जीवनसाथी -3 भाग -10

जीवनसाथी -3 भाग -10

जीवनसाथी by aparna

मीरा के चेहरे पर परेशानी की हल्की  सी रेखा आई और चली गई और उसे गहरी नजरों से देखते हुए धनुष ने धीरे से अपना मुंह फेर लिया।

“वेलकम टू माय वर्ल्ड मॉडल्स।  Let me take you into my miraculous world….
welcome…

सभी लड़कियों का बायोमेट्रिक होने में वक्त लग गया..
मीशा उतने में ही थकने लगी..
उसे लग रहा था अब लंच ब्रेक हो जाना चाहिए लेकिन अभी वो धनुष को जानती नहीं थी…

वर्कशॉप शुरू हो गयी..
एक बहुत दुबला सा गोरा सा लड़का उन लोगों के पास चला आया…
“हैलो गर्ल्स, मेरा नाम जानी है, मैं आप लोगों की वर्कशॉप लूंगा.. ओके !”

सभी लड़कियों ने हाँ में गर्दन हिला दी..
कुछ लड़कियां उसे देख मुस्कुराने लगी.. एक ने दूसरी के कान में धीरे से “ये तो मीठा निकला “कह कर मुस्कुराने लगी.. मीरा ने उन लड़कियों को देख कर बुरा सा मुहँ बना लिया..

मीरा ने उस लड़के को टोक दिया..

“मुझे ज़रा पानी चाहिए था.. !”

जानी ने उसे घूर कर देखा और एक लड़के की तरफ इशारा कर दिया..

वो फटाफट एक फ्लास्क के साथ एक ग्लास ले आया..
उसमें से पानी निकाल कर उसने मीरा की तरफ बढ़ा दिया..

मीरा ने पानी पीते ही मुहँ बना लिया…
पानी थोड़ा गर्म था और उसमें कुछ अजीब सा स्वाद आ रहा था..

“यह तो बहुत बेहूदा पानी लग रहा है! एक तो मैं इतना गरम पानी पी नहीं सकती, मेरा मुंह जल गया.. उस पर कुछ अजीब सा टेस्ट कर रहा है… !”

” बेबी अब तो यही पानी पीना है! मॉडल बनना है ना ! गरम पानी शरीर के फैट को पिघलाता रहता है,और इसमें डली हैं क्यूमिन सीड्स…
   क्यूमिन जो है वह ब्लाटिंग को रोकता है.. यू नो..!”

“रिडिक्युलुस… ये मुझसे नहीं होगा.. ! प्लीज़ मुझे नॉर्मल पानी दो.. थोड़ा चिल्ड !”

मीरा ने मुंह बनाते हुए ग्लास एक तरफ रख दिया और तभी उसके कानों में धनुष की आवाज गूंज गयी..

“देन गेट आउट !”

“व्हाट ?”

मीरा चौक कर आंखें फाड़े धनुष की तरफ देखने लगी, और धनुष ने अपनी ऊँगली से दरवाजे की तरफ का रास्ता दिखा दिया…

” अगर मेरे साथ काम करना है, तो मेरी शर्तों पर करना होगा ! वरना दरवाजा आपसे सिर्फ 10 कदम की दूरी पर है, आप जा सकती हैं..! और वो भी तुरंत ! दुबारा ना मैं सोचूंगा ना आपको सोचने दूंगा !”

मीरा की आंखों में लाचारगी के आंसू आ गए, उसने जो ग्लास बड़ी जोर से पटक कर उस ट्रे में बड़े एटीट्यूड से   रखा था उसे उठाकर वापस अपने मुंह से लगा लिया..!

“दैट्स लाइक आ गुड गर्ल !”

जानी ने कहा और उन सब लड़कियों को एक तरफ कर आगे बढ़ गया…
जानी ने एक स्टिकर टेप मंगवाया और दीवार के पास से फर्श पर सीधा लंबाई में उसे खींचते हुए दूर तक फर्श पर चिपका दिया।
यह पतली सी सिल्वर कलर की स्ट्रिप थी,जिसे फर्श पर चिपकाने के बाद जानी एक तरफ खड़ा हो गया। उसने उन मॉडल्स में से एक लड़की को अपने पास बुलाया, और दीवार पर जहां से लेकर उस स्ट्रिप को चिपकाया था वहां खड़ा कर दिया, और उसे समझाने लगा..

” गर्ल्स !!  आप लोग भी समझ लीजिए, आप लोगों को यह जो पतली सी स्ट्रिप जमीन पर चिपकी हुई है, इसी पर अपने दोनों पैर रखते हुए आगे बढ़ना है। यह आप लोगों की ट्रेनिंग का पहला लेसन है कि आप को कैसे चलना है। यहां पर जैसे आपको सिखाया जा रहा है, इसे रैंप वॉक कहते हैं। इस पतली स्ट्रिप के इधर या उधर आधा इंच भी आपका पैर नहीं जाना चाहिए। एक पैर जहां पड़ेगा, दूसरा पैर ठीक उसके सामने इस स्ट्रिप पर पड़ना चाहिए। यह मैंने इसीलिए यहाँ चिपकायी है….

आप लोग इस बात का ध्यान रखते हुए कदम बढ़ाइएगा.. ।”

उस मॉडल को थोड़ा वक्त लगा, लेकिन वो वैसे चलने लगी जैसा कि जानी सीखा रहा था।
मीरा यह सब देख देख कर बहुत बोर हो रही थी। उसे लगा था कि वह शौर्य के संदर्भ पर यहां आई है,  तो उसे कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जाएगा! लेकिन यहां तो ट्रेनिंग के दौरान बैठने तक की व्यवस्था नहीं थी। वह परेशान हाल खड़ी अपनी बारी आने का इंतजार कर रही थी।
   एक एक मॉडल को सिखाने में जानी को लगभग 30 से 40 मिनट लग रहे थे। यह सारी वह मॉडल्स थी जो आज तक सिर्फ और सिर्फ मॉडलिंग असाइनमेंट के लिए प्रयास कर रहीं थी, उनको इसके पहले कभी मौका नहीं मिला था!  इसलिए इनमें से किसी को भी रैम्प पर  चलने का कभी कोई अनुभव नहीं रहा था!

मीरा ने भी आज तक रैंप वॉक के बारे में नहीं सोचा था, कि मॉडल्स को रैम्प की तैयारी के लिए भी इतना पसीना बहाना पड़ता होगा! वह चाह रही थी, बस किसी तरह उसका नंबर आए और वह फटाफट जानी को अपनी मदमस्त चाल चलकर दिखा दे,और पास हो जाए। आखिर उसकी प्रतीक्षा पूरी हुई और उसका नंबर आ गया।

    मीरा जैसे ही अपनी जगह पर जाकर खड़ी हुई, धनुष उसी वक्त जिस दूसरे काम में उलझा था, वहाँ से उठ कर ठीक मीरा के सामने आकर खड़ा हो गया.. 
धनुष के चेहरे को देखते ही मीरा का मूड ऑफ हो गया..

‘पता नहीं यह लकड़बग्घा क्यों आकर खड़ा हो गया? अब इसको देखने के बाद मैं पक्का गलत करने लगूँगी !’ मीरा ने जैसा सोचा था वैसा ही होने भी लगा..

वो इतना भी बुरा नहीं चलती थी लेकिन जाने उसका अठन्नी का टुच्चा आत्मविश्वास किस गर्त में जाकर मुहँ छुपा गया.. वो बिल्कुल किसी ऊबड़खाबड़ देश की महारानी सी बिल्कुल ही असधे कदम रखती लड़खड़ाने लगी..
उसे यूँ लगा उसकी पेन्सिल हील उसका बोझ उठाने में असमर्थ हो रहीं है…
उसके माथे पर पसीने की बुँदे छलकने लगी..

धनुष हाथ बांधे उसके ठीक सामने खड़ा लगातार उसे घूर रहा था…

मीरा को चलने में बेहद मुश्किल हो रहीं थी..
उसके पैर बड़े बेढब तरीके से इधर उधर कहीं किसी भी दिशा में भाग रहे थे..
उसे कभी इतनी झेंप सी महसूस नहीं हुई थी..
रैम्प पर एक सीध में पैर रखना तो दूर वो एक साधारण लड़की सी सामान्य चाल भी नहीं चल पा रही थी..
उसकी चाल देख ऐसा लग रहा था कोई बहुत बेढंगा नर्तक गलत कदम रखते हुए नाचने की बहुत बेहूदा और फूहड़ कोशिश कर रहा हो..

मीरा एक सीध में अपने पैर रखने की नाकाम सी कोशिश कर रही थी। अब उसे समझ में आया कि यह रैम्प वॉक सीखना इतना भी आसान नहीं है। उसका कोई पैर लाइन पर सीधा पङ ही नहीं रहा था। आखिर जानी गया और एक सुटिया उठाकर ले आया। उसने उस लकड़ी को मीरा की कमर पर धीरे से छुआ रखा और कहा…

” अब चलना शुरू करो!”

मीरा घबरा गयी, उसे समझ नहीं आया लकड़ी का क्या काम ! और उसने घबरा कर जानी से सवाल पूछ लिया…

” क्या हुआ, इस लकड़ी से मारने का विचार है क्या?”

मीरा के इस सवाल पर जानी हंसने लगा..

” बिल्कुल.. ऐसे ही मॉडल्स को ट्रेनिंग दी जाती है मैडम! मारूंगा नहीं, लेकिन जैसे ही कदम गलत रखोगी,  धीरे से इससे तुम्हें टच करूंगा! जिससे तुम्हें पता चले कि तुम गलत चल रही हो..! डोंट वरी बेबी, मैं तुम्हें मारूंगा नहीं! और तुम ये वॉक करते हुए इंजॉय करो!
  अपने काम को काम मत समझो.. स्ट्रेस मत लो !”

मीरा उसे क्या कहती,स्ट्रेस तो खुद आदमी की शक्ल लेकर उसके सामने खड़ा है!
   जाने क्यों लेकिन धनुष का चेहरा देखते ही उसका मूड ऑफ हो जाता था।  उसे लगता था कि ये आदमी हर वक्त उस पर नजर रखे हुए हैं।
वहाँ मौजूद हर एक लड़की धनुष के चेहरे मोहरे और उसकी पर्सनालिटी पर फिदा थी, एक मीरा को छोड़कर।

     बंदा बेहद खूबसूरत और उतना ही स्मार्ट था, इसमें किसी तरह का कोई शक नहीं था! लेकिन वो जैसी गहरी आंखों से मीरा को घूरते हुए उससे बात करता था पता नहीं क्यों मीरा उसकी मौजूदगी में कभी सहज नहीं हो पाती थी !
     हमेशा एक अजीब सा डर और बंधन उसके साथ मौजूद रहता था!
   मीरा का दिल कर रहा था जानी से कह कर धनुष को यहां से कहीं बाहर भेज दे!  लेकिन धनुष से यह बात कहना नामुमकिन था..
   वो जैसे तैसे वापस अपने आप को समझाने का प्रयास करने लगी, लेकिन वह बार-बार गलतियां कर रही थी। जहां उसके पहले की तीनों मॉडल्स को लगभग 30 से 40 मिनट लगे,  उसे घंटा भर हो गया था और वह अब तक अपनी टांगे सही ढंग से फर्श पर नहीं रख पा रही थी।
    आखिरकार धनुष अपनी जगह से जानी के पास आया और उसके हाथ का डंडा अपने हाथ में ले लिया…

” जानी इस मॉडल को सिखाने का जिम्मा अब तुम मुझे दे दो !”

  मीरा और भी ज्यादा घबरा कर रह गई ! धनुष ने जैसे ही उस स्केल को मीरा की कमर पर सिर्फ रखा भर कि मीरा की रीढ़ की हड्डी तक में एक सिहरन सी दौड़ गई ! उसे लगा यह आदमी उसका ख़ून ही कर देगा!

     कहते हैं ना जिसके दिल में चोर होता है, वह कोतवाल को देखते ही पहचान जाता है!
ऐसा ही कुछ हाल मीरा का हो रखा था!

धनुष को देखते ही वो समझ गई थी की ये शौर्य नहीं है जिसे भोली बातों से रिझाया जा सकता है…  इस से बचना बेहद मुश्किल है…
हालांकि हर्ष को भी देखने के बाद उसे यही लगा था लेकिन फिलहाल आज सुबह से अब तक उसके दर्शन नहीं हुए थे..
  हर्ष से आमना सामना नहीं हुआ था और उसने अपने आप को इस बात के लिए समझा लिया था कि कैसे भी हो उसको अपने लटकों झटको में फंसा ही लेगी लेकिन उन दोनों भाइयों से ये लकड़बग्घा बिल्कुल ही अलग था.. नाम धनुष था और इसकी प्र्त्यन्चा हमेशा चढ़ी ही रहती थी..
   मुस्कुराने की कीमत कुछ ज्यादा ही बना रखी थी इस खड़ूस धनुष ने, इसीलिए शायद मुस्कुराता भी नहीं था….

मीरा बड़े संभल कर उस लाइन पर एक पैर रखने के बाद दूसरा ठीक उसके सामने रखने लगी, हालांकि इसमें उसका संतुलन बार-बार बिगड़ रहा था..
लेकिन जैसे तैसे उसने उस पतली सी पंक्ति को अपने एक के बाद एक पैर रखते हुए पूरा कर ही लिया!
धनुष के वहाँ आने के बाद पहले प्रयास में ही मीरा ने उस पंक्ति को पार कर लिया था, और यह देखकर जानी ख़ुशी से ताली बजाने लगा!

    तुम्हारी झलक बस देख कर तुम्हारी मॉडल सही तरीके से चलने लगती है, और हमें देखो… हमें देखकर लोगों को कोई फर्क ही नहीं पड़ता !” जानी ने कहा और

धनुष ने मुस्कुराकर धीरे से जानी की कमर पर वार किया और स्केल उसके हाथ में पकड़ा दिया..

” मैडम टैलेंटेड है, बस थोड़ा सा जो कमी है, वो भी धीरे-धीरे दूर हो जाएगी!”

   धनुष ने जानी से कहा और मीरा को एक नज़र देख कर वहां से चला गया!
मीरा ने ऊपर की तरफ देखकर आंखें मूंद ली जैसे मन ही मन भगवान का शुक्रिया अदा कर रही हो …

इस सब में ही शाम के 3 बज गए थे और अब तक उसने कुछ नहीं खाया था, उसके पेट में चूहे दौड़ रहे थे..

उसने अपने साथ खड़ी मॉडल से पूछा कि खाना कब मिलेगा? उस मॉडल ने भी कंधे उचका दिये..
कुछ देर बाद ही धनुष वापस लौटा उसके पीछे चार वेटर थे,जिनके हाथ में बड़ी-बड़ी ट्रे थी, जो ढकी हुई थी! मीरा को देखते ही बड़ी राहत मिली।

   वो मन ही मन बुदबुदा उठी,’ पहली बार लकड़बग्घे को देख कर खुशी मिली है। कम से कम खाना तो लेकर आया है।’
धनुष ने दूर से ही उन सारी लड़कियों को पास आने का इशारा किया, एक तरफ लाइन से काउच और सोफे रखे थे। बीच में सेंटर टेबल थी। लड़कियों को उसी तरफ बुलाकर धनुष सबसे किनारे की एक महाराजा कुर्सी में बैठ गया। उसने बड़ी शान से अपनी एक टांग पर दूसरी टांग रखी, और सोफे के दोनों हाथों पर अपने हाथ टेक लिये। तब तक मॉडल्स चलकर उस तक पहुंच गई।  सारी लड़कियां कुर्सियों पर बैठ गई। मीरा भी उन्हीं के साथ वहां बैठ गई।
    जानी भी अपने हाथ की स्केल को एक तरफ रख कर लहराते हुए वहां चला आया।
उसने आकर एक-एक कर उन सारी ट्रे के ऊपर से रेशमी रुमाल को हटा दिया।

बाकी लड़कियां तो साधारण तरीके से ही उस आए हुए खाने को देख रही थी, लेकिन मीरा का दिमाग खराब हो गया।
   एक बड़े से बोल में अंकुरित अनाज का सलाद था। दूसरे बोल में सिर्फ लेट्यूस की पत्तियां, पत्ता गोभी पालक और थोड़े से पनीर के टुकड़े नजर आ रहे थे। एक दूसरी लंबी सी ट्रे में ग्रिल्ड फिश रखी थी और दूसरे में रोस्ट किया हुआ चिकन..
इन सबके साथ ही गिलास भर भर कर प्रोटीन शेक रखा हुआ था। उस खाने को देखकर मीरा को उल्टी सी आने लगी। उसका कुछ भी खाने का मन नहीं हो रहा था..।.
उसके चेहरे के बदलते भावों को देखकर धनुष होठों ही होठों में मुस्कुरा रहा था, लेकिन उसकी मुस्कान इतनी कठिन थी कि वह सामने बैठे लोगों को नजर नहीं आ रही थी..।

” इतना आसान नहीं होता है मॉडल बनना। जब आप अपने घर पर टीवी देखते हैं, तब आप उन मॉडल्स के चेहरे मोहरे, उनके पहनावे को लेकर तरह-तरह के मजाक उड़ाते हैं। आपको लगता है कि बस एक अच्छी शक्ल सूरत और बॉडी मिल गई तो लड़की मॉडल बन जाती है। पर ऐसा नहीं है। इसके पीछे उनकी हार्डकोर मेहनत छुपी होती है ,जो हमें नजर नहीं आती। आप सबका मॉडलिंग की दुनिया में स्वागत है। आप लोगों को लग रहा होगा मैं इतना सब कैसे जानता हूं?
     बात दरअसल यह है कि मैं एक ऐसा इंसान हूं जो हर चीज जानता है। आप लोग सोचेंगे कि मैं अपनी खुद की बड़ाई कर रहा हूं, लेकिन क्या करूं, ऐसा ही हूं मैं। आप जानना चाहेंगे कि मैंने क्या पढ़ाई की है? मेरा पोर्टफोलियो क्या है? मैं क्या काम करता हूं ? तो शॉर्ट में मैं बताऊं मैं ऑलराउंडर हूं । मेरी पढ़ाई क्या है, उसके बारे में भी आपको धीरे-धीरे पता चल जाएगा। और बहुत छोटी सी उम्र में मैंने बहुत सारा काम करके बहुत सारा अनुभव भी पा लिया है। लोगों को पहली नजर में देखकर ही पहचान लेता हूं कि यह क्या शख्स है।
   वैसे बहुत कर ली मैंने अपनी तारीफ और मुझे अपनी तारीफ ज्यादा करना पसंद नहीं है! मेरे साथ रहते रहते आप मुझे जान जाएंगे! तो अब आप लोग वहां जो प्लेट्स रखी हैं, उनमें अपना खाना परोसिये और खाना शुरू कीजिए..।”

“हनी बेबी.. क्या मेरे लिए भी यहीं खाना है.. !”

लहराते हुए जानी ने धनुष के कंधे पर हाथ रखा और उससे पूछ लिया। धनुष ने उसे देखकर प्यार से ना में गर्दन हिलाई और वेटर की तरफ इशारा कर दिया। वेटर तुरंत एक दूसरी ट्रे लेकर हाजिर हो गया।
उसमें एक बड़े से बोल में बिरयानी रखी थी। जानी ने जैसे ही बिरयानी देखी, वह खुशी से किलक उठा। उसने अपने दोनों हाथों से ताली बजाई और धनुष के गले में बाहें डाल कर उसके गाल को चूम लिया..

” थैंक यू डार्लिंग, आई न्यू इट कि मेरे लिए तुम कुछ स्पेशल ही लेकर आआगे.. इसलिए तो मैं कहता हूं कि धनुष मेरा फेवरेट है..।
तुम खुद क्या खाओगे बेबी..?”

जानी ने धनुष की आंखों में आंखें डाल कर पूछा और धनुष ने अपनी जगह से उठकर टेबल पर जाकर एक बड़े से कप को उठा लिया। उसमें प्रोटीन शेक था। वह वापस अपनी कुर्सी पर आकर बैठा और उस कप को अपने होठों से लगा लिया…

बाकी लड़कियों की देखा देखी मीरा ने भी थोड़े से स्प्राउट्स और सलाद की ट्रे से कुछ एक पत्तियां अपने में उठाई और पनीर के टुकड़े डालने लगी। लेकिन पनीर का पहला टुकड़ा खाते ही उसे कुछ अजीब सा लगा उसने अपने बाजू वाली मॉडल की तरफ देखा..

“इतनी बड़ी कंपनी चला रहे हैं, और सड़ा हुआ पनीर दे रहे हैं खाने में ! पनीर का टेस्ट कुछ अजीब नहीं लग रहा..?”

” टोफू है ये, उस पर लेमन जिंजर की ड्रेसिंग है.. जिस कारण यह थोड़ा खट्टा लग रहा है !”

मीरा अपना सा मुंह बनाकर रह गई। उससे वाकई में अब कुछ भी नहीं खाया जा रहा था। किसी में नमक तक नहीं पड़ा था। उसने धनुष की तरफ देखा  धनुष उसे ही देख रहा था। मीरा ने उससे  फरियाद सी करी ” थोड़ा सा नमक या चाट मसाला मिलेगा..?”

” हां,क्यूँ नहीं ? इतना तो कर ही सकता हूं!”

धनुष ने वेटर की तरफ देखा और वेटर स्प्रिंकलर लेकर आ गए !
उन्होंने टेबल पर ब्लैक साल्ट और चाट मसाला का स्प्रिंकलर रख दिया! मीरा ने तुरंत झटके से चाट मसाला  उठाया और ढेर सारा चाट मसाला अपनी पूरी प्लेट पर छिड़क दिया! उसकी इस हरकत को देखकर आसपास बैठी मॉडल्स के साथ ही जानी भी जोर से हंसने लगा…

” मीरा बेबी अगर आपको मॉडल नहीं बनना है तो आप मेरी बिरयानी भी शेयर कर सकते हैं..!”

” नो थेंक्स… !”
.
मीरा ने जानी को घूर कर देखा और मन ही मन बड़बड़ाने लगी!

‘ घर जाने के बाद रात का खाना तो अपनी मर्जी का खा ही सकती हूं। आज घर लौट कर बेहरूज़ की बिरयानी ही आर्डर करूंगी, और मन भर कर वन बाय टू सर्विंग वाली बिरयानी अकेली खा जाऊंगी !
  मैं भी देखती हूं यह बदतमीज आदमी मुझे मेरे घर में खाने से कैसे रोकता है…?”

उसी समय धनुष बोल पड़ा..

” आप में से बहुत सी मॉडल्स काफी डेडीकेटेड है, लेकिन बहुत सी ऐसी भी होंगी जो इस वक्त दिल ही दिल में मुझे गाली दे रही होंगी और यह सोच रही होंगी कि घर जाकर हम बिरियानी ऑर्डर करके ही खाएंगे!तो मैं आप लोगों को बता दूं कि कल सुबह ठीक 6 बजे आप लोगों को इस वर्कशॉप में पहुंचना है ! कल सुबह 6 से 7 आपका फिटनेस ट्रेनिंग प्रोग्राम रहेगा।आपकी बॉडी में 1 इंच फैट भी नहीं आना चाहिए। आप मे से बहुत सी मॉडल्स तो काफी लीन है, लेकिन कुछ एक ऐसी हैं जिनके लव हैंडल्स एंड अदर बॉडी पार्ट में थोड़ा फैट नजर आ रहा है तो हमें 10 दिन के इस वर्क शॉप में बॉडी पार्ट्स पर भी काम करना होगा। तो आप लोगों को बता दूं कि सुबह अगर 6 से हमें वर्कआउट करना है, तो उसके लिए आज रात में आपको बहुत हल्का खाना खाना होगा। क्योंकि अगर आप रात में बहुत भारी खाना खाते हैं तो कल सुबह वर्कआउट करने में आप लोगों को बहुत ज्यादा दिक्कत आएगी। आगे आप लोगों की अपनी मर्जी..।”

मीरा के चेहरे पर बिल्कुल रोने वाले भाव आ गए । उसे लगा अपनी प्लेट उठाकर धनुष के सर पर जाकर फोड़ दे। लेकिन वह कुछ नहीं कर सकती थी। उसने कभी नहीं सोचा था कि वह मॉडलिंग में घुसकर इतने कष्ट सहेगी।
आज के पहले उसने 1-2 एडवर्टाइजमेंट में काम तो किया था, लेकिन वह सारे सी ग्रेड एडवर्टाइजमेंट थे, और इसीलिए उसका कुछ भी खास नाम नहीं हो पाया था..
उसने कुल दो विज्ञापन किए थे, जिसमें से एक किसी दाद खाज खुजली पर लगाने वाले लोशन का विज्ञापन था। जिसमें कुल जमा 6 लोगों को अलग-अलग जगह पर खुजली करते हुए दिखाया गया था। उसमें से मीरा भी एक थी जिसे अपनी पीठ पर खुजली करते हुए दिखाना था। उस 5 सेकंड के विज्ञापन के लिए उसे इतनी सारी कोई तैयारी नहीं करनी पड़ी थी। बस इसीलिए उसे लगा था कि हर्ष की कंपनी के विज्ञापन में भी उसे कोई खास मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। उसके चिकने चेहरे को देखकर ही हर्ष उसे ज्वेलरी का विज्ञापन दे देगा। लेकिन उसे नहीं मालूम था कि हर्ष के विज्ञापन के लिए उसे इतने ढेर सारे पापड़ बेलने पड़ेंगे….

उसने घूर कर धनुष की तरफ देखा, धनुष एक बाउल में रखे फलों को फोर्क से उठा उठा कर बड़े प्यार से खा रहा था। और उसकी पूरी नजर उस वक्त बोल पर ही थी कि तभी धनुष का फोन बजने लगा..

और धनुष अपना फोन उठाए वहां से बाहर निकल गया…

क्रमशः

aparna…

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Kavita
Kavita
1 year ago

💞

Manu verma
Manu verma
2 years ago

लाजवाब भाग 👌🏻👌🏻👌🏻
धनुष भी समीर की तरह बहुत तेज और चालाक है, बस नज़र भर देखकर ही जान जाता है दूसरे के मन में क्या चल रहा है, समीर भी तो ऐसा ही है आज का चाणक्य 😊।
आज समीर ने मीरा की बैंड बजा दी बेचारी क्या सोचकर आयी थी कि शौर्य की सिफारिश है मुझे लीड रोल मिलेगा बिना किसी मेहनत के पर धनुष ने उसके सपनों पर पानी फेर दिया 😃😃।

अपर्णा….. आपको तो बहुत नॉलेज है मॉडलिंग की 🤔🤔कोई काम है ऐसा जिसकी जानकारी आपको ना हो 🤔👏👏बहुत बारीकी से आप हर बात को कहती है पढ़ने वाला एक बार जरूर सोच में पड़ ही जाता है कि क्या इन्होने ये काम भी किया है क्या 👌🏻।
बेहद खूबसूरत भाग 👌🏻👌🏻🙏🏼।

Abhishek Kishor
Abhishek Kishor
2 years ago

बेहतरीन डाइट, मीरा का बेरूखा सा मूड और धनुष की छिपी मुस्कान से इस भाग में चार चांद लग गए दी। मीरा उर्फ मिशा बस मौके का फ़ायदा उठाकर वह जगह पाना चाहती है, चूंकि उसके मन में चोर है इसलिए वह मेहनत दिल से नहीं कर पा रही है, हर्ष इस बात को समझना चाहता है और धनुष के इस रूटीन वर्क में वह फंसती नजर आ रही है, नाइस पार्ट दीदी..💐🙏