जीवनसाथी -3 भाग 5

शौर्य ने विराट से फ़ोन में बात कर के फ़ोन रखा और सामने देखा तो हर्ष के चेहरें पर मुस्कान थी..
हर्ष खुद भी चाहता था की शौर्य उसमें भाग लेने जायें, लेकिन शौर्य को मनाना मुश्किल था अब भी शौर्य ने अपने चाचू का मान रखने के लिए हाँ तो बोल दिया था लेकिन अब भी जब तक वो लंदन की फ्लाइट में नहीं बैठ जाता तब तक उसके जाने में संदेह ही था..
उन सभी लोगों का खाना पीना हो चुका था.. सारे लोग अब बातों में मग्न थे कि तभी मीरा ने एक बार फिर शौर्य को कोहनी मारी।
शौर्य ने उसकी तरफ देखा और हां में सिर हिला दिया। उन दोनों के ठीक सामने बैठी मीठी का ध्यान मीरा पर ही था। जाने क्यों लेकिन मीठी को मीरा इतनी पसंद नहीं आ रही थी। शौर्य ने धीरे से गला साफ किया और हर्ष की तरफ देखने लगा..
” हर्ष भाई आपसे एक रिक्वेस्ट करनी थी..!”
अपने मुंह में खाने का एक टुकड़ा डालते हुए हर्ष ने शौर्य की तरफ देखा और उसे इशारे से बोलने को कहा..
“बोलो शौर्य !”
“भाई वह आपको एक मॉडल की जरूरत थी ना..!”
“हम्म… !”
“भाई.. ये मीरा कैसी रहेगी.. ?”
शौर्य को बातों को घुमा फिरा कर कहना नहीं आता था, बिना किसी लाग लपेट के उसने मीरा का नाम ले लिया। और जैसे ही उसने मीरा का नाम लिया, हर्ष ने तुरंत मीरा की तरफ देखा।
मीरा हर्ष को देखते ही अपनी जगह पर खड़ी हो गई, और जरा इधर उधर हो कर अपने आप को जरा सलीके से हर्ष को दिखाने लगी।
मीठी को यह सब देखकर हंसी आ गई, उसने बड़ी मुश्किल से अपनी हंसी रोक ली, लेकिन वहीं बैठी परी हंसने लगी..
” कम ऑन मीरा! ऐसे अपने आप को प्रेजेंट करने की जरूरत नहीं है ! हर्ष भाई की आंखें हैं, वह तुम्हें देखकर समझ जाएंगे कि तुम मॉडल बन सकती हो या नहीं!”
परी से रहा नहीं गया और उसने मीरा को टोक ही दिया। उसके ऐसा कहने पर मीरा ने एक नजर परी को देखा और अपनी जगह पर बैठकर बड़ी हसरत भरी नजरों से हर्ष की तरफ देखने लगी..
हर्ष दिखने में बहुत खूबसूरत था, लेकिन उतना ही धीर गंभीर भी था। उसे झूठ और बेईमानी पसंद नहीं थी, और न जाने उसकी आंखों में ऐसा क्या था कि वह सामने वाले से पहली बार मिलकर ही उसके अंदर तक झांक कर देख लेता था..
मीरा हर्ष से शौर्य के साथ मिलने आई थी और शायद इसीलिए उसे शौर्य की गर्लफ्रेंड के रूप में मिलने के कारण हर्ष ने इतनी गहराई से मीरा को देखा नहीं..।
” क्या हुआ हर्ष सर, आपने कोई जवाब नहीं दिया..?”
” अपने दो फोटोस और रिज्यूमे मेरे ऑफिस में भिजवा देना। कल और भी मॉडल्स का स्क्रीन टेस्ट होना है। उसके बाद मैं अपने डायरेक्टर से भी एक बार बात कर लूंगा, उसके बाद तुम्हें बता दूंगा..! मीठी इनकी डिटेल्स लेकर रख लेना.. !”
हर्ष की बात सुनकर मीठी ने हामी भर दी..
मीरा ने शौर्य की तरफ देखा और शौर्य उसे देख कर मुस्कुरा उठा।
शौर्य को लगा उसने मीरा की मुलाकात हर्ष से करवा दी, और बस उस का काम हो गया।
लेकिन मीरा हर्ष की बात सुनकर खुश नहीं हुई। उसे लगा अगले दिन और भी लड़कियां अगर स्क्रीन टेस्ट के लिए आएंगी तो हो सकता है उनमें से कोई और सेलेक्ट हो जाए..।
मीरा चाहती थी कि शौर्य उसे यह असाइनमेंट दिलवा दे, वह सिर्फ स्क्रीन टेस्ट तक पहुंच कर रुक जाना नहीं चाहती थी..।
” ठीक है तो कल मैं भी स्क्रीन टेस्ट के लिए आ जाती हूं..!”
मीरा ने अपनी तरफ से एक आखरी प्रयास किया, उसे लगा उसके ऐसा पूछने पर हो सकता है हर्ष कह दे कि उसे स्क्रीन टेस्ट की जरूरत नहीं है, और उसे चुन लिया गया है ।
लेकिन हर्ष ने ऐसा कुछ नहीं कहा और बस हां में अपनी गर्दन हिला दी..!
मीरा गुमसुम सी बैठ गई। शौर्य यश परी और मीठी से बातों में लग गया…
उसी वक्त शोवन भी फोन पर अपनी बात खत्म कर वहां चला आया..
कुछ देर पहले ही उसकी माॅमी का फोन आया था, और इसलिए वह अपना फोन लिए उस होहल्ले से बाहर निकल गया था..
वो जैसे ही वहां आकर बैठा, यश तुरंत उसे छेड़ने लगा..
” माॅमी का फोन रहा होगा ना..?”
शोवन ने मुस्कुराकर हां में गर्दन हिला दी..
” वह तो पक्का बोल रही होंगी रात के 10 बज गए हैं शोवी बेबी तुम्हारा सोने का समय हो गया है, घर आओ अपना दूध पियो और चुपचाप सो जाओ..!”
परी वापस शोवन को छेड़ने लगी..
“परी…. !”
हर्ष ने परी को टोका और परी वापस खिलखिला कर हंसने लगी…
“आई एम सॉरी शोभा !”
परी और यश शोवन को अक्सर शोभा या इसी तरह के उटपटांग नामों से चिढ़ाया करते थे..
“शोभा नहीं चमक.. हमारा शोवन नहाता भी तो हार्पिक से है, तभी तो इसकी त्वचा ऐसे सफेद चमकती है.. जैसे……
“जैसे टॉयलेट सीट… !” यश की बात को पूरा कर वापस परी हंसने लगी..
“इनफ परी एन्ड यश !” अबकी बार मीठी ने टोक दिया और परी ने गंभीर चेहरा बना कर कान पकड़ लिए..
” जाओ जाओ शोवन बेबी तुम्हारा स्लीपिंग टाइम ऑन हो गया है.. जाओ जाकर सो जाओ, वरना सुबह उठ नहीं पाओगे… यू आर वेरी गुड बेबी ना..!”
शोवन के चेहरे पर हल्की सी उदासी आ गई, उसने परी की तरफ बिना देखे ही नीचे देखते हुए अपनी बात कहनी शुरू कर दी..
” फोन माॅमी का ही था, लेकिन वह यह नहीं कह रही थी कि जल्दी आ जाओ। बल्कि मैंने जैसे ही कहा कि लेट हो रहा है, मैं आता हूं।
तो उन्होंने कहा कोई जरूरत नहीं है, जब तक तुम्हारे दोस्त पार्टी कर रहे हैं तब तक तुम भी पार्टी अटेंड करो। और उसके बाद वापस आना, मैं तुम्हारा इंतजार करती रहूंगी..!”
“ओह्ह माय गाॅड। क्या हो गया है डॉक्टर साहिबा को.. इतनी नर्मदिल कैसे हो गयीं वो ? उनकी घड़ी ख़राब हो गयी या.. ।”
जैसे ही परी ने पिया को लेकर परिहास करना शुरू किया शोवन ने गुस्से में परी की तरफ देखा और अपनी जगह पर खड़ा हो गया…
“मैं जा रहा हूँ हर्ष..! वैसे भी मुझे ये लेट नाइट पार्टीज़ पसंद नहीं.. !”
शोवन उठकर जाने को था कि हर्ष ने उसका हाथ पकड़कर उसे रोक लिया..
” पहली बार तो पिया मासी ने तुम्हें रुकने की इजाजत दी है, प्लीज रुक जाओ शोवन.. !”
“परी और यश इन दोनों की बातों को एक कान से सुन के दूसरे से निकाल दिया करो!”
मीठी ने कहा और,
मीठी भी हर्ष के साथ खड़ी हो गई और उसने अपने मन की बात कह दी..
” अब यार इसमें मैं कहां से आ गया? मैंने क्या कर दिया? मीठी तू हर चीज में मेरा ही नाम लगा देती है यार। यह सब तो परी का किया धरा है। जिसकी जबान कैंची की तरह चलती है। मैं तो बहुत सोच समझ कर बोलता हूं..!”
” तेरा सोच समझकर बोलना ना, मैं बचपन से झेल रही हूं। इसलिए तू भी ओवर स्मार्ट मत बन.. !”
यह सारे भले ही रॉयल किड्स थे, लेकिन महल में इनकी बोलचाल का तरीका अलग होता था। और महल से बाहर बिल्कुल अलग। इन सभी लोगों को महल की औपचारिक बातें उतनी भाती नहीं थी। और इसलिए आज के बच्चे अपने मन के मालिक थे। यह सभी आधुनिक जरूर थे, लेकिन अपने संस्कारों से कहीं ना कहीं बहुत गहरे जुड़े हुए थे…।
मीठी और हर्ष ने शोवन को मना कर वहां बैठने को मजबूर कर ही दिया। वह सारे लोग एक बार फिर हंसी ठिठोली में लग गए। लेकिन शौर्य के बाजू में बैठी मीरा का मन उस वक्त वहां नहीं लग रहा था।
उसने धीरे से शौर्य को इशारा किया और जाने के लिए पूछने लगी…
शौर्य अब खुद भी अपनी इस मंडली में किसी बाहर वाले का आना पसंद नहीं करता था। उसके लिए उसके बाहर के दोस्तों के साथ की दुनिया अलग थी, और अपने लोगों के साथ की दुनिया अलग।
इसीलिए वह मीरा को कभी इन लोगों से मिलवाने नहीं लाता था। लेकिन आज मीरा ने जिद पकड़ ली थी, इसलिए उसे मीरा को लेकर आना पड़ा। मीरा ने जैसे ही जाने के लिए पूछा शौर्य ने उसे जाने की इजाजत दे दी। मीरा उठ कर जाने को हुई कि हर्ष ने ही शौर्य को टोक दिया..
” रात के 12 बज चुके हैं शौर्य, उसे छोड़ कर आ जाओ अकेली कहां जाएगी वह..?”
हर्ष वाकई उन सबसे निराला था.. उसमें अपने पिता के गुणों के साथ-साथ काका जी के गुणों का भी समावेश था। इसलिए बहुत बार देखने में राजा अजातशत्रु की झलक ही दिखा जाता था।
लेकिन शौर्य पूरी तरह से अपने पिता की प्रतिलिपी ही था…
उसे देख यही आभास होता था कि 20 साल पहले के राजा अजातशत्रु सामने खड़े हैं….।
लेकिन जहां तक गुणों की बात थी शौर्य अपने पिता से थोड़ा अलग था ।
उसका ध्यान इन सब औपचारिक बातों पर जाता ही नहीं था..।
उससे मीरा ने जाने के लिए पूछा, उसने हां कह दिया लेकिन हर्ष की बात सुनकर वह मन मार कर उसे छोड़ने जाने के लिए खड़ा हो गया…
” नहीं, नहीं मैं चली जाऊंगी..!”
” अब हर्ष भाई का आदेश है, तो मुझे तुम्हें छोड़ने जाना ही पड़ेगा…. चलो..!”
वो अपनी जगह पर खड़ा होकर मुड़ गया और मीरा ने उन सब को देख कर धीरे से मुस्कुराते हुए हाथ हिलाया और शौर्य की बाहों में अपनी बाँह डाल दी..
मीरा के ऐसा करने पर शौर्य को अच्छा तो नहीं लगा लेकिन उसने बिना किसी नानुकुर के उसका हाथ थामा और बाहर निकल गया..
शौर्य और मीरा के बाहर आते ही शौर्य के सिक्योरिटी गार्ड उसकी गाड़ी निकाल कर ले आए..
” मैं अकेला ही जाऊंगा मेरे साथ आने की जरूरत नहीं है..!”
गार्ड्स उसकी बात सुनकर हाथ बांधे चुपचाप नीचे देखने लगे। शौर्य उन लोगों को देखकर समझ गया कि उनमें से कोई भी इसकी बात नहीं मानेगा।
उसने एक गहरी सी फूँक छोड़ी और वापस उन लोगों की तरफ देखने लगा..
” हर्ष भाई से बात हो गई है मेरी !
जाओ पूछ कर आओ उनसे, तब तक मैं वेट कर रहा हूं!”
उनमें से एक गार्ड ने दूसरे को पूछ कर आने का इशारा किया और खुद शौर्य के साथ खड़ा रहा। शौर्य ने उसे भी जाने को कहा लेकिन वहां से हिलने को तैयार नहीं था..
” यार ये महल और यहां के यह घटिया कायदे कानून..!” इंसान को 1 मिनट की प्राइवेसी नहीं है..।”
खीझा हुआ सा शौर्य उस गार्ड को घूर रहा था..
” अरे लगता है हर्ष भाई हम सब को बुला रहें हैं.. आओ देखें !”
हर्ष का नाम सुनते ही गार्ड्स भी सतर हो जाया करते थे। जैसे ही इस दूसरे गार्ड ने यह सुना कि हर्ष अंदर से बुला रहा है, यह तुरंत पलटा और अंदर की तरफ बढ़ने लगा उतनी देर में शौर्य ने मीरा को गाड़ी में बैठने का इशारा किया और गाड़ी आगे बढ़ा दी…
गार्ड ने शौर्य को जाते हुए देखा और गर्दन ना में हिला कर अपनी दूसरी गाड़ी निकाल कर शौर्य की गाड़ी के पीछे बढ़ा दी…
” मीरा तुम्हारा घर कहां है? देखो हमारी दोस्ती को 2 हफ्ते हो गए, आज तक मुझे तुम्हारा घर ही नहीं पता..?”
” दो ही हफ्ते हुए हैं शौर्य, और इतने कम समय में कितना मालूम चलेगा..?
वैसे यहां से थोड़ा आगे लेकर लेफ्ट टर्न ले लो.. वही पर जो सोसाइटी है मैं उसी में रहती हूं..!”
“पेरेंट्स के साथ ?”
“नहीं… एक फ्रेंड के साथ.. ! मैं यहां की रहने वाली नहीं हूं। यहां बस अपना कैरियर बनाने आई हूं मॉडलिंग में..! अभी महीना भर ही हुआ है मुझे यहां आए और देखो आते ही तुमसे मुलाकात हो गई। मुझे नहीं पता था कि हम इतने अच्छे और करीबी दोस्त बन जाएंगे..।”
शौर्य मीरा की बातें सुनकर अपने बालों पर हाथ फेरने लगा। सोसाइटी के सामने पहुंच कर उसने अपनी गाड़ी वहीं खड़ी कर दी..
मीरा ने उससे ऊपर चलने के लिए नहीं कहा, शौर्य ने भी साथ जाने की बात नहीं की। मीरा गाड़ी से उतरी और अपनी तरफ के दरवाजे पर दोनों हाथ टेक कर झुक कर खड़ी हो गई। उसने शौर्य की तरफ देखा और उसकी तरफ एक फ्लाइंग किस उड़ा दिया..
” मुझे नहीं पता था कि मेरा बॉयफ्रेंड इतना शाय है, खुद से होकर तो एक किस भी नहीं मांगता..!”
” वी आर जस्ट फ्रेंड्स मीरा..!”
” क्यों…? तुम्हें मैं गर्लफ्रेंड बनाने लायक नहीं लगती..?”
” ऐसी कोई बात नहीं है यार! मेरी नजर में दोस्ती का रिश्ता ज्यादा सहज और सरल होता है, एनीवेज़ कभी दिल किया तो गर्लफ्रेंड भी बना लेंगे..!”
“नहीं… ये नहीं चलेगा.. अगर मैं गर्लफ्रेंड नहीं हूँ तो, आइंदा मिलना भी मत मुझसे.. !”
“अरे ये तो ज़बरदस्ती हुई… !”
“हाँ ऐसी ही हूँ मैं… तुमसे पहली नज़र में प्यार हो गया मुझे, जब मैं ये तक नहीं जानती थी की तुम्हारा नाम क्या है? तुम कौन हो… ?
मैं अपना सब कुछ तुम पर वारने तैयार बैठी हूँ, और तुम हो कि अपनी खूबसूरती के घमंड में खोये हुए हो.. !’
“ऐसी बात नहीं है यार मीरा… !”
उन दोनों को गेट पर बातें करता देख गेट पर बैठा गार्ड उन लोगों के पास चला आया..
” क्या हुआ मैडम कोई दिक्कत है..?”
” नहीं…. यह दोस्त है मेरे, बस हम बातें कर रहे थे..!”
” मैडम बातें करना है तो रजिस्टर में एंट्री करके सर को आप अपने रूम पर ले जाइए..
क्योंकि, यहां आप लोग बातें करेंगे तो सोसाइटी के लोग बातें बनाएंगे, और मुझे सुनाएंगे।
आप समझ सकती है ना इस वक्त इस तरह रोड पर खड़े होकर एक लड़का लड़की बात करें तो आजू-बाजू के लोग बातें बनाने लगता है मैडम.. फिर गेट पर सीसीटीवी कैमरा भी लगा है..!”
“ओके ! आओगे ऊपर ? या नहीं आना मेरे गरीबखाने में !”
शौर्य झुंझला कर गाड़ी से बाहर निकल आया..
उसने अपना एक हाथ आगे बढ़ा कर मीरा को चलने का इशारा किया..-“चलो !”
मीरा उसे साथ लेकर लिफ्ट में दाखिल हो गई।
लिफ्ट के अंदर वह दोनों ही थे।
मीरा ने वापस शौर्य की हथेली थाम ली, लेकिन इस बार शौर्य सतर खड़ा रहा..।
मीरा उसके कंधे से लग कर खड़ी हो गई..और उसकी बाँह पर अपनी उँगलियाँ चलाने लगी, लेकिन शौर्य वैसा ही तटस्थ खड़ा रहा जैसे उसे कोई फर्क नहीं पड़ रहा हो..
पांचवा फ्लोर आने पर लिफ्ट का दरवाजा खुला और शौर्य तुरंत लिफ्ट से बाहर निकल गया।
मीरा उसे साथ लेकर अपने फ्लैट में पहुंच गई। दरवाजे पर लगी बेल बजा कर मीरा मुस्कुराते हुए शौर्य को देख रही थी..
एक लड़की ने जम्हाई लेते हुए दरवाजा खोला और मीरा को देखकर उस पर बरसने लगी..
” मीशा यार आज फिर तू किसी को लेकर चली आई, कितनी बार कहा है ..।”
वह लड़की अपनी बात पूरी कर पाती, उसके पहले ही मीरा ने उसका मुंह बंद किया और उसे लेकर अंदर चली गयी।
पलट कर उसने शौर्य को अंदर आने कहा…
” तुम बैठो शौर्य मैं अभी आई..।”
उस लड़की को अपने साथ किचन में ले जाकर मीरा ने उसके मुंह से अपना हाथ हटाया..
” उस लड़के के सामने फिलहाल कुछ मत बोलना। बिल्कुल चुप रहना। उसके सामने मेरा नाम मीशा नहीं मीरा है..।”
“क्यूँ… ? ये है कौन ?”
“ये मेरा जैकपॉट है… राजाधिराज महामहिम द ग्रेट राजा साहब अजातशत्रु का इकलौता बेटा शौर्य प्रताप सिंह बुंदेला !”
“क्या बात कर रहीं है… ये सीएम का लड़का है ?”
उस लड़की ने रसोई से झांक कर देखा… और उसकी आंखें फ़ैल गयी… वो अपनी आंखें मलती उसे देख रहीं थी..
“यार बंदा तो एकदम किलर है.. मतलब कतई बवाल ! ये लेडी किलर तुझे मिला कहाँ और उससे बड़ी बात ये तुझसे पट कैसे गया.. ?
मैं तो इसे देखकर सोच रही थी कि तूने कहां से ऐसे हॉलीवुड हीरो टाइप लड़के को पटा लिया..!
लेकिन मानना पड़ेगा मीशा…तेरा दिमाग और तेरी किस्मत दोनों को.. !”
मीशा उस लड़की की बात सुन मुस्कुराने लगी…
” इस जैकपॉट की पहली किस्त कल मिलने वाली है मुझे…! बुंदेला के न्यू वेंचर फ़्लोरिस पेरिस के परफ्यूम ब्रांड के एडवर्टाइजमेंट के लिए मॉडल सेलेक्ट की जानी है, और उसके लिए कल मुझे डायरेक्ट स्क्रीनटेस्ट की एंट्री मिल गई है! मुझे तो लगा था यह बंदा मुझे सीधे एडवर्टाइजमेंट दिलवा देगा, लेकिन अब समझ आ रहा है कि अभी थोड़ी मशक्कत और करनी पड़ेगी।
इसका एक खडूस बड़ा भाई भी है, उसे भी पटाना पड़ेगा। खैर वह तो मैं कर लूंगी.. !
फ़िलहाल तू इसके लिए कुछ कॉफ़ी वॉफी बना लें.. !”
“अबे यार कॉफ़ी कहाँ है हमारे पास.. इतनी महंगी चीज़े मैं नहीं खरीदती.. !”
“यार सस्ती निरुपा रॉय तू अपनी गरीबी का रोना यहाँ मत लेकर बैठ जाना..। इतने भी गए गुज़रे नहीं हैं हम..।
कल उन्हें फ़ोन लगा कर घर खर्च के पैसे मांग लूंगी.. और बाकी ये बाहर बैठा एटीएम भी काम आएगा ही..
और वैसे भी अब हमारे दिन फिरने वाले हैं !”
उस लड़की ने आगे बढ़ कर मीरा का गाल चूम लिया, मीरा उसे एक हाथ से दूर करती अपना गाल पोंछती बाहर निकल गयी..
“थैंक्स शौर्य, तुम्हारे कारण आखिर मुझे स्क्रीनटेस्ट तक पहुँचने तो मिला.. !”
“हम्म… कोशिश करूँगा की तुम्हें प्रोजेक्ट भी मिल जायें.. !”
अपनी ख़ुशी ज़ाहिर करती मीरा शौर्य से चिपक गयी.. वो उसके गालों की तरफ बढ़ी की शौर्य ने उसे रोक दिया..
“अब मैं चलता हूँ.. बाकी बातें बाद में होंगी.. !”
“ठीक है… लेकिन मेरी बात पर गौर करना.. मुझसे ज्यादा चाहने वाली तुम्हें शायद ही कहीं मिले.. ! मौका पड़ा तो तुम पर जान भी दे सकती हूँ.. यक़ीन ना हो तो कभी जाँच लेना मेरा इश्क़ !”
“जान देने वाले जान देने की बात नहीं किया करते !”
मुस्कुरा कर शौर्य बाहर निकल गया..
बाहर निकल कर उसने एक गहरी सी फूंक छोड़ी और अपनी गाडी में आकर एक सिगरेट सुलगा ली..
मीरा उसकी समझ के बाहर थी… उससे मुलाकात का किस्सा भी बड़ा अजीब था…
उसे दो हफ्ते पहले का वो मंजर याद आने लगा…
क्रमशः
aparna.

मुझे शोवन बहुत प्यारा लग रहा यार 😘।हाय ये परी.कितना चिढ़ाती है शोवन को पर मज़ा आता बहुत इनकी नौक झोंक देखकर 😊।
अरे यार यह मीरा नहीं मिशा है 🤔ये लड़की तो बड़ी शातिर निकली पर क्या शौर्य समझ पाएगा इसकी चालाकी 🤔पर मीठी को तो ये पहले ही अच्छी नहीं लगी और हर्ष भी तो बहुत समझदार है वो दोनों शौर्य को बचा लेंगे मिशा के चक्कर से।
बहुत अच्छा भाग 👌🏻👌🏻👌🏻🙏🏼।
अगेन वंडरफुल पार्ट दी, शौर्य इस पार्ट में समझ आया कि सचमुच उसमें राजा अजातशत्रु के गुण हैं, बेहद प्यारा पार्ट दीदी…😊💐🙏
वाह जी हमारे छोटे कुंवर और गैंग भी आ गई
🤗 welcome
Aaj ख्वाहिश पूरी करने का दिन है , शुक्रिया जीवन साथी यह देने के लिए 🥰😘