जीवनसाथी -3 भाग -113

जीवनसाथी -3 भाग -113

   वासुकी शौर्य के कमरे के बाहर इधर से उधार चक्कर लगा रहा था.. उसे  शौर्य के साथ साथ उसके माता पिता की भी चिंता हो रही थी।

“क्या हुआ, अब इतनी टेंशन में क्यों हो? लड़का मिल गया है, और खतरे से बाहर है, अब क्या सोच रहे हो ?”

भदौरिया ने वासुकी के कंधे पर हाथ रख दिया.. वासुकी ने पलट कर अपने कंधे पर रखे भदौरिया के हाथ की तरफ देखा, और जैसी उसकी नज़रे थी, भदौरिया ने तुरंत अपना हाथ हटा लिया..

“तुम्हारा सच में इतना कम दिमाग है, या अभी कुछ विशेष समस्या पैदा हो गयी है ?”

वासुकी की इस बात पर भदौरिया आँखे फाडे उसे देखने लगा।

“मैं समझा नहीं वासुकी, तुम कहना क्या चाह्ते हो ?”

“वही तो.. तुम्हे मालूम है न ये किसका बेटा है ? और तुम्हे ये भी मालूम है न, हम लोग कौन सी सदी में रह रहे है..?
ये मोबाइल ईरा है। चाहे लोग कितनी दूर दूर रहे पर मोबाइल पर पल पल की खबर रखते है।
शौर्य तीन दिन से बेहोश पड़ा है, मतलब इसके घर वालो से इसकी तीन दिन से बात नहीं हुई.. इसका मतलब समझते हो ?

भदौरिया असमंजस में खड़ा रहा

“इसका मतलब राजा साहब इसे ढूंढने इण्डिया से निकल चुके होंगे, या निकलने वाले होंगे…।
तो सबसे पहले उन्हें रोकना होगा.. उनका बेटा सही सलामत उनके हाथ में रखना है.. ।
यू बास्टर्ड !”

वासुकी गालियाँ देता तो नहीं था, लेकिन जब उसके धैर्य की सीमा रेखा पार हो जाये, तब वो भी तिलमिला उठता था। उसे भदौरिया की कमीनाई से ज्यादा उसका बौड़मपना और भी ज्यादा इरिटेट कर रहा था।

“ओह्ह.. अब ? “

“इसके साथ एक लड़का और रहता था, विक्रम नाम है उसका ! वो कहाँ है पता करो ?”

“अच्छा वो लड़का जो इसका बॉडीगार्ड है ?”

“हाँ !”

“वो जो साये की तरह हर वक्त इसके साथ रहता है ?”

“हाँ वही !” वासुकी के माथे पर बल पड़ गए

“वो जो कार में भी इसके साथ था ?”

“अब क्या मेरे साथ कौन बनेगा करोड़पति खेलना है ?” वासुकी ने दांत चबाते हुए कहा और भदौरिया ने थूक निगल ली..

“वो लड़का भी इसी हॉस्पिटल में है वासुकी !”

वासुकी के चेहरे पर राहत के हल्के से भाव आ गए

“कहाँ है वो ?”

भदौरिया वासुकी को साथ लिए एक तरफ बढ़ गया..
एक कमरे का दरवाज़ा खोल कर वो वासुकी के साथ अंदर दाखिल हो गया.. अंदर भदौरिया का एक आदमी बैठा था ..
और पलंग पर विक्रम सोया हुआ था।

“उठाओ इसे !” वासुकी के ऐसा बोलते ही वहां ड्यूटी में मौजूद नर्स अपनी जगह पर खड़ी हो गयी..

“नींद की दवा दी गयी है, अभी कैसे जगाऊँ ?”

“आप नहीं जगा सकती तो ये काम मैं खुद कर लूंगा !”

वासुकी आगे बढ़ा, नर्स उसे रोकना चाहती थी, लेकिन भदौरिया ने उसे चुप रहने का इशारा कर दिया..।
विक्रम को हिलाने पर उसने आंखे खोल दी.. सामने ढेर सारे अनजाने अपरिचित चेहरों को देख उसके माथे पर बल पड़ गए..

“घबराओ मत, तुम सुरक्षित हाथो में हो.. तुम्हारी कार का एक्सीडेंट हुआ था !”

“लिटिल मास्टर.. ?” विक्रम के मुहं से बेसाख्ता निकल पड़ा

“तुम्हारे लिटिल मास्टर भी सुरक्षित है, लेकिन एक बात बताओ, क्या उनकी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी तुम पर नहीं थी ? तुम्हारे होते हुए ये हुआ कैसे ?”

विक्रम ने पीड़ा से सर झुका लिया।
उसके चेहरे और इसके कष्ट को देख वासुकी को उस पर तरस आ गया।

“तुम्हारे प्रिंस के घर वाले तो बहुत चिंतित होंगे ? “

ये सुन कर विक्रम जैसे नींद से जगा, वो आंखे फाडे वासुकी की तरफ  देखने लगा..

“मैं अनिरुद्ध वासुकी हूँ, और ये है मिस्टर चरण भदौरिया! हम यहाँ के व्यापारी संघ के लोग है.. मिस्टर शौर्य प्रताप से वहीँ हमारी मुलाकात हुई थी !”

विक्रम ने वासुकी की बात पर हामी भारी और धीमी आवाज़ में बोल पड़ा।

“मैं आपको जानता हूँ सर ! आप कोई छोटा मोटा नाम नहीं है !”

वासुकी ने उसे देखा और भदौरिया के आदमी से उसका फोन मांग कर विक्रम की तरफ बढ़ा दिया..

“तुम्हारे प्रिंस के घर पर फोन लगा कर बता दो कि तुम लोग किसी काम में व्यस्त हो, इसलिए वो घर पर बात नहीं कर पा रहे !”

“जी, लेकिन लिटिल मास्टर है कहाँ ?”

“यही इसी हॉस्पिटल में है, और खतरे से बाहर है, तुम चाहो तो चल कर देख लो !” भदौरिया ने कहा और विक्रम ने फ़ोन अपने हाथ में ले लिया.. 

उसने एक गहरी साँस ली और बांसुरी का नंबर मिला दिया…

***

शाम ढल रही थी, मीठी अपनी सहेली के साथ निकल चुकी थी..
निरमा बहुत देर तक दरवाज़े पर खड़ी रही और फिर सुमित्रा को चाय बनाने बोल कर खुद गार्डन में ही जा बैठी..
प्रेम अब तक वापस नहीं लौटा था!!

शादी के इतने समय बाद भी वो उतनी ही शिद्दत से उसके लौटने का इंतज़ार किया करती थी..
पता नहीं क्यों अब भी जब तक प्रेम घर नहीं लौट आता उसका दिल धङकता ही रहता था।
यही हाल अब मीठी के साथ था.।
उसका तो मीठी को दिल्ली भेजने का भी बिलकुल मन नहीं था…
लेकिनआज के आधुनिक युग में बच्चों को घर पर कब तक कोई बांधे रख सकता है। ना बेटी उसकी सुनती है, और ना बेटी का बाप।
दोनों के दोनों उसे हिटलर बनाकर प्रस्तुत जरूर करते हैं, लेकिन करते अपनी मनमानी ही है…।

सोचते सोचते उसे मीठी की याद आने लगी और उसने मीठी को फोन लगा लिया। मीठी अपनी सहेली के साथ उस होटल में पहुंच चुकी थी, जहां फेयरवेल का कार्यक्रम होना था। ढेर सारे लोगों की भीड़ के बीच वो भी शामिल हो गयी..
अपने सारे शिक्षकों से मिल कर उसे बहुत अच्छा लग रहा था..।
सभी शिक्षकों के सम्मान के बाद एक एक कर सभी ने बोलना शुरू कर दिया..
सभी विद्यार्थी बैठ कर पुरानी यादो में खोये अपने गुरुजनो की बातें सुन रहे थे कि तभी एक वेटर मीठी के पास चला आया..।

“मैडम ये आपके लिए !” उसने एक पर्ची मीठी की तरफ बढ़ा दी..
मीठी ने खोला उसपे ‘सरप्राइज’ लिखा था.. उस पर्ची के भीतर लिपटा गुलाब अलग कर उसके चेहरे पर मुस्कान चली आयी..।

वो चुपचाप उठी और बाहर निकल गयी।
बाहर उसे कोई नजर नहीं आया..
होटल का परिसर बहुत बड़ा था, वो पार्किंग की तरफ बढ़ने लगी..।
पार्किंग में रौशनी नहीं थी..
मीठी को लगा उसके पास पर्ची हर्ष ने ही भेजी होगी.. वो तीन दिन से यहाँ थी और हर्ष उसे बहुत मिस कर रहा था….।
मुस्कुराती हुई वो आगे बढ़ने लगी..
तभी एक गाड़ी का दरवाज़ा खुला, और दो लड़को ने उस पर हमला सा कर दिया… म।

एक ने पीछे से उसके मुहं को पकड़ कर दबोचने की कोशिश की, वहीँ दूसरे ने सामने से उसके दोनों हाथ अपनी मजबूत पकड़ में ले लिए..।
उन दोनों ही आदमियों के चेहरे ढके हुए थे..।
बेबसी से मीठी ने इधर उधर देखते हुए खुद को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन उन लोगो की पकड़ मजबूत होने लगी..

****

निरमा मीठी से बात कर चुकी थी, फिर भी उलझन में ही बैठी थी कि तभी बांसुरी वहां चली आयी..।
बांसुरी को देख कर निरमा के चेहरे पर भीनी सी मुस्कान चली आयी…

उसने सुमित्रा को बोल कर दोनों के लिए चाय मंगवा ली !

“कैसी है बांसुरी ? राजा साहब तो आज आ जायेंगे न ?”

“हम्म आ जायेंगे, सोच रही हूँ उसके बाद लंदन जा कर शौर्य से मिल लेते है.. उसका काम हो गया होगा तो साथ लेते आयेंगे उसे !”

निरमा के चेहरे पर हलकी सी मुस्कान आ गयी..

“बेटा बड़ा हो गया है, अब उसे अपने काम खुद करने दे.. क्या उसे साथ लेकर आ जाएगी..? अब भी ऐसे कर रही जैसे छोटा बच्चा हो शौर्य ! “

“दो दिन हो गए, उसका कोई कॉल नहीं आया !”

“कहीं व्यस्त होगा, अब बिज़नेस संभालने गया है, घूमने नहीं.. थोड़ा विश्वास तो रखो !”

“उस पर पूरा विश्वास है लेकिन समय.. !”

“ऐसा मत सोचो बांसुरी, पॉज़िटिव सोचो सब पॉज़िटिव ही होगा !”

“अच्छा मैडम मुझे इतना लेक्चर दे रही हो, खुद मीठी के जाने के बाद से यही तैनात हो। तुम भी बच्ची पर और समय पर भरोसा करना सीखो !”

निरमा बांसुरी की बात पर हंस कर रह गयी, उसी वक्त बांसुरी का फ़ोन बजने लगा..
फ़ोन विक्रम का था, उसने तुरंत उठा लिया…

“प्रणाम रानी साहेब !”

“कहाँ हो विक्रम, तुम्हारा लिटिल मास्टर कहाँ है ? न कोई फ़ोन न मेसेज ?”

“वही बताने के लिए फ़ोन किये है रानी सा, लिटिल मास्टर दो दिन से अपनी बिज़नेस ट्रिप पर कुछ ज्यादा ही व्यस्त चल रहे है। परसो शाम में मीटिंग से लौटते हुए उनका झील देखने का मन किया, हम दोनों वहीँ थे तब एक बच्चे के हाथ से टकरा कर फ़ोन झील में गिर गया..
फ़ोन तो मिल गया लेकिन अभी शुरू नहीं हो पाया है।
उनके इसी फ़ोन पर सब कुछ है, इसलिए इसे छोड़ कर दूसरा फ़ोन उपयोग में ला नहीं सकते, वैसे दूसरा फ़ोन ले लिया है उन्होंने.. लेकिन

“उससे बात करवाओ.. !”

“रानी हुकुम, लिटिल मास्टर बहुत थके है, इस वक्त सो रहे है, उनके जागते ही आपको खबर करता हूँ !”

बांसुरी ने एक गहरी सी साँस ली और फ़ोन रख दिया..

“अब बोल, तू भी ज्यादा ही नहीं घबरा रही थी.. अब तुरंत लंदन मत भाग जाना ! राजा भैया को वापस आकर आराम कर लेने दे.. हफ्ते भर बाद चले जाना ! तेरा प्रिंस एकदम ठीक है !”

निरमा मुस्कुरा उठी.. और इसी के साथ बांसुरी के चेहरे पर भी हलकी सी राहत चली आयी।

क्रमशः..

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Seema garg
Seema garg
1 year ago

शौर्य की खबर तो पहुंच गई बांसुरी तक लेकिन मीठी के अगेंस्ट फू साहेब अपनी चाल चल गई बस वो सही सलामत रहे🙏🏻🙏🏻

Seema kawatra
Seema kawatra
1 year ago

मीठी खतरे मे है और उसे खतरे मे महलवासी ही डाल रहे है
किसी की जान की कोई कीमत नही है क्या

Archana Singh
Archana Singh
1 year ago

Very nice part 👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻

Varsha
Varsha
1 year ago

Jeevansaathi 114

Raj kumar Ram
Raj kumar Ram
1 year ago

Very nice part 👍👍👍👍👍🙂 you

Geeta sidpara
Geeta sidpara
1 year ago

Very very nice part 👌👌

Jagruti
Jagruti
1 year ago

Bahut bahut badhiya part

Radhika Porwal
Radhika Porwal
1 year ago

Wow superb episode

Manu Verma
Manu Verma
1 year ago

बहुत अच्छा भाग 👌👌👌👌👌💐💐💐💐💐👏👏👏👏👏👏

Dhara kundaliya
Dhara kundaliya
1 year ago

Meethi ke kidnapping k piche jarur phu saheb hi he.jaldi hi little master thik ho jaye…superb story..jabardast part..lajawab story..besabri se intezar rahega next part ka ❤️