जीवनसाथी -3 भाग -115

जीवनसाथी -3 भाग -115

  जैसे ही कली को ये पता चला कि उसके डैडा और दर्श अंकल साउथवार्क जा रहे है, उसके दिल के तार बजने लगे, वो ख़ुशी से भागती हुई नीचे चली आयी, लेकिन नीचे पहुँच कर उसने खुद को संयत कर लिया..

नाश्ते की टेबल पर सबके साथ बैठी कली से ठीक से कुछ खाया भी नहीं गया..
जैसे तैसे दो चार उलटे सीधे निवाले डाल वो उठ गयी..

वासुकी ने निकलने से पहले प्यार से उसे गले से लगाया और उसके बालों को सहला कर “अपना ध्यान रखना” बोल कर निकल गया….

वासुकी और दर्श के जाते ही वो भाग कर अपने कमरे में पहुँच गयी..!
शाम पांच बजे शौर्य ने उसे मिलने बुलाया था, वो अपनी अलमारी खोल कर खड़ी हो गयी.. ढेर सारे कपड़े उलट पुलट कर देखने पर भी उसे कुछ भी ढंग का समझ नहीं आ रहा था..

“क्या फायदा इतने कपड़े रखने का, जब पहनने लायक कुछ भी न हो !”

सरिका की आवाज़ कान में पड़ते ही उसने पलट कर देखा और मुहं बना कर खड़ी हो गयी..

“देखो न सरु एक भी ढंग की ड्रेस नहीं है..।”

“लेकिन जाना कहा है.. ?”

“दोस्तों  से मिलने !”

“उनसे मिलने तो तुम जींस या स्कर्ट पहन कर ही चली जाती हो, इतना तो नहीं सोचना पड़ता ?”

कली ने मुहं लटका लिया

“आप मेरी हेल्प करने की जगह जासूस करमचंद मत बनो।”

“अच्छा ठीक है, मैं हेल्प कर दूंगी, पर पहले बताना पड़ेगा कहाँ जा रही हो?”

“मैं ब्रिज कैफे जा रही हूँ… शौर्य से मिलने !”

कली ने सच बता दिया, सारिका कुछ देर उसके चेहरे की तरफ देखती रह गयी..

“लेकिन कली, तुम्हारे डैडा को ये बात पसंद नहीं आएगी.. ।”

“उन्हें बताएगा कौन ? सरु तुम बता दोगी ?”

सारिका कली के इस मासूम सवाल पर ठिठक गयी

“लेकिन उन्हें बिना बताये जाना क्या ठीक होगा ?”

“सरु.. प्लीज़.. मैं जल्दी आ जाउंगी.. ।”

इतनी देर में कली के उस कबाड़ से सारिका ने एक खूबसूरत सा गुलाबी ड्रेस निकाला और उसे कली की तरफ बढ़ा दिया..

“ये पहन लो, इसमें बहुत प्यारी लगती हो !”

कली मुस्कुरा कर सारिका के गले से लग गयी..

“लेकिन जल्दी आना.. !

  शौर्य से मिलने की तैयारियों में लगी कली की शाम कब ढली उसे मालूम भी नहीं चला…।

वो तैयार होकर घर से नियत समय पर निकल गयी, लेकिन ट्रैफिक की वजह से उसे वहाँ पहुँचने में थोड़ा वक्त लग गया..

वो कैफे में दाखिल हुई और इधर उधर देखती अंदर बढ़ने लगी कि एक वेट्रेस उस तक चली आयी..

“मैम क्या आप मिस कली है ?”

कली ने हाँ में सर हिला दिया

“आप इधर मेरे साथ आइये !”

वो उसे साथ लिए एक तरफ निकल गयी.. कैफे को पार कर एक कांच के दरवाज़े के पार बाहर गार्डन में कुर्सियां लगी थी..
कली को वो लड़की वहाँ तक ले आयी..

एक बड़ी सी मेज के दोनों तरफ दो कुर्सियां रखी थी.. चार पांच आदमी पास ही खड़े अलग अलग इंस्ट्रूमेंट्स पर कोई धुन बजा रहे थे.. उस पूरे  परिसर को बहुत खूबसूरती से सजाया गया था..।

कली मुस्कुरा कर आगे बढ़ गयी.. कुर्सी पर बैठा शौर्य उसे देख कर हल्के से मुस्कुरा उठा, लेकिन अपनी जगह से उठा नहीं…

कली उसके सामने खड़ी थी कि वही खड़े विक्रम ने आगे बढ़ कर उसके लिए कुर्सी पीछे खींच दी..।
कली उसमे बैठ गयी…

“कैसे हो शौर्य ? कहाँ थे अब तक ?”

“ठीक हूँ, तुम कैसी हो ?”

“ठीक ही हूँ ! तुम तो ऐसा नाराज हुए कि मुझे फ़ोन तक करना ज़रूरी नहीं समझा !” बनावटी गुस्से से कली ने कहा…
वो एकटक शौर्य को देख रही थी..

“लिटिल मास्टर का एक्सीडेंट हो गया था !” शौर्य के पीछे खड़े विक्रम ने कहा

“क्या ? कहाँ ? कब ? कुछ बताया क्यों नहीं ?”

“जब तक बताने की हालत नहीं थी नहीं बताया, जब मिलने लायक हुआ तो मिल ही लिया.. !”

कली उसे ध्यान से देख रही थी.. वाकई एक्सीडेंट के बाद चेहरे में कुछ बदलाव नजर तो आ रहे थे, कली भावुक हो गयी..

“क्या सोच रही हो ?” शौर्य ने पूछा और कली ने न में गर्दन हिला दी

“जानता हूँ, मेरे ही बारे में सोच रही हो ! है न ?”

कली ने उसे देख कर न में गर्दन हिला दी..

“मेरे पास और भी काम है समझे ?”

शौर्य उसे देखता बैठा रहा.. उसने धीमे से अपना एक हाथ उठा कर कुछ इशारा किया, उसके इशारे को समझ कर वेटर ने खाना सर्व करना शुरू कर दिया..

वेटर शौर्य के सामने रखें बाउल में सूप डाल रहा था कि तभी शौर्य की उंगलियों पर ज़रा सा सूप गिर गया..

शौर्य का हाथ जल गया, उसने तुरंत अपना हाथ खींचा और खड़े होकर उस वेटर को एक तमाचा जड़ दिया।

“बेवकूफ, मेरा हाथ जला दिया, अंधे हो क्या ? दिखाई नहीं देता कि मेरा हाथ वहीँ रखा था..।”

“आई एम सॉरी सर !” कहता हुआ वो घबराया सा वेटर पानी में कपडा भीगा कर शौर्य का हाथ पोंछने लगा लेकिन तब तक में गिलास के पानी से शौर्य हाथ ढो चुका था..
उसके हाथ में जलन हो रही थी.. ।
हाथ को झटकते हुए वो फूंक फूंक कर हाथ को आराम देने की कोशिश कर रहा था..।
ये सब देख कली भी घबरा गयी, वो उसके पास आ गयी थी, उसने शौर्य का हाथ थाम लिया और हाथो से सहला कर फूंकते हुए उसकी जलन मिटाने की कोशिश करने लगी..।

लेकिन शौर्य ने हाथ झटक कर छुड़ा लिया..

“व्हाट रबिश यार, तुम्हारे ऐसा करने से आराम नहीं होगा.. कोई आइस लेकर आएगा ?”

वो ज़ोर से चीखा और वहाँ भगदड़ सी मच गयी..।
तुरंत ही एक बाउल भर कर बर्फ उसके सामने ला दी गयी… वो उसमे हाथ डाल कर बैठ गया..

“हाश… अब ठीक है !”

उसने देखा कली भरी भरी आँखों से उसे ही देख रही थी..

शौर्य पलट कर वहाँ खड़े वेटर्स की तरफ देखने लगा..

“अब कोई खाना सर्व करेगा या मैं खुद कर लूँ…?
आई एम अ प्रिंस ! तुम लोगो को पता नहीं है क्या ?”

शौर्य एक बार फिर चीख उठा और वो लोग झुक झुक  कर उससे माफ़ी मांगते हुए खाना सर्व करने में लग गए..

इस सब में म्यूजिक बजने वाले भी शांत हो गए थे, खाना सर्व होते ही शौर्य एक बार फिर चीख उठा..

“क्या तुम लोगो को भी बार बार याद दिलाना पड़ेगा कि क्या बजाना है.. !”

वो लोग हड़बड़ा कर वापस अपने काम पर लग गए..

” ‘लव मी लाइक यू डू’ बजाओ !” वो लोग शौर्य के कहे गीत की धुन बजाने लगे..

शौर्य के चेहरे पर नाराज़गी साफ़ झलक रही थी..
कली उसे देखते हुए सोच रही थी कि ये शौर्य को क्या हो गया है..?
उसने धीरे से शौर्य के पीछे खड़े विक्रम की तरफ देखा, वो अजीब नजरों से कली को ही देख रहा था..
वो वैसे ही चुप खड़ा रहा..

शौर्य ने कली की तरफ देखा….

“सॉरी कली, लेकिन मेरे पेशंस ख़त्म हो गए हैँ.. !”

कली ने आगे हाथ बढ़ा कर शौर्य का हाथ थाम लिया..

‘”कोई बात नहीं, अभी इतने बड़े हादसे से उठे भी तो हो.. वक्त तो लगेगा ही ! पर जो भी हो, मैं तुम्हारे साथ हूँ !”

शौर्य के मोबाइल पर बार बार किसी का मेसेज आ रहा था..
उसने मेसेज पढ़ना शुरू कर दिया..
मेसेज पढ़ने के बाद वो थोड़ा चिंतित सा दिखने लगा..।

“क्या हुआ कुछ सोच रहे हो ?” कली ने पूछ लिया..

“हम्म, तुम्हारे बारे में ही सोच रहा था !”

“झूठ तो मत ही बोलो !”

“इतनी जल्दी समझ गयी !”

शौर्य हंसने लगा, और उसके चेहरे की हंसी देख अब जाकर कली आश्वस्त हुई..
वरना उसे यही लग रहा था कि शौर्य का मूड ऑफ़ हो गया है..

शौर्य ने पलट कर विक्रम की तरफ देखा..
विक्रम उसे देखने लगा..

शौर्य ने आंखे बड़ी की और अपना हाथ फैला दिया।

विक्रम ने तुरंत अपने कोट की जेब से एक डिब्बा निकाला और शौर्य के हाथ में रख दिया…

शौर्य ने वो डिब्बा हाथ में लिया और कली की तरफ बढ़ा कर उस डिब्बे को खोल दिया

“ये क्या है ?”

“गिफ्ट !”

“पर ये क्यों ?”

“क्यूंकि…. कहते कहते शौर्य ज़रा सा रुका और अपनी जगह पर खड़ा हो गया..

“क्यूंकि तुम मुझे अच्छी लगती हो, बहुत अच्छी ! “

कली मुस्कुरा कर शौर्य की तरफ देख रही थी..

शौर्य ने कली का हाथ थामा और उसकी ऊँगली में अंगूठी पहना दी..
पल भर के लिए वो स्तब्ध खड़ी रह गयी..

वो कुछ कह पाती उसके पहले शौर्य का मोबाइल घनघना उठा..
उसने स्क्रीन पर कॉल करने वाले का नंबर देखा और उसके माथे पर बल पड़ गए..

वो फ़ोन लिए कली से दूर हट कर बढ़ने लगा जाते जाते उसने विक्रम की तरफ देख “इसे घर छोड़ आना ” कहा और कली की तरफ इशारा कर वहाँ से जाते हुए फ़ोन पर बातें करने लगा..

विक्रम ने कली की तरफ देखा..

“आइये आपको घर छोड़ दूँ !”..

कली के चेहरे की मुस्कान चली गयी

“नहीं… मैं चली जाउंगी.. !”

वो अपना बैग उठाये वहाँ से भारी कदमो से घर के लिए निकल गयी..

क्रमशः

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Seema garg
Seema garg
1 year ago

कली आ गई शौर्य से मिलने❤️❤️
लेकिन ये तो सरकार कुछ बदले बदले से नजर आ रहे हैं 🙆🤭ये क्या है और क्यों है ये तो लेखिका जी ही बताएंगी😁😁

Neeta
Neeta
1 year ago

Aparna ji part 3 mein bhi 3 parts missing hain agle bhag ka intzar hai utsukta hai ki kali aur Shaurya ka kya hoga

उमिता कुशवाहा
उमिता कुशवाहा
1 year ago

मुझे लगता है की कली के डेडा कुछ नहीं कहेंगे और वह इसलिए नहीं कहेंगे क्योंकि उसे लड़के की जान बचाने वाले शख्स वही थे तो फिर वह कली से शौर्य को मिलने से क्यों रोकेंगे गाना माना उन्हें बुरा लगेगा पर वह शौर्य से नफरत नहीं करते वरना उसके लिए इतने परेशान भी नहीं होते पर आज शोर को क्या हो गया है वह इतना चिड़चिड़ा कैसे हो गया हो सकता है कितनी लंबी परेशानी और घायल होने के बाद और कली से ना मिल पाने की वजह से उसका गुस्सा बाहर निकाल कर आया हो क्योंकि वह ऐसा शख्स नहीं है माना वह अपने पिता जैसा धीर गंभीर भी नहीं है पर वह इतना भी सख्त मिजाज नहीं है कि ऐसा बिहेव करें।

Manu Verma
Manu Verma
1 year ago

😯ये कौन है भई 🤔शौर्य का हमशक्ल ले आए हो क्या आप 🙄 नहीं नहीं मुझे तो वही अपना पुराना शौर्य ही अच्छा लगता है ये घमंडी नहीं 😏बेचारी कली कितनी खुश थी शौर्य से मिलने के लिए पर सब सुआहा हो गया 😔।
पर आपने अगर शौर्य को ऐसा बनाया है तो कुछ सोचा ही होगा आप जो भी लिखो मुझे अच्छा ही लगता 😊।
बहुत अच्छा भाग 👌👌👌👌

Last edited 1 year ago by Manu Verma
Nisha
Nisha
1 year ago

Shaurya aise behave kyun kar Raha hai 🤔🤔

Seema kawatra
Seema kawatra
1 year ago

शौर्य तो ऐसा ना था
क्या कारण है उसने वेटर को थप्पड मारा
इतना रूड बिहेव शौर्य नही कर सकता
कुछ तो कारण है

जागृति
जागृति
1 year ago

कहीं तो चक्कर है बॉस डुप्लीकेट को तो हायर नहीं कर दिया कली के डेडा ने

Samiksha Jain
Samiksha Jain
1 year ago

Perhaps shaurya is replaced by someone else which Noone knows

Meera
Meera
1 year ago

ये जरूर शौरी का बहरूपिया है जिसने शायद , शौरी ने ही भेजा हो, तभी विक्कू साथ है , शायद शौरी की चोट देख कली घबरा न जाए , ओर अभी तक खतरा टला भी नहीं इसलिए शायद , बाकी वेटर को ऐसे धमकाना , हमारा शौरी कर ही नहीं सकता , एक प्रिंस ऐसे छोटी मोटी जलन से ऐसे तिलमिला जाए हो ही नहीं सकता

Neeta
Neeta
1 year ago

👌👌👌👌👌👌👌🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏