जीवनसाथी -3 भाग -13

जीवनसाथी -3 भाग -13

जीवनसाथी by aparna

     लंदन इवेंट के दूसरे दिन कली इतनी उत्साहित थी की समय से पहले ही वो वहाँ पहुँच गयी…
अब उसके पास एंट्री पास था और उसने अपने पास को गले में डाल रखा था, इसलिए गार्ड ने उसे तुरंत ही अंदर प्रवेश दे दिया! अंदर जाने के बाद सामने ही उसे विराट नजर आ गया और वह हंसती चहकती विराट के पास पहुंच गई..
उसने अपनी पीठ पर जो बैग टांग रखा था, उसी में उसने शर्ट भी डाल दी थी..

विराट उसे अपने साथ नाश्ते की टेबल पर ले गया..
कली की निगाहें इधर-उधर किसी को ढूंढ रही थी ! विराट का ध्यान इस बात पर चला गया और उसने कली से पूछ लिया…

” किसी को ढूंढ रही हो कली?”

कली ने चौक कर विराट की तरफ देखा और ना में गर्दन हिला दी! विराट उसे लेकर अपनी पहले से आरक्षित टेबल पर चला आया!
वहां बैठते ही कली की नजर पड़ गई। उसके ठीक सामने की टेबल पर शौर्य बैठा हुआ था। हालांकि उसे अब तक शौर्य का नाम मालूम नहीं था लेकिन शौर्य का चेहरा उसी की तरफ था…

लेकिन शौर्य अपने मोबाइल पर कुछ कर रहा था। उसका ध्यान कली पर नहीं गया था, उसी वक्त परी ने शौर्य से कुछ कहा और शौर्य परी की बात सुनने लगा…

परी से बात के दौरान ही वेटर उनकी टेबल पर आया और दोनों की प्लेट में ब्रिटिश कल्चर का नाश्ता रखकर चला गया…
एक प्लेट में डोरिटोज़ कुछ सलाद ड्रेसिंग के साथ था,और दूसरे में पास्ता..

वहीं नाश्ता कली की टेबल पर भी आ गया..
कली ने बड़ी अदा से फोर्क में सलाद की पत्तियां समेटी और अपने मुहँ में रख ली..
उसी वक्त उसकी नज़र शौर्य पर पड़ गयी..
शौर्य की भी इत्तेफाक से उस पर नज़र पड़ गयी..

दोनों की नजरे मिली और शौर्य ने उसी वक्त हाथ से एक चिप्स उठा कर मुँह में रख लिया..
कली ने तुरंत उसे ना का इशारा किया, उसके इशारे को देख शौर्य के माथे पर सवालिया निशान उभर आया।

    कली ने तुरंत एक हाथ में फोर्क और दूसरे में नाइफ उठाकर शौर्य को दिखाया और उस फोर्क की सहायता से बड़े सलीके से सलाद के पत्तों को लपेटने लगी।
   उसके बाद धीरे से नाइफ की मदद से उसने एक चिप्स उस पर उठाकर रखी और उसे बड़ी नफासत से अपने मुंह में रख लिया।
    शौर्य कली को देख रहा था, उसे कली की इस हरकत पर हंसी आने लगी।
वो समझ गया कि कली उसे खाने के तौर तरीकों के साथ टेबल मैनर्स सीखा रहीं है.. !

     उसने अपने चेहरे पर गंभीरता वाले भाव बनाए रखें, और उसके बाद कली की नकल करने लगा।

    शौर्य ने भी फोर्क की सहायता से सलाद की पत्तियों को उठाने की नाकाम सी कोशिश करते हुए कली को दिखाया। कली बार-बार इशारों में उसे ठीक से सलाद पकड़ना सिखा रही थी, और शौर्य बार-बार अपने इस प्रयास में झूठी असफलता पा रहा था..।

      वो जब-जब उटपटांग तरीकों से फोर्क में सलाद को फंसाता कली उसे देखकर ना में गर्दन हिला देती…..
…आखिर शौर्य की बार बार की असफलता ने कली को हताश कर दिया और कली ने अपने माथे पर अपना हाथ मार लिया…

  और शौर्य ने फोर्क और नाइफ दोनों को पटक कर हाथ से ही चिप्स और सलाद खाना शुरु कर दिया..
    कली ने उसे देखकर ना में गर्दन हिलाई और अपने नाश्ते को देखते हुए खाने लगी…
शौर्य को बड़ी ज़ोर से हंसी आ गयी, लेकिन उसने खुद को संभाल लिया.. परी उसे ही देख रही थी..

“चल क्या रहा है प्रिंस ?”

“अरे.. कुछ नहीं.. बस ऐसे ही !”

शौर्य का इस बात पर ध्यान ही नहीं गया था कि परी उसे लगातार देख रही है। परी ने जैसे ही पूछा शौर्य हॅंस दिया और मुस्कुरा कर बात को टाल गया..

“कौन है ये लड़की… है तो बहुत ब्यूटीफुल !”

“मैं नहीं जानता कौन है ?”

“वाओ.. मतलब अब बिना जाने पहचाने भी आँखों ही आँखों में इशारे हो गए, बैठे बैठे जीने के सहारे हो गए.. !”

“अरे नहीं, ऐसा कुछ नहीं है.. !”

शौर्य ने बात टाल दी..
लेकिन परी मुस्कुरा उठी.. वह तो बचपन से शौर्य के साथ ही पली-बढ़ी थी। उनकी बड़ी मां यानी कि रूपा रानी मां ने बच्चों को सिखाने पढ़ाने के लिए बचपन से ही एंग्लो इंडियन मेड रखी हुई थी, जो राज महल के सारे बच्चों को बोलने, खाने पीने, रहने सहने, चलने, उठने बैठने के तौर तरीके सिखाया करती थी..
रूपा पर अंग्रेजीयत का भूत सवार था और इसीलिए वह चाहती थी राज महल के सारे बच्चे ब्रिटिश कायदे कानूनों को शिद्दत से निभाये, और इसीलिए यह सारे बच्चे इन सारे कायदों का पालन करने में कुशल थे..
  ब्रिटिश कायदो की बारहखड़ी रटने में सबसे ज्यादा उस्ताद शौर्य ही था, कोई चाहें गलती कर भी दे लेकिन  राजकुमार शौर्य से इन मामलों में कभी कोई गलती नहीं होती थी…

इसीलिए शौर्य का उस लड़की के सामने यूं अनाड़ी बनकर खाना देख कर परी को हंसी भी आ रही थी और वह आश्चर्य में भी थी…
उसे लगा शौर्य की गर्लफ्रेंड्स की फेहरिस्त में एक और नया नाम जुड़ गया है। परी वापस शौर्य को छेड़ने लगी उसी वक्त शौर्य के मोबाइल पर बांसुरी का फोन आने लगा…

उसके चेहरें पर हलकी सी मुस्कान चली आई.. और वो फ़ोन उठा कर अपनी मॉम से बात करने लगा..
बाँसुरी ने ढ़ेर सारी हिदायते देकर फ़ोन रख दिया..

फ़ोन पर बात करने के बाद शौर्य का ध्यान कली की टेबल पर गया लेकिन तब तक कली वहाँ से उठ कर जा चुकी थी..

शौर्य जाने क्या सोच कर उस टेबल पर चला आया…
वो जब बाँसुरी से बात कर रहा था उस वक्त उसका ध्यान इस बात पर गया था कि कली वहीँ टेबल पर कुछ लिख रहीं थी.. सामने बैठा विराट बीच बीच में कुछ बता जाता था..
कली कुछ लिखने में मगन थी..

शौर्य को उस वक्त लगा जैसे कली कोई बहुत ज़रूरी बात लिख रहीं है..
वह वहां पहुंचा और कुछेक टेबल पर रखे टिशू पेपर पर उसका ध्यान चला गया। शौर्य ने उस टिशु पेपर को उठा लिया। उस पर कली ने कुछ लिख रखा था। लिखने के साथ-साथ नीचे एक छोटा सा गुलाब भी बना हुआ था। शौर्य समझ गया कि कली की बैठे-बैठे लिखते रहने की आदत है।
   उसने खोलकर उन पंक्तियों को पढा, एक बहुत पुराने गाने की कुछ पंक्तियां लिखी हुई थी। जिन्हें शौर्य समझ नहीं पाया और उसने तुरंत अपना मोबाइल निकाल कर उन पंक्तियों को टाइप किया और उसके सामने वह गाना खुल गया। उसने मोबाइल धीरे से कान पर लगाया और गाने के बोल सुनने लगा…

“अरमान है कोई पास आये,
इन हाथों में वो हाथ आये
फिर ख़्वाबों की घटा छाये, बरसाये खुमार..
फिर उन्हीं दिन रातों पे
मतवाली मुलक़ातों पे
उल्फ़त भरी बातों पे, हम होते निसार…
कहीं करता होगा वो मेरा इंतज़ार
जिसकी तमन्ना में फिरती हूँ बेक़रार….”

गाने के बोल सुन शौर्य मुस्कुरा उठा..

आज सारे रॉयल गेस्ट्स का बोल डांस होना था.. जहाँ उन सब की जोड़ियाँ बननी थी, और उसके बाद उन लोगों का लंच अपनी जोड़ी के साथ ही होना था..

इस इवेंट में विराट को कवरेज नहीं लेनी थी, और विराट को आज इंग्लैंड की महारानी ने अपने ख़ास कमरे शीश महल की तस्वीरें लेने विशेष रूप से आमंत्रित किया था, और इसलिए विराट कली को साथ लिए वहाँ चला गया था..

कली ने जाने के पहले शर्ट का पैकेट निकाल कर वहाँ के एक वेटर को पकड़ा दिया !
        उसने शौर्य की तरफ दिखा कर उस वेटर को बता दिया था की शर्ट उस लड़के को देनी है.. इसके साथ ही उसने शौर्य के लिए कुछ लिख कर भी दे दिया था..

शौर्य और परी अंदर जाने वाले थे कि वो वेटर शर्ट लेकर शौर्य के पास चला आया..

उसने शर्ट और साथ में वो परचा भी शौर्य को पकड़ा दिया..

शर्ट को आश्चर्य से देखते शौर्य ने परचा खोल लिया.. परी भी गहरे अचरज से उसे देख रही थी, कि यहाँ विदेश में किसने शौर्य के लिए कपड़े भेज दिये..

“कहाँ कहाँ तक ख्याति फ़ैला रखी है राजकुमार जी आपने… यहाँ लंदन में भी आपके चाहने वाले गिफ्ट्स भेज रहें हैं !”

शौर्य मुस्कुरा कर रह गया….

“ऐसा कुछ नहीं है.. देखूं तो सही कि किस कदरदान ने गिफ्ट भेज दिया…।”

शौर्य ने शर्ट पर एक नज़र डाली और पर्चे को खोल लिया..

मिस्टर ड्राइवर,
    वैसे तो मैंने बदला लेने के लिए ही आप पर कॉफ़ी गिरायी थी, लेकिन फिर आपकी दुःख भरी कहानी सुन कर मुझे आप पर तरस आ गया और इसलिए मैं आपके लिए ये शर्ट ले आई.
वैसे मैं जानती हूँ ड्राइवर की नौकरी में इतना कुछ तो आप नहीं कमा पाते होंगे लेकिन एक सीख दे रहीं हूँ हमेशा संभाल कर रखना, वो ये की हमेशा इंसान के पास भले ही रुपया पैसा धन दौलत कम हो तो चलेगा लेकिन उसके पास कुछ एक भी सच्चे दोस्त हो गए तो उन्हें हमेशा संवार कर संभाल कर रखना चाहिए। बिल्कुल वैसे ही जैसे आप ये शर्ट संभाल कर रखेंगे..

जानती हूँ ये शर्ट शायद आपके जीवन की पहली फर्स्ट हैंड महंगी ब्रांडेड शर्ट होगी, इसलिए ये आपके लिए और ख़ास हो जायेगी, लेकिन इन कारणों की जगह हमेशा यही याद रखना, इस शर्ट के साथ कि अच्छे लोगों के साथ हमेशा अच्छा होता है….

कली..

शौर्य को ज़ोर से हंसी आ गयी.. उस वेटर को शर्ट थमा कर वो अंदर चला गया..

“क्या हुआ वो शर्ट उस वेटर को क्यों दे दी ?”

“अरे तो क्या किसी भी ऐरे गैरे की दी हुई शर्ट पहन लूंगा मैं.. ! अचानक कहीं से आकर टकराई वो और उसकी ड्रेस पर मुझसे कॉफ़ी गिर गयी, जिसका वदला लेने उसने पहले मुझ पर कॉफ़ी गिरायी बाद में मेरे लिए एक नयी शर्ट ले आयी.. नॉनसेंस ! ऐसे थोड़े ना कुछ भी रख लूंगा.. उस गरीब आदमी के काम आ आएगी.. !”

परी ने बेपरवाही से शौर्य को देखा और उसकी बाँह पकड़ कर भीतर चली गयी..

लड़के लड़कियां खुद से एक दूसरे को अपने डांस के लिए चुन कर डांस फ्लोर पर चले जा रहे थे..
एक गोरा चिट्टा अँगरेज़ परी के पास आया और उसके सामने अपना हाथ बढ़ा दिया..

परी ने शौर्य की तरफ देखा वो हल्के से मुस्कुरा उठा और परी उस लड़के का हाथ थामे चली गयी..
शौर्य के सामने एक रशियन प्रिंसेस आई और उसने अपना हाथ बढ़ा दिया, शौर्य के पास पहले से वैसे भी कोई पार्टनर नहीं था, उसने भी उस लड़की के साथ डांस फ्लोर का रुख कर लिया..

****

पिलाटे का सेशन ख़त्म होने के बाद सभी लड़कियों को ब्रेकफास्ट के लिए वहीँ एक तरफ सजे बुफे की तरफ ले जाया गया..
पिछले दिन की तरह ही आज भी नाश्ते में सारा ही डाइट फ़ूड रखा था..

एक बार फिर मीरा का दिमाग ख़राब हो गया..

“ये क्या है यार.. रोज़ रोज़ ये लोग यहीं घास फूंस खिलाएंगे क्या ?”

उसने प्लेट अपने हाथ में लेकर कहा ही था कि किसी ने उसके पूछे से उसके हाथ से प्लेट ले ली..
उसने पलट कर देखा धनुष खड़ा था..

“आप नहीं खाना चाहती तो प्लेट बर्बाद करने से बेहतर है आप वापस रख दीजिये.. !”

मीरा ने घूर कर देखा… और प्लेट वापस छीन ली..
इस सनकी का क्या भरोसा, पता चला कुछ खाने को ही नहीं दिया और दिन भर यूँ ही भूखा मार देगा..
अपनी प्लेट पकड़ कर वो दूसरी तरफ बढ़ने लगी और धनुष उसके करीब आकर साथ साथ चलने लगा..

“ये जो मॉडल्स वाला एटीट्यूड दिखाती हो ना, ये ज़रा कम दिखाओ..।
क्यूंकि तुम्हारी दुनिया में शायद कुछ लोग तुम्हें जानते होंगे, लेकिन उस दुनिया के बाहर तुम्हें कोई नहीं जानता..।
ये जो बेइंतिहा गैरज़रूरी गुस्सा और ईगो लेकर घूम रही हो ना इसका असल में कोई महत्व नहीं है..।
मैं जब चाहूँ तुम्हें इस ऑफ़िस से बाहर फिंकवा सकता हूँ। पर तुम शौर्य के रिफ्रेंस से आई हो, और दूसरा और सबसे बड़ा कारण मैं कभी औरतों की बेइज्जती नहीं करता। लेकिन तभी तक जब तक सामने वाली में औरत वाली बात हो… तुम्हारी जैसी हरकते हैं ना मुझे तो तुम्हारे लड़की होने पर भी शक होता है !”

“व्हाट ?”

“हाँ!!  हो सकता है पैसे कमाने के लिए तुमने औरत का भेस धर लिया हो..

“पागल हो क्या ? क्या बेसर पैर की बात लगाए बैठे हो ?”

“शुरुआत किसने की.. ? तुमने ना ? अब खुद सारी बातें शुरू से सोचो,  किसने बेसर पैर की बात शुरू की.. ? मैंने या तुमने ?
मुझे तो तुम्हारी सोच पर तरस आता है.. और तुम पर गुस्सा..।
मॉडल बनना चाहती हो पर मेहनत नहीं करनी…
तुम्हें क्या लगता है तुम अपनी गरीबी की दुःख भरी कहानी सुना कर धनुष को उल्लू बना लोगी और अपना काम निकलवा लोगी..।
क्या मिलता है तुम लोगों को ऐसी सिम्पेथी गेन कर के..
एक बात याद रखना ज़माना कभी तुम्हारे आँसू पोंछने नहीं आएगा बल्कि तुम्हारे पीठ पीछे तुम्हारी व्यक्तिगत कहानी और दुखो का मजाक ही बनाएगा..।
खैर मैं भी किसे समझा रहा जो अपने पांच साल पहले मर चुके दादा जी की सेवा का बहाना बना कर नौकरी मांग रहीं वो भी हर्ष से.. ।
हर्ष को तुमने क्या समझ लिया था, उसने तुम्हारी दुःख भरी कहानी सुन कर तुन्हे चुना है.. ?
उस मुगालते में मत रहना..।
हर्ष का तुम्हें चुनने का सिर्फ एक कारण है और वो है शौर्य का रिफ्रेंस..।
वरना एक बात जान लो, हर्ष अपने यहाँ काम देने वाले की जन्मकुंडली पहले ही निकलवा लेते हैं..।
तुम गुलमोहर अपार्टमेंट की किस मंज़िल में किस के साथ कब से रहती हो ये सब हर्ष को मालूम है !”

मीरा सर झुकाये खड़ी थी.. उसने धीरे से आंखें उठायी..

“और तुम्हें ?”

“ऑब्वियस्ली.. मुझे मालूम है और मैंने ही उन्हें बताया !”

धनुष ने उसे घूरते हुए कहा..

“सो मिस मीरा और व्हाटएवर..अगर यहाँ काम करना है तो ढंग से करो.. वरना पहले ही अपना बैग उठाओ और निकल लो..।”

धनुष अपनी बात कह कर तेज़ी से निकल गया और उसे उलटी सीधी गालियों से नवाज कर वो भी आगे बढ़ गयी..

कुछ देर बाद ही सारी मॉडल्स को उसी पुराने हॉल में वर्कशॉप के लिए ले जाया गया..

अबकी बार वापस वैसे ही स्टिकर टेप से सीधी पंक्ति बना दी गयी थी…

सारी मॉडल्स एक तरफ खड़ी थी..
उसी वक्त धनुष दो लड़कों के साथ अंदर चला आया…
उन लड़कों के हाथ में कुछ बॉक्स थे..
बॉक्स देख मीरा ज़रा खुश हो गयी..

“लगता है इतना लताड़ने के बाद इस हिटलर जूनियर को मुझ पर तरस आ गया है, इसलिए गिफ्ट मंगवाया है.. !

मन ही मन वो सोच कर खुश हो रही थी कि तभी धनुष की आवाज़ गूंज गयी..

“हेलो गर्ल्स… जानता हूँ आपमें से कई लोग ये सोच के खुश हो गए होंगे कि आपके लिए गिफ्ट आया है.. आया तो है, लेकिन अलग तरह का..।”

धनुष ने सबसे पहले मीरा को ही आगे आने का इशारा कर दिया..

मीरा जैसे ही सामने आई..
उसके सामने एक साढ़े चार इंच हील की सैंडल रख दी गयी.. वैसे मीरा हील्स पहना करती थी, लेकिन तीन या साढ़े तीन इंच.. उससे ज्यादा नहीं..
उसने हील्स देखी और धीरे से उनमे पैर डाल दिया..

सैंडल पहन कर उसने ऊपर सर उठाया और जानी ने उसे फर्श पर लगी स्ट्रिप की तरफ इशारा कर दिया..
लड़खड़ाई सी मीरा उस तरफ बढ़ गयी..

आज वो धनुष को करारा जवाब देना चाहती थी..
समझता क्या है ये लकड़बग्घा ? औरतों का जीवन आसान होता है भला ?
मैं भी दिखा दूंगी की मैं ही असली दिवा हूँ.. मेरे सामने यहाँ कोई नहीं टिकेगा..

वो स्ट्रिप पर खड़ी हुई म्युज़िक शुरू हुआ, उसे उसी म्युज़िक पर सीधे चलते हुए आगे बढ़ना था कि तभी धनुष ने इशारा किया और जानी दो मोटी मोटी किताबें लें आया..

“अब ये बुक्स क्यूँ.. ? क्या अभी बुक भी पढ़ कर सुनानी पड़ेगी… ?”

जानी ने ना में गर्दन हिला दी..

“नो डार्लिंग.. ये आपको अपने सर पर रख कर आगे बढ़ना है.. !”

“क्यूँ.. ? किताबें सर पर रख लेने से मेरा दिमाग बढ़ जायेगा क्या ?”

“नहीं…. किताबें सर पर रखने से ही क्या तुम तो इन किताबों को पढ़ भी लोगी तब भी तुम्हारा दिमाग नहीं बढ़ना है..
कहते हैं ना कुत्ते की पूँछ को कितना भी सीधा करना चाहो नहीं हो सकती.. बस वही हाल है… !” धनुष बोल पड़ा

“तुमने मुझे कुत्ता कहा.. ?”मीरा बिफर गयी

“नो नेवर.. पागल हो क्या.. तुम्हें कुत्ता कह के कुत्ते से दुश्मनी कौन मोले लेगा..?
खैर वो सब छोड़ो.. ये बैलेंसिंग के लिए है.. इसलिए सर पर रखो और चलो.. !”

धनुष की बात एकदम से मीरा को समझ में नहीं आई और उसने अपनी गर्दन को झटक कर किताबें अपने सर पर रख ली..
आगे बढ़ने के प्रयास में किताबें उसके सर से गिर गयी और एक बार फिर उसका फजीता बन गया..

लम्बे लम्बे प्रयासों के बाद भी जब वो नहीं चल पायी, तब जानी ने उसे ब्रेक दिया और बाकी लड़कियों से अभ्यास करवाने लगा..

वो दूर कुर्सी पर बैठी अपनी सैंडल उतार कर अपने गोरे गोरे पैरों को हाथों से सहलाते हुए अपनी तकलीफ दूर करने की कोशिश कर रहीं थी…
धनुष हाथ में कुछ पेपर्स लिए वहाँ चला आया..
उससे ज़रा हट कर उसने कुर्सी खींची और बैठ गया..

“शक्ल सूरत लोमड़ी से मिलने का ये मतलब हरगिज़ नहीं होता की चाल भी लोमड़ी सी हो जायेगी.. !”

“व्हाट.. ? तुमने मुझे लोमड़ी कहा ?”

“पागल हूँ क्या ? तुम्हें लोमड़ी बोल कर मुझे लोमड़ी का कोपभाजन नहीं बनना है.. !”

“क्या भजन…कौन सा भजन ?”

मीरा के सवाल पर खिलखिला कर हँसता हुआ धनुष वहाँ से चला गया..

क्रमशः

aparna….

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Manu verma
Manu verma
2 years ago

बेहद लाजबाब भाग 👌🏻👌🏻👌🏻
कली शौर्य को ड्राइवर समझकर टेबल मैंनेर्स सीखा रही पर उसे क्या पता वो कौन है 😃, शौर्य भी कम नहीं है अच्छा भोला बन रहा था कली के सामने, कली का उसे shirt गिफ्ट करना और पर्चे में लिखा कि इंसान के पैसे बेशक कम हो पर कुछ एक दोस्त….. बहुत बेहतरीन सोच है अपनी कली की 👏👏👏पढ़कर ऐसा लगा मेरी दोस्त ने मुझे कहा हो 😊❤️।
मीरा और धनुष….🤔
धनुष का तो सारा ध्यान ही मीरा पर है ऐसा क्यों 🤔पर जो है मीरा को सही रास्ते पर ले आएगा धनुष 😊।
बहुत खूबसूरत भाग 👌🏻👌🏻👌🏻🙏🏼।

Abhishek Kishor
Abhishek Kishor
2 years ago

लगता है मीरा का अच्छा ट्रीटमेंट करने के लिए हर्ष की तरफ से धनुष को इशारा मिला है देखते हैं मीरा उर्फ मिशा टिक पाती है या नहीं और मीरा धनुष की कोई केमेस्ट्री तो कहीं नहीं बन रही है। पढ़कर मालूम चलेगा।
उधर कली का दिया गया गिफ्ट रिजेक्ट कर दिया शौर्य ने अब आगे क्या होगा! बहुत अच्छा भाग दी ..💐🙏