जीवनसाथी -3 भाग -23

शौर्य के सामने बहुत बड़ी समस्या खड़ी हो गयी थी.. उसे अचानक समझ में नहीं आ रहा था कि हुआ क्या जो उसके अकाउंट से पैसे कहीं ट्रांसफर नहीं हो पा रहे थे। उसके दिमाग में यह बिल्कुल भी नहीं आया कि उसके अकाउंट को ब्लॉक कर दिया गया है, उसे लगा हो ना हो कोई नेटवर्क इश्यू होगा। उसने वेटर को देखा और अपने माथे पर अपनी उंगलियों से स्क्रेच करने लगा..।
वेटर ने उसका कार्ड उसके हवाले कर दिया था…
शौर्य कुछ पल सोचता खड़ा रहा, उसके बाद उसने अपने हाथ में बांध रखी घड़ी उतारी और वेटर के हाथ में रख दी..
“अरे नहीं सर.. ये मैं नहीं रख सकता.. !”
वेटर ने झुक कर शौर्य का अभिवादन किया और घड़ी उसकी तरफ सरका दी.. अब तक होटल के मैनेजर को भी मालूम चल चुका था कि शौर्य के कार्ड्स नहीं चल रहे हैं। और इसलिए वह भी वहां चला आया। उसने भी शौर्य को घड़ी वापस कर दी..
” आप रॉयल ब्लू ब्लड है, हम सब आपको अच्छे से पहचानते हैं..।
बुंदेला ग्रुप किसी परिचय का मोहताज नहीं है सर ! अगर आज आपने बिल पे नहीं भी किया तो हम जानते हैं कि हमारे पैसे कहीं नहीं डूब रहे, इसलिए आप बेहिचक घर लौट सकते हैं! बाद में जब होगा आप पे कर दीजिएगा!”
“नहीं.. मैं जानता हूँ होटल पॉलिसी भी होती हैं..ये बिल आप लोगों के सर पर परेशानी खड़ा कर देगा..।
आप बेहिचक इसे रख लें, मेरे पास ऐसी और भी हैं.. !
पता नहीं, शायद कोई नेटवर्क इश्यू होगा इसलिए अकाउंट से पैसे नहीं निकल पा रहे.. कल सुबह तक हो सकता है, प्रॉब्लम सॉल्व हो जायें.. !”
“लेकिन सर.. हम ये नहीं रख सकते.. बिल सिर्फ दो लाख का है और आपकी ये वाॅच उससे कहीं ज्यादा मूल्य की है !”
“आप प्लीज़ रख लीजिये, वरना मुझे अच्छा नहीं लगेगा.. !”
शौर्य ने ज़बरदस्ती अपनी घड़ी मैनेजर के हाथ में थमा दी और वहाँ से बाहर निकल गया..
मीरा उसके साथ जाने के लिए ही रुकी थी..
उसने मीरा की तरफ देखा, मीरा हल्के से मुस्कुरा उठी..
अब तक उन दोनों को ही भान नहीं था कि शौर्य के अकॉउंट के साथ क्या हुआ है ?
वो दोनों सीढ़ियां उतर कर नीचे गार्डन तक पहुँच गए..
दरबान शौर्य की कार निकाल लाया.. देर होती देख कर शौर्य ने प्रिंस की छुट्टी कर दी थी..
वो गाड़ी में बैठा और गाड़ी को एच बी सी होटल निकालने से पहले मीरा से पूछ लिया..
” तुम्हें तुम्हारे फ्लैट पर उतार देता हूं। मेरे फ्लैट में रिनोवेशन का काम चल रहा है। इसलिए मुझे एचबीसी रुकना पड़ेगा.. !”
” वाओ सेवन स्टार होटल” मन ही मन सोच कर मीरा फुदकने लगी..
” शौर्य! क्या आज मैं भी तुम्हारे साथ तुम्हारे रूम पर रुक जाऊं?”
मीरा की यह अजीबोगरीब बात सुनकर शौर्य उसकी तरफ देखने लगा।
” क्यों? तुम्हारे पास तो तुम्हारा फ्लैट है ना!”
” लेकिन अगर एक रात के लिए तुम्हारी गर्लफ्रेंड यह चाहती है कि वह तुम्हारे साथ रुक जाए तो उसमें कोई बुराई है क्या?”
“नहीं!! इसमें कोई बुराई की बात तो नहीं है। लेकिन जरूरत भी नहीं है।”
कहकर शौर्य ने मीरा के फ्लैट की तरफ गाड़ी घुमा दी मीरा को उसके फ्लैट के सामने उतारकर शौर्य ने अपनी गाड़ी वहां से होटल की तरफ घुमा ली।
मीरा के फ्लैट से वह होटल ज्यादा दूर नहीं था। वहां पहुंचकर शौर्य ने रिसेप्शन पर अपने रूम की बात कही..
होटल में आज ही किसी नए मैनेजर ने ज्वाइन किया था। शौर्य ने अपना परिचय दिया। मैनेजर ने उसे एक नजर देखा और उसका अभिवादन करने के बाद उसके लिए कमरे का कार्ड निकालने लगा..
“योर हाइनेस आप लोग अक्सर जिस सुईट में रुकते हैं, वहीँ आपके लिए खुलवा देता हूँ..।
लेकिन आपको शुरू में तीन लाख रूपये जमा करने होंगे.. !
बुरा मत मानियेगा सर,लेकिन आज कल हमारे होटल की पॉलिसी में थोड़ा बदलाव हुआ है। मैं आपको किसी तरह का कोई कष्ट नहीं देना चाहता। लेकिन यह जरा सी धनराशि जमा कर दीजिए, जिससे मुझे भी कोई परेशानी न हो.. “
शौर्य के पास इस वक्त पैसे ही कहाँ थे? न उसका कार्ड चल रहा था ना मोबाइल से वह किसी तरह भी कोई राशि ट्रांसफर कर पा रहा था।
उसका दिमाग घूम गया। फिलहाल उसके पास एकमात्र कीमती चीज थी, उसके हाथ की घड़ी। जिसे वह पिछले होटल में वेटर को दे आया था। और अब उसके पास कुछ भी बाकी नहीं बचा था। उसने उस मैनेजर को एक बार देखा और मुड़कर वहां से वापस निकल गया।
वह अपनी कार में बैठकर वापस मीरा के फ्लैट की तरफ बढ़ गया।
उसने मीरा को फोन लगा लिया। मीरा उसी वक्त अपने कमरे में पहुंची थी। उसने फोन उठाया।
” हां बोलो शौर्य! मेरी याद आने लगी ना बेबी? मैंने इसीलिए तो कहा था कि मैं तुम्हारे साथ रुक जाती हूं।”
शौर्य पल भर के लिए शांत रहा और फिर धीमे से बोल पड़ा ।
” हां मीरा साथ रुकना होगा, लेकिन मेरे रूम पर नहीं। मुझे शायद तुम्हारे फ्लैट पर रुकना पड़ेगा।”
यह सुनते ही मीरा के कान खड़े हो गए।
“क्यों ऐसा क्यों?”
” मेरा कार्ड नहीं चल रहा है। और उस होटल में मुझे 3 लाख एडवांस भरना था। मीरा हो सके तो मेरी मदद कर दो। अगर तुम्हारे पास पैसे हैं तो कुछ पैसे उधार दे दो, कल सुबह वापस कर दूंगा..।”
मीरा के रूम में उसके साथ बैठी रानी उधर से उछल पड़ी..
“क्या हुआ? तेरा प्रिंस किसी मुसीबत में है क्या? तुझसे मदद मांग रहा है!यह मौका अच्छा है मीरा! उसकी मदद करके उस पर एहसान जता दे, वो जिंदगी भर तेरा मोहताज रहेगा..!”
मीरा के चेहरे पर व्यंग भरी मुस्कुराहट आ गयी..
” नहीं रानी! अभी उसकी मदद करने का यह मतलब है कि उसे फिर कभी मेरी इंपॉर्टेंस समझ में नहीं आएगी… उसने आज तक मुझे कभी अपनी गर्लफ्रेंड माना ही नहीं! अगर आज मैंने उसकी मदद कर दी तो हमेशा के लिए मेरे सर पर उसकी दोस्त होने का ठप्पा लग जायेगा..
उसे आज तक हर चीज़ मांगने से पहले मिली है इसलिए उसे किसी बात की अहमियत नहीं है… यहाँ तक की मेरी भी नहीं..
अच्छा है आज की रात उसे अकेले तड़पने देते हैं.. जब वो भी मेरे लिए तड़पेगा ना तब देखूंगी.. !”
“लेकिन यह तो गलत बात है मीशा!! तुझे उसके साथ ऐसा नहीं करना चाहिए! वह सच में प्रिंस है यार, रोड पर सोएगा कैसे वो .. ?”
“मुझे क्या पता कैसे सोयेगा.. ये उसका अपना प्रॉब्लम है ! और भी तो लोग रोड पर सोते हैं ना! उन्हें कैसे नींद आ जाती है? वैसे भी दिन भर का थका है और बहुत पी चुका है, नींद तो आ जाएगी!
लेकिन मैं उसे अपने फ़्लैट में नहीं आने दे सकती! और वैसे भी इस फ्लैट में कभी भी आंटी का फोन आ जाता है…
यहां अगर वो रुकने आ गया ना तो मेरी सच्चाई उससे छुपाए रखना बहुत मुश्किल हो जाएगा..!
मैं उसे यहां रुकने नहीं दे सकती।”
मीरा ने शौर्य को फोन किया और शौर्य के फोन उठाते ही मीरा जोर जोर से रोने लगी। शौर्य को अचानक समझ में नहीं आया कि मीरा इस कदर रो क्यों रहीं है..
“आई एम सो सॉरी शौर्य! तुम्हें लगेगा मैं तुम्हारी मदद नहीं करना चाहती। लेकिन बात दरअसल यह है कि मैं तुम्हारी मदद करने के लायक ही नहीं हूं। फिलहाल मेरे दादाजी की तबीयत बहुत बिगड़ गई है और मुझे तुरंत उनके पास जाना पड़ रहा है। वह सरकारी हॉस्पिटल में हैं। और तुम जानते हो वहां का हाल कैसा होता है? मैं वहां तुम्हें अपने साथ नहीं ले जा सकती। रही मेरे फ्लैट की बात तो मेरे जाने के बाद यहाँ मेरी एक रूम मेट अकेली रहेगी। उसका बॉयफ्रेंड भी यहां आ सकता है। ऐसे में तुम्हारा फ्लैट पर आना ठीक नहीं होगा। तुम समझ रहे हो ना।
वैसे भी तुम तो कहीं ना कहीं अरेंजमेंट कर लोगे। चलो मैं तुमसे बाद में मिलती हूं..।
बाय, स्वीटहार्ट! अपना ध्यान रखना।”
इतना कहकर मीरा ने फोन रख दिया और शौर्य कुछ देर को अपने फोन को देखता रह गया।
उसने फोन बाजू की सीट पर डाला और गाड़ी यूं ही आगे बढ़ा दी। कुछ दूर जाने के बाद उसे गुलमोहर विला नाम का अपार्टमेंट नजर आने लगा। वहाँ ज्यादा आवाजाही नहीं थी.. रास्ता भी ख़ूब चौड़ा सा था !और शौर्य अब थक भी चुका था…
उसने वही अपनी गाड़ी खड़ी कर दी..!
अपना ब्लेजर उतार कर उसने एक तरफ डाल दिया और गाड़ी की सीट पीछे कर गाड़ी में सोने की कोशिश करने लगा!
उसने आंखें बंद कर ली..।
गाड़ी गुलमोहर अपार्टमेंट के बाहर एक पेड़ के नीचे किनारे खड़ी हुई थी।
उसी वक्त गली के बाहर के स्ट्रीट डॉग्स को खाना देने के लिए कली नीचे उतरी..।
उसने अपने अपार्टमेंट से लगकर खड़ी गाड़ी देखी और उसमें सोता हुआ शौर्य उसे नजर आ गया।
कुत्तों को खाना देने के बाद वह गाड़ी के पास पहुंच गई। उसने शौर्य की तरह वाला कांच अपने हाथों से थपथपा दिया।
शौर्य को नींद लगी नहीं थी। बस उसने आंखें बंद कर रखी थी। उसने आंखें खोली और कांच के उस पार उसे कली का चेहरा नजर आने लगा। शौर्य ने कांच नीचे उतार दिया..
” यहां क्या कर रहे हो..?”
” तुम्हें रतौंधी है क्या..? तुम्हें दिखाई नहीं दिया कि मैं सो रहा था..!”
कली का मुहँ बन गया..
” सीधे जवाब दे दोगे तो ड्राइवर से सच्ची के प्रिंस नहीं बन जाओगे समझे..?
वैसे गाड़ी में क्यों सो रहे हो? क्या तुम्हारा मालिक यहीं कहीं आसपास रहता है..?”
” मेरे मालिक तो पेरिस चले गए हैं..!”
“तुम्हें छोड़ कर ?”
” ऑब्वियसली..!”
“हम्म, तो तुम अपने घर चले जाओ..!”
” फिलहाल मेरे पास कोई घर नहीं है। मतलब रहने का कोई ठिकाना नहीं है। कल सुबह मेरा अकाउंट खुलेगा तब जाकर मैं…
शौर्य अटक अटक कर बोल रहा था और कली ने उसकी बातों का कोई और मतलब निकाल लिया। कली को ऐसा लगा कि शायद शौर्य के मालिकों ने उसे अब तक पैसे नहीं दिए। कली को उस पर तरस आने लगा..
“ओह्ह ओ..! कोई बात नहीं.. तुम चाहो तो मेरे साथ मेरे फ़्लैट पर रुक सकते हो..!”
“अरे नहीं.. तुम्हें दिक़्क़त होगी ?”
“मुझे कैसी दिक़्क़त? मेरे फ्लैट पर फिलहाल मैं अकेले ही रुकी हूं। बल्कि तुम रूक जाओगे तो अच्छा है, मुझे डर नहीं लगेगा..!”
“किससे डर ? तुम्हें किसी से डर भी लगता है..?”
“हाँ… भूतों से !”
कली की बात सुन शौर्य जोर से हंसने लगा….
“आर यू सीरियस.. ?”
“हाँ बाबा… अब चलो.. मेरे घर पर सो जाना !”
” तुम्हारे आसपास कोई कुछ बोलेगा नहीं? और तुम्हारे मॉम डैड को दिक्कत नहीं होगी, मैं तुम्हारे साथ तुम्हारे फ्लैट पर रुकूंगा तो..?”
” मेरे डैडा लंदन में रहते हैं, और मेरी मॉम स्वर्ग में आराम फरमा रहीं..।
बाकी बची सरू, जो मेरे साथ यहां आई है। लेकिन वह भी काका को देखने देहरादून चली गई है। और उन्हें वापस लौटने में दो-तीन दिन लग जाएंगे। तब तक तुम आराम से मेरे फ्लैट पर रह सकते हो…!”
शौर्य ने एक गहरी सी फूँक छोड़ी और नीचे देखने लगा..
“अरे इतना सोचो मत.. चलो ऊपर !”
शौर्य ने गाड़ी से अपना जैकेट निकाला और गाड़ी को लॉक कर कली के साथ उसके फ्लैट पर चला आया..
कली ने दरवाज़ा खोला और शौर्य को साथ लिए भीतर चली आयी..
शौर्य ने इधर उधर देखा और वहीँ बिछे काउच पर बैठ गया..
“तुम यहाँ इस काउच पर सो जाना, मैं अंदर बैडरूम में सो जाउंगी.. कुछ खाओगे ?”
‘”नहीं… भूख नहीं है.. !”
हां में गर्दन हिलाकर कली वहीं से लगे रसोई में चली गई। उसने फिल्टर से 2 बोतल में पानी भरा और बाहर चली आई। पानी की 1 बोतल उसने शौर्य के पास रख दी..।
“थैंक्स.. ! ” शौर्य ने कहा
“ओके.. और कुछ चाहिए ?”
कली ने पूछ लिया..
“हम्म्म… कॉफ़ी मिल सकती है.. ?”
कली ने बड़े आश्चर्य से आंखें घुमा कर शौर्य को देखा और धीरे से हां बोल कर रसोई में चली गई..
होने को तो ड्राइवर है, लेकिन शौक बड़े-बड़े पाल रखे हैं..कॉफ़ी पीनी है साहब को.. !
कली ने बड़ी अदा से शौर्य से पूछ तो लिया था, लेकिन रसोई के मामले में उसका खुद का डिब्बा गोल था। उसे रसोई की बारहखडी का क ख ग भी नहीं मालूम था।
वो रसोई में गई और कुछ देर के लिए यूं ही खड़ी रह गई। रसोई में राशन का सारा सामान वीराट ने पहले ही भरवा दिया था।
वह एक एक दराज खोल कर सामान देखने लगी। आखिर उसे कॉफी की शीशी नजर आ गई। लेकिन उसे यह समझ में नहीं आ रहा था कि अब कॉफी बनानी कैसे है..?
उसी समय अपनी खाली पानी की बोतल भरने के लिए शौर्य रसोई में चला आया। उसने कली को विचारमग्न देखा और पूछ लिया…
“क्या हुआ.. कॉफ़ी नहीं है ?”
“है तो… लेकिन..
“लेकिन क्या ?”
“मुझे बनानी नहीं आती !”
जल्दी से कली ने कह दिया और शौर्य धीरे से मुस्कुरा उठा उसने कली के हाथ से कॉफी का बोतल लिया। उसे कली के ठीक पीछे स्लैब पर कॉफी परकोलेटर रखा हुआ नजर आ गया। वह मुस्कुराकर उस तरफ बढ़ गया। कॉफी परकोलेटर को सेट करते हुए उसने धीरे से मुड़कर देखा और कली से पूछ लिया..
“दूध है ?”
“हाँ होना तो चाहिए.. !”
कली इधर-उधर देखते हुए दूध कहां रखा हो सकता है यह सोच रही थी कि शौर्य ने आगे बढ़कर फ्रिज खोलकर दूध का कार्टन निकाल लिया..
कली ने शौर्य को इतनी सफाई से कॉफी बनाते देखा और मुस्कुरा कर स्लेब से टिक कर खड़ी हो गई..
“खाना भी बना लेते हो ?”
“हम्म…. कभी मौका तो नहीं लगा! लेकिन इतना तो जानता हूँ कि भूखे पेट सोने की नौबत नहीं आएगी !”
शौर्य ने बड़ी अदा से अपने बाल पीछे किये और पलट कर कली की तरफ घूम गया..
” कॉफी कप कहां रखे हैं ?”
कली ने ना में कंधे उचका दिये।
शौर्य ने ही आगे बढ़कर ऊपर वाले एक दराज को खोला और इत्तेफाक से उसी में चाय और कॉफी के कप रखे हुए थे। शौर्य ने दो कप वहां से निकाले और कॉफी उनमें डालने लगा..
दूध को वह वापस फ्रिज में रखने गया तो फ्रीज में रखी बेरीज़ पर उसकी नज़र पड़ गयी..
यह बेरीज़ नीदरलैंड्स से विराट खुद लेकर आया था। और उसने ही कली के लिए इन्हें फ्रिज में रखवा दिया था। इन बेरीज़ को देखते ही शौर्य ने बाहर निकाल लिया…
“वाओ आई लव दिस बेरीज़… मुझे बहुत पसंद है ये !”
कली आंखें फाड़े शौर्य को देख रही थी..
उसने शौर्य के हाथ से वो पैकेट ले लिया..
“ये तो बहुत कॉस्टली लग रहीं हैं.. !”
उसने अलट पलट कर उस पैकेट को देखा..
“डेढ़ सौ पाउण्ड का है ये तो.. !”
“है तो खाने के लिए ही !”
शौर्य की बात पर उसने भी सहमति जता दी.. शौर्य ने वापस एक बेरी मुहँ में डाली और पैकेट फ्रिज में रख दिया..
“स्पेशली ये नीदरलैंड्स की बेरीज़ बहुत यम होती हैं… वैसे इटेलियन ड्राई बेरीज़ भी मुझे पसंद हैं.. !”
आंखें फाड़े कली शौर्य को देख रही थी..
“सारे रईसों वाले शौक पाल रखें हैं इस लड़के ने.. !”
होंठो ही होंठो में बड़बड़ाते हुए कली अपनी कॉफ़ी लेकर बाहर चली आई..
शौर्य भी बाहर चला आया..
दोनों साथ बैठ कर ख़ामोशी से कॉफ़ी पीने लगे..
कुछ देर में दोनों के कॉफ़ी कप लिए कली रसोई में चली गयी.. वहाँ साफ़ सफाई करते हुए अचानक कली को एक गाना याद आ गया, और वो उसे गुनगुनाने लगी..
महरूम थे..
…..राहें फिर मुड़ी,
और साथी एक साथी मिल गया.. !!
क्रमशः..
क्या रंग लाने वाली है ये ख़ामोशी.. ये गाने और ये साथ !!
देखेंगे अगले भाग में.. ।
aparna…

Yah bhag padhkr hothon par muskan chali ai, wah shaurya ko driver samjhati hai aur Prince ke principles unche Hain yah dekh wah hairan rah jati hai, Bahut Achcha likha hai di Apne, agle bhag ko padhne ko tatpar hun….😊💐🙏
कुछ गुम से थे.. सूने सवालों के जायज़ जवाब मिले ना,हमसफर… राहें फिर से मुड़ी और साथी, एक साथी मिल गया ❤️। बहुत खूबसूरत, रूहानी गाना 👌🏻👌🏻।
आज पुरानी यादें ताज़ा हो गयी, बांसुरी और राजा और आज शौर्य और कलि 👏
कलि मन में सोच रही ड्राइवर के शौक तो सारे रईसों वाले है पर कलि को क्या पता वो कौन है, इस समय तो बेचारा शौर्य सच में ड्राइवर ही है सारे कार्ड्स, accounts बंद करवा दिए समर ने।
देखते है इनका ये प्यारा सा सफर कैसा बीतता है 😊।
बेहद खूबसूरत भाग 👌🏻👌🏻।