जीवनसाथी -3 भाग -98

जीवनसाथी -3 भाग -98

मीटिंग शुरू हुई और ट्यूलिप की तरफ से  बोलने के लिये एक दूसरी कॉस्मेटिक कम्पनी के मालिक खड़े हो गए..
उन्होंने जो भी बोला सब कुछ ट्यूलिप के पक्ष में ही बोला..

“आप सब जानते हैं की आज हम लोग यहां किस लिए एकत्र हुए हैं। जैसे ट्यूलिप एक बहुत बड़ा नाम है, वैसे ही आप सबकी कंपनी का भी नाम है। हम सभी कॉस्मेटिक बनाने वाले अच्छे से जानते हैं कि कॉस्मेटिक का कितना नफा और कितना नुकसान होता है? हम अपने प्रोडक्ट पर, क्या चीज कितने अनुपात में डाली गई है, और उनका क्या नुकसान होता है यह भी स्पष्ट तौर पर लिखते हैं। उसके बावजूद अगर उपभोक्ता उन कॉस्मेटिक्स को खरीद कर उपयोग में ला रहे हैं तो इसमें हम क्या कर सकते हैं?

किसी में नफे की चीजे ज्यादा होती है तो किसी में नुकसान की ज्यादा। द टयूलिप के कुछ प्रोडक्ट्स को अमानक जरूर पाया गया था, लेकिन यह प्रोडक्ट ऐसे नहीं है कि हर किसी को नुकसान पहुंचा दे। लोगों का भी शरीर अलग-अलग तरह का होता है। किसी को इन्हीं प्रोडक्ट से नुकसान हो सकता है, बीमारियां हो सकती हैं, लेकिन बहुत से लोगों को नहीं भी होता।
अगर ऐसे ही हमारे प्रोडक्ट्स को अमानक मान कर ड्रग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट वाले रिजेक्ट करते रहेंगे, तब तो हम लोगों का कंपनी चलाना ही बंद हो जाएगा..।

बिजनेस में उतार चढ़ाव तो चलता ही रहता है। हम तो फिर भी बड़ी कंपनी वाले है, एक छोटा चाय का ठेला लगाने वाला लड़का भी क्या बिल्कुल ही शुद्ध दूध में चाय बनाता है?
एक बार की उबाली चाय के बरतन को ही वह दिन भर उपयोग में लाता है, तो क्या वह लोगों के शरीर के साथ खिलवाड़ नहीं होता?
रेस्टोरेंट का बिजनेस करने वाले लोग थोक में सड़े टमाटर, सड़े आलू प्याज और पनीर खरीद कर लैविश लंच और डिनर प्रोवाइड करते हैं, तो क्या वह लोगों के शरीर के साथ खिलवाड़ नहीं है? लेकिन यह रिसर्च लैबोरेट्री वाले आजकल सिर्फ कॉस्मेटिक्स के पीछे पड़े हुए हैं।
  यह हर्बल हर्बल का जो नया राग शुरू हो गया है ,उसके कारण हमारे व्यापार को ज्यादा धक्का लगा है। हालांकि यह हर्बल प्रोडक्ट कह कर खुद को प्रचारित करने वालों के प्रोडक्ट में भी जब जांच की जाएगी तब सही मायने में दूध का दूध और पानी का पानी होगा। लेकिन फिलहाल यह सारे रिसर्च लैब कॉस्मेटिक्स कंपनीज के खिलाफ एक तरह से एक जंग  घोषित कर रहे हैं। जानबूझकर कॉस्मेटिक कंपनियों के प्रोडक्ट्स को गिराकर दिखाया जा रहा है। जिससे कि हमारे ब्रांड ऊपर ना उठ पाए। विश्व भर में देखा जाए तो सबसे ज्यादा फलने फूलने वाला व्यापार कॉस्मेटिक्स हीं है।

और इसीलिए एक तरह से बाकी व्यापारिक संगठनों ने मिलकर जानबूझकर ऐसा षड्यंत्र रचा है कि हम कॉस्मेटिक बेचने वाले एक तरफ बैठे रह जाए। शुरुआत आज ट्यूलिप से हुई है, कल किसी दूसरी कंपनी को फसाएंगे और परसों किसी तीसरी।
   एक-एक करके एक दिन हमारा भी नंबर आ जाएगा। तो इसलिए मैं इस मीटिंग में यही कहना चाहता हूं कि ट्यूलिप ने जो भी किया, वह ठीक है।
   उन्होंने अपने प्रोडक्ट में जो बदलाव करने थे, वह कर लिए हैं। और अब उनके प्रोडक्ट मार्केट में आने के लिए पूरी तरह से तैयार है। आप में से जो भी मुझसे सहमत है, वह अपनी टेबल पर दो बार थाप दीजिए और जो असहमत है, वह अपने हाथ ऊपर कर सकते हैं…।”

वहां मौजूद लोगों में से कुछ तो ट्यूलिप के खिलाफ ही थे, लेकिन कुछ ट्यूलिप की तरफ भी थे। लेकिन इन महोदय के यह सब कहने के बाद ज्यादातर लोगों ने अपनी सहमति जता दी।
     इस के बाद यह महोदय मुस्कुरा कर ट्यूलिप के मालिक को अपने पास बुला ही रहे थे कि उनका ध्यान सबसे पीछे की तरफ बैठे किसी व्यक्ति पर चला गया जिसका हाथ ऊपर उठा हुआ था।
    उन्होंने स्पॉट लाइट तुरंत उस पर डालने को कहा और उसे खड़े होकर अपनी बात रखने को कहा।

“एक्सक्यूज मी, आप कौन है, जो मेरी बात से असहमत है। प्लीज खड़े होकर अपने पॉइंट्स बताइए।”

शौर्य ने अपनी टेबल पर रखे माइक को ऑन किया और बोलना शुरू किया।
  स्पॉटलाइट उसके ऊपर पड़ने लगी और वह अपनी जगह पर खड़ा हो गया।
   वासुकी अब भी इन बातों में उतनी रुचि नहीं ले रहा था। उसकी खुद की कोई कॉस्मेटिक कंपनी नहीं थी, लेकिन उसके शेयर्स जरूर इन कुछ कंपनीज में लगे हुए थे, और बस इसीलिए मजबूरन उसे यहां आना पड़ा था।

वरना कायदे से उसे ना कॉस्मेटिक के व्यापार में रुचि थी, और ना उनकी मिलावट में। वह अब भी चुपचाप बैठे अपने फोन को देख रहा था कि तभी शौर्य ने बोलना शुरू किया…

” माफ कीजिएगा, लेकिन मैं आपकी बातों से बिल्कुल भी सहमत नहीं हूं। कॉस्मेटिक बनाने वाली कंपनी यानी हम सब पर एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है। जिस तरह रेस्टोरेंट का बिजनेस करने वाले लोगों पर होती है।

हम किसी के जीवन से खिलवाड़ नहीं कर सकते।
समय समय पर रेस्टोरेंट में भी जांच होती है, उनके खाद्य पदार्थों को अमानक पाए जाने पर उन्हें भी सजा दी जाती है। बस वैसा ही कुछ कॉस्मेटिक के साथ भी है। हम सभी जानते हैं कि सिर्फ हिंदुस्तान ही नहीं पूरी दुनिया में, पूरे विश्व भर में कई हजार करोड़ महिलाएं अपनी त्वचा और होठों पर कॉस्मेटिक्स का प्रयोग करती हैं। ऐसे में यह कॉस्मेटिक सीधे उनके त्वचा के द्वारा उनके शरीर का हिस्सा बनते हैं। ऐसे में अगर कोई कॉस्मेटिक अमानक पाया जाता है, तो इसका मतलब साफ तौर पर वह शरीर के लिए जहर है ।
  और उसका प्रयोग करना कभी भी सही नहीं माना जा सकता..।”

शौर्य की ये बात ख़त्म होते होते वासुकी का ध्यान अपने फ़ोन पर से हट कर हॉल में मौजूद भीड़ में उस लड़के को ढूंढने लगा जो ये सब कह रहा था। लेकिन तभी जायसवाल बोल पड़ा।

“तो तुम क्या चाह्ते हो, ट्यूलिप ये प्रोडक्ट बनाना बंद कर दे ?”

“अमानक को मानक में बदला भी तो जा सकता है ना.. !”

“अमानक को मानक में बदलने में कितना खर्च होगा जानते भी हो  ?”..

“क्यों नहीं जानता, बिलकुल जानता हूँ। क्यूंकि मैं भी एक व्यापारी हूं। और अच्छे से इस बात को समझता हूं, कि किसी भी उत्पाद को आप कितने भी महंगे तरीके से बना लीजिए, लेकिन हमेशा उसे बेचने पर आप उसकी लागत से कुछ ज्यादा ही मुनाफा कमा लेंगे।
    व्यापार में तभी घाटा होता है जब आप ने अपनी मेहनत या ईमानदारी में कोताही बरती हो।”

” अगर आप ईमानदार भी हैं और मेहनती भी और तब भी आपको नुकसान उठाना पड़ रहा है, तब इसका क्या मतलब हुआ मिस्टर बुंदेला?” जायसवाल ने पूछ लिया

“इसका मतलब आपकी किस्मत ही खराब है..।”

“इतनी बड़ी-बड़ी बातें कर लेने से कोई बिजनेसमैन नहीं बन जाता। यह सब स्किन में उपयोग किए जाने वाले प्रोडक्ट है, और वैसे भी औरतें बेहिसाब कॉस्मेटिक उपयोग में लाती हैं। तुम्हें क्या लगता है, क्या औरतें अपने कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स के इंग्रेडिएंट्स पढ़ कर देखती भी होंगी?
  क्या उन्हें सच में मालूम चलता भी होगा कि उनकी त्वचा पर इन उत्पादों के कितने गंभीर प्रभाव पड़ने वाले हैं..?”

” स्किन के लिए बनाये जाने वाले प्रोडक्ट भी शरीर के लिए बनायीं जानें वाली दवाओं जितने ही महत्वपूर्ण होते है ! इसलिए अगर कुछ महंगे दामों वाले तत्वों के साथ मानक उत्पाद में उन्हें बदला जा सकता है,तब भी वो किसी की जान की कीमत से तो कम ही है ..।
    आप सभी जानते है कि इनमें कैंसर पैदा करने वाले तत्व  मौजूद है। आपका कहना है कि इन उत्पादों को प्रयोग करने वाले प्रयोगकर्ता इन्हें पढ़कर भी नहीं देखते कि इनमें कौन से तत्व मौजूद है, कौन से नहीं ?

लेकिन इससे इन उत्पादों के निर्माणकर्ता को इस बात का लाइसेंस नहीं मिल जाता है कि वह अपना मनमाना प्रोडक्ट बनाएं।
   सिर्फ अपने थोड़े से फायदे के लिए किसी की जिंदगी को खतरे में डाल देना बिजनेस नहीं कहलाता।
मैं मानता हूं कि आप सब के सामने मैं उम्र और अनुभव में बहुत छोटा हूं, लेकिन मैं दावे से यह कह सकता हूं कि मैं ईमानदारी से और अपनी मेहनत से अपने बिजनेस को हमेशा आगे ले जाने के लिए प्रयासरत रहूंगा। ना खुद अपने काम में कभी बेईमानी करूंगा और ना कभी किसी बेईमान व्यापारी का साथ दूंगा..!”

वासुकी बड़े ध्यान से उस तरफ देखने लगा जिधर शौर्य खड़ा था.. शौर्य पर स्पॉट लाइट ज़रूर पड़ रही थी लेकिन लोगो की भीड़ के बीच वासुकी की नजरो की  हद में वो नहीं आ रहा था।

इसलिए वासुकी पीछे घूम गया और अपने एक तरफ लगी बड़ी सी स्क्रीन पर देखने लगा जहाँ उस मीटिंग का लाइव भी चल रहा था..

शौर्य की बात पर और कोई सहमत हो या ना हो वासुकी पूर्णतया सहमत लग रहा था..।

वासुकी खड़े होकर उसकी बात का समर्थन कर पाता उसके पहले ही शौर्य के पास बैठे किसी ने शौर्य की बात पर आपत्ति जताई और एक एक कर लोग उसकी बात पर अपनी असहमति जताने लगे..
शौर्य अपनी बात कह चुका था, लेकिन उसे अभी इस भीड़ को समझाना भी था..

” आप लोगों को जो भी सही लगता है, वह आप कर सकते हैं। लेकिन व्यापारियों के इस संघ का मैं भी एक मेंबर हूं और अगर मेरी असहमति बनती है तो फिर इस प्रोडक्ट को ट्यूलिप वापस उसी तरह से लॉन्च नहीं कर पाएगी।
      मैं सिर्फ अपनी असहमति देकर यहां से चला नहीं जाऊंगा, बल्कि इस प्रोडक्ट को या तो मानक में तब्दील करवाऊंगा और या फिर इसे बाजार में उतरने ही नही दूंगा और यह मेरा यानी शौर्य प्रताप सिंह बुंदेला का आप सभी को चैलेंज है!”

शौर्य ने सबकी तरफ देखा और अपने कागज़ और मोबाइल उठा कर उस कमरे से बाहर निकल गया..

वासुकी अपनी जगह पर बैठे उसे जाते देखता रहा, लेकिन जो भी हो वासुकी के चेहरे पर हल्की सी मुस्कान आते आते रह गई।
उसी वक्त भदौरिया वासुकी के पास पहुंच गया..

” पता नहीं आजकल के लड़कों को क्या हो गया है। बिजनेस की एक पैसे की अकल नहीं है, और मेरा प्रोडक्ट बंद करवाने चला है। अब इसे कैसे समझाऊं कि जिस प्रोडक्ट को बेचने में मुझे दस गुना ज्यादा फायदा हो रहा है अगर उसमें वही महंगे प्रोडक्ट डाल दूंगा तो फायदा बिलकुल आधे पे उतर आएगा.. !”

” फायदा तो तब भी होगा ना, अभी अगर दस गुना हो रहा है तो तब पांच गुना होगा, लेकिन घाटा तो तुम्हें तब भी नहीं होगा।”

वासुकी ने भदौरिया की तरफ देखकर कहा और भदौरिया ने अपने माथे पर हाथ मार लिया।

” एक-एक कप कॉफी की बहुत जरूरत है। अभी अब काम नहीं हो पाएगा।
वैसे भी यह लड़का अकेले हम लोगों का कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा..।”

” ऐसा तुम सोच रहे हो लेकिन इस व्यापारी संगठन में कुल जमा पचास कंपनी के सीईओ एक साथ संगठित है, और यह पचास लोग जब निर्णय लेते हैं, तो हर किसी की सहमति जरूरी है। अगर किसी एक ने भी अपनी असहमती जता दी तो फिर पहले उसकी असहमती को सहमति में बदलना होता है।
तभी काम आगे बढ़ सकता है। और यह नियम आज के नहीं है, लगभग सौ साल पुराने नियम है। इसलिए इनमें बदलाव की कोई गुंजाइश नहीं है। बेहतर यही होगा कि तुम अपने उत्पाद को सुधार लो..।”

” क्या बात है लड़के के चिकने चेहरे पर फिसल गए हो क्या वासुकी ? अजातशत्रु के बेटे को कहीं अपना दामाद बनाने का सपना तो नहीं देखने लगे हो ?”

वासुकी ने एक गहरी सी नजर भदौरिया पर डाली और अपना फ़ोन उठाये वहाँ से निकल गया..

*****

शाम ढलने लगी थी..
लंदन का मौसम भी अजीब था.. पल में रंग बदलता था। कभी तो गहरे बादल छाए रहते थे, और अगले ही पल सूरज तेजी से चमकने लगता था।

रसोई में खड़ी कली ने अपनी कॉफी कप में निकाली और बाहर लैंप पोस्ट के नीचे पड़ी बेंच को देखकर सोचने लगी कि कुछ देर पहले सपने में शौर्य उसके साथ यहीं बैठा था।

मुस्कुरा कर उसने अपना कप उठाया और घर से बाहर उस बेंच की तरफ चली गई। घर से बाहर निकलते ही उसे ठंड महसूस होने लगी।

कुछ देर पहले तक बादल थे और हवाएं चल रही थी लेकिन इतनी सर्दी तो नहीं थी। उसने दरवाजे के पास टंगे अपने ओवरकोट को निकाला और पहन लिया। खुले बालों पर टोपी लगाकर उसने कानों को ढका और ठंडी चलती सर्द हवाओं के बीच अपनी गरम कॉफी को हाथ में पकड़े वह बाहर उस बेंच तक चली आई।

मौसम कुछ ज्यादा ही सर्द हो गया था, वह बेंच पर एक किनारे जाकर बैठ गई।

शौर्य के बारे में सोचना भी उसे कितना अच्छा लगता था। ऐसा लगता था जैसे वह वक्त वापस चला आता हो। वह कॉफी के कप को देखते हुए शौर्य को याद कर रही थी।

कॉफी का एक गहरा घूंट भरकर उसने आंखें मूँद ली,जैसे कॉफी बनाना सिखाने वाले को मन ही मन शुक्रिया अदा कर रही हो।
मुस्कुरा कर वह आंखें खोलने ही वाली थी कि उसके कानों में शौर्य की आवाज चली आई..

“मुझे याद कर के मुस्कुरा रही हो ना ?”

शौर्य की आवाज सुनते ही कली के चेहरे की मुस्कान और लंबी हो गई।
  उसने आंखें खोल कर अपने बगल में देखा और हां में गर्दन हिला दी।
  उसके बगल में शौर्य बैठा था शौर्य भी मुस्कुराने लगा..।

” अकेले-अकेले कॉफी पी लोगी, जिसे बनाना सिखाया उसे पूछोगी तक नहीं..?

” नहीं पूछूंगी। अगर पीना है तो यही काफी पी लो, क्योंकि मैं जानती हूं मैं अगर तुम्हारे लिए काफी लेने गई तो तुम यहां से गायब हो जाओगे। पिछले कई दिनों से तुम ऐसे ही तो परेशान कर रहे हो मुझे, अब क्या पागल करके छोड़ोगे.?”.

क्रमशः

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Savita Agarwal
Savita Agarwal
1 year ago

Very nice speech of Mr Shorya bundeela for makeups products, waiting for the next part.

Darshana datta
Darshana datta
1 year ago

Awesome part 👌 reality mai aisa hi hota hai dab ko business karna hai paisa chahiye phir bhalehi aam aadmi ka nuksaan ho🤨 muje lagta hai issbaar Sach mai Shaurya aa gaya hai apni kali ke paas😃

Priya patel
Priya patel
1 year ago

Bahut hi sahi baatein kahi shourya ne …or dr.sahiba apne v bahut hi gambheer mudda uthaya hai . Aaj k samay me sach me ye bahut hi chintajanak vishay hai …kyuki aajkal womens hi nahi balki mens v cosmetic use karne lage hai pr aap sab v dekh rahe honge ki in products ki wajah se kai ghanto tak makeup me kam karne wale actors ko kitni tarah ki beemariya ho rahi hai har dusre actress ko cancer ho jata hai … unki majburi hai ghanto makeup lgana ye unka kam hai lekin cosmetic company ki v jimmedari hai ki wo apna kam imandari se kare kyuki isme kisi ki jaan v ja sakti hai …vasuki impress to ho gaya lekin afsos wo shourya ko dekh nahi paya.

Manu Verma
Manu Verma
1 year ago

जिस तरह से शौर्य ने अपनी बात रखी 90% बिजनेसमैन शौर्य के खिलाफ होंगे पर इन सब मे वासुकी शौर्य की बातों से प्रभावित हो गया क्यूंकि वासुकी भी गलत का कभी साथ नहीं देता जैसे आज शौर्य एक अकेला गलत के खिलाफ खड़ा था पर ये क्या…वासुकी शौर्य को देख नहीं सका 🤔मुझे लगा था आज दोनों की फिर मुलाक़ात होगी पर कोई ना फिर कभी सही… 😊।
कली… ये खुली आँखों का सपना कभी भी पूरा हो जाएगा 😊, ऐसा लग रहा सच मे अभी शौर्य ही बैठा है कली के पास पर पगली को चलते फिरते, आगे पीछे शौर्य ही तो दिख रहा, अब अगर सच भी हुआ तो एक पल के लिए सपना ही लगेगा…हमें भी इंतजार है उस पल का ज़ब दोनों सच मे साथ होंगे.।
एक बात और डॉक्टर साहिबा आपको तो कॉस्मेटिक की भी इतनी जानकारी है 🤔आप तो भई all राउंडर हो 👌🏻👌🏻🧿।
बेहद लाजवाब भाग 👌🏻👌🏻

Ashok Garg
Ashok Garg
1 year ago

Very nice part of the story and very interesting 👍 😀 👌 👏 😊 🙂 👍 😀 👌 👏 😊 🙂 👍 😀 👌 👏 😊 🙂 👍 😀 👌 👏 😊 🙂 👍 😀 👌 👏 😊 🙂 👍 😀 👌 👏 😊 🙂 👍 😀 👌 👏 😊 🙂 👍 😀 👌 👏 😊 🙂 👍 😀 👌 very nice 👌 👍 👏 😀 ☺️ 😊 👌 👍 👏 😀 ☺️ 😊 👌 very interesting ♥️ 🎶 😀 😄 😆 🤣 ♥️ 🎶 😀 😄 😆 🤣 ♥️ 🎶 😀 😄 😆 🤣 ♥️ 🎶 😀 😄 😆 🤣 ♥️ 🎶 😀 😄 😆 🤣 ♥️ 🎶 😀 😄 😆 🤣 ♥️ 🎶 😀 😄 😆 🤣

उमिता कुशवाहा
उमिता कुशवाहा
1 year ago

शौर्य का इस तरीके से भारी मीटिंग में अपनी बात को रखना वासुकी कहीं ना कहीं सुकून दे गया वह भी इसी तरीके की सोच रखता है और जब शौर्य ने अपने विचार सबके सामने रखे तो कहीं ना कहीं वासुकी उसकी बातों से थोड़ा ना बहुत प्रभावित जरूर हुआ है यह बात शौर्य के लिए अच्छी साबित होगी क्योंकि वासुकी इंसान को पहचानने में कभी गलती नहीं करता और अगर एक बार शौर्य वासुकी को भा गया तो फिर कोई अड़चन नहीं आएगी कली और शौर्य के जीवन में।

Madhuri Baranwal
Madhuri Baranwal
1 year ago

Best part
Waiting next part 🫣

Jyoti
Jyoti
1 year ago

Ab sapna sach hone ka tym aa gaya Very nyc part👌👌. Waiting for next part

Preety Sharma
Preety Sharma
1 year ago

Ab aage ke part ka wait hai…bahut badhiya 👍🏻

Gurpreet Kaur
Gurpreet Kaur
1 year ago

😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍