कांति
मैंने एक प्रयास क़िया
एहसासों को अल्फाज़ दिया
पिरोया शब्दों को इक माला में
फिर कविता उसको नाम दिया।
शब्दों के जरिए लिखे
जज्बातों को अपने
सुख- दुःख , प्यार, वफ़ा
दर्द, सुकून, मोहब्ब्त को अपने
हर एक फ़साना लिखा
मन का अंधेरा, उम्मीदों को जहां लिखा
स्त्री की व्यथा, मां का प्यार
पुरुष की मनोदशा, पिता का सम्मान लिखा
कांति…
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बहुत सुंदर कविता 👌👌
NYC poem ma’am, बेजार हुं के बाद यह पढ़ी, अच्छा लिखा है आपने..👌💐🙏
बेहद शानदार 😊👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻बहुत सुन्दर कविता लिखी कांति 😊👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻⭐⭐⭐⭐⭐
Nicely explained ….D kavita 👌👌
बहुत ही बेहतरीन और सुंदर कविता लिखी है आपने कांति 👌👌💐💐
nice poem
आपने जो भी लिखा बड़ा प्यारा लिखा
मैं तो सोचकर हैरान रह गयी कि ये सब बोलने वाली दी ने लिखा,,,।
हाँ योगी ये हमारी कांति ने लिखा है.. अब तुम भी लिख दो कुछ फटाफट..
ये छुपीरुस्तम है योगी 😄
हां मुझे भी आज ही पता चला, बहुत सुंदर लिखा कांति ने😊