जीवनसाथी -3 भाग -26

इत्तेफाक से शौर्य के ड्राइवर का भी फोन नहीं लगा ।और इसलिए उन चारों ने फिलहाल प्रेम को बिना बताए ही शौर्य को ढूंढने की कोशिश शुरू कर दी। वह चारों अलग-अलग दिशाओं में बंट गए और शहर के सारे फाइव स्टार और सेवन स्टार होटल की खाक छानने निकल गये…
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नाश्ता खाते हुए कली को बड़ा मजा आ रहा था..
“ह्म्म्म.. क्या स्वाद है तुम्हारे हाथो में, वाह.. सच कहूं तो इतना टेस्टी तो सरू भी नहीं बनाती..!”
कली की बात सुनकर शौर्य उसे आंखें सिकोड़े देखने लगा जैसे उससे पूछना चाह रहा हो कि सरू कौन है..?”
” सरू कौन तुम्हारी कुक.. ?”
“अरे नहीं, कुक नहीं है !”
“मेड ?”
शौर्य की बात सुन कली उसे घूर कर देखने लगी…
” खबरदार जो अब सरू के लिए कुछ भी कहा तो, वह मेरी चाची है..!”
“चाची है, तो फिर तुम उनका नाम ऐसे क्यों लेती हो..?
तुम्हारे यहां नाम के साथ कोई सम्मान देने का रिवाज नही है क्या..?”
“अच्छा !! तुम्हारे यहां बहुत सम्मान देने की आदत है। तुम अपनी चाची को कैसे बोलते हो..?”
“काकी सा बोलता हूं..!
हम किसी को भी सम्मान देने के लिए सा या जी लगाते हैं। समझी … मैं तो मेरे नौकरों को भी..।”
शौर्य बोलते बोलते रुक गया कली खाने में इतनी मशगूल थी कि शौर्य की आखिरी पंक्ति ध्यान से नहीं सुन पाई..
“लेकिन हमारे घर में सम्मान से ज्यादा प्यार का महत्व है! सरु का नाम सारिका है। बचपन में जब डैडा और दर्श अंकल सारिका सारिका बोलते थे तो, उन लोगों की देखा देखी मैं भी नाम लेने लगी। लेकिन सारिका बोल नहीं पाती थी। तो मैंने सरू बोलना शुरु कर दिया।
कुछ बड़ी हुई तब डैडा ने समझाया कि मुझे चाची बोलना चाहिए। लेकिन सरू को मेरे मुंह से सरू ही पसंद आता था, इसलिए यही बोलती हूं….।”
“हम्म.. “
शौर्य चुपचाप खाने लगा..
कहने को ड्राइवर है लेकिन अदाएं सारी राजकुमारों वाली पाल रखी है,हुंह .. ….बड़ा आया, हमारे घर में काकी सा बोलते हैं वाला..
मन ही मन बड़बड़ाती कली ने शौर्य को देखा और धीरे से एक फुलझड़ी छोड़ दी..
“नाश्ता बहुत टेस्टी बनाया है तुमने,अगर इसके साथ कॉफी भी मिल जाती तो और बढ़िया हो जाता न.. ?”
शौर्य ने कली की बात सुनी और हामी भर दी…
” सही कह रही हो, जाओ बना लो! मुझे भी कॉफी पीने का मन कर रहा है..
शौर्य को घूर कर देखते हुए कली उठकर रसोई में चली गई…
कली ने शौर्य को जैसे कॉफी बनाते देखा था, वैसे ही कोशिश करने लगी कि तभी उसके फोन पर विराट का फ़ोन आने लगा..
कली ने फ़ोन उठा लिया..
” कैसी हो कली? तुम्हारे लिए एक काम था..।”
” मैं ठीक हूं सर, बस थोड़ी देर में आपके ऑफिस के लिए निकलने वाली थी..।”
” हां ऑफिस मत पहुंचो, तुम्हें जो मैं काम बता रहा हूं,वो तुम वहीं आसपास से भी कर सकती हो। एक्चुअली कुछ मॉडल फोटोग्राफ चाहिए..।
किसी मेल मॉडल के..।
लेकिन चेहरा जाना पहचाना ना हो। मुझे एक अंग्रेजी पत्रिका के लिए कुछ तस्वीरें भेजनी है। तो मैंने मेरे अंदर काम करने वाली टीम को इसी काम में लगाया है। तुम ऑफिस भी जाओगी तो तुम्हें यही काम दिया जाएगा।
तो तुम ऐसा करो कि कुछ 8-10 अच्छी तस्वीरें खींचकर मुझे मेल कर दो।
मैं देख लूंगा। कल ऑफिस में जाकर हार्ड कॉपी जमा कर देना…।”
“लेकिन सर मुझे मॉडल कहां मिलेगा..?”
“हां मैं जानता हूं कि तुम्हें मॉडल नहीं मिलेगा। जब तुम परमानेंटली हमारे ऑफिस में काम करने लग जाओगी तब तुम इन मॉडल्स के साथ ही शूट करोगी। लेकिन फिलहाल तुम्हें रेंडम क्लिक्स लेनी है।
यानी कि रास्ते पर आते जाते कुछ ऐसे चेहरों को तुम्हें अपने कैमरे में कैद करना है, जो किसी ना किसी बात में अपना ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। जरूरी नहीं है कि मॉडल का चेहरा दिखाई दे। किसी की चाल अच्छी हो तो तुम कैप्चर कर सकती हो। किसी का बोलने का स्टाइल, किसी के कपड़े अच्छे हो तो उसे कैप्चर कर सकती हो। किसी के जूते अच्छे हो तो कैप्चर कर सकती हो।
तुम समझ रही हो ना। मुझे रेंडम कैंडिड क्लिक्स चाहिए।
एक्चुअली इंडियन मेल्स पर कोई आर्टिकल है। जिसमें 2-4 रफ पिक्चर्स की जरूरत है। उसी के लिए तुम्हें यह काम दे रहा हूं..।
तुम्हारी भेजी 8-10 तस्वीरों में से चुनकर मैं कुछ अच्छी तस्वीरें निकाल लूंगा। और अगर मुझे लगती है कि उन तस्वीरों को मैं आगे उस बुक के लिए भेज सकता हूं तो भेज दूंगा। समझ लो तुम्हारी इंटर्नशिप शुरू हो गई है..।”
कली ने वहीं रसोई से ही झांककर शौर्य की तरफ देखा और उसे ध्यान से देखने लगी..
“बंदा हैंडसम तो है। हाइट भी अच्छी है। अदाएं तो कूट-कूट कर भरी है। इसी से बोलती हूँ, मेरा मॉडल बन जा..।
मन ही मन सोचती कली ने विराट के काम के लिए हामी भर दी
“ओके सर हो जाएगा..!”
“देखो तुम्हे मॉडल्स तलाशनें की ज़रूरत नहीं है.. क्योंकि मुझे चेहरे से कोई खास लेना-देना नहीं है। लड़कों का अलग-अलग एटीट्यूड ही कैप्चर होना चाहिए। तो तुम किसी भीड़भाड़ वाले इलाके में या फिर सीपी में या फिर किसी मॉल में जाकर भी ऐसी क्लिक ले सकती हो। समझ रही हो ना, मैं क्या कह रहा हूं..?”
“यस सर… मैं आपकी बात पूरी तरह से समझ रही हूं। आपको शाम तक मैं फोटोस भेजती हूं..!”
दो कप में कॉफी निकालकर कली बाहर चली आई। उसने एक कप शौर्य की तरफ बढ़ा दिया और अपनी कॉफी अपनी दोनों उंगलियों के बीच फंसा कर उसके धुँए को देखती हुई कुछ सोचने लगी। उसके दिमाग में इस वक्त यह चल रहा था कि वह शौर्य से कैसे इस बात को कहे कि उसे शौर्य की कुछ तस्वीरें खींचनी है ..
“अहं, मिस्टर ड्राइवर…
“हम्म.. !”
” तुम्हारे लिए एक जबरदस्त ऑफर है मेरे पास..।”
शौर्य सर उठा कर कली की तरफ देखने लगा और कली मुस्कुराते हुए अपनी दोनों उंगलियों को आपस में टकराते हुए एक भौंह ऊपर चढ़ाये उसे देखने लगी….
उसकी इस अदा को देख शौर्य को वापस हंसी आ गई। कली अपने आपको काफी समझदार और उम्र दराज दिखाने की कोशिश में लगी रहती थी और इसी में वह बेवकूफी पर बेवकूफियां कर जाती थी..
“अब क्या हुआ ?क्यों हँस रहे हो ?”
” पहले तुम बताओ तुम्हारे पास मेरे लिए क्या ऑफर है..?
” अगर मैं तुमसे यह कहूं कि तुम्हारे पास पैसे कमाने का एक गजब का ऑफर है तो..?”
“तो.. ?” शौर्य ने अपने कंधे उचका दिये और कली उसके ना समझ पाने पर मुंह बनाती हुई उसे अपनी बात समझाने लगी..
“देखो अपने मालिक की गाड़ी चला कर तुम ज्यादा से ज्यादा महीने में पन्द्रह से बीस हजार कमा पाते होंगे? है ना..!”
“नहीं इतना भी नहीं मिलता.. !”
शौर्य ने चेहरे पर बेचारगी वाले भाव लाकर कहा और कली की आंखें चमक उठी। वह थोड़ा सामने की ओर झुक कर शौर्य को सांत्वना देने वाले भाव अपने चेहरे पर दिखाने लगी..
“ओह्ह रियली.. तुम्हारे खडूस बॉस तुम्हें 20,000 भी नहीं देते..?”
“उन्हू… नहीं देते !”
शौर्य ने न में गरदन हिला दी..
और कली का चेहरा चमक उठा..
” देखो मैं अभी एक बहुत रॉयल बड़े से ऑफिस में इंटर्नशिप करने जा रही हूं । आज मेरा पहला दिन है। और मुझे मेरे बॉस ने एक काम दिया है। मुझे किसी मॉडल की अलग-अलग 8-10 तस्वीरें लेनी है और उन्हें भेजना है । तस्वीरें बिल्कुल ऐसी होनी चाहिए जैसे कोई कॉमन मैन हो…।
कैसे समझाऊं तुम्हें! मतलब लड़कों की अलग-अलग एटीट्यूट की तस्वीरें लेनी है…।”
कली की बात सुन शौर्य हल्के से मुस्कुराने लगा और उसे यूँ मुस्कुराते देख कली थोड़ा सा झेंप गई..
शौर्य की आँखों में वो बात थी कि जो एक बार उन गहरी बड़ी बड़ी आँखों में झांक ले वो फिर डूब कर रह जाता था..
शायद इसी लिए कली उन आँखों में देखने से बच रही थी..
वो अटक कर आगे कहने लगी..
“तो मेरे बॉस ने मुझे कहा कि मैं सी पी( कनाट प्लेस) चली जाऊं, या मॉल चली जाऊं..।
वहां पर चलते फिरते लड़कों की रैंडम तस्वीरें खींचना है..।
लेकिन मुझे यह लग रहा है कि मैं ऐसे अनजान लड़कों की तस्वीरें कैसे खीचूँगी ? यू नो.. बड़ा ऑड सा लगेगा ना.. तो अगर तुम..”
“ठीक है, मैं साथ चलने को तैयार हूँ.. !”
कली शौर्य से यह कहना चाहती थी कि शौर्य उसके लिए मॉडलिंग कर दें… लेकिन शौर्य ने जानबूझ कर उसकी बात नहीं समझी और उसके साथ जाने के लिए हामी भर दी…
इतना कहकर शौर्य वहां से उठकर चला गया और कली उसे जाते देखती रही..
उसे समझ में नहीं आया कि शौर्य से मॉडलिंग के लिए कैसे कहे? क्योंकि ऐसे कोई भी अपनी तस्वीरें देने के लिए राजी नहीं होता है!
कली ने टेबल पर फैली तश्तरीयों को देखा और उन्हें एक साथ समेटकर रसोई में ले गई…
शौर्य हाथ मुहं धो कर वापस बाहर चला आया.. बालों को पानी से गीला कर उसने करीने से सेट कर लिया था.. और अब एकदम धुला निखरा ताज़ातरीन दिखने लगा था.. !
“चले ?”
शौर्य के पूछने पर कली ने हामी भर दी..
कली फटाफट अपने बालों को रबर कर के अपना कैमेरा बैग उठाये आयी और शौर्य के साथ बाहर निकल गयी..
शौर्य की गाड़ी बाहर ही खड़ी थी.. वो गाड़ी की तरफ बढ़ गया….
“ओह्ह तुम अपने मालिक की गाड़ी में मुझे लेकर चलोगे ?”
कली मुस्कुरा उठी, शौर्य ने हामी भर दी..
कली गाड़ी का दरवाज़ा खोल कर पीछे की तरफ बैठने जा रही थी कि शौर्य ने उसे टोक दिया..
“तुम्हारा ड्राइवर नहीं हूँ, जो तुम्हे पीछे बैठा कर घुमाऊं… सामने आकर बैठो.. !”
कली ने मुस्कुराते हुए गर्दन नचाई और अपने हाथ से क्या बात है का इशारा करते हुए सामने चली आयी..
“क्या एटीट्यूड है मिस्टर ड्राइवर.. वाह, कमाल हो..वैसे मॉडल अच्छे बन सकते हो, विथ फुल एटिट्यूड !” कली ने एक बार फिर शौर्य से कहने की भूमिका बांधनी शुरू की लेकिन शौर्य जान कर भी अनजान बने गाड़ी वहाँ से निकालने लगा …
आज तक अपने डैडा की गाड़ी में वो पीछे ही बैठती आयी थी.. डैडा के साथ कहीं जाने पर दर्श अंकल सामने बैठते थे और वो सरु के साथ पीछे..
ड्राइवर के साथ कहीं जाने पर भी पीछे ही बैठती थी.. आज सामने बैठ कर उसे बड़ा मजा आ रहा था..
शौर्य धीमे धीमे गाड़ी चला रहा था..
“तुम ऐसे ही गाड़ी चलाते हो.. ? इतनी कम स्पीड में ?”
“हम्म !”
“क्यों.. हमारे यहाँ तो गाड़ियां जेट स्पीड में चलती है !”
“लंदन और दिल्ली की सड़को में अंतर है मैडम, ये वॉल्वो है, अगर इसे यहाँ दिल्ली की सडको पर तेज़ी से चलाया न तो आराम से बैठ नहीं पाओगी.. !”
“ओह्ह.. !” कली को शौर्य की बात कुछ खास समझ नहीं आयी लेकिन उसने बड़ा सा ओह्ह यूँ कहा जैसे उसे सब समझ आ गया….
शौर्य उसे लेकर कनाट प्लेस पहुँच गया..
वहाँ एक तरफ पार्किंग में गाडी डाल कर वो लोग गाड़ी से बाहर आ गए..
कली इधर उधर आते जाते लड़कों को देखने लगी उसे इतनी भीड़ में भी कोई लड़का उसके मुआफिक मिल ही नहीं रहा था। शौर्य गाड़ी से टिक कर हाथ बांधे खड़ा था। वह कली को देख रहा था और कली बाकी लड़कों को देख रही थी..।
” क्या हुआ? कोई पसंद नहीं आया?”
शौर्य ने कली से पूछ लिया और कली ने शौर्य को देखने के बाद ना में गर्दन हिला दी..
तुम्हें देखने के बाद अब कौन पसंद आएगा?
कली होंठो ही होंठों में बुदबुदा उठी।
शौर्य ठीक से उसकी बात नहीं समझ पाया।
” क्या कहा? तुमने कुछ बोला?”
कली ने ना में गर्दन हिला दी।
वह दूर से जाते दो लड़कों को देखकर अपना कैमरा उन पर फोकस करने लगी। लेंस को जूम करते हुए वह उन दोनों की बात करते हुए फोटो उतारना चाह रही थी।
शौर्य कली को देखते हुए मुस्कुरा रहा था…
दोनों लड़के आपस में बात कर के एक दूसरे के गले से लग गए..
कली उन दोनों की तस्वीर खींचने वाली थी कि तभी उनमें से एक ने दूसरे के गालों को चूम लिया और कली ने हड़बड़ा कर कैमरा हटा लिया..।
उसके ठीक बगल में खड़े शौर्य को ज़ोर से हंसी आ गई….
लेकिन उसने अपनी हंसी रोक ली..
कली ने धीरे से पलटकर शौर्य को देखा कि कहीं शौर्य ने देख तो नहीं लिया और शौर्य हाथ बांधे ऊपर और इधर-उधर देखने लगा..
कली ने राहत की सांस ली और वापस कैमरा दूसरी तरफ फोकस करने लगी…!
एक लड़का बड़े स्टाइल से चल रहा था, उसे देख कली उस पर मोबाइल फोकस कर रही थी कि तभी उस लड़के ने अपने बालों को खुजलाना शुरू कर दिया..।
कली ने मुहं बना कर कैमेरा हटा लिया..।
उसने शौर्य को देखा.. शौर्य मुस्कुरा उठा..
“लड़कों की रेंडम क्लिक्स लेना इतना आसान भी नहीं है। यह तो फिर भी बालों को ही खुजला रहा था, पता नहीं यहां खड़े-खड़े तुम्हें और क्या क्या देखने को मिल जाए..?”
कली ने मुंह चढ़ा लिया। वह चाहती तो थी कि किसी तरीके से वह शौर्य को अपने लिए मॉडलिंग करने मना ले, लेकिन कह नहीं पा रही थी।
उसी वक्त शौर्य ने उसी से एक सवाल पूछ लिया।
” अरे तुमने मुझे मेरे ऑफर के बारे में तो बताया ही नहीं। अच्छा मतलब आज तुम्हारे साथ यहां आकर तुम्हें असिस्ट करने के बदले, क्या तुम मुझे पैसे देने वाली हो..?”
कली ने बेचारा सा मुहं बनाकर शौर्य को देखा..
“पैसे तो मैं दूंगी, लेकिन असिस्ट करने के लिए नहीं बल्कि…
“बल्कि.. ?”
“मेरे मॉडल बन जाओगे तब दूंगी.. !”
शौर्य कली के मुंह से यही तो सुनना चाहता था ।
अपनी हंसी को रोकने का प्रयास करते हुए उसने कली से सवाल करना जारी रखा।
” कितने पैसे दोगी.. ?”
” 1 घंटे का 1000 । मान लो हमारा शूट 3 घंटे में पूरा होता है, तो सोच लो तुम्हें 3000 सिर्फ एक शूट से मिल जाएंगे।
इसके साथ ही तुम्हारे लिए कुछ कपड़े भी खरीद दूंगी, वह तुम्हारा बोनस हो जाएगा..!”
” 3000 वह भी सिर्फ 3 घंटे के…?”
शौर्य ने आश्चर्य से अपना मुंह खोल दिया और कली अपने चेहरे में एक गर्व की भावना लिए उसके सामने खड़ी रही..
जैसे यह दिखाना चाह रही हो कि देख लो कितने बड़े दिलवाले से पाला पड़ा है..
“तुम सच कह रही हो ?”
“हाँ.. यकीं न हो तो चलो पहले तुम्हे शॉपिंग ही करवा देती हूँ !”
“ठीक है, मंजूर है !” शौर्य ने हामी भर दी..
वो दोनों आगे बढ़ रहे थे कि वही दोनों लड़के उन तक चले आये..
“ए लड़की.. तुम छुप छुप कर हमारी तस्वीर क्यों ले रही थी.. ?”
उन्होंने कली को कंधे से पकड़ कर अपनी तरफ घुमाया और उससे सवाल करते हुए उसका कैमेरा छीनने की कोशिश करने लगे…
उन्हें ऐसा करते देख शौर्य ने उन लड़को को ज़रा पीछे किया और उनके हाथ से कैमेरा वापस छीन लिया..
“तमीज़ से बात करो.. जो पूछना है आराम से पूछो !”
“साले तू कौन है बे… एक तो ये लड़की हमारे पर्सनल मोमेंट्स कैप्चर कर रही, उस पर तू इसकी साइड ले रहा.. !”
“पर्सनल मोमेंट्स थे तो पर्सनली परफॉर्म करना था न,यूँ सरे आम रोड पर करने की क्या ज़रूरत थी ? और वैसे भी तुम्हारी कोई तस्वीर नहीं ली गयी है, चाहे तो देख लो, लेकिन बदतमीज़ी से नहीं.. !”
“तू कौन है बे हमें तमीज़ सीखाने वाला..!” उनमे से एक ने आगे बढ़ कर शौर्य का कॉलर पकड़ लिया, शौर्य ने उसका हाथ पकड़ कर खुद की शर्ट से हटाया और अपनी शर्ट की क्रीज सही करने लगा, तभी दूसरा लड़का कली की बांह पकड़ कर मरोड़ते हुए उससे वापस कैमेरा छीनने लगा और अब तक अपने आप को संयत रखे शौर्य ने उस लड़के को एक ज़ोर का घूंसा जड़ दिया..
वो लड़का पलट कर गिर पड़ा..
“सॉरी भाई लेकिन कहा न बदतमीज़ी सहन नहीं होती मुझे..। मारना नहीं चाहता था मैं!” …. उसी वक्त दूसरे लड़के ने शौर्य को घूंसा मारना चाहा और शौर्य ने उसका हाथ पकड़ कर उल्टा मोड दिया.. लड़का कलप कर रह गया..
“बार बार यही तो कह रहा कि बदतमीज़ी मत करो, आराम से बात करो। लेकिन तुम लोगो के दिमाग में लड़ाई का कीड़ा फंस गया है, जो इधर उधर कुलबुला रहा है….। अरे हमें तुम्हारी पर्सनल लाइफ में कोई इंटरस्ट नहीं है.. !”
शौर्य ने कली की तरफ देखा और उससे कैमेरा मांग कर तस्वीरें खोल कर उन दोनों के पास ज़मीन में बैठ कर उन्हें गैलरी दिखाने लगा..।
दोनों की कोई तस्वीर वहाँ नहीं थी..।
दोनों अपनी करनी पर झेंप गए, लेकिन बिना कुछ बोले और बिना माफ़ी मांगे वो लोग वहाँ से उठ कर चले गए..।
कली ने उन्हें जाते देख राहत की साँस ली और शौर्य की तरफ देख कर उंगलियॉं और अंगूठे की सहायता से वाह का चिह्न बना कर दिखा दिया..
शौर्य खड़ा हुआ और वापस अपनी शर्ट की क्रीज़ साफ करने लगा..
“इसी बात पर कुछ बोनस भी मिल जाता तो !” शौर्य ने कली से कहा और कली ने हाँ में गर्दन हिला दी..
“पांच सौ रूपये और दूंगी… ठीक है ?”
शौर्य जापानियों की तरह झुक कर उसका अभिवादन कर गया..
“बहुत हैं हुकुम !”
कली उसके मुहं से खुद के लिए हुकुम सुन मुस्कुरा उठी..
“कम तो नहीं है न…? देख लो तुम्हारा भी पाला किस दिलदार से पड़ा है !”
शौर्य ने मुस्कुरा कर उसका अभिवादन किया और दोनों सामने दिख रही दुकानों में घुस गए …
क्रमशः
aparna…

बहुत इंट्रेस्टिंग और मज़ेदार भाग है, पढ़ के मजा आ गया, लेकिन वह शौर्य की फोटो विराट को भेजेगी यह पढ़कर और भी रोचकता आयेगी, दोनों की इस हंसी मज़ाक और शौर्य की तलाश और उस पर लगाई जा रही पाबंदियों का क्या होगा यह सब पढ़ने को आतुर हूं दीदी, बहुत अच्छा भाग दी…💐🙏
आज का भाग बहुत मजेदार था,शौर्य कलि के सामने ड्राइवर बनकर कितना ड्रामा कर रहा और कलि भी उसे तीन घंटे फोटो शूट के 3000 rs देकर खुद को कितना दिलदार बता रही😃।मुझे तो इंतज़ार है उस घड़ी का जब कलि द्वारा खींची फोटो पहुंचेगी विराट के पास पहुंचेगी और जब कलि को पता चलेगा कि असल में शौर्य कौन है…।
बहुत अच्छा भाग 👌🏻👌🏻👌🏻🙏🏼।