
बेसब्रियां.. दिल की -20
उसके बाहर जाते ही उसके पीछे सिम्मी भी बाहर चली आई…
“क्या हुआ निम्मी ? तुझे लीला आंटी की बात बुरी लगी क्या ?”
निम्मी ने बस ना में गर्दन हिला दी..
“यार माइंड मत कर.. वो तो कुछ भी बोलती है.. उनकी कहीं बातों के हाथ पैर सब होते हैं.. कहीं भी उड़ा देती है अपनी बातों को ये.. तुझे कुछ लग रहा तो एक बार श्लोक से खुद पूछ लें..
“ऐसे अच्छा नहीं लगेगा ना.. ?”
“बुरा भी क्यों लगेगा ? इतनी दोस्ती तो हो ही गयी है कि उसके अचानक ऐसे जाने का कारण पूछ सकती है तू…
अच्छा एक काम कर फ़ोन कर लें.. !”
“पक्का ?”
“हम्म… !”
निम्मी ने अपने आप को संभालते हुए श्लोक के फ़ोन का नंबर लगा दिया…
रिंग जाती रही लेकिन श्लोक ने फ़ोन नहीं उठाया….
दो बार निम्मी ने फ़ोन लगाया लेकिन दोनों ही बार श्लोक ने फ़ोन नहीं उठाया और निम्मी ने उसे मेसेज छोड़ दिया…
लेकिन इसके बाद निम्मी ज़रा दुःखी सी हो गयी…
दिन बीतते वक्त नहीं लगता….
अम्बुजा परिवार एक खुशनुमा झोंके की तरह आया और चला गया… लेकिन सेठी परिवार के कुछ लोगो के लिए जीवन भर की याद दे गया….
अम्बुजा परिवार को वहाँ से गए महीना भर बीत गया…..
निम्मी ने बिन सिम्मी को बतायें एक आध बार और श्लोक को फ़ोन लगाया लेकिन पूरी रिंग जाने के बावजूद श्लोक ने फ़ोन नहीं उठाया…..
और आखिर थक हार कर निम्मी ने उसे फ़ोन लगाना बंद कर दिया !
इसी बीच मुंबई से किचन क्वीन कॉन्टेस्ट के अगले पड़ाव के लिए निम्मी को बुला लिया गया…
निम्मी और सिम्मी ने मुंबई जाने की तैयारी कर ली…
सिम्मी को अपने रिसर्च पेपर्स के लिए भी मुंबई के मीठी बाई कॉलेज से कॉल आई थीं, इसलिए उसने भी अपने कागज़ समेट कर रख लिए और दोनों बहने मायानगरी की सैर को निकल पड़ी…
एकबारगी सेठी परिवार उन दोनों को भेजने को तैयार नहीं था लेकिन फिर पम्मी के बहुत समझाने पर उनके पप्पा तैयार हो गए और दोनों लड़कियां मुंबई निकल गयीं…….
मुंबई में पम्मी की बहन धरा का घर था…
धरा एक बहुत फेमस फैशन मैगज़ीन की वो एडिटर थीं….
उनके पति का ब्रांडेड कपड़ो का अच्छा खासा शो रूम था ….
मुंबई पहुँचते ही एक दो दिन में दोनों बहने वहाँ के माहौल के हिसाब से ढल गयी…
निम्मी किचन क्वीन के लिए स्टूडियो जाने लगी… वहाँ उन लोगो की शूटिंग शुरू हो चुकी थीं…
सिम्मी अपने काम में लग गयी… अपने काम के साथ साथ उसे धरा मासी ने अपने साथ भी लगा लिया था…
एक शाम धरा को एक मॉडलिंग शो अटेंड करने जाना था… जहाँ पर कुछ मॉडल्स उनके शो रूम के ही कपड़ों को पहन कर रैम्प पर उतरने वाली थीं…
इन्फिनिटी मॉल अपने अलग अलग ब्रांड्स के प्रोमोशन के लिए कॉलेज गर्ल्स को लेकर ये रैंप वॉक करवा रहा था…
वैसे तो धरा छोटी मोटी खबरों को कवर नहीं किया करती थी लेकिन चूंकि इन सब में उसकी खुद की दुकान का भी प्रमोशन होना था इसीलिए वो अपनी फैशन मैगजीन के लिए कवरिंग लेने वहां जा पहुंची थी..
सिम्मी को उसने मॉडल्स की मदद करने के लिए अपने साथ रख लिया था..
सिम्मी सारे कपड़ों का लेखा जोखा रखती मॉडल्स की मदद भी करती जा रही थी | रैंप पर आने वाली मॉडल्स के साथ वह एक किनारे खड़ी उन लोगों की जरूरतें देखती भी जा रही थी…
मॉल के ग्राउंड फ्लोर में नीचे एक लंबी चौड़ी जगह को घेरकर रैंप तैयार किया गया था | जिसके दोनों तरफ कुर्सियां लगाकर लोगों के बैठने की व्यवस्था भी की गई थी…
मॉडल्स के प्रोत्साहन के लिए दो विशेष अतिथि भी बुलवाएं गए थे जिनके द्वारा सुपरमॉडल का चयन किया जाना था…
और विशेष अतिथियों में एक तो टेलीविज़न की पुरानी नामचीन अभिनेत्री मधुस्मिता थीं जिनका सीरियल ” नागिन भी कभी चुड़ैल थीं ” अपने जमाने का सुपरहिट सीरियल था..!
आज दूसरा अतिथि था अक्षत राज!!
दोनों विशिष्ट अतिथियों को रैंप में सबसे सामने की स्पेशल कुर्तियां पर बैठाया गया था | लेकिन मॉडल्स के साथ पीछे खड़ी सिम्मी का ध्यान अब तक अक्षत पर नहीं गया था…
कार्यक्रम को शुरू करने के लिए एंकर स्टेज पर आया और उसने बोलना शुरू किया… उसके अनाउंसमेंट के बाद स्टेज पर की लाइट गुल कर दी गई | अंधेरे स्टेज पर अचानक बीच में एक स्पॉट लाइट चमकी और एक मॉडल नजर आने लगी वह धीरे-धीरे रैंप पर वॉक करते हुए आगे बढ़ने लगी और स्पॉटलाइट उसे कवर करने लगी…
उस मॉडल को कवर करने के साथ ही दो-तीन स्पॉट लाइट पीछे के एरिया को भी कवर कर रही थी | जहां से रोशनी पलटकर मॉडल पर पड़ कर एक अलग सी आभा उकेर रही थी, लेकिन इसी सब में एक स्पॉटलाइट सबसे किनारे खड़ी सिम्मी पर भी पड़ रही थी…..
सादी सी ग्रे डेनिम के ऊपर काली रंग की टॉप पहनकर हाई पोनी की हुई सिम्मी अपने चश्मे को सही करती हाथ में पकड़े पेपर से मॉडल्स का मिलान करती जा रही थी…
स्पॉट लाइट पड़ने पर उसका गेहुंआ रंग चमक रहा था और चश्मे के भीतर से उसकी बड़ी-बड़ी काली आंखें देखने वाले को अपने सम्मोहन में जकड़ती जा रहीं थीं.. !
अक्षत की नजरें सिम्मी पर पड़ी और वह उसे देखता रह गया….
लगभग महीना बीत चुका था उसे सिम्मी से मिले हुए लेकिन अब भी उसके दिल में सिम्मी की यादें बसी हुई थी | और दिल्ली से वापस लौटने के बाद उसे समझ में आने लगा था कि उसे सिम्मी अच्छी लगने लगी थी | हालांकि उसका ईगो उसे आगे से बढ़ कर सिम्मी से बात करने की इजाजत नहीं दे रहा था | और इसीलिए शायद उसने एक बार भी सिम्मी को ना कोई फोन किया था, और ना मैसेज | लेकिन आज के इस माहौल का असर था या 1 महीने की दूरी का जो आज सिम्मी को इस तरह अपने सामने खड़े देख अक्षत खुद पर काबू नहीं कर पाया और अपनी जगह से उठ कर स्टेज के पिछली तरफ बढ़ गया…|
उसे सिम्मी को देखते ही अजीब सी बेचैनी ने घेर लिया और वो उसका हालचाल लेने उसकी तरफ बढ़ गया…
वो खड़ी किसी मॉडल के बाल सुधार रही थीं कि पीछे से उसे एक जानी पहचानी सी आवाज़ सुनाई पड़ी..
“हेलो… !! तुम यहाँ मुंबई में कैसे.. ?”
उसकी आवाज़ सुन सिम्मी पीछे घूमी और अपने सामने खड़े अक्षत राज को खड़े देख वो चौंक गयी…
दोनों के ही दिल में हलकी सी ख़ुशी ने दस्तक दी लेकिन दोनों ही इस बात से अनजान अपने चेहरे पर बिना कोई भाव लाये एक दूसरे को देख रहे थे…
“मै यहाँ निम्मी के साथ आई हूँ.. उसके शो की शूटिंग शुरू हो चुकी है ना… ! बस उसी के चक्कर में अभी महीना भर यहाँ रहेंगे… यहाँ पवई में मासी का घर है हम लोग वहीँ रुके हैं… !”
अक्षत के छोटे से सवाल का जैसा जवाब सिम्मी ने दिया था उसे सुन अक्षत के चेहरे पर मुस्कान चली आई…
क्रमशः
aparna….

लाजवाब भाग 👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻💐💐