अपराजिता -17

उसने धीरे से अपना हाथ रेशम पर फेरना शुरू कर दिया…
उसकी पीठ पर फिरता हाथ रेशम के कुर्ते की ज़िप पर पहुँच गया और बड़ी नज़ाकत से उसने ज़िप नीचे कर दी…
रेशम के दिल की धड़कने तेज़ होने लगी…
और ना चाहते हुए भी उसकी आँखों में आँसू छलक आये..
अथर्व इन बातों से अनजान धीरे से रेशम के चेहरे पर झुका और उसने जैसे ही उसकी आँखों में आँसू देखे उसके चेहरें का रंग बदल गया..
उसने एक झटके में रेशम को खुद से दूर कर दिया..

” ओह्ह शिट… ! आई एम सॉरी रेशम.. !”

कुछ देर तक रेशम को देखते रहने के बाद वो बाथरूम में घुस गया और रेशम खुद पर खीझती हुई अपनी रुलाई बंद करने की कोशिश में सुबकने लगी…

.क्रमशः

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