मायानगरी -2 भाग -4

मायानगरी -2 भाग -4

  ऑपरेशन रूम में एक बुज़ुर्ग को ऑपरेशन के लिए तैयार किया जा रहा था…
एनस्थीसिया वाले डॉक्टर अपनी तैयारी के साथ आ चुके थे.. उन्होंने मरीज़ को एनस्थीसिया दे दिया था..
लेकिन उस मरीज़ की सर्जरी करने वाले मुख्य सर्जन अब तक वहां नहीं पहुंचे थे…

“इनकी सर्जरी जल्द शुरू करना होगा !”

एनस्थीसिया वाले डॉक्टर ने बोला और सामने खड़े अधिराज की तरफ देखने लगा..
अधिराज वहां ह्रदय रोग विभाग में रेसिंडेंट डॉक्टर की हैसियत से मौजूद था.. वो अब तक ढेर सारी सर्जरीस देख चुका था और अपने सीनियर्स को असिस्ट कर चुका था..

वो मरीज़ वहां आपातकालीन चिकित्सा विभाग से भेजा गया था.. मरीज़ को सीने में दर्द की शिकायत के साथ लाया गया था..

“पेशेंट का बीपी लगातार नीचे जा रहा है ?”, एनेस्थेसिया वाले डॉक्टर नायक ने अधिराज की तरफ देख कर कहा..

“मुझे लगता है, डॉक्टर सुमित का इंतज़ार करने से बेहतर होगा तुम इको कर लो.. !”

डॉक्टर नायक एक सीनियर अˈनीस्‌थ़टिस्‍ट्‌ थे, लगभग बयालीस साल के थे और उन्हें मायानगरी में काम करते अरसा हो चुका था..

“ही इज़ सिंकिंग, जल्दी ही कुछ करना होगा !”

अब तक में अधिराज ने तुरंत ही मरीज़ का इको देखना शुरू कर दिया..
अधिराज के माथे पर उलझन नजर आने लगी….

“क्या हुआ डॉक्टर ?” सामने खड़ी नर्स ने पूछा..

“क्या हुआ अधिराज ? परेशान क्यों लग रहे हो ?”

नायक सर के सवाल पर अधिराज ने परेशानी से उनकी तरफ देखा..

“सर, इमरजेंसी में जब मरीज़ को भरती किया गया तब वहां इनके चेस्ट पेन को देख कर डॉक्टर सुमित सर को बुलाया गया.. उन्होंने ईसीजी देख कर कहा कि कार्डियक अरेस्ट है, और इनकी तुरंत एंजिओग्राफी करनी होगी ! उसके बाद स्टंट डाल देंगे.. सिम्पल प्रोसीजर है !”

“तो अब क्या दिक़्क़त है.. तुम एनजीओ शुरू करो, सुमित सर आकर स्टंट डाल देंगे !”

“नहीं सर.. ये कार्डियक अरेस्ट का केस ही नहीं है !”

“व्हाट ?” डॉक्टर नायक एक तरह से चीख पड़े.. आसपास का बाक़ी नर्सिंग स्टाफ भी अधिराज को देखने लगा..

“सर कार्डियक टेम्पोनेड का केस लग रहा है ! इको में फ्लूइड नजर आ रहा है !”

“ओह्ह.. अब ?” नायक सर के बोलने तक में अधिराज ने नर्स की तरफ देखा और अपनी ज़रूरत की चीज़ मांग ली..

“बीटाडीन प्लीज़ .. !” नर्स ने आगे बढ़ कर वो हिस्सा पूरा साफ़ कर दिया, जिस हिस्से की तरफ अधिराज ने इशारा किया था. 

सामने इको पर नजर गड़ाए हुए अधिराज ने एक नीडल मांगी और उसे सीने के ऊपरी हिस्से से अंदर डाल दिया..
वो नीडल बिलकुल उसी हिस्से में दाखिल हुईं जहाँ से हृदय के आसपास जम रहे पानी और खून को निकालना था… वहां मौजूद लोग आंखे फाड़े अधिराज को देख रहे थे..

अधिराज ने इंजेक्शन माँगा और नीडल में फंसा कर ब्लड बाहर खींचने लगा..
वहां मौजूद स्टाफ के लिए ये एक नयी बात थी..
अधिराज ने खुद ये प्रोसीजर इसके पहले सिर्फ दो बार किया था..
छह महीने पहले दिल्ली के किसी हॉस्पिटल में भेजे गए विशेष कार्डियक सर्जरी ट्रेनिंग स्केड्यूल के दौरान अधिराज ने ये केस देखा और सीखा था.. वहीँ का उसका अनुभव काम आया..
उसने जैसे जैसे ब्लड बाहर निकाला वैसे वैसे मरीज का बीपी संतुलित होने लगा..
उसकी उखड़ती हुईं साँस भी सम्भलने लगी..

ये देख कर वहां मौजूद स्टाफ के चेहरे पर हलकी सी राहत चली आयी..
नायक सर ने अधिराज की तरफ गर्व से देखा ही था कि ऑपरेशन रूम का दरवाज़ा खोल कर सीनियर कार्डियक सर्जन डॉक्टर सुमित वहां चले आये..

अधिराज को अपनी जगह पर खड़े होकर प्रोसीजर करते देख उनका माथा गरम हो गया..

“कौन हो तुम.. यू जूनियर रेजिडेंट.. तुम्हारी इतनी औकात कि मेरे पेशेंट पर अपनी छुरी चला दो !”

उन्होंने घूर कर अधिराज को देखा..

“नो सर.. बात ये है कि ये पेशेंट कार्डियक अरेस्ट का है ही नहीं.. !”

डॉक्टर सुमित ने एक ज़ोरदार तमाचा अधिराज को मारा और गुस्से में बड़बड़ाने लगे..

“शट अप यू इडियट, अब तुम मुझे सिखाओगे कि मरीज़ को कैसे ट्रीट करना है.. !”..

अधिराज एकदम से कुछ बोल नहीं पाया..
लेकिन कुछ देर में ही खुद को संभाल कर उसने वापस उस मरीज की तरफ देखा और उसके वाइटल्स को देखने लगा..

“सर आप एक बार उधर स्क्रीन की तरफ देखिये, इनका बीपी नार्मल आ गया है, हार्ट रेट काफी बढ़ा हुआ था वो भी सही आ गया है..
सर इस मरीज़ को कार्डियक अरेस्ट हुआ ही नहीं था.. !”

सामने खड़े डॉक्टर सुमित को इस बात से जैसे कोई लेना देना ही नहीं था..

“डॉक्टर सुमित रावत नाम है मेरा, शिमला युनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट किया है मैंने.. और तुम आज के छोकरे  मुझे ये बताओगे कि ये केस क्या है ? खुद को समझते क्या हो ?”

“सर आप खामख्वाह ईगो पर लेकर जा रहे है, ऐसी कोई बात ही नहीं.. इस वक्त हमारा फोकस सिर्फ इनकी जान बचाना होना चाहिए !”

“बहुत अच्छे… बहुत कुछ जानते हो तुम.. लेकिन तुम्हारा ये नॉलेज मेरे किसी काम का नहीं.. आउट !”

“सर !” अधिराज आश्चर्य से उस सनकी डॉक्टर को देखता रह गया .

“सर कार्डियक टेम्पोनेड का पेशेंट है ये.. उनके घर वालों से मेरी बात हुई थी। इनकी हिस्ट्री में उन्होंने बताया कि हफ्ते भर पहले इनका जोरदार एक्सीडेंट हुआ था, और इन्हें सीने में ही जर्क लगा था। उसके कुछ समय बाद से ही यह सांस लेने में तकलीफ का अनुभव कर रहे थे। सर मुझे हिस्ट्री सुनकर ही लगा के हो सकता है, टेंपोनेड हो।और जब एको किया तो….”

” तुम बाहर निकलते हो या तुम्हें धक्के मार कर निकालें? यह मेरा पेशंट है और मै इसे देख लूंगा। मुझे क्या करना है ये तुमसे सीखने की जरूरत नहीं है।”

” सर मैं आपको यह नहीं बता रहा कि आपको क्या करना है? क्योंकि वह आप मुझसे बेहतर जानते हैं। बस यह बता रहा हूं कि गलत डायग्नोसिस की वजह से कहीं पेशेंट की जान पर ना बना आए।”

” तुम या तो इसी वक्त यहां से बाहर निकल जाओ, अथवा मैं यहां से बाहर निकल जाऊंगा। मैं तुम्हारे जैसे अति आत्मविश्वासी डॉक्टर के साथ सर्जरी नहीं परफॉर्म करूंगा।”

” ओके सर आप देखिए, मैं एक तरफ हो जाता हूं।”

अधिराज ने अपने दोनों हाथों उपर खडे कर दिये और एक तरफ किनारे जाकर खड़ा हो गया।

उसे घूर कर डॉक्टर सुमित ने देखा और पेशेंट के पास पहुंच गए। उन्होंने एनेस्थीसिया वाले डॉक्टर नायक की तरफ देखा और सवाल कर दिया।

” क्या हालत है अभी, पेशेंट की?”

” सर अभी सारे वाइटल्स कंट्रोल में है।”

” ठीक है तो हम एंजीओ शुरू करते हैं। एंजियोग्राफी करेंगे डाय डालेंगे, ब्लॉकेज की कंडीशन देखने के बाद मैं स्टंट तुरंत डाल दूंगा।
स्टाफ रेडी ?”

डॉक्टर सुमित ने पलटकर नर्सिंग स्टाफ से पूछा नर्सिंग स्टाफ ने हामी भर दी..

“लेकिन सर.. इन्हे एंजियोग्राफी की ज़रूरत नहीं है.. !”

अधिराज चाह कर भी चुप नहीं रह सका….

“अगर यहाँ खड़े रहना है, तो चुपचाप खड़े रहो, वरना बाहर निकलो !”

अधिराज ने डॉक्टर सुमित की तरफ देखा और फिर डॉक्टर नायक की तरफ देखने लगा…

डॉक्टर नायक ने उसे चुप रहने का इशारा कर दिया..

डॉक्टर सुमित सीनियर डॉक्टर थे, इसलिए उनकी बात वहां पर कोई भी नहीं काट सकता था..
उन्होंने अपनी ज़िद चलाते हुए मरीज़ की एंजिओग्राफी कर दी..
डाई डालने के बाद उन्हें समझ में आ गया कि ब्लॉकेज कहीं भी नहीं है..
कुछ देर के लिए वो सोच में पड़ गए और फिर एंजिओग्राफी पूरी कर ली…
लेकिन मरीज़ को परेशानी शुरू हो गयी..

“इसका बीपी फॉल हो रहा है !”

डॉक्टर नायक ने उन लोगो का ध्यान इस बात पर  दिलाया..

“सिर्फ एंजीओ कर देने से बीपी पर असर नहीं पड़ सकता !”

“सर टेम्पोनेड का केस था, आपने डाई डाल कर फ्लुडिटी बढ़ा दी, शायद इसीलिए वापस बीपी नीचे जा रहा है !”

अधिराज बोल पड़ा और सुमित उस पर भड़क गया..

“अगर इस मरीज़ को कुछ भी हुआ तो इसकी जिम्मेदारी तुम्हारी होगी.. तुमने बिना किसी सीनियर डॉक्टर के अपनी मर्ज़ी चलाई है.. !” सुमित ज़ोर से चीख पड़ा और तभी उसे एक तरफ को कर अधिराज वापस उस मरीज़ के पास पहुँच गया..।

अधिराज ने सुमित की बांह पकड़ कर कुछ ज्यादा ही जोर से उसे एक तरफ को धकेला था..
उसने वापस एक छोटा कट लगाया और अब की बार सक्शन की मदद से जितना भी तरल हार्ट के आसपास बढ़ रहा था उसे निकालने लगा…

डॉक्टर सुमित अधिराज के इस रवैये से आश्चर्य में डूब गया..

“कैसे अनुशासनहीन जूनियर है, इसे तो मैं देख लूंगा !”

पैर पटकता हुआ वो ऑपरेशन रूम से बाहर निकल गया..

अधिराज के प्रयासों से उस मरीज़ की जान बच गयी और उसे आराम हो गया….
डॉक्टर नायक ने सारा प्रोसीजर समाप्त होने के बाद अधिराज को शाबाशी दी और उसके कंधे थपथपा कर उसकी तारीफ करने लगे..

“बहुत शानदर काम किया है तुमने.. तुम्हारा हाथ भी बहुत साफ़ है.. काफी अच्छे कार्डियक सर्जन बनोगे, लेकिन अपने सीनियर्स से बना कर रखना पड़ेगा वरना ये लोग यहाँ जीने नहीं देंगे तुम्हे !”

“थैंक यू सर !” अधिराज मुस्कुरा कर रह गया. 
उसने बाक़ी स्टाफ की तरफ देखा, सभी स्टाफ उसे देख कर मुस्कुरा रहा था..

“वेरी वेल्डन डॉक्टर अधिराज ! आपका काम देख कर लगता नहीं कि आप रेजिडेंट है.. !”

“थैंक्स !” अधिराज ऑपरेशन रूम से बाहर निकला ही था कि सामने से आती प्राची उसे नजर आ गयी…

“कितने ऑपरेशन करने वाले हो हीरो.. ! कभी कभी लगता है कोई रिकॉर्ड बनाने वाले हो !”

“तुम्हारा ऑब्स गायनी कैसा चल रहा ?”

“बहुत बोरिंग… मुझे नहीं करना वहां काम यार,  लेकिन बहुत बुरी तरह से फँसी हूँ वहां.. जोगी मैडम बहुत काम करवा रही है..।
इतनी भीड़ है यार मरीज़ो की.. मुझे तो गायनी में काम कर के समझ में आया है कि हमारे देश की जनसंख्या  वाकई तेज़ी से बढ़ रही.. !”

“अच्छा इतने पेशेंट है ?”

“पूछ मत यार.. सारी औरतों को यही आकर बच्चा पैदा करना है.. उफ़ हम लोगो की कमर टूट जाती है डिलीवरी करवा करवा के..
हर डिलिवरी के बाद सिस्टर वहां चाय बनाती है..
ये लोग कमबख्त मेरा सुट्टा और दारू छुड़वा कर ही दम लेंगे,इतनी चाय पी लेती हूँ कि और कुछ पीने का मन ही नहीं करता !”

“तूने तो गौरी के ऑपरेशन के समय ही सब कुछ छोड़ दिया था ना ?”

“हाँ छोड़ ही दिया है.. मैं तो मजाक कर रही थी.. चल कैंटीन चलते है… कुछ अच्छा सा खाएंगे !”

“कुछ अच्छा मतलब तेरा रैमन ?”

प्राची ने हंस कर हामी भर दी.. और वो दोनों कैंटीन की तरफ बढ़ गए..
लेकिन उसी समय अधिराज के नाम की अनाउंसमेंट होने लगी, उसे कॉन्फ्रेंस हॉल में तुरंत पहुँचने के लिए फरमान सुना दिया गया..

“क्या हुआ, अचानक तुम्हे क्यों याद कर रहे ये लोग ? फिर कोई कांड कर दिया क्या ?”

प्राची ने पूछा और हाँ में सर हिला कर अधिराज कॉन्फ्रेंस रूम की तरफ तेज़ी से बढ़ गया..

क्रमशः

तो दोस्तों insta रील पर आज नजर आने वाला जोड़ा था अधिराज और प्राची का..
बताइये आज का भाग कैसा लगा.. बताना ज़रूर.. क्यूंकि समीक्षाएं है तो कहानी है..
सितंबर के पहले हफ्ते से एक नयी कहानी भी शुरू हो जाएगी..
तब तक मायानगरी और जीवनसाथी पढ़िए और आनंद उठाइए..

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Seema kawatra
Seema kawatra
1 year ago

अपर्णा डॉक्टर्स के हाल पढ़कर कई बार लगता है कि बेचारे बच्चे
जिनका सपना ही डॉक्टर बनना होता है वो कैसे इतनी बेरुखी बर्दाश्त करते होंगे

Deepa verma
Deepa verma
1 year ago

हमेशा की तरह बेहतरीन भाग 👌🏻👌🏻 अब जबकि हम मेडिकल फील्ड के बारे में पढ़ रहे हैं तो पता चलता है कि इस फील्ड में भी कितनी उलझनें है।लोग कितना इगो लिए बैठे हैं।

उमिता कुशवाहा
उमिता कुशवाहा
1 year ago

यह बात बिल्कुल सही है कि घमंड अच्छे-अच्छे के दिमाग खराब कर देता है और यह बात भी बिल्कुल सही है कि घमंड तो रावण का भी नहीं टिका तो हम जैसे तो इंसानों का क्या ही टिकेगा ।😡😡😡😡😡😡😡😡😡😡
सुमित और विजय थापर जैसे लोग डॉक्टर होने के साथ-साथ एक निहायती घमंडी और बदतमीज इंसान भी है दोनों ही अपने घमंड में चूर है दोनों ने ही बेहद होनहार डॉक्टर्स को परेशान किया उन्हे बेइज्जत भी किया है उस देर के लिए ही सही वह परेशान जरूर कर सकते हैं और उन्हें आगे बढ़ने से नहीं रोक सकते हैं।😊😊😊😊😊😊
अधिराज ने अपनी काबिलियत से इंसान की जान ही नहीं बचाई अपने डॉक्टर होने का फर्ज भी बखूबी अदा किया है। 👏🏻👏🏻👏🏻👏🏻👏🏻👏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻

Jagruti
Jagruti
1 year ago

Bahut bahut badhiya part.

Manu Verma
Manu Verma
1 year ago

बहुत खूबसूरत भाग 👌👌👌👌👌👌💐💐💐💐💐💐💐🍫🍫🍫🍫🍫🥰👏👏👏👏

Arun Kumar
Arun Kumar
1 year ago

😳😳😳😳😳😳😳😳😳😳😳😳😳😳😳😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰

Archana Singh
Archana Singh
1 year ago

Very interesting part 👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻

Vandana attri
Vandana attri
1 year ago

Beautiful story 🥰♥️🥰🥰 prachi adhiraj osm …..bs ye jo senior doctors apni senior giri jhadte he us se gussa aata hai or adhiraj k liye bura bhi lga …..pehle jai k sath bhi esa Kiya or ab adhiraj k sath…….

Maya JOgan
Maya JOgan
1 year ago

Very good nice couple. Prachi and Adhiraj . Very bnice part .

जागृति
जागृति
1 year ago

Super duper hit episode आज प्राची अधिराज से मिलकर अच्छा लगा कभी रंग और उसके रंगीला को भी मिलवाए बहुत दिन हुए उनसे भी मिले