जीवनसाथी -3 भाग -103

जीवनसाथी -3 भाग -103

उन दोनों को अपनी बातों के बीच ध्यान ही नहीं था कि कुछ देर से एक लम्बी काली एसयुवी उनके सामने और एक पीछे उन लोगो को कवर किये चल रही थी..

“तुम्हारी गर्लफ्रेंड है ?” वापस कली ने सवाल कर लिया

“पूछ रही हो या बता रही हो !”

“पूछ रही हूँ !”

“क्यों जानना चाहती हो ?”

“अरे.. मतलब !”

“क्या मतलब ? बोलो ? मैंने तो नहीं पूछा कली तुम्हारा  कोई बॉयफ्रेंड है ?”

“नहीं पूछा तो पूछ लो.. वैसे भी मेरा कोई बॉयफ्रेंड नहीं है !”

“पक्का ?”

“हाँ पक्का !”

“सोच लो !”

“इसमें सोचने की क्या बात ! नहीं है तो नहीं है !ज़रूरी थोड़े ना होता कि लंदन में रहने वाली हर लड़की का बॉयफ्रेंड हो !”

“नहीं बिलकुल ज़रूरी नहीं है। तो मतलब तुम ऐसे ही किसी को भी अपने घर बुला लेती हो, किसी के भी साथ कॉलेज बंक कर के घूमने निकल जाती हो.. !”

“वेट अ मिनट, ये तुमसे किसने कहा कि मैं ऐसा करती हूँ !”

“इसमें कहने की क्या बात ? मैं स्वयं साक्षी हूँ !”

“ओह्ह साक्षी महाराज, आप खुद मेरे पास आये और घूमने के लिए पूछा तो कर्टसी के लिए मैंने हाँ बोल दिया और क्लास बंक कर दी !”

“अच्छा, ऐसा है तो गाड़ी वापस घुमा लेता हूँ.. तुम्हे कॉलेज छोड़ आता हूँ !”

“अरे नहीं नहीं, वो मतलब नहीं है मेरा!”

“फिर ? क्या मतलब था तुम्हारा ?”

शौर्य ने गाड़ी घुमाई और एक कैफे पार्क की तरफ मोड ली…
वहां बडी बडी चट्टानों को बहुत खूबसूरती से संयोजित कर गार्डन का रूप दिया गया था….

दूर दूर घने पेड़ थे, और एक बडी सी खूबसूरत झील के किनारे गिनी चुनी कुर्सियां लगा कर ओपन कैफे बना दिया गया था..

गाडी अंदर डाल कर शौर्य ने रोक दी..

“ये कहाँ आ गए हम ?” कली के सवाल पर शौर्य ने मुस्कुरा कर उसकी बात को गाने का रूप दे दिया..

“यूँ ही साथ साथ चलते !” उसकी बात सुन कली मुस्कुरा उठी..

“अच्छा तो जनाब बड़े म्यूसिकल हो रहे हैं.. !”

दोनों साथ साथ आगे बढ़ने लगे..
उसी वक्त उनके आगे पीछे चलती दोनों गाड़ियां भी वहां प्रवेश कर गयी…

****

विक्रम कुछ काम में व्यस्त था, वो अपने कमरे से बाहर आया लेकिन शौर्य बाहर मौजूद नहीं था..
विक्रम हर कहीं उसे ढूंढने लगा लेकिन फ़्लैट में कहीं शौर्य मौजूद नहीं था..
विक्रम ने तुरंत अपनी घडी को सामने किया और उस पर लगा जीपीएस ट्रेकर ऑन कर शौर्य की लाइव लोकेशन ढूंढने लगा..
इसके साथ ही अपनी गन निकाल कर उसने अपने साथ ली और तेज़ी से घर से बाहर निकल गया….

“शिट, इतनी बडी गड़बड कैसे हो गयी हमसे… ! ध्यान रखना चाहिए था हमें !”

और वो एक तरह से भागते हुए अपनी गाडी में सवार हुआ और हवा की गति से उसने गाडी भगा दी…

*****

शौर्य ने कली की तरफ देखा…
वो एक कुर्सी के पास टिक कर खड़ी उसे ही देख रही थी..

“क्या हुआ ? ऐसे क्यों देख रहे हो ?”

“तुम्हारे लिए इण्डिया से कुछ लाया हूँ !”

“मेरे लिए ? क्या ?”

शौर्य ने अपनी शर्ट के अंदर से एक डिब्बा निकाला, लम्बा पतला सा डिब्बा देख कर कली को समझ में नहीं आया कि ये क्या है..

“क्या है इसमें ?”

“खुद देख लो !”

कली ने तोहफा लिया और मुस्कुरा कर खोल दिया..
अंदर सोने की पायल रखी थी.. जिनमे बीच बीच में हीरे जगमगा रहे थे..
कली की आंखे खुली रह गयी..

“ये तो बहुत बहुत ज्यादा खूबसूरत है !”

उसने ख़ुशी से अपने दोनों हाथ अपने मुहं पर रख लिए उसकी ख़ुशी सम्भल नहीं रही थी… वो अभी आंखे फाड़े उस सुंदर तोहफे को देख रही थी कि शौर्य ने धीरे से एक पायल निकाली और नीचे झुक गया..

“ये क्या कर रहे हो ?”

शौर्य ने पायल कली की एंकल पर रखी और उसे पहना दिया ..

“अरे रुको.. ये मैं खुद पहन लुंगी !”

“जानता हूँ, पर मुझे पहना कर ख़ुशी होगी !”

और कली के दोनों पैरों में पायल पहना कर शौर्य खड़ा हो गया… उसे देखती हुई कली भावुक हो गयी..

“अरे ये क्या.. तुम्हारी आंखे भीगी सी क्यों लग रही ? “

“नहीं कुछ नहीं !”

“बोलो कली ?”

“शौर्य इतना महंगा तोहफा क्यों ?”

“बस ऐसे ही !”

“नहीं, ऐसे ही कोई इतना महंगा तोहफा देता है क्या ?”

“हाँ देता है ना.. सिर्फ अपनी अच्छाई में लोग ड्राइवर को वर्साचे और लुइ वितान के महंगे कपड़े गिफ्ट कर जाते हैं !”

शौर्य का इशारा समझ कर कली के चेहरे पर हल्की सी मुस्कान चली आयी..

“तो उस बात का बदला चुकाया जा रहा है ?”

“ऐसा तो कभी सोचना ही मत कली.. तुम्हारी अच्छाई ईमानदारी और विनम्रता का कोई मोल नहीं.. तुमने उस वक्त मुझे एक गरीब अदमी समझ कर मेरी मदद की थी।
उस बात का बदला छोडो, मैं तो उन भावनाओ का मोल तक नहीं चुका सकता.।
ये बस एक छोटा सा तोहफा था तुम्हे ये बताने के लिए कि मैं यहाँ तुम्हारे लिए ही…

शौर्य अपनी बात कह पाता उसके पहले कहीं से एक गोली की आवाज़ हुई और फिर सन्नाटा छ गया..

गोली शौर्य के कान के पास से होकर गुज़र गयी..
शौर्य ने तुरंत कली का हाथ पकड़ा और उसे खींच कर एक चट्टान के पीछे ले गया..
पीछे छिप कर उसने धीरे से अपना सर उठा कर देखा….
लगभग तीन चार लोग काले कपड़ो में उसी तरफ चले आ रहे थे.. उन सबके हाथ में गन थी..
और वो लोग लगातार फायरिंग कर रहे थे..

कली ये सब देख कर घबरा गयी..
“शौर्य ये लोग कौन है और ये क्या चाह्ते है ?”

“तुम छुपी रहो बस !”

शौर्य ने अपने शर्ट के अंदर हाथ डाला और अपनी छोटी सी ब्लैक पाउडर गन निकाली और उसका लॉक खोल कर छिप कर निशाना साधा और सामने से आते तीनो आदमियों के पैरो पर अपने साढ़े हुए निशाने से गोलियाँ चला दी..

यही अंतर था बाप और बेटे में..
बाप ने कभी अपने जीवन में किसी को नहीं मारा, लेकिन बेटा इस बात पर ज़रा निराला था..

वो ईंट का जवाब बम गोले से देने में यक़ीन रखता था..।

चारों आदमी उसकी गोली खाकर लड़खड़ा कर गिरे, उन चारों को गिरते देख उनका गाडी में बैठा साथी भी उतर आया.. उसने उतरते ही हवाई फॉयर शुरू कर दिए..

शौर्य ने निशाना साध कर सिर्फ एक गोली चलायी और वो गोली उस आदमी की हथेली के पास से छूकर निकल  गयी… चीख कर उसके मुहं से एक भद्दी सी गाली निकली और गन फेंक कर वो अपना हाथ संभालता  हुआ धरती पर लोटपोट हो गया

शौर्य कुछ सेकंड्स तक छुपे रहने के बाद खड़ा हुआ और बाहर निकल आया…

अपनी गन हवा में लहरातें हुए वो उन आदमियों की तरफ बढ़ गया….

“अहिंसा वादी हूँ मैं और इसलिए मुझे हिँसा फ़ैलाने वालों से सख्त नफरत है !  मैं कभी पहले से लड़ाई शुरू नहीं करता.. लड़ाई करने वालो को भी जब तक अनदेखा कर सकता हूँ, करता हूँ। लेकिन जब बरसाती मेढ़क की तरह  बार बार फुदकने लगे तो उस बरसाती मेढ़क को डिसेक्शन टेबल तक लेकर जाने में भी मुझे समय नहीं लगता.. !”

“अजातशत्रु के बेटे हो ना इसलिए इतनी बडी बडी बातें सूझ रही है !”

“अजातशत्रु नहीं राजा अजातशत्रु सिंह बुंदेला कहो, इज्जत और सम्मान से नाम लो उनका और हाँ मैं उनका बेटा ज़रूर हूँ, लेकिन उनके जैसा बड़ा दिल मेरे पास नहीं है !”

शौर्य ने अपनी बात कही और उनमे से एक आदमी की तरफ देख कर उसे इशारे से अपना मोबाइल निकालने को कहा..
वो सारे लोग शौर्य की गन पॉइंट पर थे..
उसने घबरा कर मोबाइल निकाल लिया..

“अब ऐसा करो विडिओ बनाना शुरू कर दो !”

उस आदमी ने वैसा ही किया और शौर्य वापस बोलने लगा..

    “हाँ तो मैं राजा अजातशत्रु नहीं बल्कि उनका बेटा शौर्य प्रताप हूँ… मैं उनके जैसा बड़ा दिल रख कर हर किसी को माफ़ नहीं करता..
     मेरे प्रति जिन्हे आस्था नहीं है, उनकी किसी और के प्रति आस्था की मैं चिता जलाने से भी पीछे नहीं हटूंगा…
जानता हूँ तुम लोगो को किसने भेजा है..
जाकर अपने बाप से कह देना, अब तक मैं सिर्फ ट्यूलिप के प्रोडक्ट्स के खिलाफ था, लेकिन मुझ पर हमला कर के भदौरिया ने अपने ही लिए गड्ढा खोद दिया है..
अब ना उसका ये प्रोडक्ट मार्किट में आएगा और ना कोई और ! ये शौर्य प्रताप सिंह बुंदेला का खुला चेलेंज है..
अब पुरे मार्किट में सिर्फ बुंदेला के प्रोडक्ट्स बिकेंगे..  जाओ जाकर कह देना !”

अपनी बात कहने के बाद शौर्य ने विडिओ बनाने वाले  की तरफ देखा..

“विडिओ सही रिकॉर्ड हुआ है ?”

उसने हाँ में गर्दन हिला दी..

“तो जाओ.. जाकर दिखा दो उसे ! और कह भी देना कि  बुंदेला परिवार में राजपूती खून है..
जब पहले हम रॉयल राजपूतो ने खून की नदियां बहाई है, तो आज अपनी आन पर आने पर क्या चुप बैठे रहेंगे.. ?
जाओ.. निकलो यहाँ से !”

वो लोग गिरते पड़ते वहाँ से बाहर की तरफ भागे..
शौर्य के ठीक पीछे खड़ी कली साँस रोके शौर्य का ये रूप देख रही थी..!

उन लोगो के भागते ही शौर्य जैसे ही पीछे पलटा और कली की तरफ देखा, कली का सर घूम गया और वो चक्कर खा कर गिरती उसके पहले शौर्य ने उसे संभाल कर थाम लिया..

क्रमशः

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उमिता कुशवाहा
उमिता कुशवाहा
1 year ago

⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐
मुझे 4.5 रेटिंग कुछ jam नहीं रहीं थीं
इतना गजब के भाग के लिए।
Aj तो साक्षात यमराज के दर्शन करा दिए शौर्य ने अपने दुश्मनों को 😱😱😱😱😱😱
बस इन बाप बेटों की इसी अदा पर तो दिल हार बैठते हैं ❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️ पर अब कली बेहोश हो गई है तो उसको देखना जरुरी है पहले
शौर्या ने एक बात बिलकुल सटीक कही की वो अपने पिता की तरह बड़े दिल वाला नहीं है जो हर किसी को माफी बाटता फिरे वो सच मे करारा जवाब देने में यकीन रखता है।😎😎😎😎😎
लाजवाब भाग,
आपका बहुत बहुत शुक्रिया इतना प्यारा भाग देने के लिए 😍😍😍😍😍😍😍😍😍

Prerna sharma
Prerna sharma
1 year ago

Nice part

Neha
Neha
1 year ago

When ur going to upload the next part. Plz upload fast.

Geeta sidpara
Geeta sidpara
1 year ago

Very very nice part 👌👌

Manu Verma
Manu Verma
1 year ago

बहुत अच्छा भाग ♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻

Varsha
Varsha
1 year ago

Jeevansaathi season 3 part 104 awaiting

Shivam Kumar
Shivam Kumar
1 year ago

Hello mam aap jeevansaathi ka new part kab aayega.

Savita Agarwal
Savita Agarwal
1 year ago

Gajab ki phurti dikhai Mr Shorya ne,sabhi badmasho ko gun point me le liya,veideo bhi record karva kar jabab bhi de diya,wow Bahtareen n Lajabab and Fantastic part

Jyoti rana
Jyoti rana
1 year ago
Reply to  Savita Agarwal

Jeevansathi ka 104 episode kb a rha ha koi btayein jra…ya ye fir se kisi aur site par shift ho gya ha…please aisa na karein

Jyoti rana
Jyoti rana
1 year ago
Reply to  Savita Agarwal

Please Jeevansathi ke next parts ke bare mei 8nform karein …vo kab tak aynge ya vo bhi kisi aur jgah shift ho gye hn

Savita Agarwal
Savita Agarwal
1 year ago

Very nice n interesting and Bahtareen n Fabulous part

Varsha
Varsha
1 year ago

Jeevansaathi season 3 part-104