्य के दिमाग पर इतना ज्यादा असर आया था कि वह अपना स्वभाव ही भूल गया था।

शौर्य पहले भी बहुत ज्यादा विनम्र नहीं था, लेकिन उसके बात करने का तरीका काफी सुलझा हुआ था। हालांकि बहुत बार वह अपनी मानसिक परेशानियों में इस कदर उलझ जाता था कि अपने आप में ही खोकर रह जाता था।
कम बोलता था, शांत रहता था।
लेकिन जब भी बोलता था, बड़े सलीके से बात करता था।

लेकिन यह वाला शौर्य कुछ अलग ही था। जरा तेजतर्रार, अपने आप को सबसे ऊपर समझने वाला, किसी को अपने सामने कुछ ना समझने वाला,पूरी दुनिया को खुद का गुलाम समझने वाला सनकी था ये..

क्रमशः

आज का भाग छोटा है, काम चला लीजिये, भाग लम्बा लिखा था, पर एडिट करने की हिम्मत नहीं है.. इसलिए अगला भाग कल सुबह दे दूंगी..

शुभ नवरात्री…

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Archana Singh
Archana Singh
1 year ago

Very nice part 👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻 👍🏻👍🏻

Memory
Memory
1 year ago

Lagta h shourya ka dimag satak gya h😆

उमिता कुशवाहा
उमिता कुशवाहा
1 year ago

अरे अब तो विक्रम भी मजे लेने लगा है शौर्य के उसे उसकी बातों में मजा भी आ रहा है पर वह सच में भी डूबा हुआ है कि शौर्य तो ऐसा नहीं था वह भले ही कितना ही परेशान क्यों ना हो पर उसकी बात करने का लेहजा शांत रहता था कली का उसे ड्राइवर समझाने पर कितने प्यार से उसने कली को ट्वीट किया था वह चाहता तो अपनी अकड़ और घमंड ठीक इसी तरीके से उसे दिन भी दिखा सकता था पर वह कली का ड्राइवर ही बना रहा।
कार्ड ब्लॉक होने पर भी उसने कितने सही है उसे अपने दिन निकाले कली का ड्राइवर बनाकर उसका मॉडल बनाकर उसने पैसे कमाए ताकि वह अपना खर्चा उठा सके

Meera
Meera
1 year ago

ये शौरी हमे बहुत उलझा रहा है अब तो !!
दर्श और वासुकी के हाथ में ये लॉरी वाला लग गया तब तो गया , ओर भदौरिया को क्यों अभी तक छोड़ा हुआ है ?? खैर कुछ तो बड़ा हाथ है इन सब के पीछे ।
विक्कू भी मजे ले रहा है

Manu Verma
Manu Verma
1 year ago

शौर्य की डांट मे भी विक्रम के लिए प्यार दिख रहा है 😊।
एक्सीडेंट ने शौर्य की सोच ही बदल दी।
बहुत अच्छा भाग 👌👌👌👌👌

Last edited 1 year ago by Manu Verma
Nisha
Nisha
1 year ago

Mujhe ye wala shaurya bilkul achha nahi laga toh mam aap pahle wale shaurya ko hi bhej dijiye na please ☹️☹️. bhadauriya ki samat aa gayi hai ab vasuki uski badhiya se class lega

जागृति
जागृति
1 year ago

कन्फ्यूजन है भाई फुल ऑफ joy 😊 shorya कभी नरम कभी गरम

Seema kawatra
Seema kawatra
1 year ago

शौर्य सबकी मदद करता था
जहाँ तक बच्चो की टूटी गिटार भी उसने बजा ली थी

Gurpreet Kaur
Gurpreet Kaur
1 year ago

😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍🤔🤔🤔🤔🤔🤔

Shanu singla
Shanu singla
1 year ago

🧐🧐🧐🧐🧐🧐🧐🧐🧐🧐🧐🧐