जीवनसाथी -3 भाग -65

“जी हाँ दोस्तों… आप देख रहे है.. आधी हकीकत आधा फ़साना का वो स्टिंग ऑपेरशन जहाँ इस बार मैंने पर्दाफाश किया है महलों के राजा जी का…
आइये आपको बताती हूँ मै सारी हकीकत..
बने रहिये आपकी अपनी वानी के साथ…
रियाल के ठीक पीछे खड़े हर्ष और धनुष आंखें फाङे रियाल को देख और सुन रहे थे। अब तक उन दोनों को कुछ भी समझ में नहीं आया था, धनुष रियाल की तरफ बढ़ने को था कि रियाल ने अपना एक हाथ पीछे कर उसे वहीं खड़े रहने का इशारा कर दिया। अपने मोबाइल पर अपना परिचय देने के बाद उसने वीडियो स्टॉप किया, और हर्ष और धनुष की तरफ मुंह करके खड़ी हो गई इतनी देर में शौर्य कली और यश भी मीठी के उस कमरे में चले आए थे…
” हेलो फ्रेंड्स अच्छा हुआ सारे ही रॉयल बॉयज और मिस लंदन,आप सब के सब चले आए। वैसे मैं जो सच्चाई बताने जाने वाली हूं उसे सुनने के बाद तुम सब मुझे अपनी फ्रेंड तो नहीं मानोगे।
सो मिस्टर हर्ष मेरा असली नाम रियाल नहीं है। और ना ही मैं मीठी की कोई लेस्बियन पार्टनर हूं।
जानती हूं तुम आज तक यही सोचते आए थे ना, लेकिन सच्चाई इससे बहुत अलग है..।
मेरे फादर का नाम जानते हो क्या है?
कम ऑन!! मिस्टर गोल्डन स्पून!!
मिस्टर हर्षवर्धन सिंह बुंदेला, आप तो बहुत ज्यादा सुपरस्टार किड हो ना, आपको तो सब कुछ पता होता है। आप इस महल के एक परफेक्ट प्रिंस है, ब्रिलिएंट शार्प माइंडेड हैंडसम मोस्ट एलिजिबल बैचलर हैं। लेकिन मैं तुम्हें बता दूं कि तुम्हारा यह सारा जादू मुझ पर नहीं चलने वाला।
जानते हो मैं किसकी बेटी हूं…
सनंत कस्तूरिया की!!
वही सनंत कस्तूरिया जिसे राजा अजातशत्रु सिंह और मिस्टर समर सिंह ने जेल करवा दी थी और वह भी बिना किसी गलती के।
तुम्हारे काका साहब जिनके तुम अंधभक्त हो, वह असल में क्या है, यह सच्चाई दिखाई थी मेरे पापा ने। और तुम्हारे काका और उनके मंत्री द ग्रेट समर सिंह ने मिलकर मेरी मॉम की हत्या करवाई। मेरी मॉम का मर्डर करने के बाद वह सारा इल्ज़ाम मेरे पापा पर लगवा दिया और उन्हें जेल भेज दिया।
मैं अकेली रह गई थी, सिर्फ 2 साल की थी मैं।
तुमसे में से कोई सोच भी नहीं सकता कि इतनी छोटी उम्र की बच्ची पर क्या बीतती होगी जब उसके माता-पिता का साया उसके सर से हट जाता है। मुझे तो उस समय कुछ मालूम ही नहीं चला, लेकिन जब मैं 10 साल की हुई तब लोगों से सारी बातें सुन ली, और सब कुछ पता चल गया।
लोग किरदार का नाम सुनने के बाद उसके कारनामे अपने हिसाब से रचते हैं। मुझे भी लोगों ने अपने तरीके से अलग-अलग किसे सुनाए, कुछ लोगों ने राजा साहब की तारीफ की। कुछ लोगों ने मंत्री जी की तारीफ की। लेकिन मेरे पिता की तरफ से बोलने वाला सिर्फ एक शख्स था, उसी ने मुझे सारी सच्चाई बताई।
और सच कहूं तो पत्रकारिता में आने का एक मात्र लक्ष्य यही था कि मुझे तुम्हारे काका साहब और उनके मंत्री जी को ठिकाने लगाना था। लेकिन इतनी आसानी से अगर उन्हें ठिकाने लगा दिया तो फिर मजा क्या है मेरे मिस्टर गोल्डन स्पून।
इसलिए तुम्हारे काका साहब के मंत्रिमंडल को, उनकी पद प्रतिष्ठा को हिला देने के लिए मैंने यह सारा स्वांग रचा।
तुमने जो जो डायलॉग मारे हैं, मेरी गर्दन को दबोच कर , उन सबको मैंने लाइव टेलीकास्ट कर दिया है, मिस्टर हर्षवर्धन सिंह बुंदेला।
और अब आप हिंदुस्तान की करोड़ो यूथ के मोबाइल पर वायरल हो रहे हैं।
यकिन नहीं आता ना, खोलिये अपना अपना मोबाइल और देखिए मेरा चैनल आप कितने ट्रेडिंग हो रखे हैं छोटे राजा साहब…।
रियाल की यह सारी बातें सुनते ही उन सबके होश उड़ गए। धनुष तुरंत रियाल की तरफ बढ़ने को था कि रियाल ने अपना एक हाथ आगे करके उसे दूर खड़ा रहने का इशारा कर दिया।
” मंत्री जी के क्लोन मिस्टर धनुष, तुम तो पीछे ही रहो। तुमसे भी मेरा पुराना हिसाब है चुकाने का..।
अब तुम सबके दिमाग में एक बात चल रही होगी कि जब मुझे राजा साहब से बदला लेना था, तो मैंने उनके बेटे को क्यों नहीं फंसाया? इसका भी बड़ा आसान सा जवाब है।
क्योंकि आजकल पॉलिटिक्स और मीडिया में यह बहुत आम बात हो गई है। जिस राजनेता को नीचा दिखाना हो उसके बेटे का स्टिंग ऑपरेशन कर दो। अगर मैं शौर्य का स्टिंग ऑपरेशन करती तो इस बात पर लोग आसानी से विश्वास नहीं करते। उन्हें सनंत कस्तूरिया वाला केस याद आ जाता, और एक बार फिर राजा साहब का केस ठंडे बस्ते में चला जाता।
इसलिए मैंने हर्ष को टारगेट बनाया। वैसे भी हर्ष अपने काका साहब की ही प्रतिमूर्ति है। हर्ष का नाम खराब होना, उसके लाडले काका साहब कभी सहन नहीं कर पाएंगे।
कहीं ऐसा ना हो कि राजा जी को आपका यह वीडियो देखकर हार्ट अटैक आ गया हो, और कहां तो सगाई की तैयारी चल रही थी और कहां राजा जी के जनाजे के उठने की शुरुआत हो रही हो। “
रियाल अपना वाक्य पूरा भी नहीं कर पाई थी कि हर्ष ने एक जोर का तमाचा उसके चेहरे पर रसीद कर दिया। सारे लोग स्तब्ध खड़े थे। अब तक किसी को समझ में नहीं आया था कि रियाल ने यह सारा जो कांड किया है इससे कैसे निपटा जाए, और इस वक्त दरवाजे पर दस्तक देते हुए घर के सहायक चले आए…
” कुंवर सा, नीचे दीवान खाने में रानी मां आप सबको बुला रही है तुरंत..।”
यश ने अपने माथे पर हाथ मार लिया।
” हो गया कबाड़ा, इनका वायरल किया वीडियो महल के मोबाइल तब भी पहुंच चुका है..।”
“आगे आगे देखते जाओ छोटे राजकुमार, सिर्फ तुम्हारे महल के मोबाइल तक नहीं मेरा वायरल किया वीडियो जल्दी ही तुम्हारे काका साहब के सदन तक भी पहुंच जाएगा। दूसरी बात मुझे मारने या नुकसान पहुंचाने की सोचना भी मत। उस वीडियो के शुरू में ही मैंने यह डिस्क्लेमर दे दिया है कि अगर इस वीडियो के बाद मैं अचानक गायब हो जाती हूं या आप लोगों को नजर नहीं आता हूं तो 24 घंटे के भीतर हर्षवर्धन सिंह बुंदेला को पुलिस अरेस्ट कर लिया जाए। क्योंकि मेरे गायब होने या मेरे मारे जाने के पीछे यही शख्स हो सकता है। इसके साथ ही दूसरा नाम धनुष का भी बोला है मैंने…।”
जाओ जाओ रॉयल बॉयज जाकर निपटो अब इस फजीहत से। कल तो बड़े-बड़े झूठ बोलकर अपने भाई की शादी स्थगित करवा रहे थे ना, आज देखती हूं क्या कर पाते हो..!”
हर्ष के साथ वह सारे ही लोग रियाल को घूरते हुए नीचे चले गए। उन सबके जाते ही रियाल ने अपना बैग निकाला और अपना सामान बैग में डालने लगी। सामान ठूंस कर उसने जिप लगाई, और जैसे ही मुड़कर दरवाजे पर पहुंची, दरवाजे पर खड़े धनुष ने दरवाजा खींचकर बाहर की तरफ बंद कर लिया।
वह अंदर से दरवाजे पर जोर-जोर से थाप देने लगी।
” मुझे अंदर बंद करने से तुम्हारा कोई फायदा नहीं होने वाला है मिस्टर धनुष। क्योंकि आप सभी का यह वीडियो ऑनएयर हो चुका है, और बहुत वायरल भी हो रहा है। इसलिए मुझे यहां बंद करके रखने से तुम्हारा कोई फायदा नहीं होगा…।”
” तुम्हें यहां बंद करके रखने का मुझे कोई शौक नहीं है, बस तुम यह बता दो कि मीठी कहां है? मैं तुरंत दरवाजा खोल दूंगा..।”
“मैंने तो सुना था तुम्हारा दिमाग चाचा चौधरी की तरह चलता है। तो चाचा जी अपना चौधरी वाला दिमाग चलाइए, और अपनी होने वाली भाभी को ढूंढ निकालिए, वरना मैं तो हूं ही..।”
“मतलब कहना क्या चाहती हो..?”
“कहना यह चाहती हूं कि अपनी भाभी को ढूंढ सको तो ढूंढ लो, वरना दस मिनट बाद अगली वीडियो में तुम्हें तुम्हारी भाभी नजर आ जाएगी। ठीक है अब शांति से ही दरवाजा खोल दो..।”
“अब दस मिनट बाद तुम भाभी को वीडियो में दिखा दो, उसके बाद ही दरवाजा खुलेगा..।”
धनुष ने बाहर खड़ी सहायिका को दरवाजा न खोलने को कहा और तेजी से चलते हुए महल के दीवान खान की तरफ बढ़ गया…
वहाँ पर कोहराम मचा हुआ था..
टीवी पर हर एक चैनल में एक विडिओ बार बार दिखाया जा रहा था। जिसमे हर्ष के चेहरे को ज़रा सा हेज़ी कर दिखाया जा रहा था, जिसमे हर्ष बड़ी बेदर्दी से एक लड़की का गला दबाते हुए उसे धमका रहा था..।
वीडियो अलग अलग छोटी छोटी क्लिप्स को जोड़ कर बनाया गया था, जिसमें रॉयल परिवार की पिछले रात की पार्टी के कुछ हिस्सों को भी शामिल किया गया था। एक तस्वीर में हर्ष और प्रियदर्शनी साथ खड़े मुस्कुरा रहे थे हालांकि उन दोनों के चेहरे को भी ब्लर कर दिया गया था। इसके अलावा महल के राजसी लोग भी अलग-अलग जगह नजर आ रहे थे। सभी के चेहरों को धुंधला जरूर किया गया था, लेकिन उन्हें जानने पहचानने वाले बड़े आराम से उन सबको पहचान सकते थे। क्योंकि नीचे राजा अजातशत्रु सिंह बुंदेला का नाम बार-बार उपयोग में लाया जा रहा था। खबर यही थी कि “राज परिवार की नई पीढ़ी- नशे और लड़कियों की गिरफ्त में”
इस टैगलाइन के साथ बार-बार हर्ष का रियाल के गले को दबाना दिखाया जा रहा था। इसके साथ ही हर्ष की आवाज में कुछ रिकॉर्डिंग थी, जिसे भी अलग से सुनाया जा रहा था। लेकिन टीवी में चलने के कारण वह रिकॉर्डिंग बहुत ज्यादा स्पष्ट नहीं थी जो भी टूटा फूटा सुनाई दे रहा था उसके अनुसार हर्ष उस लड़की को किसी बात पर डरा धमका रहा था..।
इस बात को टीवी चैनल वालों ने तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत किया था..
उनके अनुसार हर्ष उस लड़की से अपने साथ हमबिस्तर होने की बात कह रहा था जिसे वो लड़की ठुकरा रही थी, इसलिए हर्ष उसे डरा रहा था..।
बात को कैसे तोड़ मरोड़ कर मीडिया वाले प्रस्तुत करते हैं ,इसका ताज़ा ताज़ा उदाहरण सबको अपनी आँखों के सामने देखने मिल गया था..।
और इसके साथ ही स्क्रीन पर एक तरफ मीठी की भी धुंधली की हुई तस्वीर दिखने लगी..।
रातों-रात महल के राजकुमारों ने अपनी अय्याशी के बाद अपने ही जान पहचान वाली लड़की को किया गायब। आखिर कहां है मीठी चंदेल? और क्यों महल के राजकुमार उसके बारे में कुछ भी बता नहीं रहे हैं..।
क्या राजा अजातशत्रु सिंह बुंदेला की बनाई हुई छवि बिल्कुल ही निराधार है?
क्या राजा साहब के बाद वाली पीढ़ी उनके नाम को इसी तरह खराब करने पर लगी हुई है? क्या हर्षवर्धन सिंह बुंदेला अगला कैसानोवा साबित होने वाला है?
एक ऐसा लेडी किलर जो अपनी शक्ल सूरत और भोली बातों से पहले लड़कियों को बहलाता है, और उसके बाद अपना मतलब निकल जाने के बाद अगर लड़की उसके खिलाफ आवाज उठाये, तो उसे गायब कर देता है। इन्हीं सब मुश्किलों से जूझकर हर्षवर्धन से लड़कर स्टिंग ऑपरेशन करके उसकी सच्चाई को सामने लाने वाली है वानी..।
कल हम आपको ले चलेंगे वानी के साथ एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू शेड्यूल पर, तब तक बने रहिए हमारे चैनल के साथ…।
हर एक चैनल की सुर्खियों में हर्षवर्धन छाया हुआ था। और वह भी ऐसे जैसे उससे बड़ा लड़की बाज इस दुनिया में कोई नहीं था। रूपा अपने सर पर हाथ दिए बैठी थी महल में हर किसी का वही हाल था। उसी समय बांसुरी का फोन आने लगा लेकिन रूपा ने फोन नहीं उठाया। बांसुरी ने शौर्य के में फोन कर लिया। शौर्य फोन उठा एक तरफ निकल गया, और उसने बांसुरी को सारी बातें बता दी। बांसुरी ने उसे विश्वास दिलाया कि वह और राजा साहब वापसी के रास्ते पर है। और जल्दी ही घर पहुंच जाएंगे।
लेकिन उनके पहुंचने से पहले पुलिस महल में पहुंच चुकी थी। हालांकि वहां की पुलिस भी राजा साहब और उनके पूरे परिवार को बहुत ज्यादा सम्मान देती थी, लेकिन प्रोटोकॉल को मानना भी जरूरी था। इन सारी खबरों के साथ अगर मीठी की गुमशुदगी की खबर न्यूज़ में नहीं आई होती तो शायद पुलिस भी इस तरह चपलता से महल में नहीं आ पाती, लेकिन मीठी की गुमशुदगी की खबर ने पूरे मीडिया चैनल में खलबली मचा दी थी। और यह सिर्फ एक लड़की के गायब होने की खबर नहीं थी, बल्कि यह माननीय मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़ी खबर थी।
मुख्यमंत्री जी के भतीजे के कारण उसी की बचपन की दोस्त महल से गायब हो गई थी। और मुख्यमंत्री के भतीजे पर यह आरोप लगा था कि उसने बलात्कार करने के बाद अपनी उस दोस्त को गायब कर दिया था। अब उस दोस्त का क्या हुआ, इसकी तस्दीक बाकी थी, और इसीलिए पुलिस महल में हर्षवर्धन को गिरफ्तार करने पहुंच चुकी थी..।
इन सब बातों से अलग धनुष का दिमाग दूसरी तरफ ही चल रहा था। उसके दिमाग में बस यही बात चल रही थी कि रियाल ने यह क्यों कहा कि अगर वह दस मिनट में मीठी को नहीं खोज पाया तो वह दस मिनट बाद मीठी को कैमरा में दिखाने लगेगी, इसका मतलब मीठी रियाल के आसपास ही है।
और अगर कमरे में बंद होने के बावजूद रियाल इतने आत्मविश्वास के साथ कह सकती है कि वह मीठी को कैमरा पर दिखाएगी, इसका मतलब मीठी उस कमरे में ही मौजूद है।
महल में बहुत से कमरे ऐसे थे, जहां कई सारे छिपे दरवाजे भी बनाए गए थे। मेहमानो के लिए बनाया यह विशेष कमरा भी उन कमरों में से एक था। धनुष तुरंत उस कमरे के बगल वाले कमरे में दाखिल हो गया। वहां घुसने के बाद उसने उस कमरे की बालकनी में जाने के बाद बालकनी से लगी दीवार पर टंगी हुई बड़ी सी पेंटिंग हटाई, और वहां बने एक छोटे से छेद में अपनी जेब से चाबी निकाल कर लगा दी। वह चाबी लगाते ही बालकनी की वह दीवार अपने आप एक तरफ सरक गई। और धनुष बगल वाले कमरे के अंदर दाखिल हो गया।
मीठी को रहने के लिए जो कमरा दिया गया था, उसमें सामने एक बड़े हॉल के साथ लगकर एक शयन कक्ष था। और शयनकक्ष में ही बाथरूम बना हुआ था। बाथरूम से लगकर एक बड़ा सा ड्रेसिंग एरिया था, जहां वॉक इन वार्डरोब था..
वहां बने ढेर सारे वार्डरोब में एक ऐसा था, जो बाहर से वार्डरोब दिखता था, लेकिन वह उस कमरे में घुसने का दरवाजा था।
इस दरवाजे से धनुष उस हिस्से में दाखिल हो गया। वहां घुसते ही उसका दिमाग तेजी से काम करने लगा। और उसने एक-एक कर सारी अलमारी के दरवाजे खोल लिए। वह सब खोल कर जाँचने के बाद अंदर के कमरे की तरफ बढ़ने को था कि उसका ध्यान लॉन्ड्री के लिए रखे जाने वाले कपड़ों के लिए बनाए गए बड़े से बैग पर चला गया।
उसने उस बैग को खोला, काले रंग के कपड़े से लिपटा उसे कुछ दिखाई दिया। ऊपर रस्सी बंधी हुई थी। उसने उस रस्सी को खोल दिया। अंदर मीठी बेहोश पड़ी हुई थी, मीठी को देखते ही धनुष के चेहरे पर राहत चली आई…।
धनुष मीठी को वहां से निकालने ही वाला था कि, धनुष का फोन बजने लगा। धनुष अपना फोन अक्सर साइलेंट रखा करता था। उसने फोन उठाया फोन शौर्य का था..
“कहाँ हो तुम धनुष ?”
“क्या हुआ शौर्य ?”
” पुलिस आई है और यह लोग हर्ष भाई को लेकर जा रहे हैं..।”
“क्यों क्या हुआ ? रोको उन्हेँ.. मै तुरंत पहुँच रहा हूँ.. !”
धनुष आगे कुछ कह पाता, उसके पहले ही कमरे का दरवाजा खोलकर रियाल वहां चली आई, और उसी वक्त शौर्य का फोन एक पुलिस वाले ने उसके हाथ से ले लिया।
” सर बहुत विनम्रता से आपसे निवेदन कर रहा हूं कि इस वक्त हमारे किसी काम में आप लोग हस्तक्षेप ना करे। हम सभी राजा साहब की बहुत इज्जत करते हैं। और इसलिए उनके परिवार को भी मान सम्मान देते हैं। आप सब से भी इस सम्मान की अपेक्षा रखते हैं। हम सब भी जानते हैं कि राजा साहब के परिवार में ऐसा होना असंभव है, लेकिन क्योंकि ऐसा इल्ज़ाम लगा है इसलिए हमें अपने नियम का पालन करने दीजिए। कृपया इस वक्त किसी भी नेता मंत्री से फोन करवा के हमारे काम में विघ्न डालने की कोशिश मत कीजिए।”
इतना कहकर पुलिस वाले ने शौर्य का फोन स्विच ऑफ किया । और वही एक सोफे में रखने के बाद हर्ष को साथ लिए वह लोग बाहर निकल गये।
हर्ष के वहां से जाते ही शौर्य और यश भी उसके पीछे-पीछे तेजी से अपनी गाड़ियों में पुलिस स्टेशन के लिए निकल गये..
क्रमशः
aparna…

रियाल तो है ही नहीं वह तो संतूर को बेटी निकली जिसकी वाणी बहुत खराब है पर हर्ष को जेल हो गया कैसे निकलेगा वह बाहर और भरोसे के नाम पर फिर पीठ में छुरा घोंपा गया है, क्या निर्णय लेगा परिवार, कली का भी एक अतीत है वह भी महल में है, राजा क्या फैसला लेगा पढूंगा कल के अगले भाग में, नाईस पार्ट दीदी 👍💐🙏
मीठी कहाँ गई 🤔अरे बाप रे ये रियाल तो हद से ज्यादा कमीनी निकली और ये क्या 🤔ये है कौन जो महल में घुसकर महल बासियों पर गलत इल्जाम लगा रही, ऐसा लग रहा इसे किसी नेझूठी रिपोर्ट तैयार करने के पैसे दिए है पर ये जानती नहीं समर और धनुष क़ो, ये भी बाल की खाल निकालने वाले है। पर मीठी कहाँ है 🤔😔उसे ढूंढो yaar जल्दी से।
देखते है आगे क्या होता, बहुत खूबसूरत भाग 👌👌👌🙏🏻।
दिमाग के साथ साथ सारा महल हिला दिया था इस बेवकूफ और धोखेबाज लड़की ने 😡😡😡😡😡
पर वो भूल गई है की उसका पाल राजा अजात शत्रु 😎😎😎😎😎😎😎😎और उसकी फैमिली से पड़ा है वो कुछ भी करके सच्चाई सामने ले ही आएंगे फिर इस लड़की का क्या होगा यह तो भगवान ही जाने पर राजा अ जात शत्रु तो इतने दयालु है कि अपने दुश्मनों पर भी दया करने से नहीं चूकते😊😊😊😊😊😊😊
दिमाग के साथ साथ सारा महल हिला दिया था इस बेवकूफ और धोखेबाज लड़की ने 😡😡😡😡😡
पर वो भूल गई है की उसका पाल राजा राजा शत्रु 😎😎😎😎😎😎😎😎और उसकी फैमिली से पड़ा है वो कुछ भी करके सच्चाई सामने ले ही आएंगे फिर इस लड़की का क्या होगा यह तो भगवान ही जाने पर राजा जा शत्रु तो इतने दयालु है कि अपने दुश्मनों पर भी दया करने से नहीं चूकते😊😊😊😊😊😊😊