जीवनसाथी -3 भाग -67

जीवनसाथी -3 भाग -67

जीवनसाथी by aparna

उसी समय विक्रम वहाँ चला आया..

उसने कली के कंधे पर हाथ रखा और कली चौंक कर पलट गयी… विक्रम ने उसके हाथ से वो गत्ते का टुकड़ा लिया, और अपने साथ लायी छतरी उसे पकड़ दी..

छतरी देख कली हलके से मुस्कुरायी और विक्रम के हाथ से उसने ले लिया…
अपूर्व का हंगामा अंदर चल ही रहा था, कि ढेर सारी गाड़ियां एक के पीछे एक आकर वहाँ रुक गयी..

राजा साहब गाड़ी से उतरे और अंदर की तरफ बढ़ गए.. अंदर जाते जाते उनकी नजर शौर्य के साथ साथ उसके सर पर छतरी तान कर खड़ी कली पर भी पड़ गयी..।

शौर्य को नहीं मालूम था कली उसके पीछे खड़ी है.. वो अपने पिता को देख उनकी तरफ बढ़ने को था कि उन्होंने इशारे से उसे रुकने कहा और खुद अंदर चले गए..

स्वयं मुख्यमंत्री का थाने आना कोई छोटी मोटी बात नहीं थी…
पूरा पुलिस महकमा हिल गया..।

आनन फानन कमिश्नर से लेकर बाकी बड़े अधिकारी भी वहाँ पहुंचने लगे..
कोई छोटी बात तो थी नहीं.. मुख्यमंत्री के भतीजे पर एक लड़की के साथ ज़बरदस्ती कर के उसे गायब कर देने का आरोप था आखिर..

“बैठिये हुकुम !”
.

राजा को अंदर आया देख थाने का एसएचओ अपनी जगह से उछल कर खड़ा हो गया !

” चाय मंगवाए?'”

“हर्षवर्धन कहाँ है ?”

“जी अभी बुलाये देते हैं.. हुकुम आप तो जानते है, हम अपनी मर्ज़ी से कुछ नहीं कर सकते…।
हम तो कुंवर सा पे हाथ ही नहीं डालना चाह्ते थे, लेकिन ऊपर से आदेश था..
माफ़ी चाह्ते हैं हुकुम !”
.
राजा के चेहरे पर कोई भाव नहीं थे..

“तुम सालो की हिम्मत कैसे हुई हमारे राजकुमार को गिरफ़्तार करने की..।
जानते भी हो अब इसका क्या मुआवज़ा देना होगा तुम्हे..।
राजा अजातशत्रु अब तुम्हारी वर्दी उतरवा कर फेंकेगा। समझ रहे हो इस पूरे पुलिस थाने को बंद ना करवा दिया तो हमारा नाम अपूर्व सिंह ठाकुर नहीं। तुम लोगो ने सोच क्या रखा है, हमारे इतने सच्चे और ईमानदार बच्चों को उठा ले आए।
हर्षवर्धन पहली बात तो ऐसा कर ही नहीं सकता, और अगर किया भी है उसने, तो तुम साले होते कौन हो उसे पकड़ने वाले।
तुम्हारी दो कौड़ी की औकात नहीं है कि तुम हर्षवर्धन को कैद करके रख सको..।”

“आप शांत रहिये.. मै निपट लूंगा.. ! राजा ने अपूर्व से कहा लेकिन अपूर्व सुनने को खाली ही कहाँ था..
वो एक बार फिर शुरू हो गया..
उसके शब्द अब गरिमा की सीमा लांघते आगे बढ़ रहे थे..

पुलिस वाला राजा को सामने देख वाकई घबराया हुआ था…
एक एक कर सारे बड़े ऑफिसर चले आये..।
वो लोग हर्ष को भी बाहर निकाल कर ले आये..

राजा साहब ने हर्ष को देखा और उनकी आंखे भावुक हो गयी.. हर्ष लेकिन बिलकुल सम्भला हुआ नजर आ रहा था..

“तो क्या मै हर्ष को लेकर वापस जा सकता हूँ ?”
.
“हुकुम ये भी कोई पूछने की बात है.. ! आप कुंवर सा को लेकर जा सकते हैं.. बल्कि आप एक फ़ोन भी कर देते तो इन्हे यूँ ही छोड़ दिया जाता..! आप पर तो सभी को पूरा विश्वास है..।”

“हाँ वो तो दिख गया..।”कड़वाहट से राजा साहब ने कहा…
लेकिन पुलिस वालो का ये व्यवहार जो सामने से दिख रहा था ये सच्चाई नहीं थी.
उनमे से विरोधी दाल वाले पुलिस वाले पहले ही मिडिया को बुला चुके थे..।

वो लोग अगर हर्ष को सिर्फ राजा के कहने पर छोड़ देते तो उसे पकड़ कर लाते ही क्यों..?

आधा तो पहले ही नाम ख़राब हो चुका था, बाकी कसर पूरी करने कुछ मिडिया कर्मी धड़धड़ाते हुए थाने में दाखिल हो गए और उलटी सीधी बयानबाजी करने लगे..

“यही पर आकर न्याय व्यवस्था की पोल पट्टी खुल जाती है। अगर कोई सामान्य लड़का किसी लड़की के साथ जबरदस्ती करके उसे गायब कर दे तो उसे गैर ज़मानती सजा होती है.. ।
जब तक सिद्ध ना हो जाये कि लड़का बेकसूर है, उसे थाने में बंद रखा जाता है। जेल दाखिल कर दिया जाता है। लेकिन यहाँ तो बात ही अलग है ना.. ।
बात है सोने का चम्मच लेकर पैदा हुए राजकुमार की..।
अमीरो के लिए कहाँ कोई भी बात असम्भव है..?
जाने कितने कांड कर के ये राजकुमार चैन की नींद सोया करते थे। वो तो एक जांबाज और बहादुर पत्रकार ने अपनी जान दांव पर लगाकर स्टिंग किया और इस राजकुमार के नकली मुखौटे को उतार फेंका..
लेकिन ईमानदार पुलिस वाले भी क्या करे, वो अपनी तरफ से इसे उठा लाये लेकिन सीएम साहब खुद चले आये अपने भतीजे को छुड़ाने… अब ऐसे में सीएम की बात काटने की ज़ुर्रत किसमें होगी भला..
ज़ाहिर है लड़के को छोड़ ही दिया जायेगा..
जब राजा अजातशत्रु खुद आ गए अपने बलात्कारी भतीजे को छुड़वाने तो किस पुलिस वाले की औकात है जो उसे रोके रखे ….. “

ये मिडिया कर्मी भी बिके हुए थे, हालाँकि वहाँ पहुंचे मिडिया वालो में कुछ राजा साहब के पक्षधर थे और जिनका यही कहना था की हर्षवर्धन ऐसा नहीं कर सकते, और उन पर बहुत बुरा इल्जाम लगाया गया है..।
लेकिन घूम फिर कर हर कोई वही आकर अटक रहा था, की अगर हर्ष ने कुछ नहीं किया तो मीठी गायब कहाँ है..?

**

उस सुरक्षाकर्मी ने तेज़ी से आगे बढ़ती रियाल को रोक लिया..

“अपना बैग दिखाइए मैम !”

“लेकिन क्यों ?”

“बस ऐसे ही !”

“कारण तो बताइये ?”

“महल में बहुत बड़ा कांड हुआ है.. आप यही तो रुकी थी क्या आपको नहीं मालूम ?”

“क्या ?”

“कि महल में क्या हुआ है !”

“नहीं मुझे तो नहीं मालूम।”

” अगर आपको सच में नहीं मालूम है, तब तो आपकी बैग की तलाशी लेनी पड़ेगी।”

” अरे बताइए तो सही, मैं महल की मेहमान हूं, और आप ऐसे कैसे मेरे बैग की तलाशी ले सकते हैं?”

” मैडम महल के राजकुमार के ऊपर इल्जाम लगा है कि उन्होंने अपनी दोस्त के साथ रेप करके उन्हें गायब कर दिया। और यह कोई छोटा-मोटा इल्जाम नहीं है।
इसके बाद महल से निकलने और महल में दाखिल होने वाले हर किसी की बराबर तलाशी ले जा रही है। और यह सब सुरक्षा कारणों से सब किया जा रहा है। आप जिन लोगों के साथ जा रही हैं, उन्हें भी चेकिंग के लिए आगे मुख्य द्वार पर रोक लिया जाएगा..दिखाइए आपका बैग.. “

“अरे एक मिनट रुकिए तो.. आप ऐसे कैसे किसी लड़की का बैग देख सकते हैं, यह इलीगल है..!”

पुलिस वाले ने घूर कर रियाल की तरफ देखा..

” आप इस ढंग से बार-बार मना करके आपके ऊपर शक पैदा कर रही है मैडम, और दूसरी बात किसी भी सस्पेक्ट के बैग की तलाशी लेना इलीगल नहीं होता। इसलिए मैं आपके बैग की तलाशी ले सकता हूं। दूसरी बात मैं खुद शादीशुदा हूं इसलिए लड़कियों के बैग से निकली कोई भी वस्तु मेरे लिए किसी भी तरह के अचंभे की बात नहीं होगी, तो आप निश्चिंत रहिए आपको बहन समझकर मैं आपके बैग की तलाशी ले लेता हूं।
मुझे आपके व्यक्तिगत सामान या किसी भी चीज में कोई रुचि नहीं है, मैं सिर्फ अपनी ड्यूटी निभा रहा हूं..।
अपने बैग का लॉक कोड बताइए..

” अहह वो…।”

” मैं भूल गई ऐसा बहाना भूलकर भी मत बोलिएगा, अगर आपने ऐसा कहा और अपने बैग का कोड नहीं बताया और खोलने नहीं दिया तो मैं इस बैग के साथ आपको सीधा पुलिस थाने लेकर जाऊंगा और उसके बाद पुलिस जिस तरीके से आपका बैग खुलेगी उस पर आप कुछ भी नहीं बोल पाएँगी..।”

“सिक्स थ्री एट सेवन.. “

उस पुलिस वाले के चेहरे का बदला हुआ रंग देखकर रियाल भी घबरा गई और उसने फट से अपना कोड बता दिया। उसे कोड को डायल करते ही उसका बैग खुल गया।
जिप को खोलकर पुलिस वाला बैग की तलाशी लेने लगा। बैग में ढेर सारे कपड़ों के अलावा एक कैमरा दो पेन ड्राइव दो मोबाइल और एक गन मौजूद थी..

“गन ? यह आपके पास क्या कर रही है मैडम? और क्या इसका लाइसेंस है आपके पास?”

अब रियाल घबरा गई लेकिन उसने अपनी घबराहट अपने चेहरे पर नहीं आने दी।

“हां लाइसेंस है, लेकिन इस वक्त नहीं है। “

“क्या आपको नहीं मालूम कि अगर आपके पास लाइसेंसशुदा गन है तो आपको जब-जब आप अपनी गन कैरी करेंगे, उस लाइसेंस को भी साथ में ही रखना होता है..।”

“सॉरी मुझे नहीं मालूम था, आइंदा मैं अपना लाइसेंस कैरी करूंगी।”

” ठीक है तो अगली बार जब आप लाइसेंस कैरी करेंगी तब आप अपनी गन भी ले जाइएगा, तब तक मै इसे जब्त कर रहा हूं।

” ऐसे कैसे आप मेरी गन जब्त कर सकते हैं? मैंने अपने सिक्योरिटी रीजंस के लिए ली है यह गन।”
      मैं पत्रकार हूं बोलते बोलते रियाल चुप हो गई। क्योंकि वह अपनी पहचान इस वक्त इन पुलिस वालों को नहीं देना चाहती थी। वरना कहीं सीएम हाउस के सुरक्षाकर्मी उसे उठाकर अलग कैद में ना रख दे..।

“ऐसी कौन सी सेलिब्रिटी हो रखी हो मैडम आप, जो आप अपनी सुरक्षा के लिए गन लिए घूमती हो? ऐसी तो कोई बड़ी दीपिका पादुकोण नहीं लग रही हो आप?”

एकाएक रियाल कोई जवाब नहीं दे पाई और उसने खुद से जरा दूर खड़ी प्रियदर्शनी को आवाज दे दी

“प्रियदर्शनी!”

प्रियदर्शनी ने पलटकर उचटती सी निगाह रियाल पर डाली, और वापस मुड़ गई। उसमें खुद में इतना एटीट्यूड था कि वह हर किसी को मुंह नहीं लगाती थी। वह तो हर्षवर्धन का व्यक्तित्व इतना शानदार और चुंबकीय था कि वह पहली बार में ही खुद को भी हार बैठी थी।
लेकिन जब उसके माता-पिता ने इस रिश्ते से मना किया तो आजकल के जमाने की प्रैक्टिकल लड़की प्रियदर्शनी ने भी अपने दिल को मजबूत कर लिया। और अब उसका महल से निकलने का वक्त था। उनकी गाड़ी की तलाशी हो रही थी और इसलिए वह बाहर हाथ बंधे खड़ी थी। और उस समय उसे रियाल ने आवाज दे दी थी। उसने पूरी तरह से रियाल को नजरअंदाज किया, और वापस दूसरी तरफ देखने लगी।

उसकी आंखों में भी काले रंग के मोटा चश्मा चढ़ा हुआ था। रियाल ने जल्दी से अपना बैग बंद किया और उसकी तरफ जाने को थी कि पुलिस वाले ने रियाल को रोक लिया।

” मैडम इस गन के साथ-साथ आपको भी थाने चलना होगा। आपको थाने में चलकर पंचनामे में हस्ताक्षर करने होंगे। वहां पांच लोगों के सामने आपको अपनी गन की सारी डिटेल, अपना लाइसेंस नंबर लिखना होगा । और उसके बाद जैसे ही आप अपना लाइसेंस पेश करती हैं आपको गन वापस मिल जाएगी।”

” अरे मेरे भाई रख ले गन, मुझे जाने दे। मैं बस यहां से निकल जाऊं। मैं वापस आकर गन ले लूंगी।”

” मैडम तमीज से बात कीजिए, आप एक पुलिस वाले से बात कर रही है। मैं आपका भाई नहीं हूं, और दूसरी बात जो लीगल प्वाइंट्स है वह मैं आपको बता रहा हूं। आपको तो गन  के साथ थाने चलना ही होगा…।
अगर अब आपने ज्यादा दखलअंदाजी की तो यही गन आपके माथे पर तान कर आपको ले जाऊंगा..।”

रियाल के पास पुलिस वाले के साथ जाने के अलावा कोई चारा नहीं बचा था। उसे तो लगा था पुलिस वाले की आंखों में धूल झोक कर वह प्रियदर्शनी के पास पहुंच जाएगी और उन लोगों के साथ जाने के बहाने बस महल से बाहर निकल जाएगी। उसे इतना ही तो करना था, लेकिन प्रियदर्शनी ने भी उसे बुरी तरीके से नजरअंदाज कर दिया। और वक्त की मार ऐसी पड़ी कि उसे पुलिस वाले के साथ पुलिस थाने के लिए निकलना पड़ गया…

***

पुलिस स्टेशन में अब हाहाकार मचा था। मीडिया कर्मियों के पहुंचते ही इतना ज्यादा शोरगुल बढ़ गया था कि राजा साहब की भी समझ से बाहर था कि अब क्या किया जाए? मीडिया वालों के आरोपों से और उनकी खराब शब्दावली को सुनकर दुखी ना हो इसलिए राजा साहब के इशारे पर पुलिस वाले हर्ष को अंदर ले गए। शौर्य बहुत कठिनाई से खुद पर धैर्य रखें खड़ा था।
वह लगातार धनुष का नंबर मिला रहा था, लेकिन धनुष का फोन स्विच ऑफ आ रहा था।
वहां सभी हैरान परेशान से बैठे थे, एक पुलिस गर्मी ने धीरे से राजा साहब के कान में गुनगुना दिया कि जैसे ही यह मीडिया कर्मी यहां से जाते हैं। हम हर्ष को आपके साथ जाने की इजाजत दे देंगे।
हालांकि राजा अच्छे से जानता था कि हर्ष बेगुनाह है, बावजूद दुनिया के सामने जिस तरीके से हर्ष की बात आई थी उसके बाद हर्ष को बिना किसी ठोस सबूत के वहां से निकाल कर ले जाना राजा को भी अजीब लग रहा था। लेकिन हर्ष का वहां बिना किसी गुनाह के बैठे रहना भी उसका दिल कचोटे दे रहा था…।

इतनी सब परेशानियों के बीच निरमा और बांसुरी भी पुलिस थाने पहुंच गई। उन दोनों को वहां देखते ही राजा ने तुरंत बांसुरी को देखा और इशारे से ही उसे यहां क्यों आई हो का सवाल कर दिया। बांसुरी ने धीरे से निरमा की तरफ देखकर इशारा कर दिया ।निरमा लगातार रो रही थी। उस जैसी मजबूत किरदार वाली औरत का इस तरह बिसुरना राजा और बांसुरी दोनों को अंदर से हिला गया था।
अब उन सभी को यही डर लग रहा था की मीठी कहां गायब हो गई है। और इन सबसे ज्यादा जो डरा हुआ था वह हर्ष था। वह अंदर बैठे-बैठे भी बस यही हिसाब किताब लग रहा था कि मीठी कहां हो सकती है?
बाहर की बातचीत उसके भी कानों में पड़ रही थी। और उसे समझ में आ गया था कि धनुष का फोन बंद आ रहा है। उसे इतना तो समझ में आ गया था कि धनुष हो ना हो मीठी के पास पहुंच चुका है। बस कोई ऐसा चमत्कार हो कि धनुष और मीठी यहां आ जाए। उसे अपनी चिंता नहीं थी, बस उसे इस बात की चिंता थी की मीठी जहां हो, सही सलामत हो। उसके साथ कुछ गलत ना हुआ हो…

वक्त बीतता जा रहा था, किसी के मन में करार नहीं था। महल में बैठी रूपा भी कब तक अपने आप को समझा पाती वह और युवराज भी पुलिस थाने ही चले आए।

एक तरह से पूरा महल थाने में मौजूद था। सब किस बात के इंतजार में थे कोई नहीं जानता था। पुलिस वालों ने महल वासीयों के सामने हाथ जोड़ दिए कि आप लोग यहां से जाइए और हमें अपना काम करने दीजिए। जैसे ही कोई भी सबूत मिलता है  हम हर्षवर्धन को छोड़ देंगे। पर इस वक्त आप सबका यहां से जाना ही ठीक रहेगा। जैसे तैसे सबको समझा कर पुलिस वालों ने भेजने के लिए मना लिया..
पुलिस वालों की मुश्किल देखते हुए राजा ही सबसे पहले अपनी जगह से खड़ा हुआ।
क उसने युवराज भैया के सामने हाथ जोड़ दिए। रूपा उसे देखकर वापस रोने लगी -“आखिर मेरे बेटे को नहीं छुड़ा पाए ना कुमार..।”

“भाभी साहब विश्वास रखिए, हर्ष बेगुनाह है। और उसे मैं सजा नहीं होने दूंगा।”

” अगर वह रात भर भी थाने में रह गया तो भी हमसे सहन नहीं होगा। अरे वह लड़का आज तक जमीन पर बैठा नहीं है। और यहां रात भर उसे सिर्फ कुर्सी में बैठा कर छोड़ दिया जाएगा। तुम समझते क्यों नहीं हो कुमार, हम कैसे महल में रह पाएंगे? कैसे खा पाएंगे? कैसे सो पाएंगे ?हम क्या, तुम खुद चैन से रह पाओगे..?”

” रानी मां अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है।” धनुष की आवाज सुनाई देते ही सारे लोग पलट कर देखने लगे। शौर्य भाग कर धनुष के पास पहुंच गया शोवन भी धनुष के पास पहुंचा और उसके बालों पर हाथ फेर के उसके चेहरे को ध्यान से देखने लगा ।

“तुम थे कहां धनुष कितना कॉल लगाया है तुम्हें? तुम्हारा फोन बंद आ रहा था ।”

“आप सबको सारी बातें बताता हूं, दो मिनट रुकिए ।”

धनुष एक तरफ को हटा और उसके पीछे से मीठी सबके सामने चली आई…

क्रमशः

aparna..

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Abhishek kr singh
Abhishek kr singh
1 year ago

अब कुमार बाबू क्या कर सकते हैं भाभी सा, आपका लड़का है तो बेगुनाह लेकिन एक लेडी ने अपनी इज़्ज़त की दुहाई दी, एक लड़की की इज़्ज़त के साथ खिलवाड़ का उस पर आरोप लगा है, उसे गायब करने का भी आरोप लगा है, कुमार खुद ही पचड़े में फंस चुका है, लेकिन वह बेगुनाह था उम्मीद के अनुसार हर्ष भी छूट जाएगा क्यूंकि वह भी बेगुनाह है, नाईस पार्ट दीदी q💐👍🙏

Manu verma
Manu verma
2 years ago

उफ्फ्फ ये राजनीति वालों के षड्यंत्र 🤦‍♀️, किस हद तक गुजर जाते है अपोजिट पार्टी क़ो निचा दिखाने के लिए।और ये प्रियदर्शनी का परिवार भी कैसा है, कैसे तेवर बदल गए उन लोगों के।

निरमा की हालत देखकर बहुत दुख हो रहा 😔मीठी भी कैसी होगी, धनुष ने ढूंढ तो लिए पर शायद अब वो खुद किसी मुसीबत में फंस गया है,तभी तो उसका फोन बंद आ रहा।
रियाल का लगेज़ चैक हो तो शायद कुछ पता चले।
देखते है अगले भाग में क्या होता है,.. इंतज़ार रहेगा अगले भाग का 🙏🏻।