जीवनसाथी -3 भाग 30

शौर्य और कली वहाँ से निकल गए..
कुछ दूर आगे बढ़ने के बाद शौर्य ने कली की तरफ देखा..
” मुझे बैंक जाना था और हम दोनों बुरी तरह से भीग गए अब ऐसे भीगे हुए कपड़ों में बैंक जाना सही रहेगा क्या?”
“तुम्हे किसी बहुत ज़रूरी काम से बैंक जाना था ना ?”
” हां मेरे अकाउंट में कितने पैसे बचे हैं, और कितने खत्म हो गए बस वही सब जानना था..!”
“इसके लिए तो कल भी जा सकते हो.. ! देख लो मैं सिर्फ एडवाइस दे रही हूं, आज हम दोनों भीग भी गए हैं तो फ्लैट में चलते हैं। और कपड़े बदलकर गरमा गरम चाय पीते हैं। वैसे मैं समझ सकती हूं, तुम्हें इस तरह से किसी लड़की का एहसान लेना पसंद नहीं आ रहा होगा, लेकिन कोई बात नहीं। मॉडर्न जमाना है। और आजकल के जमाने में लड़का लड़की सब बराबर हो गया है। कोई मेल इगो वाली बात ही नहीं रही कि लड़के हो तो हर जगह तुम्हें ही पे करना है। लड़की को प्रोटेक्ट करके रखना है वगैरह-वगैरह…।
लड़कियां आजकल खुद अपनी प्रोटेक्शन बेहतर कर सकती है.. !”
शौर्य ने धीमे से हाँ में गर्दन हिला दी..
उन दोनों ने वहां से टैक्सी ली और कली के फ्लैट के लिए निकल गए…
अपने फ्लैट में पहुँच कर कली नहा धोकर तैयार हुई और शौर्य के बाथरूम में जाते ही अपना लैपटॉप और कैमेरा लेकर बैठ गयी..
उसने शौर्य की चुन चुन कर तस्वीरें निकाली और विराट को भेज दी..
लेकिन उसने शौर्य के निजत्व का ध्यान रखा और हर एक तस्वीर को ऐसे भेजा कि उसका चेहरा ना दिखाई दे…
अलग अलग आठ दस तस्वीरें भेजने के बाद वह कैमरा को सही तरीके से सेट कर रही थी। उसके लेंस में वह कुछ काम कर रही थी। बड़े ध्यान से वह अपने कैमरे के साथ व्यस्त थी। उसी वक्त शौर्य भी नहा कर बाहर निकल आया। उसने कली को काम करते देखा और रसोई में चला गया, दो कप में काफी बनाकर वह बाहर चला आया। उतनी देर में कली अपना काम निपटाती रही।
कली के कैमरे का एंगल उसके कमरे की खिड़की से बाहर की तरफ था। रास्ते पर के दूसरी तरफ बनी ऊंची सी बिल्डिंग पर के एक फ्लैट की खिड़की ठीक कली की खिड़की के सामने खुली हुई थी। कली का ध्यान नहीं था लेकिन कैमरे का लेंस इस तरह से सेट था कि उसे कमरे में चलती सारी हलचल साफ-साफ नजर आ रही थी…।
उस कमरे में कुछ जवान लड़के बैठे पत्ते खेल रहे थे इसके साथ ही वह लोग वहां पर कुछ प्रतिबंधित ड्रग्स भी ले रहे थे….
अपने लेंस को ध्यान से देखती कली का ध्यान जैसे ही उन लड़कों पर गया, उस वक्त गलती से उसके हाथ से उनकी तस्वीर क्लिक हो गई।
उसने तस्वीर को देखा और वह आश्चर्य में डूब गई। उसी वक्त शौर्य आकर उसके करीब कुर्सी खींच कर बैठ गया। शौर्य ने कली की तरफ देखा और आंखों के इशारे से सवाल कर दिया कि “वह क्यों परेशान है ?” कली ने शौर्य की तरफ आश्चर्य चकित होकर देखा और फिर अपने कमरे में खींची तस्वीर शौर्य को दिखा दी…
” मुझसे गलती हो गई प्रिंस, किसी के पर्सनल फोटोज गलती से कैमरा में कैप्चर हो गई। मुझे इन्हें डिलीट कर देना चाहिए..!”
कली कैमरा को अपनी तरफ करके उन फोटोस को डिलीट करने वाली थी कि शौर्य ने उसके हाथ से कैमरा ले लिया..
” तुमसे कोई गलती नहीं हुई कली, यह लोग गलत काम कर रहे हैं। इस तरह से ड्रग्स लेने का इन्हें कोई अधिकार नहीं। इसके अलावा यह जो खेल रहे हैं, यह भी इलीगल है। यानी कि हमारा कोर्ट और लॉ हमें इस तरह के गेम्स खेलने की इजाजत नहीं देता..!”
” लेकिन यह तो उनका पर्सनल मेटर है, इसमें हम क्या कर सकते हैं?”
” हम पुलिस में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। और हमारे पास सबूत के तौर पर यह तस्वीरें हैं, जिन्हें हम पुलिस को दिखा सकते हैं। और इन लड़कों को पकड़वा सकते हैं…!”
कली इन सब बातों से डरती थी, ऐसा नहीं था। लेकिन उसे हिंदुस्तान के कायदे कानून मालूम नहीं थे। वह जहां रहती थी, वहां पर यह सारी चीज ऐसी भी इलीगल नहीं थी। वहां पर 17- 18 साल की उम्र में बच्चे शराब का सेवन करने लगते थे…।
अपनी व्यक्तिगत स्वतंत्रता के लिए अपने माता-पिता को छोड़कर उनसे अलग रहना भी शुरू कर देते थे। इसलिए कली के लिए इस तरह से पत्ते खेलने और ड्रग्स लेना उन लड़कों का अपना व्यक्तिगत मामला था, और वह इसे उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता सोच कर खुद को गलत मान रही थी।
लेकिन शौर्य ने उसे समझाया कि लंदन की तरह यहां इन चीजों को व्यक्तिगत स्वतंत्रता की आड़ में छुपा कर सही करार नहीं दिया जा सकता..।
वह दोनों आपस में बातें करते हुए खिड़की पर खड़े उस फ्लैट की तरफ ही देख रहे थे। उन दोनों का इस बात पर ध्यान ही नहीं गया कि सामने के फ्लैट में मौजूद उन लड़कों ने कली और शौर्य को अपनी तरफ ताकते देख लिया था।
इसके साथ ही उन लड़कों में से एक ने कली के हाथ में हाई रेजोल्यूशन कैमरा भी देख लिया था। उन लड़कों में अपरा तफरी सी मच गई। उन्होंने आनन-फानन अपने फ्लैट की खिड़की बंद की, और सारा सामान समेट कर छुपाने लगे।
उनमें से दो-तीन लड़के अपना फ्लैट खोलकर कली के फ्लैट की तरफ भाग खड़े हुए। उनके पीछे बाकी बचे लड़के भी सामान को छुपा कर निकाल लिए।
मुश्किल से 5 मिनट बीते होंगे की कली के फ्लैट पर दस्तक होने लगी।
दस्तक इतनी ताबड़तोड़ थी कि यूं लग रहा था, अगर फ्लैट का दरवाजा नहीं खोला गया तो वह लड़के दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हो जाएंगे। कली ने घबराकर शौर्य की तरफ देखा। उसके लिए यह सब बिल्कुल नया अनुभव था। शौर्य ने जाकर दरवाजा खोल दिया..
शौर्य को सामने खड़ा देखा वह लड़के आश्चर्य से उसे देखने लगे..
” तुम यहां क्या कर रहे हो ?”
उनमें से एक लड़के ने शौर्य से सवाल कर दिया..
” तुमसे मतलब?”
“हाँ.. तुम तो प्रिंस हो, तुम्हें हमसे क्या मतलब होगा..? लेकिन फिर तुमने हम लोगों की तस्वीर क्यों ली..?”
उनमें से एक लड़का शौर्य से बातें कर रहा था। उतनी देर में दूसरे लड़के ने जाकर कली से कैमरा छीनना शुरू कर दिया। कली ने भी कैमरा को कस कर पकड़ रखा था। इसलिए वह लड़का कली के हाथ से इतनी आसानी से कैमरा नहीं छुड़ा पाया। तभी दूसरे लड़के ने जाकर पीछे से कली को जकङना चाहा। लेकिन वह जितनी देर में अपनी बाहों का घेरा कली के चारों तरफ कस पाता उतनी देर में शौर्य ने एक जोर की लात मार कर उसे गिरा दिया।
वह लड़का आश्चर्य से शौर्य की तरफ देखने लगा..
” एक तो छिपकर हमारी तस्वीर खींच ली, और उस पर अब हमें डरा रहे हो? आखिर चाहते क्या हो तुम लोग?”
उनमें से एक लड़का शौर्य पर झपट पड़ा और उसके मुंह पर एक ज़ोर का घूंसा जड़ दिया..
उस लड़के के हाथ की अंगूठियां लगने से शौर्य का गाल छिल गया और खून बलबला कर बहने लगा।
खून बहता देख कली चीख उठी। लेकिन तभी दूसरे लड़के ने शौर्य को पीछे से पकड़ लिया। उनमें से एक लड़का शौर्य पर वार करता ,उसके पहले ही शौर्य ने अपनी टांगे चलाते हुए सामने खड़े दोनों लड़कों को चित गिरा दिया, और उसके बाद अपने आप को पीछे से जकड़ रखे लड़के के हाथों में अपनी बाजुओं को फंसा कर जरा सा नीचे झुका और उसे ऊपर से उठाकर सामने पटखनी दे दी।
यह लड़के संख्या में चार थे। जिनमें से एक ने कली के हाथ से कैमरा छीनना बदस्तूर जारी रखा था। लेकिन कली ने भी कैमरा ना छोड़ने की कसम खा ली थी।
कली ने भी अपने पैर से उसके पेट पर एक जोर की लात मारी और वह लड़का छिटक कर जमीन पर गिर पड़ा..
” प्रिंस, यार तू क्यों हम लोगों के पीछे पड़ा है? तुझे क्या लेना देना हमसे..?” वो लड़का ज़मीन पर गिरा पड़ा था
वही लड़का ज़ोर से चीख उठा और शौर्य ने उस लड़के के सीने पर अपना घुटना धीरे से रखा और उसके पास झुक कर बैठ गया..
” प्रॉमिस करो कि आज के बाद यह सब नहीं करोगे, तो तुम्हारी तस्वीरे डिलीट करके तुम्हें यहां से जाने दे दूंगा, वरना यह तस्वीर सीधा पुलिस के हाथों में जाएंगी.. !”
” क्यों प्रॉमिस करें तुझे? हमारी जिंदगी है, और हम अपने हिसाब से जिएंगे। तू कौन होता है, हम पर हुकुम चलाने वाला..?”
उसी लड़के ने गरज कर कहा और शौर्य ने उसकी गर्दन पर अपने घुटने का दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया। लेकिन तभी पीछे गिरे हुए तीन लड़के उठकर आए और शौर्य को पकड़ कर खींचकर उस लड़के से दूर कर दिया। वह लड़का उठा और उसने शौर्य के पेट और चेहरे पर ताबड़तोड़ घुसे जड़ दिए..
कली उसे रोकने के प्रयास में उसके सामने आ गई। और कली के चेहरे पर भी उसके हाथ से एक जोर का तमाचा सा पड़ा और कली छिटक कर सोफे पर गिर पड़ी..
” अपनी गर्लफ्रेंड पर रौब जमाने के लिए तुझे हम ही लोग मिले थे? अब यार हमने कब तेरी जिंदगी में इंटरफेयर की है जो तू हमारी जिंदगी में इंटरफेयर कर रहा है ! भूल गया क्या? क्या हुआ था तेरे साथ ऑस्ट्रेलिया में? याद है या याद दिलाए..?”
उस लड़के ने आखिरी की पंक्तियां बिल्कुल शौर्य के कान में जाकर कहीं और उसकी उन पंक्तियों को सुनते ही शौर्य के ऊपर अजीब सा असर होने लगा। ऐसा लगा जैसे उसके शरीर में अजीब सा कंपन शुरू हो गया था। किसी बात को लेकर वह व्याकुल होने लगा था। उसने अपने आप को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन तीन-तीन लड़कों ने उसे इस बुरी कदर से जकड़ रखा था कि वह खुद को छुड़ा नहीं पा रहा था। इसके साथ ही सामने खड़ा वह लड़का मुस्कुराते हुए उसके कान में ऑस्ट्रेलिया से जुड़ी उसकी यादों को कुछ इस तरीके से कहने लगा कि शौर्य के माथे पर पसीने की बूंदे छलकने लगी। इन सब से जरा दूर हट कर ही कली सोफे पर गिरी थी, और उसे शौर्य और उन लड़कों के बीच होती बातचीत सुनाई नहीं दे रही थी। कली ने इधर-उधर देखा उसे लकड़ी का एक वास नजर आ गया।
कली ने उसे वास को उठाया और शौर्य के सामने खड़े उस लड़के के सिर पर वार करने के लिए दौड़ी, लेकिन तभी शौर्य ने जोर से आवाज लगाकर ली को रोक दिया…
” नहीं उससे मत मारो, वह मर जाएगा..!”
शौर्य की यह आवाज सुनते ही कली रुक गई, और वह लड़का भी संभल गया। लेकिन उसी समय फ्लैट के खुले दरवाजे से पुलिस भीतर चली आई। पुलिस ने उन चारों लड़कों के साथ ही शौर्य और कली को भी अपने साथ ले लिया और उन सबको लेकर पुलिस स्टेशन चले गए..
पुलिस स्टेशन पहुंचकर शौर्य और काली ने उन लड़कों के बारे में सारी बातें पुलिस वालों को समझाइ और पुलिस वालों ने कली के पास मौजूद कैमरा में सबूत के तौर पर उन लड़कों को प्रतिबंधित ड्रग्स का उपयोग करते अपनी आंखों से देख भी लिया, और इसलिए उन चारों लड़कों को हिरासत में लेने के बाद शौर्य और कली के साथ पंचनामा तैयार कर उन लोगों को वहां से जाने की इजाजत दे दी…
शौर्य कली को साथ लिए वहां से बाहर निकल गया। लेकिन बाहर पहुंचकर उसने कली को 2 मिनट के लिए इंतजार करने कहा और वापस पुलिस स्टेशन चला आया। पुलिस वाले के सामने पहुंचकर शौर्य ने बड़े अदब से अपने मन की बात रखनी शुरू कर दी..
“सर ये लड़के पोलिटिकल पार्टी के नेताओ के लड़के हैं.. और मुझे यह कहते हुए बहुत शर्म भी महसूस हो रही है, कि यह राजा अजातशत्रु सिंह बुंदेला की पार्टी के विधायकों के लड़के हैं।
सर यह रिक्वेस्ट करना चाहता हूं कि, उनके रसूख का फायदा इन्हें ना मिले तो बेहतर होगा, और कानून की नजर में अगर यह लोग गलत साबित होते हैं तो इन्हें सजा जरूर दीजिएगा..!”
” आप निश्चिंत रहिए सर, अगर यह राजा साहब की पार्टी के विधायक नेताओं के लड़के हैं, तब तो इनका गलत होने पर बचना नामुमकिन है ।
क्योंकि राजा साहब का न्याय सबके लिए समान होता है। वह फिर चाहे उनका खुद का बेटा क्यों ना हो?
किसी के लिए भी गलत निर्णय वो नहीं लेते। अगर यह लोग उनकी पार्टी के हैं, और गलत है तो राजा साहब कभी इनका संरक्षण नहीं करेंगे..।”
शौर्य ने धीरे से हां में गर्दन हिलाई और मुड़कर बाहर निकलने लगा कि तभी वहां बैठे पुलिस इंस्पेक्टर ने उसे आवाज लगा दी..
“वैसे आप कौन ? मेरा मतलब आप इन लोगो को कैसे जानते हैं ?”
इंस्पेक्टर ने कुछ देर पहले ही रजिस्टर में शौर्य और कली का नाम पता और नंबर अपने पास दर्ज करवाया था। लेकिन उसने खुद ने शौर्य का नाम नहीं पढ़ा था और इसलिए वह शौर्य को पहचान नहीं पाया। शौर्य ने मुड़कर कोई जवाब नहीं दिया और धीरे से उस पुलिस वाले को नमस्ते कहकर वहां से बाहर निकल गया..
पुलिस वाले ने पहले ही शौर्य और कली को कह दिया था कि, अगर जरूरत पड़ी तो उन दोनों को थाने बुलाया जा सकता है। और इसके लिए वह दोनों ही राजी थे…
” प्रिंस बाबू आज तो फिर आप एक बार हीरो बन गए..।”
शौर्य को बाहर आया देख कली एक बार फिर चहकने लगी और उसकी बात सुनकर शौर्य झेंप कर हल्के से मुस्करा उठा। लेकिन शौर्य का खूना खून चेहरा देखकर कली पसीज गई..
” तुम्हें तो बहुत ज्यादा चोट लग गई है,चलो अस्पताल चलते हैं..!”
“नहीं… ज़रूरत नहीं है.. तुम्हारे घर पर फर्स्ट एड तो होगा ना!”
“हम्म.. मालूम नहीं.. मैं खुद भी तो दो दिन पहले ही आयी हूँ.. !”
शौर्य के बार-बार मना करने के बावजूद कली उसे पकड़ कर पास ही खुली एक क्लीनिक पर ले गई। वहां मौजूद डॉक्टर ने शौर्य की ठीक से तीमारदारी की और उसके जख्मों को साफ करके मरहम पट्टी कर दी..
” टिटेनस और एंटीबायोटिक का इंजेक्शन और लगा देता हूं, जिससे की इन्फेक्शन का खतरा न हो..!”
डॉक्टर के ऐसा कहते ही शौर्य अपनी जगह से उछल कर खड़ा हो गया..
“नहीं… इंजेक्शन नहीं लगवाना मुझे.. !”
कली ने शौर्य को घूर कर देखा.. और उसे इंजेक्शन लगवा लेने की समझाइश देने लगी..
“चुपचाप अच्छे बच्चों की तरह इंजेक्शन लगवा लो ना।”
” मैं किसी हाल में इंजेक्शन नहीं लगा सकता। मैं जब छोटा था तब वैक्सीनेशन के टाइम पर भी मैंने इस बात के लिए डिनाइ कर दिया था कि मुझे इंजेक्शन नहीं लगवाना है ।”
शौर्य की बात सुनकर कली मुस्कुराने लगी। उसने डॉक्टर की तरफ देखकर धीरे से इशारा कर दिया।
” अच्छा कितने छोटे थे, जब तुमने वैक्सीनेशन के लिए मना किया था।”
शौर्य कली को देखकर घूरने लगा।
” तुम्हें क्या लग रहा है कि तुम अपनी फालतू की बातों में फंसा कर मुझे इंजेक्शन लगा लोगी? मैं कोई बच्चा नहीं हूं यार। और इतनी चोट भी नहीं आई है मुझे। यह सब तो चलता रहता है।”
” अच्छा कहां चलता है? तुम क्या कोई बॉक्सर हो, जो बॉक्सिंग रिंग में हर रोज यह चलता रहता है? अच्छे खासे शक्ल की बैंड बजा दी उस बेरहम लड़के ने।
मुझे तो इतना गुस्सा आ रहा था कि क्या कहूं ?यह देखो माथे पर कट लगा दिया। गाल पर भी क्रॉस बन गया है। दूसरे गाल पर तो उसके अंगूठी का निशान जैसा उभर आया है।
सच में इतनी सारी चोटें लगने के पहले बहुत खूबसूरत था यह चेहरा।”
कली अपनी लय में बोलती चली जा रही थी और उसकी बात सुनकर शौर्य के चेहरे पर हंसी आ गई। उसी वक्त नर्स इंजेक्शन लिए वहां चली आई..
” कहां लगवाना चाहेंगे बाहों में या कमर में..?”
नर्स ने पूरी अकड़ के साथ पूछा और शौर्य ने नर्स को देखकर ना में गर्दन हिला दी।
” कहीं भी नहीं लगवाना है मुझे। प्लीज मुझे माफ करो।”
नर्स ने घूर कर शौर्य को देखा और वापस भरे हुए इंजेक्शन को देखने लगी।
” इतनी सारी दवाई बर्बाद नहीं की जा सकती। आप बस बताओ कि आपको बाहों में चुभा दूं या कमर में ?”
कली ने धीरे से शौर्य की बाँह पकड़ ली और नर्स की तरफ बड़े भोलेपन से देखने लगी ।
“आप ऐसा कीजिए सिस्टर, इनकी कमर में सुई लगा दीजिए। बाहों में लगने से दर्द ज्यादा होता है ना..?”
शौर्य ने लपक कर कली से अपनी बांह छुड़ा ली।
” तुम पागल हो गई हो क्या? कुछ भी बक रही हो..चलो यहाँ से बाहर चलो.. ।”
“मिस्टर प्रिंस, अब बिना इंजेक्शन लगे तो मैं यहां से लेकर जाऊंगी नहीं आपको।
इसलिए अच्छा होगा कि चुपचाप यहां लेट जाओ और अपनी पैंट जरा ढीली कर दो..।”
“हद दर्जे की बद्तमीज़ लड़की हो !” शौर्य ने कहा और तभी डॉक्टर ने उसे टोक दिया
“देखो यंग मैन! बहुत बार हम छोटे-मोटे इनफेक्शंस को यूं ही अवॉयड कर जाते हैं, और वह आगे जाकर नासूर बन जाते हैं। इसलिए बिना हील हुज्जत के चुपचाप यह दो छोटे-छोटे इंजेक्शंस लगवा लो। मुश्किल से 2 मिनट भी नहीं लगेंगे, और सच कह रहा हूं हमारी इस नर्स का हाथ सबसे ज्यादा सॉफ्ट है। इसके हाथ से दर्द नहीं होता। आपको पता भी नहीं चलेगा कि कभी इंजेक्शन लग गया।”
शौर्य ने अपने गले में अटक रही हवा को निगला और उस नर्स की तरफ देखने लगा…
ऊंची पूरी नर्स इस वक्त उसे साक्षात यमराज सी नजर आ रही थी।
नर्स के चेहरे पर किसी तरह के कोई भाव नहीं थे। वह शौर्य को देखकर ना मुस्कुरा रही थी और ना कुछ कह रही थी।
बस उसके एक हाथ में लगाने वाला इंजेक्शन तैयार था। और दूसरे हाथ में अगला।
एक गहरी सी सांस छोड़कर शौर्य धीरे से वहां लेट गया लेकिन लेटते साथ ही वह वापस पलटा..
“तुम यहाँ से बाहर जाओ !”
उसने छूटते ही कली से कहा..
“क्यों… मेरे सामने कोई प्रॉब्लम है ?”
“हाँ तुम्हारे सामने मैं इन्जेक्शन नहीं लगवा सकता !”
“अरे पागल, मैं तो तुम्हारा ढांढस बांधने खड़ी थी.. मैं आंख बंद रखूंगी… .. सच्ची मैं तुम्हे नहीं देखूंगी !”
” नो…. तुम जाओ.. !”
“पक्का नहीं देखूंगी !” कली की हंसी नहीं रुक रही थी..
“नहीं मुझे शर्म आएगी.. तुम जाओ, वर्ना मैं नहीं लगवाउँगा !”
“ओके !”
कली वहाँ से बाहर निकल आयी, और उसके कुछ मिनटों के बाद ही शौर्य भी मुहं बनाये हुए बाहर चला आया..
“गुड बॉय, देखा दर्द नहीं हुआ ना !”
शौर्य ने कली की बात का कोई जवाब नहीं दिया, कली ने मुस्कुरा कर उसके पीछे ही बाहर निकली नर्स की तरफ देखा और नर्स ने अपनी कलाई सामने कर दी..
उसकी कलाई पर शौर्य की उंगलियों के निशान उभर आये थे….
कली ने आश्चर्य से शौर्य और फिर वापस उस नर्स को देखा..
“इस लड़के ने डर के मारे मेरी कलाई इतने ज़ोर से दबाई की उँगलियाँ उभर आयी हैं…. !” मुहं बनाती हुई नर्स वहाँ से चली गयी…
कली ने शौर्य को घूर कर देखा और उसे साथ चलने का इशारा कर आगे बढ़ गयी…
सब करवाने के बाद कली उसे साथ लेकर अपने फ्लैट की तरफ बढ़ गई…
क्रमशः
aparna….

क्या है ऑस्ट्रेलिया का सच जिसने शौर्य की कलई खोल दी, क्या है उसका राज, वह कब तक कली से झूठ बोलेगा, समर से दूर रहेगा, कब तक कली उसका साथ देगी, पढ़ने के लिए तैयार हूं, नाईस पार्ट दीदी…💐👍🙏
बेहद लाजबाब भाग 👌🏻👌🏻👌🏻।
इतने गुंडों से अकेले भिड़ने वाला शौर्य एक इंजेक्शन लगाने से कितना डर गया 😃पर ऐसा क्या हुआ ऑस्ट्रेलिया में जो शौर्य इतना डर गया 🤔क्या मैंने कुछ skip कर दिया या आपने अभी तक खुलासा ही नहीं किया 🤔🤔।
Mem aage ki kahani likhi bahut intezar hai
MeethiKo pata lag Gaya hai ki vah Pratap ki Beti hai uske aage ki kahani likhiye mam aur kahan per milenge Age ke bhag
Bahut badhiya part ❤❤❤❤❤❤❤❤