
जीवनसाथी -3 भाग -102
कली पहली बार हायाबूसा में सवार हो रही थी। उसने एक बार बाइक की पिछली सीट पर हाथ फिराया और उसके बाद शौर्य के कंधों को पड़कर उसके पीछे सवार हो गयी ।
शौर्य ने गाड़ी एक झटके से आगे बढ़ा दी.. ।
सुहाना सा मौसम था, ठंडी हवाएं बह रही थी, एक मीठी सी खुशबु हवाओ में घुली हुई थी और पहली बार कली शौर्य के पीछे बाइक पर बैठी खुद को भुलाये हुई थी…
शौर्य तेज़ी से बाइक भगाये जा रहा था..
लंदन ब्रिज पर उसने गाड़ी डाल दी..
“यही रहती हो ना ?”
“हाँ.. ऐसा क्यों पूछा ?”
“नहीं, बस ऐसे ही !”
“कुछ तो कारण होगा ? “
“हम्म, शहर में घूम रहे है और कुछ बता नहीं रही हो,यहाँ के बारे में !”
“जैसे ? क्या बताना चाहिए था.. ?
“जैसे कि ये लंदन ब्रिज है, इसका प्राचीन महत्व है.. ये साउथवार्क में बोरो हाई स्ट्रीट और लंदन शहर में किंग विलियम स्ट्रीट के बीच टेम्स नदी पर बनाया गया है, और ये शायद सबसे लम्बा ब्रिज है !”
“ओह्ह ये सब मुझे बताना था? तुम पहली बार ही लंदन आये हो ना? इससे पहले रॉयल फेस ऑफ़ द ईयर कॉम्पिटिशन में तो तुम्हारा ड्राइवर जीत कर गया ना ?
तो सुनिए लिटिल मास्टर, ये लंदन ब्रिज है जो, साउथवार्क में बोरो हाई स्ट्रीट और लंदन शहर में किंग विलियम स्ट्रीट के बीच टेम्स नदी पर बना है, लेकिन ये लंदन का सबसे बड़ा ब्रिज नहीं है,सबसे बड़ा ब्रिज टावर ब्रिज है !”
“वाओ तुम्हे तो बहुत कुछ पता है !”
‘हम्म फिर भी लोग मुझे बेवकूफ बना जाते है !”
‘किसने तुम्हे बेवकूफ बनाया, मुझे बताओ.. मैं उसका मुंह तोड़ दूंगा!”
” अच्छा तो फिर खुद का तोड़ लो।”
” अरे यह क्या बात है?”
” यही बात है, जब हम पहली बार मिले थे, तब हम यहीं मिले थे लंदन में, याद है ना ?
तुम किसी कल्चरल इवेंट का हिस्सा बनने आए थे। जहां सारी रॉयल फैमिलीज के किड्स पार्टिसिपेट करने आते हैं। और उनमें से एक किसी जोड़े को रॉयल फेस ऑफ़ द ईयर का अवार्ड दिया जाता है। और वहां मिलने पर भी तुमने अपनी असली पहचान मुझसे छुपाई थी। मुझे बुद्धू बनाया था, यह कहकर कि तुम परी के ड्राइवर हो।”
” एक्सक्यूज मी! मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा था। तुमने खुद मुझे देखकर यह सोच लिया था कि मैं ड्राइवर हूं। और उसके बाद मुझे एक बार भी अपना परिचय देने का मौका दिए बिना तुम मुझे ड्राइवर ही समझती रहीं।
फिर मैंने भी सोचा, चलो ठीक है। अगर मेरी शक्ल ड्राइवर जैसी है तो यही सही।”
” ड्राइवर जैसी शक्ल तो बिल्कुल नहीं है तुम्हारी।”
” तो फिर कैसी शक्ल है मेरी?”
” बहुत सुंदर, मेरा मतलब है ठीक दिखते हो। अच्छे ही दिखते हो।”
” ठीक दिखता हूं? या अच्छा दिखता हूं?”
इस बात का कली कोई जवाब नहीं दे पाई। मुस्कुरा कर वह इधर-उधर देखने लगी। शौर्य ने गाड़ी में सामने लगे हुए मोबाइल से कनेक्ट करके एक इयर प्लग अपने कान में लगाया और दूसरा ठीक पीछे बैठी कली को पकड़ा दिया।
” इसे कान में लगा लो।”
“यह क्या है?”
” देखकर समझ में नहीं आ रहा है कि क्या है?”
” समझ में तो आ रहा है, लेकिन यह क्यों?”
” क्योंकि मुझे बाइक पर तेजी से भागते हुए गाने सुनने में बड़ा मजा आता है, इसलिए।”
” और अगर तुम्हारी पसंद का गाना मुझे पसंद नहीं आया तो?”
” अगर नहीं पसंद आया तो तुरंत स्टॉप बोल देना, मैं बदल दूंगा, ओके!”
शौर्य ने पहला गाना लगाया…
गाने के बोल शुरू हुए..
“I used to believe,we were burning on the
edge of something beautiful…
” स्टॉप, ना.. ये नहीं !”
“ओके दूसरा लगता हूँ..!” उसने दूसरा गाना लगाया..
“I found a love,for me darling just dive right
in and follow my lead..
“ना ना.. बिलकुल नहीं !”
“ये भी पसंद नहीं आया?
ठीक है, एक पुराने ज़माने का गाना सुनाता हूँ..
every nights in my dreams I see you, I feel you , that is how I know u go on..
ये तो पसंद आया होगा ?”
“हम्म… सच बोलूं तो मुझे इंग्लिश गाने बहुत ज्यादा पसंद नहीं है। मतलब जस्टिन बीबर भी अपने फ्रेंड्स के साथ की पार्टी में सुन तो लेती हूं, लेकिन मुझे इतना पसंद नहीं आता..।”
“तो फिर क्या पसंद है मैडम को? लीजिए आप खुद लगा लीजिए।”
शौर्य ने एक हाथ से मोबाइल पीछे कली को पकड़ा दिया.. कली ने तुरंत म्यूजिक ऐप में ढूंढ कर अपनी पसंद का गाना बजा दिया…
“सुर्ख़ियाँ हैं हवाओं में,दो दिलों के मिलने की
हाँ, अर्ज़ियाँ हैं नज़ारों में,लम्हा ये थम जाने की
कैसी हुज़ूरी जी ये लब दिखलाए?
चुप्पी लगा के भी ग़ज़ब है ये ढाए
धीरे-धीरे, नैनों को धीरे-धीरे जिया को धीरे-धीरे
भायो रे सायबो
धीरे-धीरे, बेगाना धीरे-धीरे
अपना सा धीरे-धीरे लागे रे सायबो… “
कैसा लगा ?” कली ने पूछा..
“कुछ खास नहीं ! कुछ और ?!”
“ओके.. रुको.. !” कली फिर दूसरा ट्रेक ढूंढने लगी..
कर दिया दीवाना दर्द-ए-ख़ास ने,
चैन छीना इश्क़ के एहसास ने,
बेखयाली दी है तेरी प्यास ने,
छाया सुरूर है, कुछ तो ज़रूर है
ये दूरियाँ जीने ना दे
हाल मेरा तुझे ना पता।
ओ जान-ए-जाँ, दोनों जहाँ
मेरी बाँहों में आ, भूल जा..
ये कैसा लगा… पसंद आया ?”
कली चहक कर पूछ उठी।
शौर्य तो बस कली को छेड़ रहा था.. उसने ना में गर्दन हिला दी..
“सुना हुआ है, लेकिन ऐसा भी कुछ खास नहीं लगता, इससे अच्छा तो ‘ज़रा ज़रा टच मी टच मी’ है..
“छि बकवास पसंद है तुम्हारी, रुको एक और बेहतरीन गाना सुनाती हूँ…
“प्यार में होता है क्या जादू
तू जाने या मैं जानूँ,
रहता नहीं क्यूँ दिल पर काबू
तू जाने या मैं जानूँ
प्यार में होता है…
इस गाने के बजते ही कली के साथ साथ शौर्य भी मगन होकर सुनने लगा..।
बचपन में जानें कितनी बार उसने अपने घर की पार्टियों में अपने डैड को गिटार की धुन पर इस गीत को गाते सुना था..
इस गाने के बजते ही उसने कोई टोकाटाकी नहीं की और चुपचाप पूरा गाना सुन गया..
कली भी मुस्कुरा उठी..
गाना ख़त्म हुआ और कली शौर्य के कंधे के पास चली आयी.. उसके कान के पास वो अपना मुहं ले आयी…
“पसंद आया ?”
“हम्म.. बहुत ..जानती हो इस गाने के साथ कुछ बहुत प्यारी सी यादें जुडी है…
और इतना कह कर शौर्य गुनगुनाने लगा..
“जैसे हरियाली और सावन
जैसे बरखा और बादल
तेरे लिए मैं, मेरे लिए तू
तू जाने या मैं जानूँ
प्यार में होता है….।”
“कौन सी यादें हैं… अपनी एक्स गर्लफ्रेंड की.. ?” कली ने शौर्य को छेड़ने के लिहाज़ से कहा….
और हलकी सी नजर पीछे बैठी कली पर डाल कर शौर्य ने गाड़ी अगले गियर में डाल कर भगा दी..
“हम्म.. !”
उसका हम्म कली को ठीक से सुनाई नहीं दिया, लेकिन उस छोटे से हम्म ने कली के दिल को जलाकर खाक कर दिया..
“क्या बोला ? शौर्य तुमने क्या बोला ?”
“जो तुमने सुना !” शौर्य मुस्कुरा रहा था..
उन दोनों को अपनी बातों के बीच ध्यान ही नहीं था कि कुछ देर से एक लम्बी काली एसयुवी उनके सामने और एक पीछे उन लोगो को कवर किये चल रही थी..
क्रमशः

Excellent n Superb, very nice n good n Shandaar and Jaberdast part.
Wow Fantastic n Fabulous n superb, great Excellent in quality, Aperna ji
Very nice part
ये जो एक्यूवी है ना ये इन दोनों के प्रोटेक्शन के लिए होनी चाहिए pls
प्यार में होता है क्या जादू और राहे फिर मुड़ी साथी एक साथी मिल गया .. ये तो राजा जी के साथ हमारे भी फ़ेवरेट गाने बन चुके है
शौर्य को अपने डैड की पसंद पता है और उस गाने को दिल से सुनता भी है मतलब मनों की दूरी केवल अपूर्व के कारण है वरना तो दिल मिले हुए है
बहुत खूबसूरत भाग 👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻♥️♥️♥️♥️♥️💐💐💐💐
Very nice part
Bahut achcha part mam. ,kali or shourya ne basuri or unke hukum ki yaad dila di
किसकी गाड़ी विक्रम की waw समर राजा साहब का सारथी था और विक्रम छोटे राजा साहब का मस्त खूबसूरत भाग मजा आ गया काली के साथ हम भी खुश हो गए
Wow superb episode
Ab ye kon hai Vikram ya koi or
Hye. Kitne pyare lag rhe h ye dono………